ये गलत है(भाई-बहन का प्यार) – Update 22 | Incest Sex Story

ये गलत है(भाई-बहन का प्यार) - Incest Sex Story
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सोनिया ने उसके लंड को पकड़ा और उसे पकड़कर बाहर ले आई..

रूम में आने के बाद भी दोनो एक दूसरे को चूमे जा रहे थे…
रगडे जा रहे थे…
जैसा हनीमून के टाइम नए जोड़े में होता है, वैसा ही प्यार उमड़ रहा था दोनों के बीच.

सोनिया बेड पर लेट गयी और सोनू को अपने उपर खींच लिया…
आज पहली बार वो सोनू के पूरे जिस्म को अपनी बॉडी के उपर लेकर एक नया एहसास ले पा रही थी..
उसके लंड को वो अपनी चूत के उपर सॉफ महसूस कर पा रही थी.

दोनो के दिल की धड़कने काफ़ी तेज हो गयी…
सिर्फ़ इस सोच मात्र से ही की उनके लंड और चूत आपस में मिल रहे है…
पर जैसा की दोनो में डिसाइड हुआ था, ऐसा मौका आने पर दोनो में से जिसकी सोच काम करेगी वो ये काम होने से पहले ही टोक देगा..
इसलिए सोनू ने ही पहल करते हुए अपने लंड को अपनी बहन की चूत से दूर कर लिया और उसे उपर करते हुए ठीक मुम्मो के बीच लाकर फँसा दिया..

उसकी बहन समझ गयी की वो क्या चाहता है…
सोनिया ने अपने नन्हे कबूतरों के बीच उसका मोटा अजगर फँसाया और उसे एक जबरदस्त बूब मसाज देने लगी…

अभी तक उसके हाथों और होंठों को उसने अपने लंड के इर्द गिर्द महसूस किया था, ये एक नया एहसास था सोनू के लिए भी और काफ़ी सुखद भी…
इसलिए वो भी उसे एंजाय करने लगा…
अपनी तरफ से भी वो आगे पीछे झटके देते हुए अपनी पहली बूब फकिंग करने लगा.

सोनिया ने जब देखा की सोनू की साँसे तेज हो रही है तो उसके लंड को पकड़ कर उपर नीचे करना शुरू कर दिया, ऐसा करते हुए उसके लंड का उपरी हिस्सा उसके होंठों से भी टकरा रहा था…
सोनिया ने अपनी पूरी ताक़त लगा दी और दोनो हाथों से उसके लंड को मुठियाने लगी..

और जल्द ही उसकी मेहनत का परिणाम उसके सामने था…
लंड से निकली प्रीकम की पहली बूँद जब उसके चेहरे पर पड़ी तो वो और ज़्यादा उत्तेजित हो उठी..

”आआआआआआआआआआआआआअहह…. यस्स……. भाई…………… सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स…. कम ओन्न्*नन्”

उसने अपना मुँह भी खोल दिया, ताकि उपर से जो भी गिरे, सीधा उसके मुँह के अंदर जाए..

सोनू को उसके तपते हुए मुँह की तपिश ने जला सा डाला…
उसने ये महसूस किया की लड़की जितनी ज़्यादा उत्तेजित होती है, उसके मुँह की गर्माहट उतनी ही ज़्यादा होती है.. और इस वक़्त सोनू उसी तपिश को महसूस करते हुए अपने ओर्गास्म के बहुत करीब आ पहुँचा..

और जल्द ही उसने अपने झड़ने का एलान कर डाला…

”आआआआआआआआआआआअहह दी……… यू आर सो हॉट…….. आई एम कमिंग……”

सोनिया भी चिल्लाई : “ओह यस……. कम ओंन माय फेस…. भाई…………..अहह…..”

अपनी बहन की बात भला वो कैसे टाल सकता था….
जल्द ही उसके लंबे लॅंड की पैदाइश, यानी उसका गाड़ा रस निकलकर सोनिया के चेहरे की पुताई करने लगा….

वो आँखे बंद करके उन गर्म लकीरों को अपने चेहरे पर महसूस करती रही….जैसे कोई फेस पेक लगवा रही हो.

सोनू के लंड की एक-2 बूँद को उसने अपने चेहरे पर उड़ेल लिया…

गाड़े रस से ढका चेहरा बड़ा ही सैक्सी लग रहा था.

उसके बाद सोनिया ने उसके रस से सने लंड को मुँह में लिया और उसे चूस कर अच्छी तरह से खाली कर दिया…

एक ही दिन में दूसरी बार वो अपना लंड चुसवा चुका था..

बाद में दोनो एक बार फिर से बाथरूम में गये और अच्छी तरह से सॉफ होकर ही बाहर आए.

सोनिया का चेहरा अब बहुत चमक रहा था..

पता नही ये चमक उसके भाई के वीर्य को मलने से आई थी या उसकी बातों से.

पर जो भी था, आने वाले समय में दोनो को ऐसे काम करने थे जिसमें ये चमक और भी बढ़ने वाली थी.

रात को सोनिया ने तनवी को फोन करके उसे अगले दिन अपने घर पर आने को कहा..
उसे भला क्या प्राब्लम हो सकती थी, उसे तो मौका चाहिए था की किसी भी तरह वो सोनू के घर आए और उसके साथ मज़े ले..

इसलिए अगले दिन, स्कूल के बाद वो सोनू के साथ ही घर आ गयी.

सोनू हमेशा की तरह नहाने घुस गया और वो दोनो सहेलियाँ बैठकर बातें करने लगी.

