मैं अपने कमरे मे आकर सोने की कोशिस करने लगा.पर मुझे नींद नही आ रही थी.मैं बस करवट बदल रहा था.
आज पता नही मुझे नींद क्यू नही आ रही थी .ऐसे ही करवट बदलते हुए कब रात के 12 बज गये पता भी नही चला.
मैं सोने की कोशिस करते हुए अपने पुराने दिन याद करने लगा.
आज जिस तरह मैं ने उस लड़की के साथ चुदाई की उस के बारे मे मे सोचने लगा.
फिर चाची के साथ जो 1 महीने प्यार किया उसके बारे मे सोचने लगा. कैसे चाची के साथ चुदाई की फिर चाची मा बन गयी और चाची को दुनिया की सब से बड़ी खुशी मिल गयी.
ऐसे ही सोचते हुए मैं और पीछे चला गया.रति और मोना की चुदाई के बारे मे सोचने लगा..
फिर मैं पूजा बुआ के ख़यालो मे खो गया. कैसे पूजा बुआ अब मुझे अपने बेटे की तरह प्यार करती है.
मेडम ने तो मेरी ज़िंदगी बदल दी.
ऐसे ही सोचते हुए मैं और अतीत (पास्ट) मे चला गया.
इतना पीछे चला गया कि मुझे अपनी मा की याद आ गयी. मा की याद आते ही मेरी आँखो मे पानी आ गया.
मैं ने अपने कमरे की लाइट ऑन की और अपने बॅग मे से एक बुक निकाल कर देखने लगा.
जैसे जैसे पेज पलट रहे थे वैसे वैसे मेरी आँखो ने पानी बहने लगा.
बुक को देखते हुए रात के 2.00एएम बज गये.अभी भी मैं पेज पलट रहा था कि मेरे कमरे का गेट खुल गया.
गेट छोटी चाची ने खोला था. छोटी चाची ने जब मुझे रोते हुए देखा तो वो जल्दी से मेरे पास आ गयी. और मेरे चेहरे को हाथ से पकड़ कर उपर उठाया. मैं ने जब छोटी चाची को देखा तो मैं और रोने लगा और चाची के गले लग गया.फिर छोटी चाची के गले लगते हुए रोने लगा.
छोटी चाची ने मुझे थोड़ी देर रोने दिया.फिर चाची ने मेरी आँखो पर किस किया. और मेरे आसू बहने से रोक दिए.और मेरे साथ बेड पर बैठ कर पूछने लगी कि क्या हुआ.
सी चाची-अवी क्या हुआ, इतनी रात को ऐसे रो क्यू रहे हो,
अवी-मैं ने कुछ नही कहा.
छोटी चाची ने फिर पूछने के बजाय बेड पर पड़ी हुई बुक उठा ली और देखने लगी.
बुक के उपर “मेरी फॅमिली” लिखा हुआ था.
चाची बुक खोल कर देखने लगी. बुक के पहले पेज पर मेरी , मेरी मा और मेरे पिताजी की फोटो थी.फोटो के नीचे लिखा हुआ था ” माइ स्वेट फॅमिली”
चाची समझ गयी कि मैं क्यू रो रहा हू.
सी चाची-ये बुक तो बहोत प्यारी है. किसने बनाई है
अवी-मैं और मा ने ….
सी चाची-माँ की याद आ रही है
अवी-हाँ
सी चाची-यहाँ तुम्हारे पास तीन तीन माँ है फिर भी तुम्हे मा की याद आ रही है.
क्या मैं (हम) तुम्हारी माँ नही हू.हम तुम्हे अपने बेटे की तरह प्यार करते है. और तुम यहाँ इस तरह रो रहे हो. तुम्हारी आँखो मे पानी देख कर हमे कैसा लगेगा ये नही सोचा तुम ने …जब सुमन दीदी तुम्हे रोता हुआ देखेंगी तो सोचा है उनको कैसा लगेगा वो तो जीते जी मर जाएँगी.
तुम्हे कुछ होता है तो उसका दर्द हमे होता है. तुम बीमार होते हो तो ऐसा लगता है कि हम बीमार हो गये है. जब तक तुम्हे नींद नही आती तब तक हमे नींद नही आती ..
आज तुम ने हमारा दिल तोड़ दिया…ये दिखा दिया कि हमारा प्यार कम पड़ गया है. आज तुम ने हमे पराया बना दिया.मुझे तुमसे ये उम्मीद नही थी..और छोटी चाची भी रोने लगी.
