मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 54

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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अवी- मुझे उनके साथ भी तो करना है.फिर उनसे क्यू डरना है

सी चाची-मैं कह रही हूँ बस उतना करो

अवी- लेकिन

सी चाची-देखो सीमा दीदी तुमसे चुदाई करने के लिए तय्यार हो जाएगी.

अवी- सुमन चाची का क्या?

सी चाची-सुमन दीदी को तुमसे बहोत ज़्यादा लगाव है. वो तुम्हे अपना बेटा मानती है. वो कभी तुमसे चुदाई करने को तय्यार नही होगी.

अवी- फिर सुमन चाची मा कैसे बनेगी. क्या वो किसी ओर के साथ चुदाई करेगी

सी चाची-नही .किसी ओर के साथ नही बल्कि तुम्हारे साथ ही करेगी. उसके लिए मैं ने कुछ सोच रखा है

अवी- क्या सोचा है.

सी चाची-वो वक्त आने पर बता दूँगी.

अवी- ठीक है अब मैं सो जाता हू.

सी चाची-सो जाओ. मैं ने जो बताया है वो याद रखना

फिर चाची कपड़े पहन कर चली गयी. मैं सोचने लगा कि इसी लिए चाची चुदाई के वक्त आवाज़े नही निकाल रही थी.

छोटी चाची के साथ चुदाई करने मे मज़ा आ गया. पर छोटी चाची ने मेरा साथ नही दिया जिस तरह पूजा बुआ चुदाई के वक्त मेरा साथ देती है.

शायद चाची सोच रही होगी कि अगर वो कुछ ज़्यादा उतेज़ित हो गयी तो मैं उनके बारे मे क्या सोचुगा. हाँ यही बात होगी. शायद कल चुदाई मे मेरा साथ देंगी. थोड़ा टाइम तो लगेगा छोटी चाची को मेरे साथ खुल कर चुदाई करने मे .

मैं एक महीने मे हो रही बातो को सोचने लगा. कैसे मेडम ने मुझे चुदाई करना सिखाया. किस तरह मोना मेरी दीवानी हो गयी. मोना के पास दो लंड होते हुए भी मुझ से चुद गयी. और मेरे लंड की दीवानी हो गयी.

फिर प्यासी बुआ की प्यास बुझा दी. रति तो मेरी रंडी बन गयी . जब चाहू उसके साथ चुदाई कर सकता हू. वो मुझे मना नही कर पाएगी. माला के साथ ज़रूर मैने जल्द बाज़ी की पर वो भी कहाँ जाएगी.

अब छोटी चाची ने भी मेरे साथ चुदाई कर ली . और जल्दी ही सीमा चाची को भी मा बना दूँगा. छोटी चाची सुमन चाची को मना ही लेगी…

पता नही और कितनी चूत मे मेरा लंड जाएगा.ये तो वक्त ही बताएगा. और मैं सोचते सोचते सो गया .

मैं सुबह उठ गया. चाची के कहने के मुताबिक मैं उठ कर कसरत करने लगा. छोटी चाची मेरे लिए एक ग्लास मे दूध लेकर आई .मैं ने मुश्किल से दूध का एक सीप पी लिया. दूध सच मे अच्छा था. फिर मैं ने एक ही घुट मे सारा दूध पी लिया. कसरत करने लगा और बाद मे मैं नहाने चला गया.

नाश्ता करने के बाद मैं पढ़ाई करने लगा . पढ़ाई करने के बाद एक छोटी नींद लेने के बाद मैं कोमल के घर चला गया.

कोमल को अब मेरी मदद की ज़रूरत नही थी फिर भी कोमल और मैं साथ मे मिलकर पढ़ाई करते रहे. हमे अब आदत हो गयी थी. हम हँसते हुए, बाते करते हुए पढ़ाई करने लगे. पढ़ाई करने के बाद मैं घर चला गया.

घर जाकर थोड़ी देर टीवी देखने लगा . फिर खाना खाने के बाद मैं कमरे मे चला गया.

आज पढ़ाई करते वक्त मेरी नज़र गेट की ओर थी. थोड़ी आहट होते ही मुझे लगता चाची आ गयी. मैं गेट की ओर देखता पर वहाँ कोई नही होता. फिर मैं ने पढ़ाई करना बंद किया. बेड पे लेट कर छोटी चाची का इंतज़ार करने लगा.

इंतज़ार करते करते मुझे नींद आ गयी. थोड़ी देर बाद किसी के हिलाने पे मेरी नींद खुल गयी. मैं ने आँखे खोल के देखा सामने छोटी चाची नंगी खड़ी थी.

शायद कमरे मे आने के बाद मुझे सोते हुए देख कर छोटी चाची ने कपड़े निकाल दिए होगे .उसके बाद मुझे जगाया.

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