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सोनिया ने आव देखा ना ताव और अपनी टी शर्ट उपर करते हुए उतार दी और अपनी ब्रा को नीचे करके अपनी बाईं ब्रेस्ट बाहर निकाली और तनवी के चेहरे को पकड़ कर अपनी छाती पर ऐसे चिपकाया जैसे कोई माँ अपनी बच्ची को दूध पिलाती है…

तनवी तो उसकी तेज़ी देखकर हैरान रह गयी….
उसके पलक झपकाने से पहले उसके मुँह में सोनिया का मोटा निप्पल था.

बचपन में अपनी माँ का दूध पीने के बाद पहली बार कोई और निप्पल उसने चूसा था…
भले ही इसमे से दूध नही निकल रहा था पर मिठास उतनी ही थी.


”आआआआआआआआआआहह….चूस ले इसे…… उम्म्म्ममममम…. यसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स… काट इन्हे…. ज़ोर से…. दांतो से……. उफफफफफफफफफफफफफफफफ्फ़….. मीठा दर्द होता है….इसमें…. मिटा दे …….ज़राआआआआआअ…”

तनवी के शरीर में भी हज़ारों चींटियां रेंगने लगी थी…
उसके निप्पल भी बेर जैसे कड़क हो चुके थे…
उन्हे भी अब अटेंशन चाहिए थी….
इसलिए उसने भी अपनी स्कूल शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए…
हमेशा की तरह उस हरामन ने अंदर कुछ नही पहना हुआ था…
जैसे ही उसके काले बेर सामने आए, सोनिया ने झुककर उन्हे मुँह में दबोच लिया और चुभलाने लगी..

एक लड़की जब दूसरी के साथ इस तरह का प्यार करती है तो उसमे अलग ही मज़ा मिलता है, क्योंकि लड़कियाँ अपने और दूसरी लड़की के शरीर की बनावट और सेंसीवीटी को जानती है, किस अंग को कैसे टच करने से या दबाने से क्या होगा, ये वो अच्छे से जानती हैं.

इसलिए जब सोनिया ने तनवी के निप्पल्स को मुँह में लिया तो उसे दाँतों से काटा नही…
और ना ही उन्हे बाहर की तरफ खींचा..
बल्कि अपनी जीभ के नीचे दबा कर, अंदर की तरफ़ चूसते हुए, होंठों की नर्म मसाज देकर, उन्हे वो मज़ा दिया जो आजतक सोनू भी नही दे पाया था.

तनवी ने सोनिया के बालों को खोल दिया, और उसके घने बालों में उंगलियाँ फेराते हुए, अपनी छाती के निप्पल्स उससे एक-2 करके चुसवाने लगी.

”उम्म्म्मममममममममममममममम….. सोनी…….. मेरी ज़ाआाआआआअन्न….. उफफफफफफफफफफफ क्या मज़ा आ रहा है…यार…… कसम से……. तू तो अपने भाई से भी ज़्यादा मज़ा देती है…..”

सोनिया ने उपर मुँह किया और आँखें नचाते हुए बोली : “क्यो , सोनू ऐसे नही करता क्या….”

तनवी : “वो तो मुँह में लेते ही ज़ोर-2 से दाँत चुभाता है…. अच्छा भी लगता है पर दर्द भी होता है…. तू जैसे कर रही है उसमे सिर्फ़ मज़ा मिल रहा है…. दर्द तो बिल्कुल भी नही है….”

ये सुनकर सोनिया मुस्कुरा दी और उसने उपर होते हुए उसके होंठों को चूम लिया…
और दोनो एक बार फिर से एक गहरी स्मूच में डूब गये.

सोनिया ने उसे चूमते हुए उसकी चूत पर जब हाथ रखा तो तनवी उछल पड़ी.

और बोली : “तू आख़िर करना क्या चाहती है…. साली….. आज से पहले तो ऐसा कुछ किया नही…. आज करा है तो सब कुछ करने पर उतारू है…… सोनू घर पर ही है…. वो आ गया तो….”

