सुबह जब मेरी नींद खुली तो मैं ने अपने पास छोटी चाची की जगह बड़ी चाची को देखा. बड़ी चाची ने मुझे प्यार से जगाया और मेरे सर पे किस कर दिया.
फिर हम अपने अपने काम करने लगे.मेरे पास अब सिर्फ़ आराम करने के अलावा कोई काम नही था.
एग्ज़ॅम ख़तम हो गयी.अब बस रिज़ल्ट का इंतज़ार था. लेकिन रिज़ल्ट तो जून महीने मे लगने वाला है. मतलब मेरे पास 3 महीने है छुट्टियाँ एंजाय करने के लिए.
मैं कसरत करने के बाद फ्रेश होकर खेलने चला गया. थोड़ी देर खेलने के बाद मैं पूजा बुआ के घर चला गया.
अब कविता लीना और राज के एग्ज़ॅम सुरू हो गये थे. पूजा बुआ के पास जाकर चुदाई करनी सुरू कर दी. 2 महीने के बाद चुदाई मे बुआ और मुझे मज़ा आ रहा था. पूजा बुआ की एक बार मे ही चूत और गान्ड मार दी.. पूजा बुआ ने कहा था कि दुबारा गंद मारने नही देंगी पर 2 महीने का इंतज़ार और चूत की आग के सामने पूजा बुआ को झुकना पड़ा और मुझे चूत के साथ गंद भी मारने दी. पूजा बुआ मेरे साथ चुदाई करके खुश हो गयी. होती भी क्यू नही 2 महीने के बाद लंड जो मिला था और वो भी लंबा और मोटा लंड, और मेरी चुदाई से बुआ की पूरी प्यास बुझ गयी.
पूजा बुआ की चुदाई के बाद मैं घर जाकर खाना खाने के बाद दोपेहर मे सो गया.
सी चाची-अवी उठ जाओ .हमे मार्केट जाना है
अवी-सोने दो ना चाची.
सी चाची-उठ जाओ नही तो मैं तुम्हारे उपर पानी डाल दूँगी
अवी-रूको मैं उठ रहा हू
सी चाची-चलो हमे मार्केट जाना है
अवी-बस 10 मिनिट मे मैं तय्यार होके आता हू.
फिर मैं और छोटी चाची मार्केट चले गये. चाची मंगला काकी की दुकान से समान लेने लगी.. चाची और मंगला काकी बाते करने लगी. मैं और रति एक दूसरे की तरफ देख रहे थे.
सी चाची-कैसा चल रहा है काकी
मंगला काकी-सब अच्छा चल रहा है.
सी चाची-रति की तो कोई खबर ही नही है
मंगला काकी-हाँ.वो अब मेरे साथ दुकान मे बैठी रहती है.
सी चाची-मेरे पास रति के लिए एक काम है
मंगला काकी-कौन सा काम. मैं उसे कहीं नही भेजूँगी
सी चाची-मेरी बात तो सुन लो
मंगला काकी-हाँ बोल
सी चाची-तुम्हे तो पता है कि मैं मा बन ने वाली हू.तो सुमन दीदी कह रही थी कि घर के काम करने के लिए एक लड़की को रखते है. तो मैं सोचा रति ये काम कर लेंगी .वैसे भी रति यहाँ बैठी रहती है मेरे पास आएँगी तो कुछ पैसे कमा लेंगी.
मंगला काकी-लेकिन
सी चाची-मेरे पास ही तो आ रही है.तुम खमखा परेशान हो रही हो. मैं पैसे भी तो दूँगी ना.
मंगला काकी-ठीक है. पर तू उस पे नज़र रकना
सी चाची-मैं देख लूँगी उसे .और बता क्या चल रहा है गाओं मे
मंगला काकी-वैसे कुछ खास तो नही पर एक बात है
सी चाची-क्या
मंगला काकी-वो मोना पता है ना. जिसकी शादी बचपन मे तय हुई थी.
सी चाची-मेरी तरफ देखते हुए. हाँ पता है
मंगला काकी-उसके घर वाले मोना की शादी अगले महीने कर रहे है
मैं ये सुनके शॉक्ड हो गया
सी चाची-उसमे बड़ी बात क्या है. कभी ना कभी तो करनी थी. और उसकी शादी तो बचपन मे तय हुई थी. तो इसमे नया क्या है.
मंगला काकी-अरे तू सुन तो, मोना की शादी जिस से बचपन मे तय हुई थी उसके साथ मूह काला कर रही थी. एक दिन उसकी मा ने देख लिया. इसी लिए उसकी शादी अगले महीने हो रही है
सी चाची-तो क्या हुआ. उसका होने वाला पति है वो
मंगला काकी-पर शादी से पहले सुहागरात मना रहे थे
सी चाची-ये भी ठीक है. जाने दे हमको क्या लेना है. तू कल से सुबह 11.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक रति को मेरे घर भेजा कर.
मंगला काकी-भेज दूँगी.
मैं काकी की बाते सुनकर सोचने लगा .लगता है स्टोर हाउस बंद होने के बाद मोना घर पर चुदाई करती होगी. घर पर मोना की मा ने देख लिया होगा. और जल्दी से शादी करने की सोची होंगी.

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