मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 55

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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मैं उठ गया .छोटी चाची मेरे चहरे को चूमने लगी. आज चाची ने खुद खेल की शुरुआत की . मैं भी छोटी चाची का साथ देने लगा. चाची ने मेरे होंटो को चूस ना सुरू किया. मैं भी चाची के होंटो को चूस ना सुरू किया.

कल के मुकाबले आज ज़्यादा मज़ा और जोश था. ये जोश दोनो तरफ एक जैसा था. चाची का शरीर गरम था .चाची की साँसे भी गरम हो रही थी.

चाची ने किस तोड़ दिया. किस के टूट ते ही चाची ने मेरे कपड़े निकाल दिए.

चाची मेरे लंड को देख कर पागल हो गयी, कल बाते करने मे मैं तो इसे देखना भूल ही गयी .ये तो बहोत मोटा है . रोज मालिश करता है क्या इस की .इसी लिए कल मेरी चूत को फाड़ दिया था .

चाची ने लंड को मूह मे भर लिया और पागलो की तरह चूस ने लगी.

कहाँ छुपाया था इस इतने दिनो से.उम्म्म्ममममममम,अहह थोड़ी देर तक चाची लंड को चूस थी रही. फिर चूसना बंद कर दिया.

मैं चाची को देखता रहा. चाची ने कहा कल तो तुमने मुझे लंड चूस्वाया नही.मैं बोला कि मुझे लगा आप को शायद पसंद नही आएगा इस लिए मैं ने कल नही किया और आज पूछा नही.

चाची ने फिर से मेरे लंड को अपने मूह मे ले लिया .और लंड को चूसने लगी. चाची के लंड चूसने से मेरी आँखे अपने आप बंद हो गयी. मेरी आँखे तो खुलने को तय्यार नही थी.

मेरे मूह से आवाज़े निकलने लगी. आआआआआआआहह आआआहह की मेरे मूह से आवाज़े निकल रही थी. शायद चाची को लंड चूसने मे मज़ा आता है. थोड़ी देर चाची मेरे लंड को चूस्ति रही.

फिर मैं ने चाची को लिटा दिया.फिर मैं चाची के टाँगो के बीच आ गया. और चाची की चूत देखने लगा. चाची की चूत मुझे अपने तरफ बुला रही थी.

चाची ने चाचा के साथ चुदाई की थी फिर भी चाची की चूत ऐसे लग रही थी कि जैसे 6 7 बार ही चुदि हो.
चाची की चूत पर एक भी बाल नही था. पूरी चिकनी थी. कल चाची की चूत पे हल्के बाल थे पर लगता है चाची ने मेरे लिए अपनी चूत चिकनी कर दी.

मैं ने उंगलियो से चूत के होंटो को खोल दिया.और चूत की घहराई को देखने लगा.चूत को अंदर देखने से मेरे मूह पानी आ गया.और मैं चाची की चूत को चाटने लगा .अपनी जीभ को चाची की चूत मे डाल कर चाटने लगा. चाची सिसकारियाँ लेने लगी और मेरे सर को चूत पर दबा रही थी.

चाची के मूह से सिसकारियाँ निकल रही थी. आज चाची की चूत कल के मुकाबले ज़्यादा गरम थी. मैं ज़ोर ज़ोर से चूत को जीभ से चाटने लगा.

चाची को अब बर्दास्त नही हो रहा था. और चाची ने मेरे सर को चूत पर दबा दिया. जिस से चाची ने अपना सारा पानी मेरे मूह मे डाल दिया. चाची का पानी मेडम और बुआ से अच्छा था. मैं ने सारा पानी पी लिया.

चाची ने कहा कि अब लंड को मेरी चूत मे डाल दो. मैं ने लंड को चूत पे रख दिया. एक झटका मारा कि आधा लंड चूत मे चला गया.

मैं ने चाची के चहरे को देख कर दूसरा झटका मारा . इसी के साथ पूरा लंड चाची की चूत मे चला गया. चाची के मूह से आहह निकल गयी.

चाची अभी चाचा के साथ चुदाई कर के आई थी. इसी लिए चाची को ज़्यादा दर्द नही हुआ.पर जो दर्द हुआ था उसे कम करने के लिए मैं चाची के दूध को दबाने लगा.

