मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 69

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
Reading Mode

सुबह उठ कर मैं कसरत करने लगा. कसरत करते वक्त मुझे सीमा चाची की गंद याद आ रही थी. मैं ने जैसे तैसे अपना काम पूरा किया. और पढ़ाई करने लगा.

दोपहर मे मैं ने छोटी चाची को कमरे मे बुलाया.

सी चाची- रात को मज़ा आया

अवी-हां .मज़ा तो आया पर आपके जितना नही

सी चाची-क्यू मुझ मे ऐसी कौन सी बात है

अवी-आप की बात ही कुछ और है.पर

सी चाची-पर क्या

अवी-सीमा चाची का लंड चूसना आपसे अच्छा था

सी चाची-मुझे पता है दीदी किस काम मैं अच्छी है.

अवी- आपको तो सब पता होता है

सी चाची-पता रखना पड़ता है. वैसे भी मेरी वजह से ही ये घर टिका हुआ है

अवी-कुछ सोचने लगा

सी चाची-क्या सोच रहे हो

अवी-वो आपसे एक बात करनी थी

सी चाची-हाँ बोलो क्या बात करनी है

अवी-सीमा चाची चुदाई के वक्त चिल्लाति है

सी चाची-हर औरत चुदाई के वक्त चिल्लाति है

अवी-मतलब आप की तरह कंट्रोल नही रखती है

सी चाची-मुझे तो रात मे कुछ नही सुनाई दिया

अवी-आप मेरी बात समझी नही

सी चाची-तो समझा दे

अवी-वो दूसरी बार चुदाई करते वक्त….

सी चाची-(मन ही मन मे मुश्कूराते हुए) दूसरे वक्त क्या

अवी-वो मैं कह रहा था

सी चाची-तू ये कहना चाहता है कि दूसरी बार चुदाई करते वक्त तुझे मज़ा नही आता .सही कहा ना मैं ने

अवी-हाँ यही बात है. मैं सोच रहा था कि सीमा चाची की आप की तरह गंद मारू . और वीर्य को चूत मे डालु.

सी चाची-नही ,ये नही हो सकता. तेरा बड़ा है . दीदी ने कभी गंद नही मरवाई .अगर तूने दीदी की गंद मारी तो बड़ी चाची को पता चल जाएगा.

अवी-आप की भी तो गंद मारी थी. उसी तरह सीमा चाची की मार लूँगा.

सी चाची-मेरी बात अलग थी. मुझे दर्द हुआ था पर मैं ने खुद को चिल्लाने से रोक लिया था. दीदी नही रोक पाएगी.

अवी-मैं नाराज़ हो गया

सी चाची-अरे तू समझता क्यू नही

अवी-आप को तो पता है दूसरी बार करते वक्त क्या होता है. फिर भी आप मेरी बात नही मान रही है

सी चाची-कुछ सोचते हुए. तूने सीमा दीदी को पूछा कि तू उनकी गंद मारना चाहता है.

अवी-नही. मुझे लगा कि आप उन्हे मना लोगि.

सी चाची-ये भी मैं करू

अवी-हाँ

सी चाची-ठीक है. मैं कुछ करती हू .पर ये काम रात मे नही कर सकते .

अवी-फिर दिन मे करते है

सी चाची-कुछ सोचते हुए .आज करेगा

अवी-आज

सी चाची-थोड़ी देर मे

अवी-बड़ी चाची तो घर मे है

सी चाची-तू उनकी चिंता मत कर .मैं दीदी को लेकर मंगला काकी के घर चली जाउन्गि. तेरे पास 2 घंटे होगे सीमा दीदी की गंद मारने के लिए

अवी-2 घंटे मे तो 2 बार गंद मार लूँगा.

सी चाची-और हाँ सीमा दीदी को मैं नही बोलने वाली कि अवी से गंद मरवालो

अवी-वो मैं देख लूँगा.

सी चाची-ठीक है 20 मिनिट के बाद मैं और सुमन दीदी बाहर चले जाएँगे. तू अपना काम कर लेना

अवी-समझ लीजिए काम हो गया

Please complete the required fields.




Comments

Leave a Reply