मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 68

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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मैं चाची के गले लग गया. अब चाची ने खेल को अपने हाथो मे ले लिया.

मुझे बेड पर लिटा कर लंड को जीभ से चाट कर साफ करने लगी. अभी लंड खड़ा नही था .इसी लिए चाची पूरे लंड को मूह मे लेकर चूस ने लगी..

चाची को आइस क्रीम बहोत पसंद थी. इसी लिए चाची का लंड चूस ना सब से अलग था.

चाची लंड को चूस्ते हुए आंडो तक चली जाती. मुझे चाची के इस तरह लंड चूस ने से जोश आने लगा. लंड फूलने लगा.

थोड़ी देर मे लंड फिर खड़ा हो गया. अब चाची आधे लंड को मूह मे लेकर चूस ने लगी. कभी पूरा लंड मूह से बाहर निकाल देती और लंड टोपे को जीभ से चाट देती. जिस से मुझे और मज़ा आता.

जितना हो सके उतना लंड मूह मे लेकर चूस ने लगी. तभी मुझे छोटी चाची और बाकी सबकी जिसके साथ मैं ने चुदाई की थी उनकी याद आ गयी. जब मैं उन सबकी चूत चूसी थी तब वो मेरे सर को चूत पर दबा देती.

मैं ने भी सीमा चाची के सर को पकड़ कर दबा दिया. पूरा लंड चाची की मूह मे चला गया. लगता है गले तक लंड अंदर गया. ये सिर्फ़ कुछ सेकेंड मे हुआ .मैं ने चाची के सर को छोड़ दिया. चाची ने लंड को मूह मे से बाहर निकाला. चाची खांसने लगी. थोड़ी देर बाद चाची ने खांसना बंद किया .

मुझे लगा कि चाची गुस्सा होगी पर चाची फिर से लंड को मूह मे डाल कर चूसने लगी. थोड़ी देर चूस ने के बाद चाची ने लंड को मूह मे से बाहर निकाला.

फिर चाची घोड़ी बन गयी. घोड़ी बनते ही मैं चाची के पीछे आ गया. मेरी नज़र चाची की गान्ड पर पड़ी. मुझे पता था कि चाचाने किसी भी चाची की गान्ड नही मारी. मैं ने खुद पर कंट्रोल रखते हुए लंड को चूत मे पेल दिया. चाची को चोदने मे मज़ा आ रहा था. हर धक्के के साथ मैं चाची की गंद को छू लेता. घोड़ी बनकर चुदाई करवाने मे चाची का कोई जवाब नही था.

ये दूसरी चुदाई 40 मिनिट तक चली .इस चुदाई मे मैं पूरी तरह से थक गया था.चाची की गंद देख कर , जोश मे आकर पूरी ताक़त के साथ चुदाई कर रहा था. पूरी चुदाई मैं ने चाची को घोड़ी बनाकर की.चाची को दूसरी चुदाई मे बहोत मज़ा आया.

चुदाई होने के बाद

अवी-चाची मज़ा आया

म चाची-तू तो जादूगर है. ये सब करना किसने सिखाया

अवी-ये क्या सिखाना पड़ता है.

म चाची-लेकिन तेरी चुदाई देख कर कोई भी बता सकता है कि तुझे किसी ने सिखाया है

अवी-मुझे किसीने नही सिखाया

म चाची-मैं ने तुमसे ज़्यादा दुनिया देखी है .मुझे चूतिया मत समझो

अवी-बात को बदलते हुए, आप को मज़ा आया कि नही

म चाची-तू बात क्यू बदल रहा है

अवी-जाने दो ना चाची ,किसीने भी सिखाया हो पर उसका फ़ायदा तो आप को हुआ

म चाची-ठीक है. मुझे पता है मीना ने कहा होगा कि किसी को मत बताना.सही कहा कि नही

अवी-छोटी चाची ने ऐसा कुछ नही कहा. आप ख़ामखा बात को बढ़ा रही है

म चाची-तो सीधे सीधे बता ना किसने तुम्हे सिखाया है

अवी-देखो चाची जिस तरह मैं आपकी चुदाई करता हू वो किसी को पता नही है. नही तो ग़लत हो जाएगा.वैसे ही मुझे किसने सिखाया है वो भी किसी को बता नही सकता .नही तो उसकी बदनामी होगी.

म चाची-क्या तुझे मुझ पर विश्वास नही है

अवी-ऐसी बता नही. आज आप पूछ रही हो कल को छोटी चाची पूछ लेगी. फिर बड़ी चाची. फिर पता नही और कौन पूछ लेगा.

म चाची-ठीक है. जाने दे मूड मत खराब कर .

अवी-अब तो मूड फिर बनाना पड़ेगा. मैं ने चाची को किस करना चालू किया. किस करने के बाद अब मूड ठीक हुआ

म चाची-हँसने लगी

थोड़ी देर चुदाई की बाते चलती रही. फिर चाची कपड़े पहन कर चली गयी. मैं भी कपड़े पहन कर सो गया.

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