मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 83

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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मैं 3.30पीएम बजे स्पोर्ट रूम के पास आ गया. मुझे चुदाई देखनी थी और करनी भी थी. पिछले 1 महीने से मैं ने चुदाई नही की थी (एग्ज़ॅम के पहले 2 हफ्ते और एग्ज़ॅम 2 हफ्ते वित हॉलिडे)

मैं खिड़की से ज़ाक कर अंदर देखने लगा. अभी तक चुदाई सुरू नही हुई थी.

थोड़ी देर बाद प्रिन्सिपल सर और वो लड़की रूम मे आ गये.रूम मे आते ही दोनो ने अपना काम करना सुरू कर दिया.दोनो नंगे हो गये.

सर ने उस लड़की को घोड़ी बना कर लंड को चूत मे डाल दिया. मैं इस टाइम का इंतज़ार कर रहा था.

मैं स्पोर्ट रूम के गेट के पास चला गया. स्पोर्ट रूम के गेट मे जो दरार है उसमे मैं ने लकड़ी डाल कर गेट की कड़ी उपर कर के निकाल दी. वो चुदाई करने मे इतने मस्त थे कि उनको पता भी नही चला.

मैं धीरे से गेट खोल कर अंदर आ गया. प्रिन्सिपल सर का चेहरा गेट की दूसरी तरफ था. मैं ने अंदर आने के बाद गेट की कड़ी लगा दी.

और मैं सर के सामने जा कर खड़ा हो गया. उस लड़की की आँखे बंद थी. सर मुझे देख कर घबरा गया. सर ने लंड हिलाना बंद किया. सर ने पीछे गेट की तरफ देखा गेट बंद था.

सर-(मैं तो अब फस गया. नही नही मैं अभी तक फसा नही हू. गेट का ताला तो मैने खोला फिर ये पहले से अंदर नही रह सकता. अगर अवी अभी आया है तो इसने गेट क्यू बंद किया. मतलब अवी ने अभी तक किसी को बताया नही है. पर इसने गेट क्यू बंद किया. और अभी तक कुछ कहा क्यू नही.लगता है इसे भी चुदाई करनी है .तभी तो चुप चाप खड़ा है..अगर इसे भी चुदाई करने दू तो ये किसी को नही बताएगा .) सर ने धक्के मारना फिर सुरू किया.

सर ने मुझे इशारे से पूछा कि चुदाई करनी है
मैं ने गर्दन हिला कर हां कर दी.

अवी-(बिना बोले ही सर ने मेरी बात मान ली. प्रिन्सिपल जो है स्कूल के. बिना बताए सब समझ गये.)

उस लड़की की आँखे अभी भी बंद थी. मैं ने अपने कपड़े निकाल दिए. मेरे कपड़े निकाल ने की आवाज़ सुन कर उसने अपनी आँखे खोल दी. मुझे देख कर वो भी घबरा गयी.

सर-डरो मत ये भी तुम्हारी चुदाई करेगा .ये मेरा ख़ास स्टूडेंट है.

सर की बात को वो मना कैसे कर सकती थी.

मैं सर के दिमाग़ की दाद देने लगा.मैं ने लंड को उसके मूह के पास ले गया. उसने मेरे लंड को मूह मे लेकर चूस ना सुरू किया .

मैं ने पहले दिन जब उसका नाम पूछा तो उसने बताया नही था . ये मेरे दिमाग़ मे आते ही लंड से उसके मूह चोदने लगा . उधर सर भी चूत मार रहे थे. सर का काम हो गया. सर ने मुझे उनकी जगह आने को कहा. सर ने लंड को चूत से बाहर निकाला.

सर के लंड पर कॉंडम लगा हुआ था. पहली बार मैं कॉंडम को देख रहा था. सुना था कि कॉंडम पहन कर चुदाई करते है. आज देख भी लिया.

सर ने मुझे कॉंडम दिया. पर मुझे कैसे लगाना पता नही था.

