मैं घर जाने के बाद सीधा ग्राउंड पर खेल ने चला गया . पर आज मोना और उसका भाई और बॉय.फ्रेंड. आज स्टोर हाउस की ओर नही आए.
कल की घटना की वजसे वो शायद आज नही आए.
खेल ने के बाद मैं घर चला गया . खाना खाने के बाद चाचा के साथ कुछ बाते की और अपने रूम की ओर चला गया. होम वर्क करने के लिए जैसे ही मैं ने बॅग खोला तो मुझे झटका लगा. मेरे बॅग मे मेडम के घर की किताब मिली.
मैं वो किताब देख ने लगा. उस किताब मे अलग अलग लड़कियो की नगी पिक्चर थी. कुछ बड़ी उमेर की औरतो की नगी पिक्चर थी. कुछ पिक्चर बूब्स चूसने, कुछ चूत चाटने की, लंड चूसने ,कुछ पिक्चर चुदाई की थी. ये सभी पिक्चर देख कर मेरा लंड भी खड़ा हो गया .(गाओं मे चुदाई जैसे वर्ड और लंड चूत वर्ड लड़के जल्दी सीख जाते है).
मेरा लंड खड़ा हो गया . मैने एक बार मूठ मारी थी वो भी स्टोर हाउस मे .पर मुझे मालूम नही था कि उसे मूठ मारना कहते है.
किताब पढ़ते पढ़ते आख़िरी पेज पर कुछ लिखा था. शायद वो मेडम ने लिखा था.
“मेरे पति का लंड 6 इंच लंबा है”
ये पढ़ कर , मेरे दिमाग़ ने मुहे भी अपने लंड की लंबाई जानने के लिए सोच ने पर मजबूर कर दिया.
मैं ने अपने बॅग मे से स्केल निकाली .और लंड के साथ लगा दी .पर मुझे लंबाई पता नही चल रही थी. तो फिर मैं ने अपना पैंट और चड्डी निकाल दी .फिर एक बार मैं ने स्केल अपने लंड से लगा दी .
स्केल पर पेन्सिल से मार्क किया . फिर मैं ने स्केल अपने लंड से हटा दी. और चड्डी और पैंट पहन ली.
स्केल के मार्क को देखने लगा . तब मुझे अपने लंड की लंबाई पता चली.
अचानक बाहर से चाची की आवाज़ आई
अवी सोजा देर हो गयी है. कल स्कूल भी जाना है. मैं ने स्केल और किताब बेड के नीचे रख दी. और सो गया
नेक्स्ट डे सब ठीक रहा .मैं स्कूल गया . स्कूल मे भी कुछ खास नही हुआ. सिर्फ़ मुझे होम वर्क ना करने से सज़ा मिली . स्कूल के बाद मैं घर आया. मैं ने चाची को कहा कि मैं थोड़ा कम खाना खाउन्गा . मैं चाची को बताया कि मुझे मेडम ने खाने पे बुलाया है.
दोपहर मे मैं मेडम के घर चला गया .
आज मेडम ने साड़ी पहनी. रेड साड़ी मे मेडम किसी अप्सरा से कम नही लग रही थी. मेडम के चेहरे पर वो तेज़ नही था जो हमेशा रहता था .
मेडम ने दो थाली मे खाना डाल कर .एक मुझे और दूसरी खुद ने ले ली.
खाना सच मे अच्छा था . खाना खाने के बाद मैं सोफे पर बैठ गया
मेडम-खाना कैसा था
अवी-अच्छा था मेडम
मेडम-एक बात पुच्छू अवी
अवी- हां पूछिए
मेडम-क्या तुम यहाँ से कोई किताब लेकर गये हो
अवी- नही मेडम , मैं ने कोई किताब नही ली . और अगर मुझे कोई किताब चाहिए तो मैं आप से माँग सकता हू.
मेडम-ठीक है शायद मैने ही कही रख दी होंगी.
अवी-क्या कोई खास किताब थी मेडम.
मेडम-नही , ऐसे कोई खास तो नही पर रोज रात को मैं पढ़ती थी
अवी-कोई स्टोरी बुक थी क्या? अगर हो तो मेरे पास भी कुछ स्टोरी बुक है वो मैं आप को लाके दे सकता हू.
मेडम-नही रहने दो .जब मैं सहर जाउन्गि तब ले लूँगी
अवी- जैसा आप कहे (“कही मेडम को पता तो नही चल गया,कि वो किताब मेरे पास है .मैं कल ही यहाँ रख दूँगा”).
