मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 28

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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घर जाते ही

ब चाची-कहाँ थे अब तक

सी चाची-दीदी इसके चाचा को बता दो

अवी-मैं काम से बाहर गया था

ब चाची-किसका काम

अवी-मेरा

ब चाची-ऐसा कौन सा काम था जो तुझे इतनी देर हो गयी

सी चाची- सच सच बता नही तो

अवी-वो मैं फ्रेंड के घर गया था

ब चाची-किस लिए

अवी-वो पुराने एग्ज़ॅम के पेपर लेने

ब चाची- दिखा पेपर

अवी-उस ने कहा कि कल स्कूल मे देगा

सी चाची- कल स्कूल से आते ही दिखा देना नही तो तेरे चाचा को बताना पड़ेगा

अवी-क्या आप को मुझ पर भरोसा नही है

ब चाची-मुझे तुझ पर अपनी जान से ज़्यादा भरोसा है. पर मैं डरती हू कही तुझे कोई बुरी आदत ना लग जाए

अवी-चाची मैं आप का भरोसा कभी टूटने नही दूँगा.

सी चाची-पर मुझे वो पेपर देख ने है. कल स्कूल से आते ही मुझे दिखा देना(थोड़ा घूर कर)

अवी-सर नीचे कर कहा जी चाची दिखा दूँगा

ब चाची-जा खाना खा ले

अवी-जी चाची मैं अंदर चला गया

नेक्स्ट डे

स्कूल मे माला ने मुझे पुराने एग्ज़ॅम पेपर दे दिए

अवी-थॅंक यू माला

माला-एक बात पूचु .

अवी-हाँ. पूछो

माला-कल तुमने स्कूल मे पुराने पेपर लेने से मना किया था. अचानक तुम्हारा मन कैसे बदल गया.

अवी-(अगर माला को मैं ने कोमल की बात बता दी तो वो नाराज़ हो जाएँगी)
वो क्या है कि, घर जाने के बाद मुझे लगा कि एक बार पुराने एग्ज़ॅम पेपर देख लेना अच्छा रहेगा.

माला-तुम आज स्कूल मे माँग सकते थे. घर आने की क्या ज़रूरत थी. और हाँ घर मत आया करो अगर किसिको पता चला कि मैं तुमसे मिलती हू तो लोग ग़लत मतलब निकाल लेंगे.

अवी-सॉरी आगे से ऐसा नही होगा.

सॉरी कहकर मैं क्लास मे चला गया.

घर जा कर सबसे पहले वो पेपर छोटी चाची को दिखा दिए.

चाची के चहरे पर खुशी थी. चाची ने कुछ नही कहा .

शाम 4.00 बजे कोमल के पास चला गया.

कोमल पेपर देख कर खुश हो गयी. हम पढ़ाई करने लग गये.

पड़ाई करने के बाद घर चला गया .आज ग्राउंड पर जाने की मन नही था. मोना की गान्ड भी तो मारनी थी. पर मैं कोई रिस्क नही लेना चाहता था. एक तो वो कल का आदमी फिर से वापस आ सकता था. वो दूसरी बात अगर आज फिर मुझे देर हो गयी तो छोटी चाची को शक हो जाएगा.

जब तक चाची गाओं से वापस नही आती तब तक मुझे मोना से दूर रहना पड़ेगा.

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