Reading Mode

sarit11तन्वी के जाने के बाद सोनू भी बाहर निकल गया….
बाहर की ठंडी हवा में आकर उसे तन्वी के साथ गुज़ारे गरमा-गरम पल बहुत याद आ रहे थे.
अपने खड़े लंड को बिठाने के लिए उसे कुछ टाइम तो चाहिए था..
अपने एक दोस्त के साथ कुछ समय बिताने के बाद वो वापिस घर आ गया.

घर आकर सोनिया की नज़रें उससे सवाल पूछने में लगी थी
पर वो जान बूझकर उसे अवाय्ड कर रहा था..
ये सब करते हुए वो अंदर ही अंदर हंस भी रहा था क्योंकि वो जानता था की आज रात अपने रूम में जाकर वो उसका क्या हाल करेगी..

खाना खाने के बाद जब वो अपने रूम में पहुँचे तो सोनिया ने दरवाजा बंद करके सीधा उसपर हमला बोल दिया

”अच्छा, अब मेरे से उस्तादी, मेरी वजह से जो मज़े करने को मिले है और मुझे ही अवाय्ड किया जा रहा है…”

सोनू : “अर्रे नही दी… मैं ऐसा क्यो करूँगा भला… अब आप ऐसे लुक दे रही थी मुझे और वो भी मॉम डेड के सामने तो मैने अपना चेहरा घुमा लेना ही सही समझा…”

सोनिया : “अच्छा ठीक है…. पहले ये तो बता की हुआ क्या तुम दोनो के बीच आज ?? ”

सोनू तो पहले से ही मज़े लेने के मूड में था…
अपनी बहन को सताने का कोई भी अवसर वो नही छोड़ता था…
ये भला कैसे छोड़ता

वो बोला : “कुछ भी तो नही दी…. बस मैं जब रूम में आया तो हैल्लो किया… और कुछ देर तक इधर उधर की बाते की… और बस…”

सोनिया अपनी आँखे नचाती हुई बोली : ” बस !!!! और कुछ नही…. कोई किस्स नही … कोई हग नही….”

सोनू (अपनी हँसी दबाते हुए) : “क्या दी आप भी ना…. ऐसे भला पहली ही बार में….. मैं कैसे उसे किस्स या हग कर लेता…”

सोनिया : “अरे भोंदू, वो किस्स तुझे थोड़े ही ना करनी थी…. वो करती अपने आप.. यही तो डिसाइड करके मैने उसे राज़ी किया था… और तुझे अंदर भेजा था… और … और वो आवाज़ें भी सुनी थी बाद में मैने…. उसके चिल्लाने की… जैसे… जैसे कोई उसके साथ… आई मीन तुम उसे…. उसको…”

वो एक बार फिर से उस पल को याद करके हड़बड़ा सी गयी….
सकुचा गयी….
कुछ बोल ही ना पाई शर्म के मारे.

सोनू : “अर्रे वो… अच्छा … उस वक़्त तो नीचे से एक चूहा उसके पैरों के उपर से निकल गया था…. आपको तो पता ही है की हमारे रूम में एक चूहा है… उसी वजह से चीखी थी वो…”

सोनिया समझ गयी की वो उसके साथ झूठ बोल रहा है….
पर वो भी ठान चुकी थी की उस बंद कमरे की हक़ीकत जान कर रहेगी…

सोनिया : “अच्छा, तो तू नही बताएगा… रुक अभी, तेरी सारी पोल पट्टी खुलवाती हूँ ….”

इतना कहकर सोनिया ने अपना मोबाइल उठाया और तन्वी को कॉल किया…
वैसे तो वो उसे पहले भी कॉल कर चुकी थी , वही बात जानने के लिए जो अभी वो अपने भाई से पूछ रही थी, पर उसने ये कहकर कॉल काट दी की अभी उसकी मॉम साथ है, रात को अपने रूम में जाकर बात करेगी..
और इस वक़्त वो भी अपने रूम में आ चुकी थी…
सोनिया ने कॉल मिला कर फोन को स्पीकर पर डाल दिया.

उधर से तन्वी की चहकति हुई आवाज़ आई : “हाय डार्लिंग….. अब बोल…. क्या पूछ रही थी तू…”

sarit11सोनू के चेहरे का रंग बदल सा गया…
पर अंदर ही अंदर वो अपने आप को दिलासा दे रहा था की ऐसे तन्वी भला क्यो अपनी सहेली को वो सब बता देगी, और वो भी उसके भाई के बारे में, जिसके बारे में सुनना शायद सोनिया को अच्छा ना लगे …

पर सोनू को भला क्या पता था की उन दोनो में किस किस्म की यारी है….

