मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 76

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
Reading Mode

खाना खाते वक्त छोटी चाची ने मुझे कहा कि रात को सीमा चाची की चुदाई के बाद रूम का गेट खुला रखना.

खाना खाने के बाद मैं कमरे मे जाकर बड़ी चाची के बारे मे सोचने लगा.

सोचते सोचते कब टाइम हो गया, कब सीमा चाची कमरे मे आ गयी, कब मैं ने सीमा चाची की चुदाई की मुझे पता भी नही चला. मैं तो बड़ी चाची के बारे मे सोच रहा था.

सीमा चाची की चुदाई करने के बाद चाची चली गयी और मैं बड़ी चाची के बारे मे सोचते हुए सो गया. चाची के जाने के बाद कमरे का गेट खुला ही रह गया.

सुबा 4.00 बजे

सी चाची-दीदी उठ जाओ सुबह हो गयी

ब चाची-कितने बजे है

सी चाची-4.00 बज गये है

ब चाची-थोड़ी देर सोने दे. इतनी सुबह क्यू मेरी नींद खराब कर रही है

सी चाची-आप भूल गयी क्या आज आप को चुदाई करनी है

चुदाई का नाम सुनते ही बड़ी चाची की नींद खुल गयी.

सी चाची-आप 15 मिनिट मे फ्रेश हो जाइए .तब तक मैं देखती हू कि वो लड़का आया है कि नही.

ब चाची-तू जा , मैं अभी फ्रेश होके आती हू.

छोटी चाची ने मेरे कमरे मे आकर मुझे जगा दिया

सी चाची-अवी उठ जाओ. और जो तुम्हारे कमरे मे पानी रखा है उस पानी से चेहरा साफ करो . और जब तक मैं ना कहु कमरे से बाहर मत आना.

अवी- जी चाची

इतना कह कर छोटी चाची मेरे कमरे से बाहर चली गयी.

सी चाची-हो गया दीदी,

ब चाची-हाँ, हो गया. वो आ गया ?

सी चाची-हाँ, वो बाहर खड़ा है. आप चलिए मेरे साथ

छोटी चाची बड़ी चाची को स्टोर रूम मे ले गयी.

सी चाची-दीदी आप सारे कपड़े निकाल कर बेड पर लेट जाइए.

बड़ी चाची कपड़े निकाल कर बेड पर लेट गयी.

सी चाची-आप रुकिये मैं उस लड़के को लेकर आती हू.और हाँ मैं भी कमरे मे रहूंगी. ताकि जब वो कुछ बोलना चाहे तो मैं बोलूँगी आप बस चुप रहना. इस से उसे ऐसा लगेगा कि बेड पर मैं हू.

ब चाची-ठीक है. अब जल्दी कर नही तो सब उठ जाएँगे

छोटी चाची मेरे कमरे मे आ गयी .

सी चाची-अवी अपने कपड़े निकाल कर मेरे साथ चलो.

मैं ने कपड़े निकाल दिए. और छोटी चाची के पीछे चला गया.चाची स्टोर रूम के गेट के पास रुक गयी.

सी चाची-अब मैं अंदर जा रही हू. तुम 2 मिनिट के बाद अंदर आ जाना. कमरे का गेट बंद कर देना. तुम्हे तो पता है ना बेड कहाँ है .बस बेड के पास आकर अपना काम चालू कर देना.

इतना कह कर छोटी चाची अंदर चली गयी.
2 मिनिट के बाद मैं अंदर चला गया. अंदर जाकर मैं ने गेट बंद कर दिया. धीरे धीरे, संभालते हुए मैं बेड के पास आ गया.

और मैं हाथो से बड़ी चाची को बेड पर ढूँढने लगा. कमरे मे अंधेरा था. फिर भी थोड़ी कोशिस करने के बाद बड़ी चाची के पैर मिल गये. मेरा हाथ बड़ी चाची के छूते ही बड़ी चाची का बदन काँपने लगा.

मैं अपने हाथो को उपर चूत के पास ले जाने लगा. हाथो को चूत पर रख दिया .चूत पूरी तरह से गीली थी. मैं हाथो से चूत को मसल्ने लगा. .बड़ी चाची दबी हुई शिसकारिया लेने लगी.

मुझे बड़ी चाची की चुदाई मे ना तो किस करना था,ना ही बूब्स चूसने थे ,ना ही गंद मारनी थी. सिर्फ़ जो करना था वो चूत के साथ करना था.

जैसे कि चूत और मेरी चुदाई हो रही हो. चूत के साथ खेलने की इजाज़त छोटी चाची ने मुझे दी थी.

थोड़ी देर मैं चूत को मसलता रहा.फिर मैं चूत पर किस करने लगा. किस करने से बड़ी चाची और ज़्यादा गरम होने लगी.

एक तो ऐसी चुदाई करनी थी जिस से बड़ी चाची को पता ना चले कि मैं कौन हू.और दूसरी बात हमारे पास टाइम भी कम था.

थोड़ी देर मैं चाची की चूत पर किस करता रहा. छोटी चाची ने मेरे लिए बड़ी चाची की चूत को चिकना कर दिया था.