सोनिया ने अपनी शॉर्ट्स उतारते हुए कहा : “आ गया तो आ जाए, मुझे कोई फ़र्क नही पड़ता…”

तनवी आश्चर्यचकित रह गयी और बोली : “अर्रे….वो तेरा भाई है…. मेरा तो कुछ नही… तुझे वो इस तरह से न्यूड देखेगा तो… आई मीन..वो..देखकर…क्या सोचेगा…. ये तो ग़लत होगा ना….”

जवाब मे वो हिसहीसाई : “कुछ ग़लत नही है….. समझी…. तेरे साथ भी तो वो ये सब करता है… मुझे कोई प्राब्लम नही थी…और वही मैं जब कर रही हूँ तो उसे क्या प्राब्लम हो सकती है…”

तनवी : “बात वो नही है… बात ये है की वो तुझे ऐसे न्यूड देखेगा तो क्या सोचेगा…”

सोनिया : “उसकी कोई टेंशन नही है… हमारे बीच ये सब चलता है…. मैने उसे कई बार न्यूड देखा है… और मैं भी उसके सामने कई बार चेंज कर लेती हूँ …. इट्स नोट ए बिग डील…”

तनवी कुछ देर तक उसे देखती रही , जैसे उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था
और फिर उसके चेहरे पर भी एक कुटिल सी मुस्कान आ गयी और बोली : “वाउ….. कूल…. ऐसा भाई अगर सभी को मिले तो बाहर जाने की ज़रूरत ही क्या है…”

सोनिया : “मतलब ??”

तनवी : “मतलब ये की…. जब तुम दोनो आपस में इतना ओपन हो ही चुके हो तो वो भला क्यों मेरे जैसी लड़की के साथ बाहर मुँह मारता फिरता है… या फिर तू भला क्यों किसी और का इंतजार करती है… तुम्हे तो आपस में ही… हे हे..”

सोनिया ने मन में सोचा : ‘यही तो मैं भी चाहती हूँ … और मेरी प्लानिंग से चलते रहे तो जल्द ही उसका लंड मेरी चूत में होगा…’

सोनिया को इस तरह से चुप होकर सोचता हुआ देखकर तनवी बोली : “ओये… आई एम सॉरी… मैं तो बस ऐसे ही कह रही थी… तू इसका बुरा मत मान….”

अब वो बेचारी क्या जानती थी की उसने बुरा नही माना बल्कि अपनी योजना को ऐसे पूरा होता देखकर उसे खुशी हो रही है.

इसी बीच सोनिया पूरी नंगी हो चुकी थी…
तनवी तो उसके शरीर की बनावट और शरबती अंगो को देखकर मोहित ही हो गयी…
खासकर उसके मोटे बूब्स और उनपर लगे लाल निप्पल्स को देखकर

वो बोली : “हाय …. क्या बूब्स है तेरे यार….. ऐसे ही तो करवाने है मुझे…..”

इतना कहकर वो उसके बूब्स पर एक बार फिर से टूट पड़ी…
सोनिया ने उसकी स्कर्ट को खोलकर उसे भी नीचे गिरा दिया…
अब तनवी पूरी नंगी थी

उपर ब्रा नही थी, नीचे कच्छी नही थी..एक नंबर की चुदक्कड़ लड़की बनने के सब लक्षण थे उसमे.

दोनो के शरीर एक दूसरे से रग़ड़ खाने लगे. खासकर दोनों के बूब्स निप्पल्स

तनवी : ” अहह….. ऐसे ही करती रह… बड़ा मज़ा आ रहा है…. बेचारा तेरा भाई… उसने अगर ये सब देख लिया तो यही बोलेगा की ये क्या हो रहा है…”

उसकी बात ख़त्म ही हुई थी की पीछे से सोनू की भारी भरकम आवाज़ आई : “ये क्या हो रहा है…”

जिसे सुनकर तनवी एक झटके से पलटी…
सोनू अपने बाथिंग टावल में खड़ा था…
तनवी की तो फट्ट कर हाथ में आ गयी…
उसे डर था की कही सोनू को इस बात का बुरा ना लगे की वो उसकी बहन के साथ भी वही खेल ख़ेल रही है जो उसके साथ खेलती है…

पर उसे क्या पता था की ये सब उन भाई बहन की योजना का ही परिणाम था की वो इस वक़्त सोनिया के साथ नंगी थी.

और इसके बाद जो होने वाला था, उसमे तीनो को ही मज़े आने वाले थे.

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