मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 39

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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कल की दमदार चुदाई के बाद मैं घर आ गया. आज (सॅटर्डे)भी उस लड़के ने डब्बा दिया. खाना खाने के बाद मैं मार्केट मे घूमने ने के लिए चला गया.

मार्केट मे घूमते वक्त मुझे माला मिल गयी . पर माला के साथ उसकी मा होने की वजसे मैं माला से बात नही कर पाया.

फिर मैं मंगला काकी की दुकान मे चला गया.

दुकान मे मंगला काकी की बेटी रति बैटी थी. मैं रति के साथ बाते करने लगा.

अवी-मंगला काकी कहाँ है

रति-मा तो बाहर गयी है.तुम ने तो इधर आना बंद ही कर दिया

अवी- ऐसी कोई बात नही है

रति-आज आ गये हो तो थोड़ी देर के लिए रुक जाओ. मा भी बाहर गयी है

अवी-बैठने के बाद .तुम बताओ कैसा चल रहा है

रति- मायूस होते हुए. कुछ खास नही.

अवी-क्यू क्या हो गया

रति-तुम्हे तो पता है

अवी-मुझे नही पता तुम किस बारे मे बोल रही हो

रति-अब तुम्हे क्या बताऊ जब से रवि के साथ घूमते हुए मा ने पकड़ लिया. तब से ये दुकान पर बैठी रहती हू.

अवी-क्या रवि के साथ

रति-ऐसे क्यू हैरान हो रहे हो. वो तो सिर्फ़ टाइम पास के लिए उसके साथ घूमती थी.

अवी-( लगता है मुझे भी इसके साथ टाइम पास करना पड़ेगा). रवि से तो मैं कही ज़्यादा अच्छा हू.

रति-तुम तो अभी बच्चे हो.

अवी-ऐसा सिर्फ़ तुम्हे लगता है.

रति-फिर किस को तुम बड़े लगते हो

अवी-जिस ने भी मुझे अच्छे से जाना है. वो तो कहता है कि मैं बड़ा हो गया हू.

रति-फिर तो एक बार देखना पड़ेगा.

अवी-अगर एक बार देख लोगि तो बार बार देख ने के लिए मुझे बुलाती रहोगी.

रति-क्या पता बाहर से तो ठीक ठाक दिख रहे हो .

अवी-हर तरफ से अच्छा हू

रति-तो चलो घर मे जाके देख लेती हू.

अवी-(साली ये तो फॅट से मान गयी) तो चलो

रति-रूको मैं दुकान बंद कर देती हू.

जैसे ही रति दुकान बंद करने के लिए उलटी वैसे ही मंगला काकी आ गयी

मंगला काकी को देख कर रति का चेहरा उतर गया.

मंगला- कैसे हो अवी. आज बड़े दिनो बाद आए हो.

अवी-क्या करू काकी घर पर अकेला हू. सारा काम मुझे ही करना पड़ रहा है. इसी लिए टाइम नही मिल रहा इधर आने के लिए

मंगला-तुम्हारी चाची तो मंडे को आ रही है. उसके बाद आया करो

अवी-अच्छा काकी मैं चलता हू

मंगला-ऐसे बीच मे उठ कर कहाँ जा रहे हो

अवी-मंडे को चाची आ रही है.तो मुझे घर साफ करना पड़ेगा. 5 दिनो से घर की साफ सफाई नही की है.

मंगला-तो कल कर लेना.

अवी-कल तो पढ़ाई भी करनी है.

मंगला-कुछ सोचकर. अभी बैठो कल मैं रति को भेज दूँगी तुम्हारी मदद कर देंगी

अवी-(काकी तो फस गयी)पहले रति से तो पूछ लो

मंगला-उसे क्या पूछना वो आ जाएगी कल तुम्हारे घर. तुम्हारी चाची खुस हो जाएगी जब उसे पता चलेगा कि रति ने तुम्हारी मदद की.
अवी-जैसा आप ठीक समझे(रति के चहरे पे ख़ुसी झलक़ रही थी)
फिर एक घंटे तक मंगला काकी के साथ बाते की. फिर घर चला गया.

घर आने के बाद मैं कोमल के घर चला गया. वहाँ पढ़ाई करने के बाद पूजा बुआ के घर आ गया

कल की तरह आज भी बुआ ने राज के दूध मे नींद की गोलिया मिला दी. लेकिन बुआ ने तो कहा था कि दुबारा गंद मारने नही देंगी. कुछ भी हो आज फिर बुआ की गंद बजा दूँगा.

बुआ और मैं स्वेता के कमरे मे आ गये.

मैं ने बुआ को पूछा कि आज राज को नींद की गोलिया क्यू दी.

बुआ ने कहा तुम जैसा सोच रहे हो वैसा नही है. मैं तुम्हे फिर से गंद नही मारने दूँगी. वो तो मैं तुम्हारे सात खुल कर चुदाई का मज़ा लेने के लिए ऐसा किया.

मैं उदास हो गया फिर सोचा जाने दो चूत तो मिल रही है. और वैसे भी बुआ को ज़्यादा परेशान करने से मुझे प्राब्लम हो जाएगी.

रात मे मैं ने बुआ की 2 बार चुदाई की. चुदाई मे आज मज़ा आ गया. बुआ खुल कर चिल्ला चिल्ला कर चुदाई का मज़ा ले रही थी. बीच बीच मे गालिया भी दे रही थी. आज की चुदाई मैं भी जोश से कर रहा था. वो जोश रति को सोच कर आ रहा था.

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