मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 25

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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स्कूल मे लंच ब्रेक मे फिर माला मुझ से मिलने आ गयी.

माला-लंच किया

अवी-हाँ

माला-तुम्हारी पढ़ाई कैसे चल रही है

अवी- ठीक चल रही है

माला-अगर कोई प्राब्लम हो तो मैं मदद कर सकती हू

अवी-नही उसकी कोई ज़रूरत नही है.मैं अपने बहेन के साथ पढ़ाई कर रहा हू

माला-मेरे पास पुराने पेपर है अगर तुम्हे देखने हो तो मैं दिखा सकती हू

अवी-मुझे नही लगता कि उस से कोई मदद होगी

माला-ठीक है, अगर कभी मेरी ज़रूरत पड़े तो बता देना

अवी-मुझे क्लास मे जाना है . मैं चलता हू.

माला-बाइ (मैं जितना इसके साथ रहने की सोचती हू वो मुझसे दूर जाने की सोच रहा था. जाने दो मेरा काम था एक बार ट्राइ करना )

मैं स्कूल के बाद घर आया.

आज चाचा भी घर पे थे. मुझे लगा कि चाची ने बता तो नही दिया.

चाचा- अवी इधर आ

अवी- डरते हुए .जी चाचा जी

चाचा-मैं और तेरी चाची मंडे को गाओं जा रहे है

अवी- छोटी चाची के साथ

चाचा-नही रे तीनो चाचियो के साथ महाराज से मिलने जा रहे है

अवी-कितने दिनो के लिए

चाचा-एक हफ्ते के लिए जा रहे है. तू एक हफ़्ता पूजा बुआ के घर सोने जाना. और दिन भर घर पर रहकर पढ़ाई करना. स्कूल मत जाना .

अवी-नेहा बुआ ने कहा था कि कोमल के साथ पढ़ाई करना

चाचा-ठीक है 2 घंटे के लिए चले जाना

अवी- जी चाचा जी

मैं कमरे मे गया बॅग पॅक करने लग गया तभी मुझे याद आया कि कोमल को स्केल देनी है. मैं ने बेड के नीचेसे स्केल निकाली और बॅग मे डाल दी.

फिर मैं नेहा बुआ के घर की ओर निकल गया

कविता , लीना के घर चली गयी. शायद दूसरा टाइम नही मिला कविता को.

मैं कोमल के साथ उसके कमरे मे चला गया. नेहा बुआ सो रही थी. लगता है ये वक्त बुआ के सोने का है.

कोमल- बैठो ना . क्या रोज बोलना पड़ेगा . ये तुम्हारा भी तो घर है

अवी-मैं बैठ गया

फिर पढ़ाई सुरू की. जब एक फिगर निकालनी थी तब कोमल ने पूछा

कोमल- तुम स्केल ले आए

अवी- हाँ. बॅग से निकाल कर कोमल को दे दी

कोमल फिगर बनाने लगी तभी उस ने पूछा ये स्केल पे मार्क क्यू है

अवी-मैं ये मार्क मिटाना तो भूल गया. ये मार्क तो मैं ने लंड लंबाई जाने के लिए लगाया था

कोमल-ये 21 सेंटीमीटर पे क्यू मार्क किया है

अवी-वो ऐसे ही किया था अभी तो पता भी नही किस वजह से किया था(मेरे लंड की लंबाई 8 इंच है )..

कोमल- मुझे तो अब लिखने की प्रॅक्टीस करनी पड़ेंगी.

अवी- पर क्वेस्चन कैसे पता करोंगी.

कोमल- अगर पुराने पेपर मिल जाए तो

अवी- तुम्हे पुराने पेपर चाहिए.

कोमल-क्या तुम्हारे पास है

अवी- मेरे पास तो नही पर मेरे फ्रेंड के पास होगे

कोमल-तुम ला सकते हो

अवी- हाँ कल ला दूँगा.

फिर कल की तरह आज बुआ ने चाई पीला दी फिर मैं अपने घर चला गया.घर आने के बाद खेलने गया. पर मैं ग्राउंड पर 5 .30 बजे गया था. सब खेल रहे थे. फिर मैने सोचा माला के घर चला जाता हू. उसे कल पेपर लाने को कह दूँगा(आज फ्राइडे है. अगर आज बोला तो कल स्कूल लेकर आ जाएगी. वैसे भी मंडे से मेरी छुट्टी है.) .

मैं माला के घर की ओर चला गया . माला घर के बाहर ही मिल गयी.

माला-अरे अवी तुम. आज इधर कैसे आ गये

अवी-मैं तुमसे ही मिलने आया था

कोमल-मुझसे

अवी- हाँ, वो तुम ने कहा था कि तुम्हारे पास पुराने पेपर है. क्या कल स्कूल मे लेकर आ सकती हो. मुझे चाहिए थे.

माला- ठीक है मैं लेकर आ जाउन्गि. अब तुम जाओ अगर किसी ने तुम्हे मेरे साथ देख लिया तो प्राब्लम हो जाएँगी.

अवी- कल लेकर आना.

मैं ग्राउंड की ओर चला गया. ये काम तो जल्दी हो गया.

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