अंधेरे मे बड़ी चाची चूत दिख नही रही थी पर हाथो से छूकर पता चल रहा था कि चूत कैसी है.

छोटी चाची ने बड़ी चाची को बेड पर ऐसे तरीके से लेटाया था कि मैं आराम से चूत को चाट सकता था और चूत मार भी सकता था

थोड़ी देर मैं चूत पर किस करता रहा. फिर मैं जीभ से चूत को चाटने लगा.

इतनी देर से चूत पर किस करने से बड़ी चाची की चूत ने पानी छोड़ दिया था.

चूत को चाटने से चूत को पानी मेरे मूह मे चला गया. बड़ी चाची का पानी नमकीन था.बड़ी चाची की चूत नशीली थी. चूत के पानी को चाट ने से मुझे नशा होने लगा.

थोड़ी देर चूत चाटने से चाची ने पानी छोड़ दिया. छोटी चाची ने मेरे सर को पकड़ लिया. मैं समझ गया कि छोटी चाची क्या चाहती है.

मुझे भी लगा अब जल्दी चुदाई सुरू करनी चाहिए क्यू कि जल्दी ही सुबह होने वाली थी.

मैं ने लंड पर थूक लगा लिया और लंड को चूत पर रख दिया .थोड़ी देर लंड को चूत पर रगड़ने से बड़ी चाची मस्ती मे आ गयी.

मैं ने एक झटका मारा कि लंड 3 इंच तक चूत मे चला गया. चाची की दबी हुई चीख निकल गयी. चाची ने पता नही इतने सालो से चुदाई नही की थी. छोटी चाची और सीमा चाची की तरह चाचा के साथ चुदाई करके भी नही आई थी.

चाची का दर्द कम करने के लिए मैं ने अपने हाथ चाची के दूध पर रख कर उसे मसल्ने लगा.छोटी चाची ने मुझे दूध चूसने से मना किया था पर दबाने से नही.

फिर थोड़ी देर बाद दूसरा झटका मारा की 6 इंच तक अंदर चला गया. इस बार चाची ज़ोर से चीखी पड़ी.पर चीख बीच मे गायब हो गयी. लगता है छोटी चाची ने बड़ी चाची के मूह पर हाथ रखा होगा या फिर किस किया होगा

मैं थोड़ी देर ऐसे ही लंड को चूत मे रख कर दूध को मसल्ने लगा. दूध मसल्ने से चाची को थोड़ी राहत मिली.

मैं ने उतने ही लंड को धीरे धीरे आगे पीछे करने लगा. लंड को हिलाने से पहले मैं ने चाची के दूध को मसलना बंद किया था.

थोड़ी देर मे बड़ी चाची का दर्द कम हुआ. जब मुझे लगा कि चाची का दर्द कम हुआ तब मैं ने आख़िरी झटका मारा कि लंड चूत की गहराई मे चला गया .

चाची की चूड़ी हुई छूट भी लंड पे दबाव बड़ाने लगा. मैं अगर और रुक जाता तो चुदाई मे टाइम लग जाता जिस से सुबा हो जाती.

मैं ने बिना रुके लंड को धीरे से बाहर निकाल कर अंदर डाल दिया.ऐसा करने से चाची को दर्द के साथ मज़ा भी आया. ऐसा 10 12 करने से चाची को मज़ा आया.

फिर मैं ने धक्के लगाना चालू किया. पहले धीरे धीरे फिर ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा.चाची ने पहले धक्के को चूत मे महसूस किया फिर मेरे साथ हर धक्के का मज़ा लेने लगी.मैं भी पूरा मज़ा लेने की कोशिस करने लगा.

जैसे जैसे धक्के की गति बढ़ती गयी चाची अपनी गंद उपर करती गयी. चाची पूरे मज़े के साथ चुदाई का आनंद ले रही थी.

मैं लगभग 30 मिनिट तक चाची की चूत मारता रहा.फिर मैं ने वीर्ये चाची की चूत मे डाल दिया. इस बीच चाची 3 बार पानी निकाल चुकी थी.

चुदाई मे कुछ नही था बस लंड को चूत मे डालना था. और धक्के मारना था. मुझे छोटी चाची पर गुस्सा आ रहा था पर छोटी चाची ने जो किया वो बड़ी चाची को खुशी देने के लिए किया था.और ऐसे अंधेरे मे चुदाई करने का प्लान बनाया. इस लिए मैं ने ऐसी चुदाई मे भी बड़ी चाची को मज़ा दिया.

वीर्य चाची की चूत मे डालने के बाद मैं ने लंड को चूत मे से बाहर निकाला और चाची के उपर गिर ने वाला ही था क़ि छोटी चाची ने मुझे पकड़ लिया और धीरे से बाहर जाने को कहा.

मैं कमरे से बाहर आ गया. अच्छा हुआ चाचा अभी तक सो रहे थे. छोटी चाची और बड़ी चाची स्टोर रूम मे थी. सीमा चाची रात की चुदाई के सपने देख रही थी और चाचा नींद की गोली खा कर सो रहे थे.

मैं स्टोर रूम से बाहर आने के बाद अपने कमरे मे चला गया. और कमरे मे आकर बेड पर नंगा ही सो गया.

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply