थोड़ी देर बाद हम नॉर्मल हो गये. बुआ उठ कर बाथरूम मे चली गयी. मैं सोफे पर बैठा था.
बुआ बाथरूम से आ कर मेरे पास सोफे पे बैठ गयी.
हम दोनो ने अभी तक कपड़े नही पहने थे.
बुआ-मज़ा आया
अवी-हां बहोत ज़्यादा. और आप को
बुआ-मुझे भी मज़ा आया
अवी-आपके पति से भी ज़्यादा
बुआ- हाँ उनसे भी ज़्यादा. तुम तो लंबी रेस के घोड़े निकले
अवी-मतलब
बुआ-तुम तो किसी को भी मज़ा दिला सकते हो
अवी-मुश्कुराया
बुआ-तुम जिस तरह से मेरी चुदाई कर रहे थे उससे लगता है कि तुम पहले भी चुदाई कर चुके हो
अवी-हाँ मैं पहले भी चुदाई कर चुका हू
बुआ-किसके साथ
अवी-वो मेरा राज़ है .
आप की चूत देख कर लगता है. कई जनो ने इसके मज़े लिए होंगे.
बुआ-मैं ने तो राज के पापा के अलावा आज तुम्हारे साथ किया है
अवी-फिर राकेश के साथ क्या कबड्डी खेलती थी
बुआ-तुम्हे राकेश के बारे मे कैसे पता
अवी-आप राज को फूल बना सकती हो पर मुझे नही.
बुआ-क्या करू अवी. राज के पापा तो साल मे एक बार आते है. बाकी टाइम मैं कैसे निकालती हू वो मुझे पता है. इसी लिए राकेश को पटा लिया. लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरे घर मे ही एक मर्द है. अब तो राकेश की छुट्टी
अवी- अगर उसने मना किया तो.
बुआ-तुम्हे पता नही है. राकेश अपनी बहन को भी चोदता है.अगर उसने कुछ किया तो ये बात सबको बता दूँगी कि राकेश बहेन्चोद है.
अवी-आप तो स्मार्ट निकली
बुआ-वो छोड़ो , पहले ये बताओ तुम्हे ये सब किसने सिखाया
अवी-बोला ना राज़ है
बुआ-मेरे बारे मे सब पता किया. और अपने बारे मे कुछ बता नही रहे हो
अवी-स्टूडेंट को तो टीचर ही सिखाते है.
बुआ-मतलब तुम्हे टीचर ने चुदाई करना सिखाया. कौन है वो
अवी-बस मैं इतना ही बता सकता हू.
बुआ-क्यू
अवी-मैं ने प्रॉमिस किया है. कि उनका नाम किसी को ना बताऊ.
बुआ-ठीक है. मैं कुछ नही पूछती पर तुम मेरी चुदाई रोज करोगे ना
अवी-जब मुझे अच्छा लगेगा तब
बुआ-मतलब
अवी-राकेश आप की रोज चुदाई करता था?
बुआ-नही. महीने मे एक बार
अवी-मैं भी एक बार करूँगा
बुआ-ऐसा मत करो. मैं तुम्हारी बुआ हू ना
अवी-ठीक है पर मेरी एक शर्त है
बुआ-क्या?
अवी-मुझे राकेश के बहेन की चुदाई करनी है
बुआ-पर उसकी क्यू . मैं हू ना
अवी-राकेश ने आप की चुदाई की मुझे ये अच्छा नही लगा. मुझे भी उसकी बहन की चुदाई कर के हिसाब बराबर करना है
बुआ-तुम्हे मेरी और राकेश की चुदाई से क्या प्राब्लम है
अवी-आप मेरी बुआ हो. मैं कैसे बर्दास्त कर सकता हू कि कोई मेरी बुआ की चुदाई कर के चला जाए.
बुआ-तुम मुझ से इतना प्यार करते हो. और मैं थी जो तुम्हे गालिया देती थी. ठीक है मैं कॉसिश करूँगी
अवी-(क्या करू बुआ ये सब करना ज़रूरी था. एक तो आप मुझे अब गालिया नही देंगी, मैं कभी भी तुम्हारी चुदाई कर सकूँगा ,दूसरी बात मुझे एक और नयी चूत मिलेगी)
मैं हर हफ्ते मे एक दिन आप की चुदाई करूँगा
बुआ-सच.
अवी-और जब तक चाची नही आती तब तक हर दिन आप की चुदाई करूँगा
बुआ-चलो फिर एक और बार करते है
बुआ के कहते ही हम 69 पोज़िशन मे एक दूसरे को मज़ा देने लगे
बुआ मज़े ले ले कर लंड चूस रही. मैं भी बुआ की चूत चूस कर बुआ का मज़ा दुगना कर रहा था.
थोड़ी देर चूस ने के बाद मैं ने लंड को चूत पर रखा. इस बार मैं कुछ अलग करना चाहता था. इसी लिए पहले मैं बुआ को किस करने लगा .किस करने से बुआ गरम हो रही ती .मैं ने एक ही झट के मे पूरा लंड बुआ की चूत मे डाल दिया. बुआ की चीख मेरे मूह मे दब गयी.
बुआ तड़फ़ ने लगी .मैं बुआ के दूध दबाने लगा.थोड़ी देर बाद बुआ नॉर्मल हो गयी.
मैं ने बुआ को चोदना चालू किया. बुआ भी मेरा पूरा साथ देने लगी. गंद को उठा कर मेरे साथ चुद रही थी. लगभग 40 मिनिट की चुदाई के बाद मैने वीर्य बुआ की चूत मे छोड़ दिया. इस धुँआधार चुदाई मे बुआ ने 2 बार पानी छोड़ा.
बुआ बाथरूम मे चली गयी. मैं कपड़े पहन कर कमरे मे जा कर सो गया. मुझे पता भी नही चला कब मुझे नीद आई और कब बुआ कमरे मे आकर सो गयी.

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