मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 34

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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शाम को मैं पूजा बुआ के घर चला गया.

फिर कल की तरह पहले चाय पी ली. फिर राज के साथ खेलने लगा. फिर खाना खाने के बाद टीवी देखने लगे.

राज अपने रूम मे जाकर पढ़ाई करने लगा. थोड़ी देर बाद हम सोने के लिए
कमरे मे आ गये. राज पढ़ाई कर के सो गया था.

आज राज ,बुआ की जगह सो गया था. बुआ ने कहा कि राज को उठा कर सिंगल बेड पर लिटा दो. मैं ने राज को उठा कर दूसरे बेड पर लिटा दिया.

डबल बेड पर मैं और बुआ सो रहे थे. बुआ सो गयी थी. मुझे आज भी नीद नही आ रही थी. मैं सोच रहा था कि बुआ , राज के साथ क्यू नही सोई. मैं सिंगल बेड पर सो जाता.. पर बुआ ने ऐसा नही किया. क्या बुआ मेरे साथ सोना चाहती है.

मैं ये सोचते हुए पलट कर बुआ की ओर देख ने लगा. आज भी बुआ की नाइटी कमर तक उपर थी .बुआ की रेड पैंटी दिख रही थी.

मैं अब सोचने पर मज़बूर हो गया कि बुआ जानबूझ कर नाइटी उपर करती है. ताकि मैं बुआ की पैंटी देख कर बुआ की चुदाई कर लू. अगर बुआ यही चाहती है तो मुझे बता क्यू नही रही है. मेडम ने तो बता दिया था. मोना भी जल्दी तय्यार हो गयी थी. फिर बुआ क्यू नही

क्या बुआ भी मेरी तरह डर रही है . या फिर मुझे पहले कोशिस करनी चाहिए

मैं ने अपना हाथ बुआ की जाँघो पर रख दिया. बुआ की जाँघो को सहलाने लगा. मैं देखना चाहता था कि बुआ जाग तो नही रही है.

बुआ की जांघे नरम थी. मेडम की जाँघो से ज़्यादा गोरी और मोटी थी . मुझे ऐसा लग रहा था कि मक्खन पर हाथ घुमा रहा हू.

मैं हिम्मत कर के अपने हाथ को उपर चूत के पास ले जाने लगा.

जैसे जैसे मेरा हाथ उपर जा रहा था वैसे वैसे मेरी दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क ने लगा. साथ ही डर भी लग रहा था. एक अजीब सी लहर मेरे शरीर मे दौड़ रही थी.

जैसे ही मैं ने अपना हाथ बुआ की पैंटी पर रखा उधर राज ने करवट बदल ली .बेड आपस मे लग कर थे .इसी लिए बेड थोड़ा हिल गया .मैं ने जल्दी से हाथ वापस खिच लिया.

मैं राज की ओर देखने लगा. राज गहरी नींद मे सो रहा था.

फिर से मैं ने अपना हाथ जाँघो पर रख दिया.ये देखने के लिए कही राज की वजह से बुआ की नींद तो नही खुल गयी.

बुआ भी राज की तरह गहरी नीद मे सो रही थी. मैं ने अपना हाथ बुआ की पैंटी पर रख दिया .

मैं अपने हाथ से पैंटी के उपर से बुआ की चूत के साथ खेलने लगा. मेरा सारा ध्यान बुआ के चहरे पर था कही बुआ की नीद ना खुल जाए.

मैं ने एक हाथ को बुआ के दूध के उपर रख दिया और दूसरे हाथ से चूत के साथ खेलने लगा.

बुआ के दूध मोना की तरह सख़्त थे. बुआ के पति साल मे एक बार आते है और राकेश(बुआ की सहेली का भाई) भी बुआ के दूध नही दबाता था.

फिर भी मुझे बुआ के दूध पसंद आए. भले ही मेडम की तरह नरम नही थे और मोना से कम टाइट थे लेकिन बुआ के दूध की बात ही अलग थी.

बुआ की चूत मेडम की चूत से गरम थी. मैं अपनी एक उंगली बुआ की चूत मे पैंटी की उपर से अंदर डालने लगा. मैं पैंटी निकाल ने का जोखिम नही ले सकता था. पैंटी फिट होने के कारण मैं धीरे धीरे ज़ोर लगाकर कर उंगली से बुआ की चूत मारने लगा .

मुझे मज़ा तो आ रहा था पर उतना नही जितना बिना पैंटी की चूत के साथ आता है. मैं ने उंगली को हिलाना बंद किया. मेरी उंगली मे दर्द होने लगा था. पैंटी के वजह से चूत मे उंगली डाल ने मे परेशानी के साथ ताक़त भी लग रही थी.

मैं ने सोचा इतना तो हो चुका है अब आगे बढ़ना चाहिए. मैं ने हाथ को पैंटी के अंदर डाल दिया .

पहली बार बुआ की चूत को छूने से मेरे बदन को करेंट सा लग गया.
मैं बुआ की चूत मे उंगली(दूसरी उंगली)डाल कर आगे पीछे करने लगा.

उदार दूसरे हाथ से बुआ के निपल के साथ खेलने लगा .कभी निपल को खिच लेता तो कभी दबा देता.

5 मिनिट तक उंगली से चोदने के बाद बुआ के शरीर मे अकड़न आ गयी. बुआ की चूत से पानी निकल गया. बुआ का पानी मेडम के दो बार पानी निकलने के बराबर था

बुआ का पानी निकलते ही. अब तक बुआ जो अपने सांसो पर काबू कर के सो रही थी पानी के निकलते ही बुआ ने साँस छोड़ दी. बुआ के मूह से आहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह निकल गया.

मैं ने अपना हाथ को बुआ की पैंटी के अंदर से निकाल लिया. दूसरा हाथ भी दूध से हटा दिया.

हिम्मत कर के बुआ के चहरे की ओर देख ने लगा. बुआ की आँखे खुली थी . बुआ मेरी ओर देख रही ती. मैं तो डर के मारे कुछ भी बोलने की हालतमे नही था. ऐसा लग रहा था कि अभी मेरा दिल काम करना बंद कर देगा(हार्ट अटॅक).

मेरे दिमाग़ मे सवालो की बरसात सुरू हो गयी.

अब क्या होगा ?
मैं बुआ को क्या कहुगा ?
बुआ ने चाचा को बता दिया तो ?
बुआ ने सभी को बता दिया तो ?
फिर मेरा क्या होगा ?
मैं कहाँ जाउन्गा ?
बुआ ने पोलीस बुला ली तो ?

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