हम दोनो चुप चाप बैठे थे.तभी पता नही माला को क्या हुआ उसने मुझे थप्पड़ मार दिया. और खुद रोने लगी.
मुझे तो कुछ समझ मे नही आ रहा था. माला को हुआ क्या है. मैं इतना तो समझ गया था कि घर मे हम दो अकेले है.इस से दो बाते सामने आती है.
एक तो माला मुझसे बाते करने के लिए यहाँ लाई है.या फिर चुदाई करने.
पर यहाँ तो सब अलग हो रहा है. माला ने तो मुझे थप्पड़ मार दिया. और खुद रो रही है.सच मे लड़कियो को समझ ना मुश्किल है. उन के दिमाग़ मे क्या चल रहा है ये कोई नही बता सकता.
माला रो रही थी. मैं ने माला को गले लगा लिया. माला बिना किसी विरोध के मेरे गले लग गयी.
मेरे गले लग कर थोड़ी देर रोती रही.फिर माला मुझ से अलग हो गयी.माला ने खुद को नॉर्मल किया.
माला-तुम क्या कर रहे थे
अवी-मैं ने क्या किया है.
माला-रिया के साथ क्या चल रहा है
अवी-कुछ भी तो नही
माला-मुझे क्या तुम आँधी समझ रहे हो. मैं सब देख रही थी कि तुम रिया के साथ क्या कर रहे थे.
अवी-अगर मैं रिया के साथ कुछ भी करू उस से तुम्हे क्यू परेशानी हो रही है. तुम ने तो मुझे छोड़ दिया है ना.
माला ने फिर मुझे थप्पड़ मारा.
माला-मैं तुमसे प्यार करती हू .
अवी-तुम ने तो कहा कि तुम किसी और के साथ शादी कर रही हो. फिर ये नाटक क्यू कर रही हो
माला-वो मेरी मजबूरी है. तुम्हे मैं कैसे समझाऊ..मेरे परिवार के लिए यही सही है…
अवी-तुम वही करो जिस से तुम्हे और तुम्हारे परिवार को ख़ुसी मिल जाए.. .. और रही बात रिया की तो ऐसा कुछ नही है हमारे बीच मे जैसा तुम सोच रही हो.
अगर होगा भी तो क्या फरक पड़ता है.जैसे तुम अपने बारे मे सोच रही हो मुझे भी तो अपने बारे मे सोचना होगा.
माला-पर मेरे सामने क्यू कर रहे हो.
अवी-मैं क्या अब तुम्हे देख कर रिया से बाते करू.
माला-मैं ऐसा थोड़े ही कह रही हू. मैं तुमसे प्यार करती हू अगर तुम मेरे सामने किसी और से बाते करोगे तो मुझे क्या अच्छा लगेगा.
अवी-और तुम मेरे सामने किसी और के साथ शादी करोगी तो क्या मुझे अच्छा लगेगा.
माला-तो तुम ही बताओ मैं क्या करूँ
अवी-तुम जो भी कर रही हो वो अपनी जगह पर सही है. मैं तुम्हे रोक नही रहा किसी और के साथ शादी कर ने से. और तुम भी मुझे मत रोको..
पता नही माला को क्या हुआ मेरी बात सुनकर माला ने मुझे किस करना सुरू कर दिया. मुझे तो शॉक्ड लग गया. मैं उसे किस करते हुए देख रहा था. माला मुझे पागलो की तरह चूम रही थी.
माला का किस करना सब से अलग लग रहा था. आज तक जितनों के साथ किस किया उन मे से माला को किस करने से ऐसा लग रहा था जैसे जन्नत मिल गयी हो.
थोड़ी देर बाद मैं भी माला का साथ देने लगा.
माला के होन्ट गुलाब की तरह लाल और नरम थे. ऐसा लग रहा था कि ये किस कभी ख़तम ही ना हो. पर हम जो चाहते है वो कभी नही होता है. 10 मिनिट तक किस करने के बाद उसने किस तोड़ दिया .
माला लंबी लंबी साँसे ले रही थी. मैं भी खुद को नॉर्मल करने की खोसिश कर रहा था.
2 महीने पहले ,जो लड़की चुदाई देख ने के लिए मरी जा रही थी. वो इतनी कसिश के साथ किस कर सकती है. ये सोच कर मुझे झटका लगा.
मैं माला के चेहरे को देखते हुए खुद को नॉर्मल करने लगा.मैं और माला थोड़ी देर मे नॉर्मल हो गये. अब मुझे लगा कि माला मुझ से बात करेगी . पर ऐसा नही हुआ .
माला ने फिर मुझे किस करना चालू किया. इस बार मैं भी कहाँ पीछे रहने वाला था.
मैं भी माला के होंटो को चूस ने लगा. कभी माला मुझ पर भारी पड़ जाती तो कभी मैं माला पर भारी पड़ जाता. मैं कभी उपर के होंटो को चूस लेता तो कभी नीचे के. होंटो को चूस ने बाद हम एक दूसरे की जीभ को चूस ने लगे.
किस करने के साथ ही मैं माला के बदन को हाथो से मसल रहा था … माला के बदन को मसल्ने से माला और जोश के साथ मेरे होंटो को चूस ने लगी.
अब मुझे बर्दास्त करना मुस्किल हो रहा था. मैं ने किस तोड़ दिया.और माला को उठा कर अंदर के कमरे मे ले गया.

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