मेडम-(“मुझे पूरा येकीन है किताब अवी के पास ही है , मेरे घर मे अवी के अलावा कोई नही आता और मैं तो किताब हमेशा बेड के नीच रखती हू .शायद अवी डर गया होगा इसी लिए झूठ बोल रहा है”)
कॉफी पियोगे
अवी-हां क्यू नही
कॉफी पीने के बाद मैं घर चला आया .रास्ते मे मैं किताब के बारे मे ही सोच रहा था
घर आने के बाद .चाची को बता कर ग्राउंड पर खेल ने चला गया .
आज फिर मोना और मोना का भाई नही आए.शायद उन्हे डर लग रहा हो या फिर उनको नई जगह मिल गयी हो.
होने को तो कुछ भी हो सकता है. मैं खेल ने के बाद घर चला गया. आज होम वर्क नही करना था. तो मैं चाची के साथ बाते करने लग गया
सी चाची-अवी तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है.
अवी-अच्छी चल रही है चाची
एम चाची-तेरी मेडम कैसी है
सी चाची-क्या दीदी कुछ भी पूछ रही हो
एम चाची- ठीक ही तो पूछा कि तेरी मेडम कैसी है और कैसा पढ़ा रही है
अवी- मेडम अच्छा पढ़ाती है
एम चाची-तेरी मेडम ने आज तुझे खाने पर क्यूँ बुलाया
अवी- मुझे क्या पता.
सी चाची-तुम भी ना दीदी क्यूँ परेशान कर रही हो अवी को.
एम चाची-अच्छा चल जाने दे.अवी खाना कैसा था
अवी-बहोत अच्छा था चाची
सी चाची-हम बनाते है उससे भी अछा
अवी-नही चाची,उसे थोड़ा कम अच्छा था
एम चाची-सच बोल रहा है ना
अवी- हां चाची
चाचा-क्या बाते हो रही चाची के साथ
अवी-कुछ नही चाचा वो पढ़ाई के बारे मे बाते हो रही थी.
चाचा-मुझे तो पड़ाई लिखाई के बारे कुछ पता नही. तू अपनी चाची को पूछा कर
अवी-जी चाचा, चाची हमेशा पढ़ाई मे मेरी मदद करती है
चाचा-चलो अब सोने का टाइम भी हो गया है . सुबह जल्दी उठ कर खेतो मे भी जाना है.
अवी- गुड नाइट चाचा
बी चाची-अरे अवी सुन ज़रा
अवी-क्या चाची
बी चाची-तेरी नेहा बुआ ने तुझे कल बुलाया है .कल शाम को चला जाना
अवी-हां चाची चला जाउन्गा
बी चाची-याद से जाना. और हां ….कुछ नही जा सो जा
अवी- गुड नाइट चाची.
रूम मे जाने के बाद मैं ने वो किताब आख़िरी बार देख ली और बॅग मे रख दी.
नेक्स्ट डे
आज स्कूल के आने के बाद मुझे तो घबराहट होने लगी क्यूकी मुझे वो किताब वापस रखनी है और उसके बाद मुझे नेहा बुआ के घर भी जाना है. जो मुझे कभी भी पसंद नही करती. पर आज बुआ ने खुद मुझे बुलाया है. मैं तो घबराहट के मारे खाना भी ठीक से खा नही सका.
दोपहर मे मैं मेडम के घर चला गया . आज मेडम का मूड कल के मुकाबले ठीक था.
मेडम-अवी क्या बात है आज थोड़े अपसेट लग रहे हो.
अवी-नही मेडम वो क्या है कि कल नींद ठीक से आई नही.
मेडम-रूको , मैं तुम्हे गरम गरम कॉफी पिलाती हू
अवी-ठीक है
मेडम के अंदर जाते ही मैं ने मेडम की किताब बॅग से निकाल कर बेड के नीचे जहाँ मुझे मिली थी वही रख दी.
मेडम-ये लो कॉफी , और बताओ क्या चल रहा है
अवी-कुछ खास नही
मेडम-तुम्हारी एज के हिसाब से तुम 10 क्लास के स्टूडेंट नही लगते
अवी-वो क्या है कि मेरे माता पिता के डेथ की वजह से मुझे 1 ही क्लास मे दुबारा बैठना पड़ा. नही तो आज मैं 11थ क्लास मे होता.
अवी-मेडम मैं चलता था हू कल फिर आउन्गा.
