घर आ कर मैं ने अपने लिए खाना बनाया. फिर नहा कर खाना खाने के बाद पढ़ाई करने लगा.
अब एक हफ्ते तक रात मे पूजा बुआ के यहाँ जाना है. मतलब रात मे पढ़ाई नही कर सकता. इसी लिए दोपहर मे ही पढ़ाई करने लग गया.
पढ़ाई करने के बाद कोमल के घर भी पढ़ाई की.
फिर वहाँ से ही पूजा बुआ के घर चला गया.
पूजा बुआ आज सज धज कर थी. बुआ आज खुश नज़र आ रही थी.
पूजा बुआ-आज जल्दी आ गये
अवी-हाँ. वो नेहा बुआ के घर से सीधा इधर ही आ गया
पूजा बुआ-चाई पियोगे
अवी-(पूजा बुआ अपनी सहेली के भाई राकेश के साथ चुदाई कर सकती है तो मेरे साथ क्यू नही) बुआ के दूध की ओर देख कर अगर आप पिलाना चाहेंगी तो पी लेंगे .
मेरी नज़र का पीछा कर के बुआ को पता चल गया कि मैं उनके दूध को देख रहा हू.
पूजा बुआ-ठीक है मैं बनाकर लाती हू. तब तक तुम राज के साथ खेलो
अवी-जल्दी पिला देना. इतना कह कर मैं राज के साथ खेलने लगा.
पूजा बुआ-ये अवी मेरे दूध को घूर रहा था. मतलब रात को उसने सब देख कर मज़ा लिया.
फिर हमने टी पी ली. पूजा बुआ खाना बनाने चली गयी. मैं टी.वी. देखने लगा .राज कमरे मे जा कर पढ़ने लगा.
मैं टी.वी. डेक कर बोर हो गया. तभी मेरी नज़र पूजा बुआ की गंद पर चली गयी. क्या मस्त गंद है पूजा बुआ की. मैं बुआ की गंद देख रहा था तभी बुआ पलट गयी मुझे अपनी गंद को देखते हुए पकड़ लिया.
पूजा बुआ-अवी भूक लगी है क्या
अवी-नही बुआ
पूजा बुआ-फिर रसोई की तरफ क्यू देख रहे हो
अवी-मैं कहाँ देख रहा हू
पूजा बुआ-रहने दो. राज को बुला लो खाने के लिए
अवी-अभी बुलाता हू.(बाल बाल बच गया)
हम खाना खाने के बाद ,फिर से बाते करने लग गये.
अवी-बुआ अब सो जाते है
पूजा बुआ-पहले एक काम करो राज के कमरे का सिंगल बेड ला कर मेरे कमरे मे रख दो
अवी-क्यू?
पूजा बुआ-राज रात को तुम्हे परेशान करता है ना. राज को उसपे सुला देंगे
अवी-ठीक है
मैं ने बेड लाकर बुआ के बेड से जोड़ दिया. अब सोने के लिए जगह बढ़ गयी.
राज जल्दी से बेड पर लेट गया .मैं भी लेट गया.
आज मैं बीच मे सोया था. राज सो गया था. पर मुझे नीद नही आ रही थी. मैं सोच रहा था कि बुआ ने मुझे सिंगल बेड पर क्यू नही सुलाया. मेरी जगह राज को क्यू सोने दिया.
एक घंटे तक यही सोचता रहा. मैं सोचा बुआ को राकेश के साथ चुदाई कर के 15 दिनो से ज़्यादा वक्त हो गया है कही बुआ मेरे साथ चुदाई करने की तो नही सोच रही.
मैं बुआ की ओर पलट कर देखा बुआ सो रही थी.
बुआ की नाइटी कल की तरह कमर तक चढ़ि हुई थी .बुआ की ब्लू पैंटी दिख रही थी. पर कल को तो राज की वजह से नाइटी उपर हुई थी. आज क्या बुआ मुझे जानबूझ कर दिखा रही थी. या फिर सोते हुए भी तो नाइटी उपर हो सकती है.
मैं इस दुविधा मे फस गया था .आगे बढ़ुँ या फिर नही. कभी लगता पैंटी को खिच कर निकाल दू . फिर डर भी लगता अगर बुआ गुस्सा हो गयी और चाचा को बता दिया तो.
मुझे दो औरतो की चुदाई का अनुभव है. फिर भी मैं डर रहा था.
मैं ने हिम्मत कर के अपना हाथ बुआ की पैंटी पर रख दिया. बुआ की चूत इतनी गरम थी कि उसकी गरमाहट पैंटी के उपर से ही महसूस हो रही थी.
मैं ने हाथ को पैंटी के उपर से हटा दिया . और पलट कर सो गया

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