माला के जाने के बाद मैं अपने ख़यालो मे खो गया….इसमे ना मेरा गुनाह था और ना उसका…. किस्मत मे जो लिखा है वही होता है….माला की बात सही थी….माला के माता पिता ग़रीब है…जितनी जल्दी माला की शादी हो उतना उनके लिए अच्छा..,लड़का अच्छा है.जॉब पर है..पहचान का है…. पर मुझे छोटी चाची से बात करनी होगी.
माला के लिए यही अच्छा है…. मैं अपने ख़यालो मे खोया था पता भी नही चला कि कब पूजा ख़तम हो गयी.रिया ने मुझे अपने ख़यालो से बाहर निकाला.
मैं ने इधर उधर देखा .2 घंटे पूजा मे बैठने से सब लोग अपने आपको रिलॅक्स कर रहे थे.
रिया मुझे फिर आवाज़ दे रही थी पर मेरी आँखे माला को ढूँढ रही थी.
मेरी नज़र जहाँ भी जा रही थी वहाँ मुझे निराशा मिल रही थी. माला मुझे कही नही दिखी.पर रिया ने मुझे हिलाकर बात करना शुरू किया.
रिया-क्या हुआ. दिन मे सपने देख रहे हो
अवी-(जब मुझे शादी करनी होगी तब हो जाएगी.छोटी चाची सही कहती है मुझे दिमाग़ से काम लेना चाहिए.दिल से सोचने के लिए अभी टाइम है.मैं ने अपना मूड ठीक किया.) सामने इतनी सुंदर लड़की हो तो सपने तो आएँगे ही
रिया-शरमा गयी
अवी-पूजा हो गयी
रिया-हाँ,हो गयी
अवी-(रिया से सीधा माला के बारे मे पूछना सही नही होगा) मोना कहाँ है.
रिया-मोना माला के साथ फ्रेश होने गयी है.
अवी-(मैं तो मंदिर के पीछे उसे कुछ करने ही नही दिया. शायद इस लिए फ्रेश होने गयी होगी) तुम नही गयी.
रिया-उनको जल्दी थी .इस लिए वो मेरे लिए रुकी नही.
अवी-जाने दो उनको,वैसे भी तुम ऐसे ही इतनी सुंदर हो कि तुम्हे फ्रेश होकर मेकप करने की ज़रूरत नही है.
रिया-मैं कहाँ….और शरमा गयी
मोना और माला वापस आ गयी.माला मेरी और रिया की तरफ देखने लगी.
अवी- तुम तो हर बात पे शरमा थी हो.देखो मोना भी आ गयी.चलो हम भी चलते है.
सब आगे जा रहे थे .मैं और रिया पीछे पीछे आ रहे थे.
रिया से मैं बाते करते हुए आ रहा था .माला बार बार पीछे मूड कर देख रही थी.
रिया-तुम्हारे पेपर कैसे गये
अवी-एग्ज़ॅम हो गये. अब छुट्टियाँ चल रही है .क्या पेपर के बारे मे पूछ रही हो.
रिया-तो किस बारे मे बात करू
अवी- तुम बात मत करो बस मुझे तुम्हे अच्छे से देखने दो.रिया को एक बार उपर से नीचे तक देख लिया.तुम इस ड्रेस मे खूबसूरत दिख रही हो.
रिया-थॅंक्स
अवी-तुम तो मोना की शादी मे कुछ ज़्यादा ही मज़ा ले रही हो
रिया-ऐसा कुछ नही है. तुम्हे ऐसा क्यू लग रहा है
अवी-इतने अच्छे ड्रेस पहन रही हो. अपनी सुंदरता से सब को मार रही हो .सब की मदद कर रही हो.और बहोत कुछ…
रिया-ऐसा कुछ नही है
अवी-मुझे तो लग रहा है कि तुम्हे भी शादी करने की इच्छा हो रही है
रिया-मेरी उमर शादी करने की कहाँ हुई है
अवी-रिया के बदन को देख कर. मुझे ऐसा नही लगता
रिया मेरी नज़र की लॅंग्वेज को समझ गयी.पहली बार रिया ने थॅंक्स कहा था पर इस बार ..
रिया-तुम बहोत गंदे हो
अवी-मैं ने तो सही कहा है. कही तुम्हे सुहागरात तो नही मनानी है
मेरी बात सुन कर रिया मोना के पास चली गयी.
और मैं मोना के भाई के साथ चलने लगा.
मोना का भाई-क्या बात है .बड़े बाते कर रहे थे. कही दिल तो नही आ गया.
अवी-ऐसा कुछ नही है.
मोना का भाई-तो तुम ही बताओ क्या बात है
अवी-एग्ज़ॅम के बारे मे पूछ रही थी
मोना के भाई-तुम बच्चे के बच्चे रहोगे. कभी दिल लगाना सीख लो
अवी-(बच्चा होता तो तुम्हारी बहन की चूत नही मारता) मुझसे नही होगा.. तूने कही दिल लगाया है
मोना का भाई-मैं तो हर जगह दिल लगाकर रखा है.
अवी-मुझे भी सिखा दो
मोना के भाई-फिर कभी देखते है. चलो अब
बाते करते हुए गाओं कब आ गया पता भी नही चला.

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