सोनिया : “इसमें बोलने वाली क्या बात है, तुझे खुद पता होना चाहिए की मैं क्या जानना चाहती हूँ .. चल जल्दी बता … क्या-2 हुआ आज सोनू के साथ….”

तन्वी की खनखनाती हुई हँसी आई : “हे हे हे…. तू भला क्यो सुनना चाहती है…. तेरा भाई है वो पगली….”

सोनिया को एक बार फिर से गुस्सा आ गया : “देख, तू जानती है की मैं मज़ाक के मूड में नही हूँ अभी…. चल जल्दी बोल…”

तन्वी इस वक़्त एक छोटी सी साटन की निक्कर और वाइट कलर की टी शर्ट में अपने आलीशान बेड पर लेटी हुई थी….

और उसके पूरे बदन में झुरजुरी सी दौड़ रही थी, आज शाम की बाते सोचकर …
वो उन्माद भरी आवाज़ में बोली : “यार…. क्या चीज़ है ये तेरा भाई… आज जो किस्स करी ना उसने मुझे…. सच में … सब भूल गयी…. ”

फोन स्पीकर मोड पर था… सोनिया ने घूर कर सोनू की तरफ देखा… और वो बेचारा सहम कर रह गया…

सोनिया : “अच्छा ..किस्स करी ….पूरा बता ना… कैसे-2 क्या हुआ…”

तन्वी भी ये बात भूलकर की वो सोनिया को उसी के भाई के बारे में बता रही है, शाम का किस्सा आँखे बंद करके सुनाने लगी..उसे क्या पता था की दूसरी तरफ फ़ोन स्पीकर मोड पर है.

”नॉर्मल बातें करने के बाद उसने मुझे किस्स किया…. और क्या किस्स करता है यार…. इतने जंगली तरीके से चूसा ना उसने मुझे…मन तो कर रहा था की मेरी पूरी बॉडी को ऐसे ही चबा जाए… अपने दांतो से…होंठों से… जीभ से… मेरे रोम-2 को गीला कर दे..”

सोनिया की साँसे तेज हो गयी ये सब सुनकर….
उसने भी शायद नही सोचा था की वो उसके भाई की बातें इतनी डीटेल में और इतने मज़े ले-लेकर बताएगी…
उसने खुद उसे बताने के लिए बोला था और खुद ही सोनू को सामने बिठा कर मोबाइल को स्पीकर फोन पर रखा था.. इसलिए बेचारी दोनो तरफ से फँस चुकी थी.

पर अभी तो शुरूवात थी, क्योंकि तन्वी ने जब आगे की बात सुनाई तो सोनिया की चूत अंदर तक गीली हो गयी.

तन्वी : “और उसके बाद उसने मेरी टॉप को धीरे से उतार दिया… और सच कहूँ , उस वक़्त मुझे ज़रा भी शर्म नही आई… ये मेरी लाइफ में पहली बार था जब मैं इस तरह से किसी के सामने टॉपलेस हुई थी… और मेरा टॉप उतारने के बाद सोनू ने मेरे बूब्स को बुरी तरह से चूसा….मेरे निप्पल्स को अपने दांतो से काटा भी”

सोनिया : “क्या ??? टॉप भी उतार दिया था ?”

सोनू की तो हालत खराब हो गयी, वो इस वक़्त अपने आप को ऐसा महसूस कर रहा था जैसे स्कूल टीचर ने उसकी क्लास की सारी शरारते उसके माँ बाप के सामने सुना डाली हो…
अपने आप पर इतनी शर्मिंदगी उसे लाइफ में आज तक नहीं हुई थी..

सोनिया की भी लगभग वही हालत थी, भले ही इस वक़्त वो थानेदारनी बनकर अपने भाई की पोल पट्टी खोलने में लगी थी, पर अब उसे अंदर ही अंदर पछतावा सा हो रहा था की उसने क्यो सोनू के सामने ही तन्वी से इस तरह स्पीकर फोन पर बात की …
अकेले में शायद उसे इतनी शर्मिंदगी ना होती, पर अपने ही भाई के रंगीन कारनामे ,उसी के सामने इस तरह सुनने पर उसे गहरी शर्म महसूस हो रही थी..

sarit11और दूसरी तरफ तन्वी को तो जैसे कुछ फर्क ही नही पड़ रहा था…
वो अपने राग अलापने में लगी रही

”हाँ यार, उसके बाद जिस तरह से उसने मेरे निप्पल्स को सक्क किया ना, मुझे ऐसा लगा की वो मेरी जान निकाल लेगा उनके थ्रू…. इतने ज़ोर से सक्क किए उसने, इतना काटा, वो सूज गये है…. और मुझे तो लग रहा है की ऐसा 8-10 बार कर दे ना तो मेरे भी तेरे जीतने तो हो ही जाएँगे…”

सोनिया को अब बोलना ही पड़ा : “तो करवाती रहना ना, रोका किसने है….”

सोनिया अब सोनू से नज़रें चुरा कर तन्वी को जवाब दे रही थी.

तन्वी : “यार, तू बस मेरा ये काम करवा दे, उसे हर दूसरे दिन किसी ना किसी बहाने मुझसे मिलवा दे, मज़ा आ जाएगा बाई गॉड … मुझे अपनी ब्रेस्ट बड़ी करवानी है, रोज मालिश तो करवानी ही पड़ेगी ना सोनू से अब… हे हे…”

सोनिया की चूत का पानी अब बाहर आने लगा था…

उसने फोन उठाया और बोली : “चल ठीक है, बाकी की बाते कल करेंगे, गुड नाइट…”

उसने उसका जवाब सुने बिना ही फोन कट कर दिया..

और फिर एक गहरी साँस लेकर सोनू की तरफ घूमी और उसकी आँखो में आँखे डालकर बोली : “अब बोल, ये सब क्या था…”

सोनू भी अब तक सोच चुका था की इस सिचुएशन को कैसे संभालना है

वो बोला : “क्या दी आप भी…. अब ये सब मैं आपको कैसे बोलता… मुझे शर्म आ रही थी…”

सोनिया का गुस्सा अब शांत हो चुका था…
वो बोली : “देख सोनू…. मुझे इन सबसे कोई प्राब्लम नही है, इनफॅक्ट मैने ही ये सब तेरे लिए अरेंज करवाया था… और शायद इसलिए मैं चाह रही थी की तू मुझसे कोई बात ना छुपाए.. इसलिए मुझे थोड़ा गुस्सा आ गया… पर उसने जो सारी बाते डीटेल में बताई,उसके बाद मुझे भी लग रहा है की तूने सही किया… ये सब नही बताकर, ये ग़लत था…”

सोनू : “मैं तो पहले भी कह रहा था दी, की ये ग़लत है, वरना कोई और बात होती तो मैं बता ही देता…”

सोनिया : “पर जो भी है , हमारे बीच उस दिन डिसाईड हो चुका था की हम दोनो एक दूसरे से कोई भी बात नही छुपाएँगे… पर फिर भी तुमने ये बात छुपाई… ये बिल्कुल ग़लत है…”

सोनू : “अच्छा , एक बात मैं पूछु तो आप मुझे बताओगी ..”

सोनिया : “हाँ बोल ??”

सोनू : “आप क्यो कमरे के बाहर खड़े होकर अंदर क्या हो रहा है, ये सुन रही थी…. जबकि आपको तो विश्वास था की मैं बाद में बता ही दूँगा… मैं ना सही आपकी फ्रेंड तो बता ही देगी… फिर भी आप हमारी बाते सुनने में लगी थी…”

सोनिया के पास कोई जवाब नही था अपने भाई की इस बात का.

वो ज़मीन को अपने पैर के नाख़ून से कुरेदते हुए बोली : “बातें करी ही कहाँ तुम दोनो ने… अंदर आते ही शुरू हो गये थे… मुझे पता नही क्या हो गया था… तुम दोनो को वो सब करते देखने का एकदम से जुनून सवार हो गया था… पर देख नही पाई…सिर्फ़ आवाज़ें सुनी…”

सोनू भी समझ पा रहा था की उसकी बहन के मन में कैसी उत्सुकतता होगी वो सब देखने के लिए..
इसलिए उसने उसे और तंग करना सही नही समझा…
बल्कि उसके दिमाग़ में एक प्लान आया जिसमें वो अपनी बहन की क्रियोसिटी काफ़ी हद तक कम कर सकता था

वो बोला : “वैसे तुम चाहो तो अगली बार वो सब देख भी सकती हो….”