सर – कभी चुदाई की है

अवी-हाँ की है

सर-कॉंडम लगा कर की है

अवी-अभी तक तो नही की है

सर-ये लो कॉंडम लगा लो लंड पर

अवी-मुझे कॉंडम लगाना नही आता

सर-मैं लगा कर देता हू.

सर ने मेरे लंड पर कॉंडम लगा दिया. मैं ने लंड को चूत पर रख दिया. लंड को चूत पर रख कर रगड़ने लगा और फिर एक ही झटके मे पूरा अंदर डाल दिया.

उसकी चीख निकल गयी.ना सर मुझे कुछ कह सकते थे कि आराम से करो और ना वो लड़की कुछ बोल सकती क्यू कि उसे पता था कि अगर वो कुछ कहती है तो सर नाराज़ हो जाएँगे.

पर उसकी चीख रोकना ज़रूरी था. इस लिए सर ने अपना लंड उसके मूह मे डाल दिया.सर का लंड मेरे जितना ही लंबा था पर मोटाई मे कम था.

मुझे उससे पहले दिन का बदला जो लेना था. जिसके वजसे मैं बिना रुके ज़ोर दार धक्के लगाने लगा. उसके मूह से दबी हुई आवाज़े आ रही थी. मैं लंबे लंबे और ज़ोर दार धक्के लगाने लगा.

ना मुझे उस पे कोई रहम करना था और ना उसे कोई मज़ा देना था.

मैं ने उसकी कमर पकड़ ली और धक्के मारने लगा. सर भी अपना काम कर रहे थे. सर का लंड जो ठंडा पड़ चुका था वो उसके मूह मे फूलने लगा.

थोड़ी देर मे सर का लंड पूरी तरह से खड़ा हो गयी. अब सर उसके मूह को चोदने लगे.

मैं और सर उसकी रेल बना रहे थे.

मैं पीछे से धक्का लगाता तो वो आगे सरक जाती .जैसे वो आगे सरक जाती सर उसके मूह मे धक्का मार देते जिस से वो पीछे सरक जाती और मेरा लंड उसकी चूत मे गहराई तक चला जाता.

सर के धक्के मारने से वो पीछे सरक जाती जिस से मेरा लंड ज़्यादा अंदर जाता .पर सर का लंड थोड़ा बाहर निकल जाता. मैं भी पीछे से धक्का मार देता जिससे वो आगे सरक जाती और सर का पूरा लंड उसके मूह मे चला जाता.

हम लगभग 20 मिनिट तक उसकी ऐसे ही चुदाई करते रहे. 1 महीने से चुदाई ना करने की वजह से मेरा वीर्य जल्दी निकल गया.मैं ने अपना वीर्य उसकी चूत मे मतलब कॉंडम मे डाल दिया.

मेरा काम तो हो गया था पर सर का अभी बाकी था. मैं ने लंड को चूत से बाहर निकाला .जैसे ही मैं ने लंड को बाहर निकाला वैसे ही सर ने लंड को मूह मे से बाहर निकाल कर चूत मे डाल दिया.

फिर सर अकेले ही उसकी चुदाई करने लगे. सर ने 20 मिनिट तक उसके मूह को चोदा और 5 मिनिट उसकी चूत को और फिर झड गये.

फिर हमने कमरे मे जो पानी था उस से लंड को साफ किया. वो लड़की मुझे खा जाने वाली नजरो से देख रही थी.

सर-मज़ा आया

अवी-हाँ,मज़ा तो आया .पर फिर मज़ा लेना है

सर-फिर कर पाओगे

अवी-आप देखते रह जाओगे

सर-आज तो पूरी रात मज़ा कर सकते है.

अवी-ये पूरी रात यहाँ रुकने वाली है

सर-हाँ

अवी-ठीक है .अभी एक और बार करता हू. फिर घर जाकर वापस आ जाउन्गा

सर-तो हो जाओ सुरू..

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