मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 48

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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सी चाची-और कुछ बाकी होगा वो भी बता दे

अवी-वो मंगला काकी की बेटी रति उसके साथ

सी चाची-ये भगवान ,हो गया या और भी कुछ है.

अवी-नही इतना ही था

सी चाची-तू तो ऐसा बोल रहा है जैसे कुछ हुआ ही ना हो

अवी-जो हो गया वो तो मैं ने आप को बता दिया .अब तो आप चाचा को नही बताएँगी ना

सी चाची-नही बताउन्गि. लेकिन मेरी दो शर्त है.

अवी-मुझे आपकी सारी शर्त मंजूर है

सी चाची-पहले सुन तो ले

अवी-ह्म्म्म

सी चाची-मुझे लगता है कि तू अब बड़ा हो गया है. ये जो तूने किया वो एक जगह ग़लत है पर तेरी एज ही ऐसी है कि तुम खुद को रोक नही पाए. एक ग़लती के बाद दूसरी करते गये.

अब जो हो गया वो बदल तो नही सकते पर आगे ध्यान रखना

अवी-जी चाची

सी चाची-तो सुनो मेरी पहली शर्त- तुम जिसके साथ भी चुदाई करोगे उसके बारे मे मुझे बता देना.अगर कुछ प्राब्लम हो गयी तो मैं देख लूँगी

अवी-ये सुनते ही मैं खुश हो गया.

सी चाची-दूसरी शर्त मैं कल बताउन्गि. कल अपने कमरे का गेट खुला रखना.

अवी-जी चाची.चाची एक बात पुच्छू

सी चाची-हां पूछो

अवी-आप को मुझ पर गुस्सा नही आ रहा

सी चाची-आया था पर …
कल बता दूँगी

अवी-जी

सी चाची-अब से तुम मुझे अपना दोस्त समझो.

अवी-ओके

सी चाची-अब सो जाओ.

अवी-वो मेडम की चिट्ठी.

सी चाची-मेडम की इच्छा पूरी कर दूँगी

अवी-कोन सी इच्छा

सी चाची-चिट्ठी को जला दूँगी

अवी-हाँ जला दीजिए.

उसके बाद चाची चली गयी. मैं ने राहत की सांस ली.

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