मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 27

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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थोड़ी देर बाद हम दोनो नॉर्मल हो गये.

मोना- आज पहली बार चुदाई मे मज़ा आया

अवी-आज तो तुम्हारी एक लंड से चुदाई हुई. रोज तो दो लंड लेती हो

मोना-तुम्हारा एक लंड ही दोनो के लंड के बराबर है

अवी-मुझे भी आज मज़ा आया

मोना-तुम्हे ये सब किसने सिखाया.

अवी-ये मेरा राज़ है

मोना-जिसने भी सिखाया पर मुझे पूरा मज़ा आया

अवी-सच

मोना-नही तो क्या. मेरा BF सिर्फ़ लंड निकाल कर एक तो मूह मे डाल ता है या फिर चूत मे. कभी मेरे बूब्स को चूसना तो दूर की बात है कभी दबाया भी ठीक से नही है. मैं उसका लंड चूस्ति हू पर वो मेरी चूत को हाथ भी नही लगाता . तुम पहले आदमी हो जिसने मेरी ऐसी चुदाई की है

अवी-थॅंक्स

मोना-मैं फिर से ,तुम्हारे साथ चुदाई करना चाहती हू. तुम्हारा चेहरा नही दिख रहा है .कम्से कम अपना नाम तो बता दो

अवी-नही. इसे राज़ ही रहने दो .जब मुझे तुम्हारे साथ चुदाई करनी होगी. तब मैं खुद तुम्हारे पास आ जाउन्गा

मोना-मतलब कल तुम मेरी चुदाई नही करोगे

अवी- नही. जब मेरी मर्ज़ी होगी तब

मोना-ऐसा मत करो. मैं तुम्हारे लंड की गुलाम हो गयी हू.

अवी-बोला ना जब मैं कहु तब.

मोना-कबतक

अवी-ज़्यादा इंतज़ार नही करवाउंगा देखो टाइम बहोत हो गया है. ये क्या 8.00 बज रहे है .जल्दी कपड़े पहनकर चलो

मोना-मेरे कपड़े तो वो आदमी ले गया .अब मैं घर कैसे जाउन्गि

अवी-मैं ने अपने कपड़े पहन लिए. तुम यही रूको मैं कुछ देखता हू

मोना-जल्दी करो देर हो रही है

अवी-मैं बॅग लेकर खिड़की खोल कर बाहर आ गया.इधर उधर देख ने लगा .शायद उस आदमी ने उसके कपड़े फेक दिए हो. पर मुझे कुछ नही मिला.

ग्राउंड के उस तरफ जो घर था वहाँ चला गया. देख ने लगा कि कही कुछ मिल जाए.

मेरी किस्मत अच्छी थी .उस घर के कपड़े रस्सी पर थे. मैं ने एक सलवार कमीज़ ले लिया.

स्टोर हाउस की ओर चला गया. खिड़की से मोना को आवाज़ दी

अवी-मोना ये लो कपड़े

मोना ने कपड़े ले लिए. मैं जल्दी से एक पेड़ के पीछे छुप गया..

थोड़ी देर बाद मोना कपड़े पहनकर खिड़की से बाहर आ गयी. उसने चारो और देखा पर उसे कोई दिखाई नही दिया. फिर मोना घर चली गयी.

मोना के जाते ही मैं भी घर चला गया.

अबी 8.30 हो रहे थे. मुझे पता था कि मुझे डाँट पड़ेगी. इसी लिए एक अछा बहाना ढूँढ कर घर चला गया

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