मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 51

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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सी चाची-इतना मत सोचो.तुम पहले भी चुदाई कर चुके हो.अब मेरे साथ कर लो

अवी-वो बात अलग है. आपकी बात अलग है

सी चाची-मेरे पास भी उनकी तरह हर चीज़ है. सिर्फ़ फ़र्क इतना है कि तुम मुझे मा की तरह मानते हो. लेकिन तुम क्या चाहते हो मैं कभी मा ना बनू. एक बार सोच के देखो क्या मैं ग़लत हू.

अवी-लेकिन

सी चाची-क्या तुम अपनी चाची को एक ख़ुसी भी नही दे सकते. . . .

अवी-मुझे थोड़ा टाइम चाहिए. मैं सोच कर बताता हू

सी चाची-इसमे क्या सोचना है

अवी-क्या कोई दूसरा तरीका नही है

सी चाची-होता तो क्या मैं अब तक वो इस्तेमाल नही करती

अवी-अगर आप मुझ से मा नही बनी तो

सी चाची-वो बाद की बात है. अगर मा नही बनी तो कोई और रास्ता देखना पड़ेगा

अवी-फिर आप किसी और के साथ भी करेगी

सी चाची-वो मैने सोचा नही है.

अवी-क्यू

सी चाची-मैं सिर्फ़ तुम्हे सोच कर ये सब किया है. और महाराज के पास गयी.

अवी-मतलब आप किसी ओर आदमी के साथ नही करेगी

सी चाची-नही करूँगी. तुम हमारी आख़िरी उम्मीद हो

अवी-मैं ने मना किया तो

सी चाची-तुम ने ऐसा किया तो पता है क्या होगा

अवी-क्या होगा

सी चाची-तुम्हारे चाचा एक ओर शादी करेंगे. उसके बाद ऑर शादी करेंगे. और इस घर मे तुम्हारे सामने चाचियो की लाइन लग जाएगी.

अवी-चाचजी ऐसा नही करेंगे

सी चाची-तुम अपने चाचा को जानते नही हो. मैं ने 6 सालो से कैसे तुम्हारे चाचा को रोका है वो मैं जानती हू. अगर मैं तुम्हारे चाचा को नही रोकती तो अब तक 6 साल मे और 6 चाचियाँ तुम्हे मिलती और आगे भी मिलती रहती.

मैं ने सुमन दीदी और सीमा दीदी को भी तुम्हारे चाचा के पास नही जाने दिया. अगर चाचा उनके पास जाते और दीदी मेरे जैसा प्यार उनको नही देती तो तुम्हारे चाचा फिर भटक जाते.इस लिए मैं ने तुम्हारे चाचा को पकड़ रखा है.

पर अब फिर से तुम्हारे चाचा के दिमाग़ मे शादी करने का भूत घुस गया है. अब बस तुम्हारे हाथ मे है .जो भी सोचना वो अच्छे से सोच समझ कर मुझे बताना.

अवी-मुझे कुछ टाइम चाहिए सोचने के लिए

सी चाची-देखो हमारे पास टाइम कम है. मेरे बाद तुम्हे सुमन दीदी और सीमा दीदी के साथ भी करना है.

अवी-उनके साथ भी

सी चाची-हाँ,हम बनेगी तो तीनो मा बनेगी नही तो कोई नही.

अवी-मैं चाची की बातो पर सोचने लगा. फिर मुझे पूजा बुआ और नेहा बुआ की बाते याद आ गयी.बुआ हमेशा चाची को ताना मारती थी. चाची को बच्चा ना होनेसे गाओं की औरते भी चाची को कभी पूजा पाठ मे नही बुलाती . चाची से बाते करना भी बंद कर दिया था. और अब तो चाचा भी नयी शादी करने की सोच रहे है. मुझे चाची की बात माननी चाहिए. चाची ने मुझे इतना प्यार दिया एक मा की तरह अब मेरी बारी है चाची को खुशी देने की.

चाची की आख़िरी उम्मीद मैं था. अगर मैने मना किया तो चाची का क्या होगा .जिंदगी बार आँसू बहाती रहेंगी. ये सोच कर मैं ने हाँ कर दी .

मुझे एक बात पूछनी है

सी चाची-कहो मैं सुन रही हू

अवी-मैं आप को मा बनने मे मदद करूँगा . क्या उसके बाद भी आप मेरे साथ करती रहेगी.

सी चाची-वो तुम्हारे उपर है. अगर तुम चाहोगे तो चलता रहेगा नही तो बंद कर देंगे.

अवी-कब से सुरू करना है

सी चाची-मैं तो आज से करने को तय्यार हू.

अवी-चाचा

सी चाची-उनके साथ एक बार करके आ गयी हू .उनको नींद की गोलिया खिला दी है . और हाँ ये बात चाचा या किसी ओर को मत बताना

अवी-ठीक है.

मैं उठ कर चाची के पास चला गया. मुझे अजीब भी लग रहा था. मेरे पास इतना अनुभव होते हुए भी सोच रहा था कि कहाँ से सुरू करू..चाची भी मेरी परेशानी समझ रही थी. बाते करना अलग होता है और चुदाई करना अलग. छोटी चाची भी नर्वस थी.

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