उसकी ये बात सुनकर उसने चोंककर अपने भाई की आँखो मे देखा…
उसके चेहरे पर शरारत थी…
ऐसी शरारत जो कहना चाहती हो की लेट्स प्ले…

sarit11सोनिया : “बट …. हाउ…. ये पासिबल नही होगा…. वो मेरे सामने…इनफॅक्ट तुम भी कुछ नही करोगे… मैं भी शायद ऐसे नही देख पाऊँगी …. सभी को ओकवार्ड लगेगा ”

एक साथ काई पॉसिबिलिटीस और सवाल खड़े कर दिए उसने.

सोनू : “तुम उसकी चिंता ना करो…. वो मेरा काम है…. ओके …”

सोनिया समझ चुकी थी की सोनू के दिमाग़ में ज़रूर कुछ प्लान होगा…
पर अभी उन बातों में पड़कर वो अपना कीमती समय नही गँवाना चाहती थी….
क्योंकि तन्वी की बातें सुनने के बाद उसकी चूत का बुरा हाल हो रहा था…
और आज उसके पास सोनू का नाम लेकर मास्टरबेट करने की फुल टू परमिशन थी.

इसलिए उसने पहले वाले चेपटर को वही क्लोज़ करते हुए कहा : “चलो ठीक है… वो बाद में देख लेंगे… अभी तो मुझे दूसरा काम निपटाना है….”

इतना कहकर उसने लाइट बंद कर दी, नाइट बल्ब ओंन कर दिया और अपने बिस्तर पर जाकर बैठ गयी…

सोनू समझ गया की सोनिया की चूत में किस तरह की आग लगी होगी इस वक़्त…
वैसे आग तो उसके लंड में भी कम नही लगी थी, क्योंकि तन्वी ने जिस अंदाज में वो सब बातें फोन पर सुनाई थी, उसके बाद उसका लंड बैठने का नाम ही नही ले रहा था…

इसलिए जैसे ही लाइट बंद हुई, उसने भी अंधेरे का फायदा उठाते हुए अपना लंड बाहर निकाल लिया…

सोनिया भी अपने बेड पर अधलेटी अवस्था में जाकर बैठ गयी , उसका चेहरा सोनू की तरफ ही था…
और उसने अपने हाथ अपने पायजामे में सरका दिए…
उसे एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे उसने तपती हुई भट्टी पर हाथ रख दिया है…

आज की रात को वो पूरी तरह से एंजाय करना चाहती थी. सोनू का नाम लेकर ।

sarit11सोनिया ने अपनी उंगलियों को अपनी फूली हुई छूट चूत के उपर रख कर उसे कुछ देर तक मसला… वो किसी
पाव-रोटी जैसी सूजी हुई थी…

उसने जब अपनी बीच वाली उंगली को अंदर उतारना शुरू किया तो उसके मुँह से सिसकारियाँ फूट पड़ी

”सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स उम्म्म्ममम अहह”

अंधेरे कमरे में गूँज रही उसकी ठंडी सिसकारियाँ सोनू को बेचैन कर गयी..

कुछ दिनों पहले तक अपनी बहन के बारे में कुछ भी ग़लत ना सोचने वाले इस भाई को अब भी विश्वास नही हो रहा था की उसकी बहन उसी के सामने मास्टरबेट कर रही है….
और वो उसे देख भी रहा है.

जिस रिश्ते की दुहाई देकर वो अपनी बहन को ऐसा करने से रोकता था, वो रिश्ता ऐसे लम्हो में आकर कहीँ गायब सा हो चुका था…
इन्फेक्ट अब उन दोनो के बीच वो सब शुरू हो गया था जो एक भाई-बहन के बीच होना ही नहीं चाहिए…
जिसे दुनिया की नज़रों में ग़लत समझा जाता है…
सोनू अब भी समझ नही पा रहा था की जिस बात को वो अब तक ग़लत समझता आया था और अपनी बहन को भी समझाता आया था, वो धीरे-2 सही कैसे हो गयी…
शायद इस बात का जवाब उसे कभी नही मिल पाएगा..