मेडम-इतने जल्दी
अवी-कुछ काम है इसी लिए जल्दी जाना है
मेडम-क्या काम है
अवी-वो बुआ के घर जाना है
मेडम-ठीक है , कल फिर आना
अवी-बाइ
अवी-(बाहर आकर ) अच्छा हुआ किताब रख दी. चलो अबी बुआ के घर चला जाता हू.
बुआ के घर का गेट खत खटाया . थोड़ी देर बाद कोमल ने गेट खोला. मुझे देख कर अंदर चली गयी.
मैं अंदर जाकर सोफे पे बैठ गया.
कोमल और मैं एक ही क्लास मे पढ़ते है . मेरी 1 साल की गॅप की वजसे मैं और कोमल 10थ क्लास मे एक ही क्लास मे पढ़ते है. कोमल की छोटी बहेन कविता 9 थ क्लास मे है. नीता बुआ की बेटी लीना भी 9 थ क्लास मे कविता के साथ पढ़ती है. लीना का भाई राजेश भी कविता और लीना की तरह 9थ क्लास मे है पर वो नवोदया स्कूल मे पढ़ता है और वही रहता है.
पूजा बुआ की बड़ी बेटी स्वेता 1स्ट एअर बी.एससी . और छोटी बेटी सीतल 12 क्लास मे सहर मे रहकर पढ़ाई कर रही है . दोनो स्वेता और सीतल उनकी बुआ(स्वेता के पिता की बहेन) के घर मे रहती है. पूजा बुआ का बेटा राज 7 थ क्लास मे है. गाओं मे रह कर ही पढ़ाई कर रहा है.
कोमल मेरी ही क्लास मे रह कर भी मुझसे बात नही करती. मेरे 1 ही क्लास मे दो बार रहने की वजह से वो मुझसे बात नही करती थी और नेहा बुआ ने भी उसे मुझसे बात करने से मना किया था.
नेहा बुआ-अरे अवी बेटा कैसे हो
अवी-(“ये आज बुआ को क्या हुआ जो मुझे बेटा बुला रही है”) ठीक हू बुआ, आप लोग कैसे हो
नेहा बुआ- हम सब ठीक है . तुम ही तो अब यहाँ आते नही हो
अवी-(“जब भी आप के घर आता तो आप मुझे घर से चले जाने को कहती थी और दुबारा यहाँ आने से मना किया था”) वो क्या है ना बुआ पढ़ाई ज़्यादा होती है इसी लिए टाइम ही नही मिलता.
नेहा बुआ-हाँ ,कोमल बता रही ती कि तुम मत मे क्लास मे 1स्ट आए हो. और मेडम के पास पढ़ने जाते हो
अवी-हां वो प्रिन्सिपल सर ने मेडम को कहा है कि मुझे पढ़ाई मे मदद करे .
नेहा बुआ-तुम तो अपनी बहेन पर ध्यान ही नही देते हो
अवी-ऐसी कोई बात नही है
नेहा बुआ-देखो तुम्हारी बहेन ने हर सब्जेक्ट मे टॉप किया है पर मैथ मे सिर्फ़ 40/100 मार्क लेकर आई है अब तुम ही बताओ अब मैं क्या करू
अवी-मैं कोमल को अपने नोट्स दे देता हू
नेहा बुआ-नोट्स तो इस के पास भी है .पर कोई पढ़ाने वाला चाहिए.
अवी- हां ये तो सही है
नेहा बुआ-बेटा क्या तुम अपनी बहेन की मदद नही करोगे. क्या तुम कोमल को पढ़ा नही सकते
अवी-(“मुझे लगा कि कोई काम होगा तभी मुझे बेटा बेटा कह कर बुला रही है”) पर बुआ मेरे पास तो टाइम नही है.
नेहा बुआ-मैं तुम्हे अभी तोड़े ही कह रही हू . कोमल कह रही थी कि मेडम अगले महीने को वापस जा रही है.जब मेडम वापस चली जाएगी तब उस टाइम पर तुम कोमल को पढ़ा देना
अवी-ठीक है बुआ.मैं अगले महीने से कोमल को पढ़ाई मे मदद कर दूँगा
अछा अब मैं चलता हू
नेहा बुआ-अरे रूको . इतने दिनो के बाद आए हो तो नाश्ता कर के जाओ. कोमल ने खुद बनाया है.
कोमल-अवी ये लो समोसा
अवी-थॅंक्स
नाश्ता करने के बाद मैं सीधा ग्राउंड पर चला गया .थोड़ी देर खेलने के बाद घर चला गया. शायद मोना ने स्टोर हाउस आना बंद कर दिया था .मेरी चुदाई देखना भी बंद हो गया
जब मैं घर गया तो बड़ी चाची ने मुझसे सवालो की बरसात कर दी.