छोटी चाची को रोते हुए देख कर मुझे अपनी ग़लती का अहसास हुआ..ये मैं ने क्या किया.मैं ने चाची को ,अपनी मा को रुला दिया.
मैं चाची के गले लग गया. और चाची के आँखो पर किस किया.
अवी-अपने बेटे को एक बार माफ़ कर दो.मैं दुबारा ऐसा नही करूँगा .
छोटी चाची ने कुछ नही कहा.
मुझे पता था की छोटी चाची को कैसे मनाना है.और छोटी चाची को भी पता था कि कैसे मेरा मूड ठीक करना है.मैं छोटी चाची को गुदगुदी करने लगा. चाची की ये कमज़ोरी थी. गुदगुदी करते ही छोटी चाची बेड पर उछल पड़ी और हँसने लगी
सी चाची- हँसते हुए अवी ऐसा मत करो
अवी-पहले कहिए माफ़ किया
सी चाची-हाँ बाबा माफ़ किया .अब तो गुदगुदी करना बंद करो
मैं ने गुदगुदी करना बंद किया.
अवी-चाची मुझे माफ़ कर दो.दुबारा ऐसा नही होगा
सी चाची-ऐसा क्या हुआ जो अचानक तुम्हे मा की याद आ गयी
अवी-पता नही,आज नींद नही आ रही थी. तो अपने पुराना दिनो को याद कर रहा था . याद करते हुए इतना पीछे चला गया कि मुझे मा की याद आ गयी.
सी चाची-मा को याद किया इस लिए मैं नाराज़ नही हुई.
अवी-फिर आप रो क्यू रही थी
सी चाची-मैं इस लिए रो रही थी कि तुम्हारी आँखो मे पानी था.मैं इस लिए रो रही थी कि तुम्हे मा की याद आ रही थी तो तुम हमारे पास नही आए. बल्कि कमरे मे बैठे रो रहे थे.
अवी-अगली बार जब भी मुझे मा की याद आएगी तो सब से पहले आपके पास आउन्गा.इस बार पहली ग़लती समझ कर माफ़ कर दीजिए
सी चाची-वो तो कब का कर दिया है. और आज मैं यही तुम्हारे पास सो जाउन्गि.पर पहले मुझे अपनी बुक तो दिखा दो.
मैं छोटी चाची को बुक दिखाने लगा. एक पल मे मुझे छोटी चाची ने नॉर्मल कर दिया. छोटी चाची को सब पता है कि कैसे किसको हॅंडल करना है.
सी चाची-अवी ये बुक कब बनाई थी और इतने दिनो से मुझे दिखाई क्यू नही.
अवी-ये बुक मैं ने और मा ने बनाई थी. जब मैं छोटा था तब मैं मा को हमेशा पूछता था कि दादाजी हमे मिलने क्यू नही आते.बुआ मुझे मिलने क्यू नही आती.हमारे घर मे मैं ने कभी भी दादाजी को नही देखा.
जब भी मेरे फ्रेंड के दादाजी उस से मिलने आते. तो मुझे भी लगता कि मैं भी दादाजी को मिलू उनके साथ खेलु,पर ऐसा कभी नही होता. मैं उदास बैठे हुए मेरे फ्रेंड को उसके दादाजी के साथ खेलते हुए देखता.
एक दिन मा ने मुझे उदास देखा और मुझे पूछा कि क्या बात है. तो मैं ने मा को सब बता दिया.
फिर मा ने मुझे खुश करने के लिए मेरे लिए ये बुक बनाई. और पूरी फॅमिली मेंबर के फोटो बुक मे लगा दी.फिर जब मुझे दादाजी और बुआ की याद आती तो मैं बुक को देख लेता.
जब भी फॅमिली मे कोई नया मेहमान आता तो मा उसकी फोटो बुक मे लगा देती.
सी चाची-ये बुक तो बहोत अच्छी है. क्या इसमे मेरी भी फोटो है.
अवी-हाँ,आप की भी फोटो है.
सी चाची-पर मैं तो तुम्हारी मा से कभी मिली नही. और मेरे शादी के बाद तो 6 महीने मे उनका आक्सिडेंट…
अवी-आपकी फोटो तो मा ने लगाई थी.