कुछ देर तक नॉर्मल बातें करने के बाद सोनिया लाइन पर आ गयी

सोनिया : “वैसे जो कुछ भी सोनू तेरे साथ कर रहा है, उसमे तो एंजाय तो खूब कर रही है..”

तनवी (आँख मारते हुए) : “बहुत ज़्यादा… एन्ड मैं बता नही सकती की तेरा भाई कितना जबरदस्त है…”

उसका इशारा शायद सोनू के लंड की तरफ़ था, पर वो खुलकर उसे बोल नही पा रही थी की तेरे भाई का लंड कितना जबरदस्त है..
वैसे भी उसे बोलने का क्या फायदा, तनवी से ज़्यादा तो सोनिया ने उसे फील किया था…
उसे चखा था..
उसका मज़ा लिया था.

सोनिया : “हम्म्म…सही कह रही है तू… पर एक बात है, मैने तेरी इतनी हैल्प की है और तूने मेरे बारे में आज तक कुछ नही सोचा…”

तनवी : “अरे मेरी जान, तू एक बार बोल तो सही, क्या करू मैं तेरे लिए.. कहे तो जान दे दू…”

उसके फिल्मी स्टाइल को देखकर सोनिया हंस दी और बोली : “अर्रे नही, जान नही चाहिए, बस जैसे मज़े तुझे मिल रहे है, वैसे ही तू मुझे दे दे..”

तनवी असमंजस में पड़ गयी और बोली : “मैं कुछ समझी नही…”

सोनिया उसके थोड़ा करीब खिसक आई और अपने हाथ की उंगली को उसके जाँघ पर घुमाना शुरू किया…
फिर धीरे-2 वो उस उंगली को उपर ले जाने लगी…
उसकी कमर से होते हुए वो उसके सपाट पेट तक पहुँची..
वहा उसने अपने नेल को कुछ देर तक घुमाया…

ये सब देखकर तनवी की आँखे फैलती चली गयी…
उसकी साँसे तेज होने लगी…
ऐसी फीलिंग उसे आज तक नही हुई थी..
बदन में एक सुरसुराहट सी हो रही थी..
अजीब सा नशा चड रहा था..
पर वो कुछ कर नही पा रही थी.

और फिर जैसे ही सोनिया की उंगली ने थोड़ा उपर आकर उसकी नन्ही ब्रेस्ट को छुआ, वो फफक उठी…
और उसने कसकर उसके हाथ पकड़ लिए और कांपती हुई आवाज़ में बोली : “ये…ये ….क..क्या कर री है तू…..”

जवाब मे सोनिया ने उसके हाथ को अपनी छाती की तरफ करते हुए उसका हाथ अपनी ब्रेस्ट पर रख लिया…
वो बेचारी अपनी फटी हुई आँखो से कभी उसे और कभी अपने हाथ पर उसके हाथ के दबाव को देखे जा रही थी..
ऐसा लग रहा था की उसके हाथ में कोई पानी का बड़ा सा गुब्बारा दे दिया है सोनिया ने..
आज तक भरी हुई ब्रेस्ट को उसने महसूस नही किया था, इसलिए उसे वो स्पर्श ठीक वैसे ही लग रहा था जैसे किसी लड़के को लगता है..
एकदम उत्तेजक.

वो चाहकर भी अपने हाथ को वापिस नही खींच पा रही थी…
और अब तक वो अच्छे से समझ भी चुकी थी की सोनिया उससे क्या चाहती है…
जो हेल्प सोनिया ने की थी वो उसके बदले में उससे अपनी सेवा करवाना चाहती थी..
वैसे देखा जाए तो ये सही भी था…
सोनिया के भाई के साथ वो तो मज़े ले रही थी
पर सोनिया बेचारी के पास तो ऐसा कोई भी नही था जो उसे मज़े दे सके..
ऐसे में उसका ये सब करवाना तो बनता ही है..

पर वो ये बात नही जानती थी की सोनिया की सेवा उसका भाई भी उतनी ही कर चुका है, जितनी सोनू ने उसकी की है.

धीरे-2 तनवी के हाथो की पकड़ सोनिया की छाती पर मजबूत होती चली गयी…
सोनिया ने अपना हाथ उसके हाथ पर से हटा लिया, और उसे लेजाकर सीधा तनवी की ब्रेस्ट पर रख कर उसे सहलाने लगी…
उसके लंबे निप्पल्स को कचोटने लगी…
उन्हे मसलने लगी.

दोनो के चेहरे के एक्शप्रेशन बता रहे थे की उन्हे कितना मज़ा मिल रहा था..

और वो मज़ा तब और बाद गया जब सोनिया ने आगे बढ़कर होले से उसके होंठों को चूम लिया..

ये दोनो के लिए पहला मौका था किसी लड़की के होंठों को महसूस करने का..
ठन्डे और गीले
काँपते हुए
नर्म और मुलायम
होंठों का टच दोनो को काफ़ी अच्छा लगा.
छोटा सा चुम्मा लेकर जैसे ही सोनिया पीछे होने लगी, तनवी ने उसके सिर को पकड़कर ज़ोर से अपनी तरफ खींचा और उसके होंठों पर टूट पड़ी…

”आआआआआआआआआआआहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स……. पुक्क्ककककककककककचह….. म्*म्म्मम..”

और फिर तो दोनो के अंदर जैसे कोई भूत घुस गया…
दोनो एक दूसरे के होंठों को…
गालों को…
गर्दन पर..
और कपड़ों के उपर से एक दूसरे के बूब्स पर भी चूमने लगीं.

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