फिर मैं ने धक्के मारना चालू किया. हर धक्के के साथ चाची भी गंद को उपर उठा देती. आज की चुदाई कमाल की थी. मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा. चाची मस्ती मे आने लगी. चाची को इतनी मस्ती चढ़ि कि उसे कंट्रोल नही हो रहा था .और चाची ने पानी छोड़ दिया.

चाची के पानी छोड़ने से लंड आसानी से अंदर जाने लगा. हर धक्के के साथ पॅच पॅच की आवाज़े आ रही थी.

साथ मे चाची के मूह से दबी हुई आवाज़े आ रही थी.आआआआआआआआआआआः.
हह…………………
आआआआआआआअहह हह हह…………………….आआआअ आआआआआहह हह

चाची की मदहोश आवाज़े सुनकर मैं ने अपनी गति बढ़ा दी .मैं ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा.चाची मेरे हर धक्के के साथ अपनी गंद उपर कर देती. तो मुझे ऐसा लगता कि मेरा लंड और ज़्यादा अंदर चला गया है.

लगभग 30 मिनिट तक हमारी चुदाई चलती रही. इस चुदाई मे चाची ने तीन बार पानी छोड़ा .

मैं ने भी अपना सारा वीर्य चाची की चूत मे डाल दिया.अपना वीर्य चाची के अंदर डालने के बाद मैं चाची के उपर गिर गया. मैं और चाची हाँफने लगे.

मुझे लगा कि आज की चुदाई हो गयी है. अब चाची चली जाएँगी .पर ऐसा नही हुआ

जब थोड़ी देर के बाद हम नॉर्मल हो गये. नॉर्मल होते ही, चाची मेरे लंड को मूह मे लेकर साफ करने लगी. साफ करने के बाद चूसने लगी.

चाची ने लंड को चूस्कर फिर खड़ा किया.मतलब चाची एक और बार चुदाई करना चाहती थी.

जैसे चाची मुझे दूसरी चुदाई के लिए तय्यार कर रही थी. वैसे मैं भी चाची को गरम करने लगा.

मैं चाची के दूध को दबाने लगा. और उधर चाची के चूस ने से मेरा लंड खड़ा हो गया.

चाची ने मुझे लिटा दिया. फिर मेरे लंड के उपर बैठने लगी. हाथो मे लंड पकड़ कर चूत पे रख कर बैठने लगी.

चाची आराम आराम से मेरे लंड पर बैठने लगी. मेरा पूरा लंड चूत मे चला गया. चाची ने अपने हाथ मेरे चेस्ट पर रख कर उपर नीचे होने लगी.

चाची के उपर नीचे होने से चाची के दूध हिल रहे थे. मैं चाची के हिलते हुए दूध को देखने लगा. फिर मैं ने दूध को अपने हाथो मे पकड़ कर दबाने लगा.

10 मिनिट तक चाची उपर नीचे होती रही.फिर चाची की गति बढ़ गयी.और चाची ने फिर पानी छोड़ा .पानी चोदने के बाद चाची ठंडी पड़ गयी. चाची के उपर नीचे होने से चाची पूरी तरफ से थक गयी थी.

मैं ने चाची को पलट दिया .अब चाची नीचे और मैं उपर था. चाची के नीचे आते ही मैने ज़ोर दार धक्के मारना चालू किया. चाची ने अपने होंटो को दबा दिया था. फिर भी चाची के मूह से सिसकारियाँ निकलने लगी.

आआआहह आआआहह आआहह हीईए आज फिर मेरी चूत फाड़ दी .

मैं अपने धक्के लगाता गया चाची आवाज़े निकालने लगी. मैं धक्के के मारता गया चाची अपना पानी छोड़ती गयी.

इस धक्के और पानी छोड़ने के खेल मे हम दोनो पूरी तरह से डूब गये थे.

लगभग 40 मिनिट के बाद हमारी दूसरी चुदाई ख़तम हो गयी. मैं ने वीर्य चाची की चूत मे डाल दिया. वीर्य चाची की चूत मे जाते ही चाची चेहरे पे चमक आ गयी. चाची के चेहरे पे खुशी झलक रही थी.

15 मिनिट तक एक दूसरे को देखते रहे फिर चाची ने कपड़े पहने लिए .और जाने लगी. जाते वक्त एक बार चाची ने मेरी तररफ़ देख कर मुश्कुरा दिया और चली गयी .मैं भी कपड़े पहनकर सो गया.

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