सी चाची-शायद कही से मिल गयी होगी. वो जाने दो मुझे मेरी फोटो तो दिखा दो
मैं ने चाची को फोटो दिखा दी.चाची के फोटो के साथ बड़ी चाची और सीमा चाची का फोटो थी.फोटो देखते ही चाची ने मुझे गले लगा लिया और मेरे सर पे किस किया.
सी चाची-और किस किस की फोटो है.
मैं ने बुआ की फोटो दिखा दी. पूजा बुआ,नेहा बुआ,और नीता बुआ के पूरी फॅमिली की फोटो थी. स्वेता दीदी,सीतल दीदी,राज,कोमल, कविता,राजेश,और लीना के बचपन की फोटो थी.
सी चाची-ये तो सच मे अच्छी बुक है. पूरी फॅमिली को एक साथ जैसे एक घर मे प्यार से रख दिया हो वैसे ही बुक को बनाया है.
अवी-हाँ,मा भी यही कहती थी कि उनको पूरी फॅमिली फिर से एक साथ एक घर मे देखनी है.
अवी-चाची आपको पता है मा ने ऐसा क्यू कहा था.
सी चाची-मुझे कैसे पता होगा. मैं तो कभी मिली ही नही.
अवी-चाची ऐसा क्या हुआ था जो मा ने ऐसा कहा था और दादाजी और बुआ और चाचा हमारे घर नही आते थे.
सी चाची-वो तो मुझे ठीक से नही पता थोड़ा थोड़ा पता है. पर मैं पूजा को पूछ कर तुझे बता दूँगी(वो बात तुम्हे अभी नही बता सकती .तुम उस बात को समझने के लिए अभी छोटे हो)
अवी-हाँ,आप पूजा बुआ को पूछ लेना उनको सब पता होगा. चाची मुझे एक और बात पूछनी है
सी चाची-हाँ पूछो
अवी-नेहा बुआ मुझसे इतनी नफ़रत क्यू करती है.
सी चाची-वो तो मुझे भी नही पता पर तू नेहा को हमेशा प्यार करता जा उनकी मदद करता जा.एक दिन तुम्हारा प्यार नेहा की नफ़रत को प्यार बदल देंगी.
अवी-नेहा बुआ मुझ से नफ़रत करती है और आप कहती है उनकी मदद करू उनको प्यार करू.
सी चाची-(अब अवी को क्या बताऊ कि क्यू नेहा उस से और उसके पापा से नफ़रत करती है.मैं अवी को सच बता भी नही सकती.सच सुनकर कही अवी टूट ना जाए. नही, मैं अवी को सच नही बता सकती.कुछ और बताना होगा.) नेहा को बेटा नही है इस लिए तुमसे नफ़रत करती है
अवी-नेहा बुआ तो सिर्फ़ मुझ से नफ़रत करती है. उनको तो राज और राजेश से भी नफ़रत करनी चाहिए
सी चाची-(ये तो आज सच जान कर ही रहेगा.) दादाजी तुमसे ज़्यादा प्यार करते है और कोमल को कम ,इस लिए नेहा को तुम पसंद नही हो.
अवी-हाँ, पर कभी कभी अचानक मुझ पर गुस्सा हो जाती है तो कभी प्यार से बात भी करती है.
सी चाची-देखा .जो थोड़ा सा गुस्सा है वो तुम अपने प्यार से ख़तम कर दो
अवी-ठीक है मैं ऐसा ही करूँगा.
सी चाची-(अच्छा हुआ जल्दी मान गया)
अवी-चाची एक और बात है
सी चाची-(क्या इसने सोच रखा है कि आज सच जानकार ही रहेंगा) हां बोलो
अवी-चाची ,राज कोमल और लीना के पापा दुबई मे काम करते है तो वो इस गाओं मे क्यू रहते है.
सी चाची-(दादाजी अवी के घर क्यू नही जाते थे,नेहा अवी से नफ़रत क्यू करती है, अवी की तीनो बुआ गाओं मे क्यू रहती है. ये सब एक दूसरे से कनेक्टेड है.अब अवी को एक बात बताई तो सब बताना पड़ेगा. पर अवी को अभी सच का पता नही चलना चाहिए.) बूआओ के पति दोस्त है ,उनको साथ मे रहना पसंद है. इस लिए वो गाओं मे रहते है
अवी-सहर मे भी तो साथ मे रह सकते है
सी चाची-वो सिर्फ़ साल मे 1 महीने के लिए आते है. उसके बाद तो बुआ को अकेले रहना पड़ता है. तुम्हारे दादाजी तुम्हारी बुआ से बहोत प्यार करते है. दादाजी को बुआ का अकेले रहना वो भी सहर पसंद नही था इस लिए दादाजी ने बुआ को गाओं मे रहने को कहा.
