मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 31

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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रात मे मेरी नीद खुल गयी. राज ने, मेरे उपर अपने पैर रख दिए.राज के पैर मेरे लंड के उपर थे. लंड मे दर्द होने के वजह से मेरी नीद टूट गयी. मैं ने राज के पैर मेरे उपर से हटा दिए.

मैं उठ कर बाथरूम मे चला गया. लंड को पैंट से बाहर निकाल कर देख ने लगा. कही चोट तो नही लगी. लंड खड़ा था. लंड को शांत करने के लिए हिलाने लगा. थोड़ी देर बाद मेरा वीर्य निकल गया.मुझे राहत मिली.

मैं कमरे मे आ गया .मेरी नज़र पूजा बुआ पे उपर पड़ गयी . राज ने अपना पैर पूजा बुआ के उपर रखा था जैसे मेरे उपर था. पर बुआ करवट लेकर सो रही थी. बुआ की नाइटी उपर उटी हुई थी . राज के पैर की वजह से बुआ की नाइटी पीछे से ज़्यादा ही उपर हो गयी थी.

मैं पूजा बुआ की तरफ चला गया. पूजा बुआ की रेड पैंटी दिख रही थी. नाइटी कमर तक चढ़ि हुई थी. बुआ की पैंटी गंद की दरार मे फँसी थी. ये देख कर लंड फिर खड़ा हो गया. पर मैं ने एक दिन मे काबी दो बार पानी नही निकाला था. फिर से हिलाना मे दिमाग़ मे आया ही नही.

मैं जल्दी से अपनी जगह पर जा कर सो गया.

सुबह जल्दी उठने की आदत की वजह से मेरी नीद जल्दी खुल गयी. बुआ अभी भी सो रही थी. अब राज के पैर बुआ के उपर नही थे. बुआ की नाइटी कमर तक चढ़ि हुई थी. मुझे बुआ की रेड पैंटी पूरी दिख रही थी. बुआ के उठने से पहले मैं बाथरूम मे चला गया.

पानी गिरने की आवाज़ सुन कर बुआ भी उठ गयी थी. बुआ ने चारो तरफ देखा पर मैं बुआ को कही दिखाई नही दिया. बाथरूम की आवाज़ सुन कर समझ गयी कि मैं बाथरूम हू.

जब बुआ ने खुद की हालत देखी तो हैरान हो गयी. नाइटी कमर तक चढ़ि थी और बुआ की पैंटी दिख रही थी. बुआ ने अपने कपड़े ठीक किए .एक बार राज की और देखा जो सो रहा था.

मैं बाथरूम से बाहर आ गया. बुआ ने मेरी ओर देखा .बुआ के चहरे पे एक चमक दिख रही थी.

बुआ बाथरूम मे चली गयी . राज अभी भी सो रहा था. राज का स्कूल 12 बजे से लेकर 5.00 पीएम तक था.इसी लिए वो देर तक सोता है.

शायद बुआ राज को बच्चा समझ ती है. उन्हे पता है राज एक बार सो गया तो फिर सुबह ही उठ ता है वो भी देर से. इसी लिए बुआ बेफिकर हो कर सोती है.

अब राज भी उठ गया . फिर हमने नाश्ता करना सुरू किया.

पूजा बुआ-अवी नीद तो ठीक आई ना

अवी-हाँ बुआ .नीद अच्छी आई

पूजा बुआ-राज ने परेशान तो नही किया

अवी-नही किया

पूजा बुआ-झूठ क्यू बोल रहे हो

अवी-एक दो बार मेरी नीद खुल गयी थी

पूजा बुआ-(मतलब अवी ने मेरी पैंटी देख ली. सुबह भी जल्दी उठ गया था तब तो अच्छे से देखी होगी). मेरी भी पहले पहले नीद खुल जाती थी. पर अब आदत हो गयी.

अवी-कल से मैं सोफे पे सो जाउन्गा

पूजा बुआ-सोफे पे, बिल्कुल नही. अगर तेरे चाचा को पता चल गया तो.

अवी-फिर क्या करे

पूजा बुआ-ह्म्म्मी शाम को देखते है.

अवी-अब मैं चलता हू.बाइ राज.

राज-बाइ भैया.

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