मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story | Update 19

मैं और मेरा परिवार – Family Sex Story
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मैं जो कर रहा हू वो सही है या फिर मैं कोई मुसीबत मे ना फस जाउ

स्कूल से आने के बाद मैं सोच रहा था कि , जैसा मैं ने माला को कहा अगर वैसा नही हुआ तो, फिर मेरी तो लग गयी.
मैं दुआ कर रहा था कि सब ठीक हो जाए… थोड़ी देर सोने के बाद 4.00 बजे मैं ग्राउंड पर चला गया.

मैं ग्राउंड के चक्कर लगा रहा था. तभी मुझे लगा कि एक बार स्टोर हाउस मे जा कर देख लेता हू.

मैं खिड़की से स्टोर हाउस मे चला गया. स्टोर हाउस को अच्छे से देखने लगा. मुझे पता था कि मोना कहाँ चुदाई करती है. उस जगह से थोड़ी दूर ,मेरे और माला के लिए जगा बना दी. जगह ऐसी थी कि मोना की नज़र हम पर ना जाए.पर हम उनकी बाते सुन सके.

फिर मैं ग्राउंड पर वापस आ गया. 4.50 बजे माला आ गयी. उस ने आते ही कहा कि मोना भी आ रही है.

मैं, माला को लेकर खिड़की के पास चला गया.

फिर माला और मैं उस जगह पर छुप गये. . करीब 10 मिनिट के बाद वो अंदर आ गये. पहले मोना अंदर आई फिर उसका भाई. मोना चुदाई वाली जगह पर बैठ गयी पर उसका भाई खिड़की के पास खड़ा था .

शायद देख रहा था कि किसी ने उनको अंदर आते हुए देखा तो नही. क्यू कि आज वो 1 घंटा पहले आए थे. थोड़ी देर बाद मोना का BF भी आ गया. अब 5.30 हो गये थे.

वो तीनो ऐसे ही बैठे रहे. मुझे कुछ समझ नही आ रहा था. माला भी परेशान थी .

अब 6.00 बाज गये पर वो वैसे ही बैठे रहे.

मुझे लगा कही मैं ग़लत तो नही था. माला मुझे बार बार पूछ रही थी.

मैं ने देखा मोना की नज़र खिड़की की ओर थी .वो माला का इंतज़ार कर रही थी.

अब 6.30 हो गये. मोना को लगा कि आज भी माला नही आएगी.तभी वो बाते करने लगे.

मोना-मुझे लगता है माला नही आएगी.

मोना का भाई- ऐसा मत बोल

BF-मुझे भी लगता है आज का प्लान फैल हो गया है

मोना-मुझे नही लगता कि वो कभी यहाँ आएगी

मोना का भाई-तूने अच्छे से पटाया था ना माला को फिर वो क्यू नही आई

BF-लगता है वो डर गयी

मोना-हन कल भी वो नही आई थी. तुम उसे भूल जाओ. मुझे नही लगता कि वो तुम्हारे हाथ आएगी. माला के चक्कर मे मेरी भी चुदाई तुम ने बंद कर दी .

मोना का भाई-हां, अब मुझे भी वैसा ही लग रहा है

BF-चलो हम अपना काम सुरू करते है.पर एक बात है माला की चुदाई करने मे मज़ा आ जाता .

मोना-तुम चुप रहो समझे

मोना का भाई-उस पे क्यू चिल्ला रही हो. चलो अब माला को भुला देते है. तुम्हारी चुदाई सुरू करते है.

मैं सोच रहा था कि अब मैं बच गया. पर मुझे समझ मे नही आ रहा था कि वो तो सिर्फ़ बैठे थे फिर माला को फसा कर उसकी चुदाई कैसे करते .
जाने दो माला को तो सब पता चल गया ना. उतना साफ तो नही पर जितना भी सुना उस से माला को सब पता चल गया.

देखो माला मैं ने सही कहा था कि नही.

माला-सॉरी अवी, मैं ने तुम पर भरोसा नही किया.

अब चुप रहो और जो देख ने आने वाली थी वो देखो.

मेरी बात सुनकर माला का चेहरा लाल हो गया.

मोना-ऐसे ही मेरी चूत मारो . भैया आप मुझे माला समझ कर मेरी चूत मारो.

मोना का भाई-हाँ अब माला तो नही है. अब तुझे ही माला समझ कर तेरा भोसड़ा बनाता हू.

BF-ले चूस मेरा लंड

मोना-हां, और ज़ोर से

मोना का भाई- साली मेरी रंडी चुप कर नही तो पूरा गाओं आ जाएगा. फिर पूरे गाओं से चुद ना पड़ेगा

फिर मोना के भाई ने और मोना के BF ने जगह बदल डाली

लगभग 30 मिनिट के खेल के बाद वो तीनो झाड़ गये. फिर कपड़े पहन कर एक एक कर के स्टोर हाउस से बाहर चले गये .फिर घर की ओर चल दिए.

मैं और माला अभी भी स्टोर हाउस मे थे.

मेरा लंड खड़ा हो गया था.

3 दिन के बाद चुदाई देख कर .मुझे अच्छा लग रहा था.मुझे लंड को हिलाने था (मेडम ने बताया कि अगर चूत ना मिले और लंड खड़ा हो जाए तो हाथ मे पकड़कर आगे पीछे करना . उसे तुम्हारा पानी निकल जाएगा) पर माला के वजह से कर नही सकता था.

माला का भी हाल मेरे जैसा ही था. माला ने उसकी लाइफ मे पहली चुदाई देखी .वो भी एक लड़के के साथ.

माला का चेहरा लाल हो गया था. अपने हाथो के साथ खेल रही थी. मुझे लगा कि अब ज़्यादा देर यहाँ रहना सही नही है. क्यू कि मुझे लंड को शांत करना था.

मैं ने माला से कहा चलो बाहर चलते है. मेरी बात सुनकर माला होश मे आ गयी.

माला शरमा रही थी.

फिर हम स्टोर हाउस से बाहर आ गये .पर माला कुछ बोल नही रही थी…

मुझे जल्दी से लंड को शांत करना था. मैं ने माला को कहा कि अब हमे घर चलना चाहिए. माला ने सिर्फ़ हां मे गर्दन हिला दी.

मैं अपने घर और माला उसके घर चली गयी.

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