मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 22

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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घर का गेट कविता ने खोला.

कविता मुझे सामने देख कर खुश हो गयी.

मैं सोफे पे जाकर बैठ गया

कविता- क्या भैया ,कितने दिनो बाद आ रहे हो

अवी-क्या करू कविता , पढ़ाई के वजह से टाइम ही नही मिलता

कविता-सनडे को तो आ सकते हो

अवी-अब सनडे क्या अब तो रोज आया करूँगा

कविता-सच

अवी-मुच

कविता-आप रोज घर आओगे

अवी-हाँ, वो कोमल के साथ पढ़ने .

कविता-मतलब आप दीदी को मिल ने आओगे .मुझसे नही

अवी-अरे ऐसा नही है. पढ़ाई तो बहाना है. मैं तो तुमसे मिलने आया हू

कविता-आप रोज इसी टाइम आओगे

अवी-हाँ, क्यू क्या हुआ

कविता-मैं इस टाइम पर लीना के घर पढ़ाई करने जाती हू. पर मैं टाइम बदल दूँगी

अवी-ओके, कोमल और नेहा बुआ कहाँ है

कविता-मा तो सो रही है. और दीदी अपने कमरे मे है.

अवी-कोमल को बता दो कि मैं आ गया हू. और तुम भी पढ़ाई करने लीना के पास चली जाओ.

कविता-दीदी , दीदी देखो अवी भैया आए है

कोमल अपने कमरे से बाहर आ गयी. फिर थोड़ी देर कविता से बाते की. फिर कविता लीना के घर चली गयी.

कोमल मुझे उसके कमरे मे ले गयी

अवी-तुम्हारा कमरा तो अच्छा है.

कोमल-कहाँ अच्छा है. मेरी सहेली का कमरा इस से अच्छा है

अवी-मैं ने उसका कमरा थोड़े ही देखा है. मुझे तो तुम्हारा कमरा ही अच्छा लगा

कोमल-थॅंक्स. बैठो

अवी- स्टडी टेबल के पास ,कोमल के साइड मे बैठ गया.

कोमल-थोड़ी देर इधर उधर की बाते करने के बाद पढ़ाई करने लग गये

अवी-कोमल का मथ्स उतना भी खराब नही था जितना मैं ने सोचा था.क्यू कि कोमल तो हमारी क्लास की टॉपर है.

लगभग 2 घंटे पढ़ाई करते रहे.

तभी बुआ कमरे मे आ गयी. मुझे देख कर 1स्ट टाइम बुआ के चेहरे पर ख़ुसी थी. बुआ से थोड़ी देर बाते की. फिर बुआ हमारे लिए चाई बनाने चली गयी.

हमने भी पढ़ाई करना बंद कर दिया. कोमल खुस लग रही थी.

कोमल-मुझे तो आज पता चला कि मथ्स सब्जेक्ट इतना ईज़ी है.

अवी-एक बार अच्छे से समझ लेने के बाद मथ्स सब्जेक्ट मे दुबारा पढ़ना भी नही पड़ता है.

कोमल-हाँ ,तुम सही कह रहे हो. मुझे तो लगता है तुम मैथ मे टॉप करोगे.

अवी-मैथ सब्जेक्ट ऐसा है कि कभी कभी स्मार्ट स्टूडेंट भी फैल हो जाता है.

कोमल-मेरा डर थोड़ा कम हो गया

अवी-कुछ दिनो मे तुम्हारा पूरा डर गायब हो जाएगा.शायद तुम्हे मुझ से ज़्यादा नंबर मिल जाएगे. तुम तो जल्दी समझ लेती हो

कोमल-पढ़ाने वाला अगर अच्छा हो तो पढ़ने वाला भी जल्दी सीख लेता है

अवी-तुम तो फिलॉसफर बन गयी.

बुआ चाई लेकर आ गयी. चाई टेबल पर रख कर चली गयी. मैं ने कप उठा लिया और बेड पर जाकर बैठ गया. जैसे ही मैं बेड पर बैठा कुछ टूट ने की आवाज़ आई.

मैं ने उठ कर देखा तो कोमल की स्केल टूट गयी थी.

कोमल-ये क्या किया. कल ही मैं ने नही खरीदी थी. तुम ने तोड़ दी. अब मम्मी मुझे डाटेंगी

अवी-मुझे पता नही था कि बेड पर स्केल रखी है

कोमल-पर मैं बिना स्केल के पढ़ाई कैसे करूँगी

अवी-कुछ सोचते हुए. मेरा पास दो स्केल है .मैं तुम्हे एक दे दूँगा.

कोमल-मैं तुमसे कैसे ले सकती हू

अवी-तुम मेरी बहेन हो. मैं कल तुम्हे लाकर दूँगा.
अब मैं चलता हू कल मिलते है. मैं जल्दी से बुआ के घर से निकल ना चाहता था. अगर बुआ को पता चल गया तो.,मैं ये सोच भी नही सकता कि वो मेरे साथ क्या करेगी

कोमल-बाइ

अवी-बाइ

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