मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 38

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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आज फिर से मुझे उठ ने मे देर हो गयी .

बुआ उठ कर नाश्ता बनाने लगी .नाश्ता करने के बाद मैं घर आ गया. आज फिर वही लड़का डब्बा लेकर आ गया. मैं ने उसके हाथो से डब्बा ले लिया. उसने कल के डब्बे के बारे मे पूछा. मैं ने डब्बा लाकर उसे दे दिया.

मैं डब्बा लेकर अपने कमरे मे जाकर खाने लगा. खाना खाने के बाद पढ़ाई करने लगा . फिर सो गया.

4 बजे कोमल के घर चला गया. कोमल ने मुझे कुछ इंपॉर्टेंट क्वेस्चन बताए जो दो सालो से रिपीट हो रहे थे.

कोमल के साथ पड़ाई करने के बाद पूजा बुआ के घर चला गया.

पूजा बुआ ने कल की तरह आज भी खाना जल्दी बना लिया. खाना खाने के बाद बुआ राज के लिए दूध लेकर आई.

फिर हम सो गये. एक घंटे के बाद बुआ और मैं स्वेता के कमरे मे चले गये. बुआ ने अपना कमरा बाहर से बंद किया. और स्वेता का कमरा भी अंदर से बंद किया.

बुआ के हाथो मे तेल की बॉटल थी. मैं बुआ की अरेंज्मेंट देख खुस हो गया.

बुआ ने तेल टेबल पर रख दिया .मुझे किस करने लगी. किस करते करते मैं ने बुआ के कपड़े और बुआ ने मेरे कपड़े निकाल दिए.
बुआ ने तो जैसे पैंटी पहनना बंद कर दिया .

मैं नीचे बैठ कर बुआ की चूत चाटने लगा . बुआ मेरे सर को पकड़कर चूत पे दबाने लगी. फिर मैं खड़ा होकर तेल की बॉटल लेने लगा. बुआ ने मुझे रोक दिया.

बुआ-पहले मेरी चूत की प्यास बुझा दो फिर गंद मार लेना

अवी- नही पहले गंद फिर चूत

बुआ-तुम्हारा लंड मेरी गंद फाड़ देगा . गंद मारने के बाद दर्द की वजह से मैं चूत कैसे मर्वाउन्गि. पहले चूत मारो इसमे तुम्हारा फ़ायदा है

अवी-मेरा कैसा फ़ायदा

बुआ-पहले चूत मारने से तुम गंद ज़्यादा देर तक मार सकते हो

अवी-ठीक है. मैं ने तेल से उंगली भिगो कर गंद मे डाल दी और अपना लंड बुआ की चूत मे डाल दिया. चूत मारते समय मैं ने अपनी उंगली बुआ की गंद मे डाल दी . बुआ की गंद खुली हुई थी. मेरी उंगली आसानी से अंदर चली गयी. राज के पापा बुआ की गंद ज़्यादा मारते होंगे जिससे बुआ की गंद खुली हुई है.

मेरे इस डबल हमले से बुआ को और भी मज़ा आने लगा. मैं भी मज़े लेकर बुआ की गंद और चूत मारने लगा. 20 मिनिट के बाद मैं झाड़ गया. बाद मे गंद मारने की ख़ुसी की वजह से जल्दी झाड़ गया.

आधा घंटा आराम किया. मैं ने जानबूझ कर बुआ को ज़्यादा देर आराम करने दिया. मैं चाहता था कि बुआ मुझे गंद मारने मे पूरा साथ दे.

मैं बुआ को किस करने लगा. साथ मे दूध भी दबाने लगा . धीरे धीरे बुआ भी जोश मे आने लगी. बुआ ने तेल की बॉटल उठा कर मुझे दी. मैं ने तेल को लंड पे अच्छे से लगा लिया . बाकी का तेल बुआ की गंद मे डाल दिया.

बुआ घोड़ी बन गयी. मैं ने अपना लंड बुआ की गंद पे रख कर एक झटका मारा .लंड 4 इंच तक अंदर गया. पर बुआ के मूह से सिर्फ़ आहह निकली. मैने बुआ से पूछा.

अवी-लगता है राज के पापा आपकी गंद ज़्यादा मारते है

बुआ- हां .उनका बस चलते हो सिर्फ़ गंद ही मारते रहें

मैं ने सोचा बुआ की गंद खुली है, इसी लिए मैं ने एक ही झटके मे पूरा अंदर डाल दिया. बुआ की चीख निकल गयी. बुआ के आँखो मे पानी आ गया . शायद राज के पापा का लंड मेरे जितना मोटा है पर लंबा नही है तभी बुआ की चीख निकल गयी.

राज को तो नीद की गोलिया दे कर सुला दिया है. अब बुआ की चीख कौन सुनेगा ये सोच कर मैं बुआ की गंद मारने लगा. पूरी ताक़त लगा कर बुआ की गंद मारने लगा . 15 मिनिट के बाद बुआ को भी मज़ा आने लगा था.

फिर मैं धक्के लगाता गया बुआ मज़े मे आवाज़े निकलती. और कहती आराम से आराम से करो दर्द हो रहा है. पर मैं कहाँ मानने वाला था. मैं और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाता गया. कमरे मे पच पच की आवाज़ आने लगी. मैं बुआ की गंद पर थप्पड़ मारने लगा. बुआ की गंद लाल हो गयी. जिस तरह मंकी की गंद लाल होती है उसी तरह बुआ की गंद लाल हो गयी.

लगबग 40 मिनिट की चुदाई के बाद मैं झाड़ गया. मैं ने बुआ की गंद से लंड निकाल लिया. लंड पर खून लगा हुआ था .मैने बाथरूम मे जा कर साफ किया.

फिर बुआ उठ कर बाथरूम की ओर जाने लगी. बुआ लड़खड़ाते हुए बाथरूम मे चली गयी. मैं ने कपड़े पहन लिए. 20 मिनिट के बाद बुआ वापस आ गयी. बुआ ने नाइटी पहन ली.

बुआ-कोई ऐसे गंद मारता है

अवी-आप की गंद है ही इतनी अच्छी कि मुझे कंट्रोल ही नही हुआ

बुआ-पर मैं तो तुम्हारी बुआ हू. थोड़ा आराम से तो कर सकते थे

अवी-सॉरी बुआ. अगली बार आराम से करूँगा

बुआ-अब मैं तुमसे कभी गंद नही मर्वाउन्गि चलो अब सो जाओ

अवी-और चूत

बुआ-वो तो तुम्हारी है .जब चाहे मार लेना .चलो अब सोते है मुझे दर्द भी हो रहा है.

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