आज से मेरे एग्ज़ॅम चालू हो गये.कुछ क्लास के एग्ज़ॅम कल ही ख़तम हो गये थे और कुछ क्लास के मेरे एग्ज़ॅम के बाद होने वाले थे.
मतलब माला के एग्ज़ॅम ख़तम हो गये है. अब मेरे एग्ज़ॅम ख़तम होने के बाद ही मैं माला को मिल पाउन्गा. माला से मिल कर सब से पहले माफी माँग लूँगा.
एग्ज़ॅम की तय्यारी करने के बाद ,सारा समान जो एग्ज़ॅम के लिए लगता है उसे बॅग मे रख लिया. फिर बड़ी चाची, सीमा चाची, छोटी चाची और चाचा के पैर छू कर आशीर्वाद लिया….
छोटी चाची ने मुझे दही और शक्कर(कर्ड आंड शुगर) खिला कर मेरा मूह मीठा किया…
मैं सुबह 10.00 बजे स्कूल के लिए निकल गया. मेरा एग्ज़ॅम सेंटर मेरा ही स्कूल था.कोमल को भी हमारा स्कूल ही मिला था.
हमारे स्कूल के आधे से ज़्यादा स्टूडेंट को हमारा स्कूल ही सेंटर मिला था. बाकी गाओं के स्कूल के स्टूडेंट को हमारा स्कूल मिला था. स्कूल मे लगभग 200 स्टूडेंट थे,जिस मे से 40 स्टूडेंट हमारे स्कूल के थे और बाकी स्टूडेंट दूसरे स्कूल और दूसरे गाओं के थे.
मुझे अपनी जगह ढूँढने मे ज़्यादा समय नही लगा. मुझे पीछे से दूसरी बेंच मिली थी. मेरे आगे एक लड़की बैठी थी .वो हमारे स्कूल की नही थी.
पर दिखने मे खूबसूरत थी.मैं ने उसका नाम पूछा .पर उसने अपना नाम नही बताया.
मैने भी उसे ज़्यादा भाव नही दिया. वैसे भी उसका नाम जानकर मुझे क्या करना था.
मेरे पीछे एक जगह खाली थी . थोड़ी देर बाद वहाँ पर एक लड़की आ गयी. वो जगह उस लड़की की थी. ये तो मेरे ही क्लास की लड़की है.
मेरे पीछे जो लड़की बैटी थी उसका नाम रिया है. मैं ने रिया से थोड़ी देर बाते की. उसको पढ़ाई के बारे मे पूछा उसने कहा कि कुछ सब्जेक्ट की पढ़ाई हो गयी है और कुछ सब्जेक्ट को भगवान के उपर छोड़ दिया है.
हम ऐसे ही बाते करते रहे कि तभी क्लास मे सर आ गये. अभी 10.30 हो गये थे. सर ने आन्सर शीट सब को दे दी. आन्सर शीट पर नंबर लिखने के बाद थोड़ी देर दिमाग़ को शांत किया.
11.00 बजे क्वेस्चन पेपर हमे मिल गये. फिर मैं ने पेपर को एक बार देख कर लिखना चालू किया.
पहला पेपर लेंग्वेज का था. जिसमे मुझे ज़्यादा प्राब्लम नही थी. मैं अच्छे से पेपर लिखने लगा. एक बार मैं ने पीछे रिया की तरफ देखा वो भी आराम से पेपर लिख रही थी.
रिया की तरफ देखने के बाद मैं अपना पेपर लिखने लगा . अभी 1 घंटा हुआ था कि मेरे सामने वाली लड़की उठ कर बाथरूम मे चली गयी. उसकी आन्सर शीट बेंच पर रखी हुई थी.
पंखे की वजसे कुछ पन्ने पलट गये. मेरी नज़र उसके आन्सर शीट पे चली गयी. उसने अब तक सिर्फ़ 2 पेज ही लिखे थे. मुझे समझ मे आ गया कि इस लड़की को कुछ नही आता.
15 मिनिट के बाद वो लड़की वापस आ गयी. मैं ने सोचा कोई एग्ज़ॅम के वक्त 15 मिनिट कैसे खराब कर सकता है.
मुझे क्या था मैं तो अपना पेपर लिखने लगा. मैं खुश था कि मुझे ज़्यादा तर क्वेस्चन के आन्सर पता थे.मैं पेपर लिखते चला गया.
अब सिर्फ़ 1 घंटा बाकी था. तभी मेरे सामने वाली लड़की ने सर को कहा कि उसका पेपर हो गया. मैं ये सुनकर शॉक्ड हो गया.फिर मैं ने सोचा उसे कुछ आता तो है नही. इसी लिए उठ कर जा रही है.
पर सर ने उसे जाने नही दिया. सर ने कहा कि 3 घंटे से पहले कोई जा नही सकता. उस लड़की ने सर को कहा कि एक बार प्रिन्सिपल सर को पूछ लीजिए. सर ने प्रिन्सिपल सिर को पूछ लिया .प्रिन्सिपल सर ने पर्मिशन दे दी. वो लड़की क्लास से बाहर चली गयी.
लड़की के जाने के बाद मैं अपना पेपर लिखने लगा.
फिर एक घंटी बाजी ,सर ने कहा कि सिर्फ़ 10 मिनिट बाकी है. मेरा पेपर लिख कर हो गया था. मैं बैठ कर पेपर को एक बार देख ने लगा.कि कही कुछ बाकी तो नही रहा
तभी रिया ने मुझे एक क्वेस्चन का आन्सर पूछा. मैं ने सर की तरफ देखा सर इधर उधर घूम रहे थे. मैं ने जल्दी से रिया को आन्सर दिखा दिया.
उसने ने जल्दी से आन्सर कॉपी कर लिया. फिर आख़िरी घंटी बजी.इस की साथ पहला पेपर ख़तम हो गया. सर ने सबके पेपर कलेक्ट किए.
फिर मैं अपना समान बॅग मे डालने लगा. रिया ने मुझे थॅंक्स कहा. और मैं क्लास से बाहर आ गया.
बाहर मुझे कोमल मिल गयी . उस ने मुझे पेपर के बारे मे पूछा. ऐसे ही थोड़ी देर पेपर के बारे मे बाते हुई फिर मैं घर चला आया.

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