मैं रसोई घर से तेल लेकर आ गया. तेल को टेबल पर रख दिया. और चाची के पास बैठ गया.
मैं ने सोचा गंद मारने के पहले चाची को गरम कर लेता हू. अगर चाची गरम हो गयी तो गंद मारने मे मेरा साथ देंगी.
मैं ने चाची के होंटो को चूस ना सुरू किया. चाची भी मेरे होंटो को चूस ने लगी. मैं ने साड़ी के उपर से चूत को मसलना सुरू किया. हाथो से चूत को मसलने से चाची जोश मे आकर मेरे होंटो को चूस ने लगी. मेरे पास वक्त कम था . मैं ने किस करना बंद किया .
चाची को खड़ा कर के, सारे कपड़े निकाल दिए .जब मैं चाची के कपड़े निकाल रहा था तब चाची कहाँ पीछे रहने वाली थी चाची ने भी मेरे कपड़े निकल दिए.ये अच्छा हुआ , इस से टाइम बच गया.
मैं ने चाची को लिटा दिया . मैं चाची के उपर आ गया. मैं चाची की चूत चाटने लगा और चाची मेरा लंड चूसने लगी.ये चूसना भी जल्दी से बंद कर दिया.
फिर मैं ने लंड को चूत मे डाल दिया.और चाची की चूत मारने लगा. चूत मारते वक्त मैं ने उंगली पे तेल लगा कर गंद के छेद को खुरेदना चालू किया. फिर उंगली को धीरे से चाची की गंद मे डाल दिया. उंगली आराम से अंदर चली गयी. मैं चाची को ज़्यादा दर्द नही देना चाहता था .
चाची को ये दो तरफ की चुदाई से मज़ा आने लगा. चाची को मज़े लेते हुए देख कर मैं ने दूसरी उंगली भी गंद मे डाल दी. इस बार चाची के मूह से हलकी सी चीख निकल गयी. इस दो तरफ के हमले को चाची ज़्यादा देर तक झेल नही पाई और चूत ने पानी छोड़ दिया.
चूत से पानी निकलते ही मैं ने लंड को बाहर निकाला. चाची को घोड़ी बना दिया. चाची समझ गयी थी कि अब क्या होने वाला है.मेरे पास अभी 1 घंटा बाकी था.
मैं ने लंड पे तेल लगा लिया . बचा हुआ तेल चाची की गंद मे डाल दिया. लंड को गंद पे रख कर रगड़ने लगा. गंद से लेके चूत तक रगड़ने लगा. चाची फिर गरम होने लगी.मैं ने लंड को गंद की छेद पर रख एक झटका मारा कि लंड का टोपा अंदर चला गया. चाची की चीख निकल गयी.लेकिन जितना मैं ने सोचा था उस से कम आवाज़ निकली.
मैं लंड पर धीरे धीरे दबाव डाल ने लगा.उतना दबाव डाल ने लगा जिससे लंड थोड़ा आगे सरक जाए.
फिर दूसरा झटका मारा ,लंड 4 इंच तक अंदर चला गया. चाची की फिर चीख निकल गयी.
मैं उंगली को चूत मे डाल कर चूत मारने लगा. चूत मे उंगली होने से चाची का दर्द कम होने लगा.
मैं आधे लंड से गंद मारने लगा.साथ ही उंगली की स्पीड बढ़ा दी. जैसे ही मुझे लगा कि चाची पानी छोड़ने वाली है मैं ने एक आख़िरी झटका मारा.
मेरा झटका और चाची का पानी छोड़ना एक साथ हुआ. जिस से चाची को दर्द कम हुआ. चाची को दर्द और ख़ुसी एक साथ मिली.
मैं ने जैसा सोचा था वैसा ही हुआ .छोटी चाची को जितना दर्द हुआ था उस से बहोत कम दर्द सीमा चाची को हुआ.
मैं थोड़ा वैसे ही रुक गया और फिर चूत मे उंगली करता रहा. 5 मिनिट के बाद चाची को राहत मिली.
मैं ने लंड को धीरे धीरे हिलाना सुरू किया. चाची को दर्द हो रहा था पर अब वो ठीक थी. मैं ने अपनी गति बढ़ा दी. थोड़ी देर बाद चाची को मज़ा आना सुरू हुआ.
चाची की मैं ने रात मे दो बार चुदाई की थी.इसी लिए मुझे लगा चाची मेरा साथ छोड़ रही है .मैं ने थोड़ा बचा हुआ तेल मेरे लंड पे डालने लगा. जैसे लंड बार आता वैसे मैं लंड पर तेल डाल देता. जिस से गंद मे लंड आराम से जा रहा था.
लंड आराम से अंदर जाने से चाची को दर्द नही हो रहा था. और चाची मेरा पूरा साथ देने लगी.
मेरे धक्के के साथ चाची अपनी गंद को पीछे कर देती जिस से मेरा लंड और अंदर और मज़े से गंद मे जाता
मैं ने ऐसे ही 20 मिनिट तक चाची की गंद मारी .मेरा पानी मैं ने चाची की चूत मे डाला. जैसा छोटी चाची ने कहा था.
और चाची के उपर गिर गया. चाची और मैं हाँफने लगे.थोड़ी देर बाद मैं ने चूत से लंड निकाल लिया.
मैं ने चाची को पूछा कैसा लगा गंद मरवाना. चाची ने कहा मैं ने जितना सोचा था उस से तू ने कम दर्द दिया. साथ ही मज़ा आ गया.और मेरे सर पर किस कर दिया.
फिर मैं कपड़े पहन कर अपने कमरे मे आकर सो गया. 3 घंटे तक सोता रहा.मुझे तो पता भी नही चला कब छोटी चाची वापस आ गयी.

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