मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 95

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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मैं ने माला को बेड पर लिटा दिया. मैं ने अपनी शर्ट निकाल दी और माला के उपर चढ़ गया.

और माला को किस करने लगा. माला के गुलाबी होंटो पर अपनी जीभ घुमाने लगा. माला के होंटो से मैं ने अपने होंटो का मिलन करा दिया.

हम किस करने का पूरा आनंद लेने लगे.किस करने से माला और मैं इस दुनिया को छोड़ कर अपनी ही दुनिया मे जा चुके थे.

माला ने मामा के गाओं जाकर पता नही क्या किया. पर जो भी किया होगा उसका मज़ा मुझे मिल रहा था. माला के किस मे मुझे अंदर तक हिला दिया. किस करते हुए मुझे हर एक सेकेंड कीमती लग रहा था. हर एक सेकेंड का अलग ही मज़ा मिल रहा था.

मुझे लगा था कि जब भी मुझे माला के साथ किस करना होगा तो माला मेरा साथ नही देगी जो भी करना होगा वो मुझे ही करना होगा. पर मेरे उस दिन के एक किस ने माला को किस करना सिखा दिया.जिस से माला भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

किस करने के बाद मैं माला के दूध को कपड़ो उपर से दबाने लगा. किस करने से माला पहले ही गरम हो गयी थी और अब दूध दबाने से माला सिषकारिया लेने लगी.

अब मुझे देर करना मुनासिब नही लगा. मैं ने माला के कपड़े निकाल ना सुरू किए. माला भी बिना किसी विरोध के मेरा साथ देने लगी. और कपड़े निकाल ने मे मेरी मदद करने लगी.

माला को ब्रा और पैंटी मे देख कर मेरा बाबूराव खड़ा होकर माला की चूत को सलामी देने लगा.

मैं ने अपने बाबूराव को अंडरवेर मे रख कर तकलीफ़ नही देना चाहता था और ना ही माला की चूत को पैंटी मे क़ैद रखना चाहता था.

मैं ने अपने बाबूराव को और माला की चूत को कपड़ो के बंदन से आज़ाद कर दिया.माला को बिना कपड़ो के देख कर मेरे बाबूराव का जोश योर बढ़ गया.

माला के पक्के हुए दूध पर ब्राउन निपल और निपल के पास जो तिल था वो मुझे अपनी तरफ अट्रॅक्ट कर रहा था.

माला के दूध देख कर मेरे मूह मे पानी आ गया और मैं माला के उपर भूखे शेर की तरह टूट पड़ा.

माला के निपल पर पहले किस किया और फिर मूह मे लेकर चूस ने लगा.एक दूध को चूस कर दूसरे दूध को उदास नही करना चाहता था. इस लिए दूसरे दूध को हाथ से मसल ने लगा और मूह मे लेने को तय्यार कर रहा था.

दूध चूसने के साथ मैं कभी निपल के साथ खेलता तो कभी दूध को मूह मे लेकर चूस ने लगा..

दूध को चूस ने और दबाने से माला मछली की तड़फ़ रही थी. माला क्या करू या ना करू ऐसी दुविधा मे थी.

मैं ने दूध को चूसना बंद कर दिया. अब मैं माला की गुलाबी चूत को देख रहा था. अब तक मैं ने कितनो के साथ चुदाई की थी पर उन मे से सिर्फ़ माला की चूत खुली हुई नही थी.

माला की चूत के होन्ट एक दूसरे से मिले हुए थे. बस मेरे लंड के इंतज़ार मे थे कि कब मेरा लंड
उनको एक दूसरे से अलग कर दे.

माला की चूत का खून पीने के लिए मेरा लंड उछल रहा था.

लेकिन चूत का खून पीने से पहले चूत को पानी पिलाना होगा ठीक उसी तरह जैसे मुर्गी को हलाल करने से पहले पानी पिलाते है.

मैं ने चूत पर किस करना चालू किया. माला की चूत की स्मेल सब से अलग थी.चूत की स्मेल ने तो मुझे पागल कर दिया. पर मेरी चाची की चूत जितनी गरम थी उस के मुकाबल मे माला कही भी नज़र नही आ रही थी.

मैं माला की चूत पर जीभ घुमाने लगा. चूत के अंदर जीभ जा नही रही थी. मैं ने चूत के होंटो को हाथो से अलग किया. माला की चूत का गुलाबी हिस्सा दिख रहा था. मैं जीभ को माला की चूत मे डालने लगा. माला मदहोश होने लगी. माला मछली की तरह तड़फ़ रही थी. माला को मेरा चाटना बर्दास्त नही हुआ.माला ने अपनी चूत के समुंदर का पानी मेरे मूह पर मे डाल दिया. मैं ने सारा पानी पी लिया.

माला ने इतनी जल्दी पानी छोड़ दिया कि मुझे चूत अच्छे से चाटने को नही मिली. इस लिए मैं ने चूत चूसना बंद नही किया. माला मेरे कंटिन्यू चूत चूस ने के मज़े ले रही थी.

माला ने जब दूसरी बार पानी छोड़ा तब मैं ने चूत चूसना बंद किया.

मेडम ने मुझे जैसा सिखाया था मैं ने वैसे ही किया.चुदाई करने से पहले जो करना चाहिए वो सब मैं ने किया.

अब आख़िरी जंग बाकी थी.जो मुझे हर हाल मे जीतनी थी. मैं ने लंड पे थूक लगा लिया .लंड थूक से चिकना हो गया था.फिर लंड को चूत पर रख दिया.

लंड चूत पर रखते ही माला ने अपनी आँखे बंद कर ली. मुझे मेडम की बाते याद आ गयी .

माला वर्जिन है. उसकी पहली चुदाई है.मुझे आराम से करना पड़ेगा.

मैं एक झटका मारा पर लंड फिसल गया. जैसा मेडम ने कहा था कि कुवारि लड़की की पहली चुदाई मे लंड पहली बार अंदर जाते हुए फिसल जाता था वैसा ही हुआ.

मैं ने फिर से लंड को चूत पर रख दिया. इस बार ताक़त के साथ दिमाग़ का इस्तेमाल करके लंड को चूत मे डाल दिया.मेरा टोपा चूत मे चला गया .चूत का मूह खुल गया.चूत के होन्ट अलग हो गये. माला ने आँखे खोली और बिना कुछ कहे फिर से आँखे बंद कर ली.

मेडम ने कहा था कि पहली चुदाई मे लड़की ज़्यादा चिल्लायेगि. पर माला ने ऐसा कुछ नही किया. पर माला के चेहरे पे दर्द दिख रहा था.

जिस से मुझे लगा कि जब लंड पूरा अंदर जाएँगा तब माला ज़रूर चीखेंगी. आगे जाकर माला की चीख ना निकले इस लिए मैं ने माला के होंटो को चूस ना सुरू किया.

अब मुझे जोरदार झटका मारना था .जिस से माला की सील टूट जाए. मैं ने ज़ोर दार झटका मारा . मेरा लंड चूत की सील तोड़ कर अंदर चला गया.

लंड अंदर जाते ही,चूत की सील टूट ते ही,चूत से खून निकलते ही,चूत का खून लंड के पीते ही,दर्द वाला प्यार करते ही,माला की चीख निकल गयी. दर्द की वजह से माला की आँखो मे पानी आ गया.

माला की चीख और आँखो से बहता हुआ पानी मैं ने रोकना सुरू किया. माला की चीख तो मेरे मूह मे दब गयी. और माला की आँखो का पानी रोकने के लिए मैं ने लंड को वैसे ही अंदर रखा.

इतना कुछ हुआ,चूत की सील टूट गयी, चूत से खून निकल गया फिर भी माला ने अपनी आँखे नही खोली. पर आँखो से पानी निकल रहा था.

मैं ने माला के होंटो को चूस ना चालू रखा . हाथो को दूध पर रख कर मसल ने लगा.

माला ने खुद को जलदी से नॉर्मल किया अगला झटका लेने के लिए. मैं ने आख़िरी झटका मारा .इसी के साथ मेरा पूरा लंड चूत मे समा गया….

माला के मूह से दबी हुई आवाज़ निकल गयी पर किस करने से माला की आवाज़ दब गयी.

माला ने फिर भी अपनी आँखे नही खोली पर उसकी आँखो से लगातार पानी निकल रहा था. मैं ने थोड़ी देर लंड को चूत मे रखना सही समझा..

पता नही माला ने अपनी आँखे क्यू बंद करके रखी हुई थी.मैं ने थोड़ी देर ऐसे ही बिना हीले लंड को चूत मे रहने दिया. और फिर माला की आँखो पर किस करके बता दिया कि अब मैं धक्के मारने वाला हू.

फिर लंड को हिलाने के लिए धीरे से बाहर निकाला.मैं ने देखा लंड पर खून लगा हुआ था. ये मेरे लिए नयी बात नही थी पर माला के लिए नया अनुभव था.मैं ने चुदि हुई चूत से भी खून निकाला था .फिर ये तो कुवारि चूत थी.खून तो निकलना ही था.

मैं थोड़ी देर लंड को देखता रहा. मैं माला के खून को अपने लंड पर महसूस करना चाहता था.

धक्के ना लगाने से माला ने अपना हाथ मेरी गंद पर रख दिया. और मुझे नीचे दबाने लगी.

माला की बेताबी देख कर मैं ने धक्के मारना सुरू किया.पहली कुवारि चूत का अनुभव और मज़ा सब से अलग होता है. लंड पर माला अपनी टाइट चूत का दबाव डाल रही थी.

चूत के दबाव से मुस्किल से लंड अंदर बाहर हो रहा था…पर 10 12 धक्के मारने के बाद माला की प्यारी चूत मेरे लंड के साइज़ के हिसाब से खुलने लगी.मैं लंड को चूत की गहराई तक डाल कर चोदने लगा.

माला को पहले मेरे धक्के से दर्द हो रहा था. पर चूत मे मेरे लंड के जगह बनाने के बाद और चूत से पानी निकलने के बाद माला का दर्द मज़े मे बदल गया. माला की चीखे सिसकारियों मे बदल गयी.

माला के सिसकारियाँ लेते ही मैं ने अपनी गति बढ़ा दी. और ज़ोर दार धक्के वो भी कुवारि चूत मे मारने लगा.माला अपनी आँखे बंद करके हमारी बिना शादी वाली सुहागरात का मज़ा लेने लगी.

माला के चेहरे पे खुशी दिख रही थी.माला ने मेरे साथ चुदाई करके मुझे अपना लिया.मुझे लगा कि माला ने अपना फ़ैसला बदल दिया है. इस लिए माला मेरे साथ चुदाई करने के लिए तय्यार हो गयी.

माला की टाइट चूत मैं 15 मिनिट मारता रहा.फिर कहीं जाके मैं ने मेरा वीर्य माला की चूत मे डाल दिया. और माला के उपर गिर गया.

माला के साथ चुदाई करने मे जो आनंद मिला वो मैं कभी नही भूल सकता.

पर चुदाई के वक्त माला ने आँखे बंद कर रखी थी. पता नही माला ने अपनी आँखे क्यू बंद रखी थी… मैं ने ज़्यादा ज़ोर नही दिया. और मैं ने लंड को चूत मे से बाहर निकाला. लंड के साथ चूत मे से मेरा वीर्य ,माला की चूत का पानी और खून निकलने लगा .

मैं माला के साइड मे गिर गया. खुद को नॉर्मल करने की कोशिस करने लगा. ऐसे ही लेटे हुए मेरी आँख लग गयी. मैं नंगा ही माला के बाजू मे सो गया.

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