मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 79

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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मैं घर आ गया. घर पर ताला लगा हुआ था. मतलब घर मे कोई नही है. मैं ने पड़ोसियो से पूछा पर उनको भी कुछ पता नही था.

ये पहली बार हुआ कि घर पे कोई नही था. चाची को अगर कही जाना होता तो मुझे एक बार बता देती.

शायद चाची बुआ के घर गयी होगी. पर एक चाची तो घर पे रुक जाती. छोटी चाची को तो पता था कि 2.00 बजे मेरा पेपर ख़तम होगा फिर भी वो बाहर चली गयी.

चाचजी का तो ठीक है वो तो इस वक्त खेतो मे होगे. पर चाची को तो घर पे रुकना चाहिए था

फिर मैं चाची को मिल ने के लिए पूजा बुआ के घर चला गया. पूजा बुआ के घर पर भी ताला लगा था. अब मेरा दिल जोरो से धड़कने लगा. मुझे लगा कही कुछ हुआ तो नही. एक साथ दो घरो मे ताला लगा हुआ है.

कही चाची को कुछ हुआ तो नही है. या फिर राज ,या फिर पूजा बुआ को .मुझे तो कुछ समझ मे नही आ रहा था.

फिर मैं नेहा बुआ के घर गया. (सभी बुआ के घर एक दूसरे के घर के पास मे थे .और हमारे घर से भी ज़्यादा दूर नही थे . पर बुआ के घर सहर मे जिस तरह घर बनाते है वैसे थे. ) नेहा बुआ के घर आते ही थोड़ी राहत मिली. नेहा बुआ के घर को ताला नही लगा हुआ था. मैं ने गेट खट खाटाया. कोमल ने गेट खोला.कोमल मुझे देख कर वो खुश हो गयी.

अवी- नेहा बुआ कहाँ है

कोमल-मुझे नही पता मा कहाँ गयी है

अवी- मैं ये सुनकर और परेशान हो गया. तुम तो घर पर हो फिर भी, बुआ तुम्हे बता कर नही गयी

कोमल-मैं जब एग्ज़ॅम दे कर घर आई तो घर पे ताला लगा हुआ था. मेरे पास एक की थी. जिस से मैं ने ताला खोला और घर मे आ गयी. और पढ़ाई करने लगी.

अवी- ये सुन कर मेरा दिमाग़ अब फटने लगा था

अवी-तुम ने पूजा बुआ और नीता बुआ के घर जाकर पता नही किया.

कोमल-मा तो हमेशा कही ना कही चली जाती है.इसमे नया क्या है.

कोमल को चाची या पूजा बुआ के बारे मे पता होना मतलब गढ़े के सर पर सिंग होने के बराबर था.

मैं कोमल को बाइ बोल कर नीता बुआ के घर चला गया

नीता बुआ के घर पर ताला नही था . नेहा बुआ के घर की तरह यहाँ पर भी सिर्फ़ लीना ही हुई तो.

मैं ने गेट खट खटाया. कविता(कोमल की बहन) ने गेट खोला. मैं अंदर आ गया.और कविता लीना के कमरे मे चली गयी.

अंदर आने पर मुझे कुछ राहत मिली. अंदर नीता बुआ के साथ पूजा बुआ और नेहा बुआ थी.

अंदर के कमरे से कविता लीना और राज की आवाज़ आ रही थी. बुआ मुझे यहाँ देख कर सर्प्राइज़्ड हुई. बुआ को पता था कि मेरे एग्ज़ॅम चालू है मैं पढ़ाई करने के बजाय यहाँ कैसे .

नीता बुआ-अरे अवी तुम यहाँ कैसे. तुम्हारे तो एग्ज़ॅम चालू है .तूमे तो पढ़ाई करनी चाहिए.

अवी-वो मुझे आपसे काम था…मैं पूजा बुआ और नेहा बुआ के घर जाकर आया हू. वहाँ कोई नही था .इसी लिए मैं यहाँ आया हू

नेहा बुआ-तुम मेरे घर क्यू गये थे

अवी-पूजा बुआ के घर पर ताला लगा हुआ था इस लिए आपके घर गया था

पूजा बुआ-मुझसे क्या काम था

अवी-आप को पता है चाची कहाँ है

पूजा बुआ-घर पे होगी और कहाँ हो सकती है

अवी-घर पर ताला लगा है.

पूजा बुआ-क्या घर पर ताला लगा है. ये पहली बार सुन रही हू कि उस घर पे ताला लगा है.

अवी-क्या आप को पता है

नीता बुआ-नही अवी ,हमे तो कुछ नही पता कि वो कहाँ गयी है. हम तो 3 घंटे से यही बैठ कर बाते कर रही है.

अवी-परेशान होते हुए पता नही चाची कहाँ गयी
है

पूजा बुआ- तुम परेशान मत हो .वो आ जाएगी. वो कोई छोटी बची तो है नही कि कही चली जाए और गुम हो जाए.

अवी-लेकिन

पूजा बुआ-अरे हन, शायद वो तुम्हारे चाचा के साथ खेतो पर गयी होगी

अवी-पर बता कर तो जा सकती ना.और एक साथ तीनो कैसे जा सकती है

पूजा बुआ-तुम परेशान मत हो .तुम्हार चाचा ने बुलाया होगा इस लिए खेतो मे गयी होगी.तुम जा कर कोमल के साथ पढ़ाई करो.

नीता बुआ-और ज़्यादा मत सोचो .वो आ जाएगी.

नेहा बुआ- तुम जाकर कोमल के साथ पढ़ाई करो

अवी-उदास होते हुए. जी बुआ

मैं कोमल के पास चला गया.

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