पर अभी के लिए उसके मन और लंड में सोनिया के नाम की तरंगे उतनी शुरू हो चुकी थी…
भले ही रोज की तरह कमरे में अंधेरा था पर उसकी बहन के बेड पर खिड़की से आने वाली रोशनी किसी बल्ब से कम नही थी…
उसी रोशनी में वो देख पा रहा था की कैसे वो अपनी नंगी चूत के अंदर अपनी लंबी-2 उंगलियाँ चप्पू की तरहा चला रही है…

वो अपनी टी शर्ट को उपर करके अपने स्तन बाहर निकाल चुकी थी…
और अपनी पेंटी को साइड में करके चूत में उंगलियाँ डाल कर हिला रही थी.

और आज तो उसका चेहरा और आँखे सोनू को ही घूर रही थी… शायद अंधेरे में उसकी आँखों ने सोनू का चेहरा खोज निकाला था, तभी वो सीधा उसी की आँखो मे देखकर मुठिया रही थी.

सोनू की तरफ देखते हुए वो टूटे फूटे शब्दो में बोली : “आह सोनू….. तू….तूने ….. तन्वी को जब किस्स किया तो कैसा लगा था…”

sarit11सोनू ये सुनकर चोंक सा गया…
पहला इस वजह से की वो ये सब तन्वी से सुन ही चुकी थी….
और दूसरा इसलिए भी की ऐसे वक़्त में वो तन्वी की वो वाली बात क्यों कर रही है…

उसे चुप देखकर वो हिसहीसाई : “उम्म्म्मममममम सोनू….. बोल ना…… कैसा लगा उसे किस्स करके….उसकी ब्रेस्ट को सक्क करके…”

सोनू को एक बार फिर से वही पल याद आ गये…
हालाँकि आज से पहले वो अपनी क्लास की साक्षी को भी किस्स कर चुका था, पर ऐसी जबरदस्त वाली किस्स , जिसमें सामने से ज़्यादा रिस्पोन्स मिले, पहली बार थी….

उस किस्स की याद आते ही वो बोल पड़ा : “यार दी…. बहुत मज़ा आया सच में …. इट वाज़ वोंडरफुल्ल…..”

वो ये सुनकर चिहुंक उठी… और अपनी दो उंगलियाँ एक साथ चूत में डालकर अपना दाना पकड़ लिया उसने..

”आआआआआहह ओह सोनू…. यू लकी बास्टर्ड ….. साले …… ”

पता नही उसके मन में क्या चल रहा था…. क्या वो उसकी किस्मत से जल रही थी या अपने भाई पर पहला हक खुद का समझ कर उसे परेशानी हो रही थी..

पर सोनू ने इस वक़्त ये सब बाते पूछना सही नही समझा…
वो उसके आनंद में कोई खलल नही डालना चाहता था..

पेंटी तो वो कब का नीचे खिसका चुकी थी और अपनी टी शर्ट भी नोच कर फेंक दी थी उसने..

कितने प्यार और शिद्दत से बेचारी अपनी चूत की परतों को रगड़ रही थी…
ऐसा लग रहा था जैसे पत्थर को घिस कर आग निकालने वाली है वो..अपनी ऊँगली को अंदर डाल कर माचिस जला रही थी

सोनू ने भी अपने लंड को उपर नीचे करना शुरू कर दिया….
और वो जानता था की दूर बैठी सोनिया उसके हिलते हुए हाथ को देख पा रही होगी..

और ये सच भी था..

सोनिया ने जब देखा की उसी की तरह सोनू भी मास्टरबेट कर रहा है तो उसकी उत्तेजना और ज़्यादा बढ़ गयी…

वो खुली आँखो से अपने भाई को पहली बार मास्टरबेट करते हुए देख पा रही थी…
हालाँकि उसका लंड देख पाने में वो असमर्थ थी पर इसके हाथों की उँचाई से वो अंदाज़ा लगा पा रही थी की वो कितना लंबा है..

”ओह सोनू……. फक्क…….. उम्म्म्ममममममम………. बैबी……”

सोनू को उसके शहद में डूबे शब्द इस वक़्त किसी ब्लू फिल्म की हेरोइन के डाइलोग जैसे लग रहे थे, जो चुदाई करवाते वक़्त ऐसी आवाज़ें निकालती है.

पर आगे जो उसने कहा वो सुनकर सोनू का सारा शरीर सुन्न सा होकर रह गया..

sarit11वो बोली : “उम्म्म्मम…… काश….. उस बिच तन्वी की जगह मैं होती….. ओह गॉड …….. … कितना मज़ा आता…… ओह सोनू………… क़िस्सस्स. मिईिइsssss ……”

सोनू के तो मूठ मारते हाथों ने काम करने से ही मना कर दिया…
और इस बार वो अपने मलिक को कह रहे थे… ‘देखो भाई, तुम्हारी बहन तुम्हारे बारे में कैसा गंदा सोच रही है…. ये ग़लत है भाई… ये ग़लत है…’

पर सोनू तो कब का उस ‘ये ग़लत है’ से आगे निकल चुका था…
और जिस अंदाज से सोनिया ने ये बात बोली थी, सोनू को लगा की वो उसे बुला कर किस्स करने को कह रही है… और वो बेचारा अपनी सीट से उठ भी गया… और उसकी तरफ चल दिया…

पर वो अभी 2 कदम ही चला था की अपनी आँखे बंद करके अपनी चूत में उंगलियाँ डालकर कसमसा रही सोनिया के मुँह से कुछ और निकला

”ओह कितना मज़ा आया होगा तन्वी को….. ओह क्या फीलिंग रही होगी…… उम्म्म्मममम….. जब तूने उसे किस्स किया….. उसके निप्स को सक्क किया…… अहह ….. ओह्ह माय गॉड …..”

यानी सोनिया उस पल को याद करके , अपने आप को तन्वी की जगह पर रखकर मुठ मार रही थी…
और सोनू समझ बैठा की वो उसे बुला रही है की जैसा तन्वी के साथ किया है अब वो मेरे साथ भी कर…

सोनू ने अपने सिर के पीछे हल्का सा थप्पड़ मारा और मुस्कुरा कर मन में बोला : “साले , तू भी ना, पता नही क्या-2 सोचता रहता है…”

और वो वापिस अपने बेड की तरफ मुड़ गया..

पर मुड़ने से पहले उसने आख़िरी बार इतने करीब से सोनिया को जी भरकर देखा….
जो अपने सारे कपड़े उतार कर अपने बिस्तर पर किसी नागिन की तरह लहरा रही थी…

अपने दोनो स्तनो को भींच कर उनका रस निकालने में लगी थी…
पर असली रस तो उसकी चूत से निकल रहा था….
बेड पर कमान की तरह अपनी पीठ को उठा कर रखा था उसने..
उसे ऐसे एरॉटिक अवतार में देखकर सोनू जाते-2 रुक गया….
और वहीं खड़ा होकर अपने लंड को हिलाने लगा..

सोनिया को अभी तक पता नही था की उसका भाई अपने बेड से उठकर खड़ा हो गया है और उसे देखकर मुठ मार रहा है.

वो तो अपनी ही मस्ती में चूत की घिसाई करने में लगी थी.

सोनिया फिर से सिसकारी मार कर बोली :”सस्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स…… सोनू … माय बेबी …. अहह……. और कहाँ -2 किस्स करोगे….. सक्क करोगे….”

सोनू तो कौन बनेगा करोड़पति के उस सवाल पर खड़ा था जिसका जवाब उसे अच्छी तरह पता था, पर अपनी ही बहन को ऐसे सैक्स से भरी बातों का जवाब देने में उसे थोड़ी हिचकिचाहट हो रही थी….
भले ही वो देखने या करने की बातों से आगे निकल आया था, पर सॉफ-2 बोलने में उसे अब भी शर्म आ रही थी..

सोनिया ने फिर से पूछा : “बोल… ना…….. सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स….. कहाँ -2 पर…….. ”

वो खुद ही अपने एक हाथ को अपनी चूत पर और दूसरे को अपनी गर्दन पर रखकर सहला रही थी…. यानी वो गर्दन उसका वीक पॉइंट था..

सोनू समझ गया की वो उसके मुँह से अपनी बंद आँखो के पीछे चल रही फिल्म को आवाज देना चाहती है…

sarit11सोनू भी उसकी बातों में आ ही गया और धीरे से बोला…

”तुम्हारी नेक्क पर….”

”सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स अहह” सिर्फ़ यही निकला उसकी बहन के मुँह से..

सोनू : “और फिर धीरे-2 नीचे आकर….. ऑन युवर नेवल…”

”आआआआआआआअहह ओह सोनू…….. जीभ से करना…. जीभ से….”

सोनू के हाथ की स्पीड भी तेज हो गयी..

वो आगे बोला : “और फिर नीचे आकर……तुम्हारी…. ओ…ओं …यो…युवर…… पु….पु…..पुस्सी……”

”ऑश एसस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सस्स….. ओह्ह्ह्ह यस्ससस्स……. यहाँ ज़ोर से सक्क करो….. जितना ज़ोर से कर सकते हो….. उतनी ज़ोर से…… अहह…. सोनू… मेरी जान…. मेरे भाई…… खा जा इसको….. अहह….”

वो अपनी नन्ही सी चूत के मुहाने को ऐसे मसल रही थी जैसे गोल मटोल गुल्लक को खनका कर अंदर कितने पैसे है, ये पता लगा रही हो.

पर उस पागल को क्या पता था की अभी तो उस गुल्लक में सिर्फ़ खुद की ही जमा की हुई पूँजी थी…
यानी उसका कुँवारापन….
उसकी असली कीमत तो तब बढ़ेगी जब उसमे बाहर की दुनियां का कोई सिक्का डलेगा…यानी लंड.

इसलिए अभी के लिए अपने कुंवारेपन को सहलाकर…उसे समझा बुझाकर…अपनी नर्म उंगलियों की मालिश देकर…वो काम चला रही थी.

सोनू से भी सब्र नही हो पाया…उसके मुँह से भी निकल ही गया…

”आआआआआहह ….यस्स………. दी…… खा जाऊंगा …. सब कुछ….. चाटूँगा भी…… उपर से….. नीचे तक…… सारा…… पूरा…..शरीर…..तुम्हारा….. अहह… ओह सस्स्स्स्स्स्सस्स….”

उतना बहुत था उसकी उत्तेजना की चरम सीमा पर जाने के लिए….

उसके लंड से एक जोरदार धार निकली और उसकी बहन की तरफ चल दी…

sarit11और वो धार अभी बीच रास्ते में थी जब सोनू को एहसास हुआ की उसने ये क्या कर डाला है….
वो मन ही मन प्रार्थना करने लगा की वो छींटे उसकी बहन पर ना गिरे….

और उसकी प्रार्थना का मिला जुला असर हुआ..

हालाँकि उसके और सोनिया के बीच करीब 10 फुट की दूरी थी…
पर फिर भी सबसे आगे वाले 1-2 नन्हे से छींटे सोनिया तक पहुँच ही गये…
जवानी का जोश था ही इतना ताकतवर की सोनू के लंड से निकली धार भी दूर तक पहुँच गयी…
अपने चेहरे पर गिरी बूँदो को महसूस करते ही सोनिया ने आँखे खोल दी…
और सामने जो उसने देखा, वो उसकी जिंदगी का सबसे हसीन दृशय था..

उसका भाई अपनी आँखे बंद किए, अपना खड़ा लंड लिए , मास्टरबेट कर रहा था….कर क्या रहा था,कर चुका था.

और उसी के लंड से निकली बूँदो ने उसके चेहरे को छुआ था…
बाकी की लकीरे फर्श पर अपने निशान छोड़ चुकी थी.

उन बूँदो को उंगलियों से टच करते ही वो भी अपनी उत्तेजना के शिखर पर जा पहुँची….
और हकलाते हुए….
गहरी साँसे लेते-2 …
उसने अपनी चूत से रज का त्याग कर दिया.

”आआआआआआआआआआआआहह …. ओह सोनू…… उम्म्म्मममममममममममममम…..”

अपनी घी से चुपड़ी चूत को 2 उंगलियों से भींच कर सहलाते हुए वो अब भी सिसकारियाँ मार रही थी.

कुछ देर बाद जब तूफ़ान थमा तो दोनो को होश आया.

सोनू भागकर अपने बेड तक गया और चादर में घुस गया…

सोनिया ने भी जल्दी से अपने नंगे बदन को अपने कपड़ो से ढका…

और फिर एक एक करके दोनो बाथरूम में जाकर अपने गुनाहो को पानी से सॉफ करके आए.

और वापिस आकर सो गये.उसके बाद दोनों में कोई बात नहीं हुई.

पर दोनो के मन में बहुत कुछ चल रहा था..

अभी के किस्से को लेकर…

और आने वाले कल को लेकर…
जिसमें सोनू ने अपनी बहन को ये वादा कर दिया था की वो अपने और तन्वी के हसीन लम्हो को लाईव दिखाएगा… दोनो ही आने वाले कल को लेकर एक्साईटिड थे.

Please complete the required fields.