बड़ी चाची-कहाँ था अब तक
अवी-वो मैं ग्राउंड पर खेल रहा था
बड़ी चाची-मेडम के घर के बाद कहाँ गया था
अवी-वो नेहा बुआ के पास
बड़ी चाची-बता कर नही जा सकता था
अवी-मैने सोचा, मेडम के घर से इधर आने ,से ज़्यादा लंबा पड़ेगा इसी लिए मैं उधर से ही बुआ के घर चला गया
बड़ी चाची-क्या कह रही थी बुआ
अवी- वो कोमल को मैथ मे मदद करने को बोल रही थी.
बड़ी चाची-और ये तेरे कपड़े के उपेर ये दाग कैसा
अवी-बुआ ने समोसे दिए थे खाने को तब लग गया
बड़ी चाची-ठीक है जा कपड़े बदल कर आ
अवी-ह्म्म्म
बड़ी चाची-बेटा हमे तुम्हारी चिंता हो रही ती इसी लिए गुस्सा हू .माफ़ कर दे अपनी चाची को
अवी- आप क्यू माफी माँग रही है माफी तो मुझे माँगनी चाहिए
बड़ी चाची ने मुझे गले लगाया और कपड़े बदलने को कहा
रात को सोते वक्त
मैने वो किताब वापस तो रख दी पर बेड के नीचे नही रखनी थी. मेडम ने उस जगह पर किताब को ढूँढा होगा और अगर आज उसी जगह पर किताब मिल जाने से मेडम को पता चल जाएँगा कि मैं ने किताब वापस रख दी है. कल मेडम के पूछने से पहले ही मैं सब बता दूँगा.
नेक्स्ट डे
आज पहली बार कोमल ने स्कूल मे मेरे साथ बात की और साथ मे लंच भी किया.
जैसा मैं कोमल को समझता था कोमल उस से अलग निकली . कोमल सच मे अच्छी लड़की थी.
स्कूल से घर आने पर छोटी चाची के साथ बात की.खाना खा कर सो गया . फिर दोपेहर मे मैं डरते डरते मेडम के घर चला गया. स्कूल मैं मेडम ने मुझसे अच्छे से बात की फिर भी मुझे डर लग रहा था . मेडम के घर जाकर मैं सोफे पर बैठ गया . मेडम ने आज नाइटी पहन रखी थी.
मेडम-अवी कॉफी पियोगे
अवी- हां क्यू नही
मेडम- थोड़ी देर बाद मेडम कॉफी लेकर आई
अवी- मैं चुप चाप कॉफी पीने लगा
अवी-मेडम आप से बात करनी थी
मेडम-हां कहो क्या कहना है
अवी-वो वो क्या है कि मेडम
मेडम-अरे बताओ क्या बात है
अवी-वो आपकी की किताब मैं ने ली थी
मेडम-क्या
अवी-हां. वो ग़लती से टेबल पर रखने के जगह बॅग मे रख दी
मेडम-पर तुम ने तो कहा था कि तुम ने नही ली (मन मे मुस्कराते हुए)
अवी-वो मैं डर गया था . फिर कल मैं वो वापस रख दी.
मेडम-तुम अब क्यू बता रहे हो. मुझे किताब मिल गयी.
अवी- वो मुझे लगा कि वापस उसी जगह रखने से आप को पता चल गया होगा कि किताब मैने ली है. इसी लिए आप के पूछने से पहले मैने बता दिया
मेडम-कोई बात नही .
अवी-आप गुस्सा तो नही है मुझ पर
मेडम-नही मैं क्यू गुस्सा होउंगी तुम पर . तुम ने किताब वापस कर दी है (” अगर मैं तुम पर गुस्सा हो गयी और तुम ने किताब वाली बात सब को बता दी तो मेरी कितनी बदनामी होगी . मुझे ये काम थोड़ा आराम से करना है”)
अवी-आप ने मुझे माफ़ कर दिया
मेडम-हां मैं ने तुम्हे माफ़ कर दिया पर ये किताब वाली बात किसी से भी मत करना
अवी-मैं ये बात किसी से भी नही कहूँगा
मेडम-अच्छा ठीक है अब तुम जाओ .और कल सनडे है तुम 12 बजे आ जाना ठीक है.
अवी-मैं आ जाउन्गा.

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