अवी-मुझे भी यही लग रहा था
सी चाची-(अच्छा हुआ जल्दी मान गया. ये नही पूछा कि गाओं मे रहेंगे तो स्वेता,सीतल, और सब की पढ़ाई कैसे होगी.) अब तो तुम्हारे सवालो के जवाब तुम मिल गये ना
अवी-हाँ,और ये बुक भी ख़तम हो गयी है
सी चाची-अब मुझे कभी रुलाएँगा तो नही ना
अवी-आपके आँखो मे मेरी वजह से कभी पानी नही आएगा.
सी चाची-अब चलो सो जाओ. देखो सुबह के 3.00 बज रहे है.
मैं चाची के गले लगाते हुए सो गया. चाची के आगोश मे मुझे जल्दी नींद आ गयी.मेरे सो जाने के बाद चाची भी मेरे साथ सो गयी .
रात मे देर से सोने की वजह से सुबह मैं और चाची देर तक सोते रहे.
हर दिन की तरह बड़ी चाची सब से पहले उठ गयी. और अपना काम करने लगी. जब बड़ी चाची मेरे कमरे मे मुझे जगाने के लिए आई तो मुझे और छोटी चाची को साथ मे सोते हुए देख कर शॉक्ड हो गयी.
बड़ी चाची ने छोटी चाची को नींद से जगाया और पूछने लगी कि वो यहाँ क्या कर रही है.
ब चाची-मीना तू यहाँ अवी के साथ क्यू सो रही हो
सी चाची-दीदी अवी रात मे रो रहा था तो उसे चुप कराते हुए मैं भी यहीं सो गयी.
ब चाची-मेरे सर पे हाथ रखते हुए क्या हुआ था ,अवी रो क्यूँ रहा था.
सी चाची-अवी को मा की याद आ गयी थी .इस लिए रो रहा था.
ब चाची-तूने मुझे जगाया क्यू नही.
सी चाची-मैं जगाने वाली थी पर मैं ने सोचा कि मैं खुद संभाल लूँगी.
ब चाची-तू ज़्यादा सोचा मत कर. अगर अवी को कुछ होता है तो तू सब से पहले मुझे बताया कर समझी. दुबारा तूने ऐसा किया तो मुझसे बुरा कोई नही होगा
सी चाची-मैं तो…
ब चाची-क्या मैं तो. पहले ये बता कि रात मे क्या हुआ था
छोटी चाची ने बड़ी चाची को सब कुछ बता दिया.
ब चाची-मीना तूने अच्छा किया जो अवी को कुछ नही बताया.पता नही अवी सच जान ने पर क्या करता.तुम मेरी बात का बुरा मत मान लेना मुझे तो सिर्फ़ अवी की फिकर हो रही थी.
सी चाची-मैं आप से नाराज़ क्यू होउंगी. मुझे पता है आप अवी से कितना प्यार करती है.और मैं भी अवी से उतना ही प्यार करती हू. आपकी जगह अगर मैं भी होती तो मैं भी वही कहती जो आपने कहा है.
ब चाची-तेरी इसी समझदारी की वजह से ये घर सही सलामत है. वैसे वो बुक कहाँ है दिखा मुझे
छोटी चाची ने बड़ी चाची को बुक दिखा दी.
बड़ी चाची ने बुक मे अपनी फोटा देखी और फोटो के नीचे जो लिखा था वो पढ़ ने लगी. फोटा के नीचे “चाची” लिखा था पर उसे काट कर वहाँ “माँ” लिखा हुआ था.
जब बड़ी चाची ने माँ वर्ड पढ़ा तो उनकी आँखो से पानी आ गया. बड़ी चाची ने मेरी तरफ देखा और मेरे सर पर किस कर दिया. और वही मेरे पास लेट गयी.
छोटी चाची ने बड़ी चाची को मेरे साथ सोने दिया और खुद बाहर जाकर घर का काम करने लगी.

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