आज जब कुआँ खुद चल कर प्यासे के पास आया था तो कल्लू एक बूंद भी गँवाना नहीं चाहता था वो अपने माँ को दिन भर पेलना चाहता था। उसे दिन भर अपने लंड के नीचे लेटाकर चोदना चाहता था।
कल्लू;अपने माँ को गोद में उठा लेता है और उसे खेत में लेटा देता है और झट से उसके ऊपर चढ़ जाता है।
अपने दोनों हाथों में निर्मला की बड़ी बड़ी चूचियों को पकड़ कर वो निर्मला को चुमते हुए अपने लंड को निर्मला के चूत पर घीसने लगता है।
कल्लू:माँ तेरी चूत मुझे चाहिए।
निर्मला:-हाँ हाँ ले ले मेरी चूत बेटा आह आह।चोद डाल अपनी माँ को बना ले तेरे लंड की रानी आह अब और मत तडपा मुझे पेल न अंदर आह।
कल्लू ;कहाँ डालूँ मा।
निर्मला;नीचे हाथ डाल कर कल्लू के लंड को अपने हाथ में पकड़ लेती है और उसे अपने चूत के मुहाने पर लगा देती है। यहाँ मेरे बच्चे यहाँ।
निर्मला;अब तो मना नहीं करेगी ना माँ।
निर्मला;नहीं नहीं अब मना नहीं करुँगी जब जहाँ जैसे चाहेगा वहाँ चुदायेंगी तेरी माँ तुझसे बस डाल दे मेरे अंदर।घुसा दे अपना पूरा लंड अपनी माँ की चूत में।
कल्लू ;अपने कमर को ऊपर के तरफ उठाता है और दन से उसे निर्मला के चूत पर दबा देता है।
एक बेटे का लंड सारे बंधन तोड कर सारी कस्मे भूल कर अपने माँ की रसीली चूत में घुस जाता है।
निर्मला चीख पडती है।हाय बेटे दर्द हो रहा है।
कल्लू;आज वो दिन नहीं है जब एक बेटे अपने माँ के दर्द को सुनकर रुक जाए।वो दूसरा धक्का देता है और ये वाला धक्के से लंड निर्मला के बच्चेदानी तक जा रहा है।निर्मला की कमर ऊपर की तरफ उठ जाती है और निर्मला के दोनों पैर कल्लू के कमर से लिपट जाते है ।वो लम्बी लम्बी साँसें लेने लगती है।
कल्लू;कुछ पल उस एहसास को महसूस करता है और फिर अपने माँ के दोनों ब्रैस्ट को दबाते हुए लंड को आगे पीछे करता चला जाता है।
निर्मला;हाय रे बेटा मेरा आहह मेरी चूत है ना वो अहह
मेरे बेटा धीरे से कर ना आह।पहले पहले धक्के तो सभी को भी दर्द देते है।
निर्मला तो दो बच्चों की माँ थी उसे ज़्यादा वक़्त नहीं लगता सँभालने में ।जब चूत की चिकनाहट लंड को सहलाने लगती है और जब चूत की दिवारें पूरी तरह खुल जाते है तो निर्मला भी पागल सी हो जाती है।
अपने एकलौते बेटे के नीचे टाँगें खोल कर चुदाना उसे दिवानी बना देता है और वो अपने बेटे के चेहरे को पकड़ कर उसके होठो को अपने मुह में लेकर नीचे से दना दन दना दन हर धक्के का साथ देते हुए कमर को ऊपर उठाने लगती है।
निर्मला:आह।और जोर से बेटा और जोर से
आह खूब डाल मुझे अंदर तक हर उस जगह पहुँच जा जहाँ तेरे बापु भी नहीं पहुँच पाये आह।
मेरी चूत सिर्फ तेरी है मेरे लाल आहह
चोद अपनी माँ को जोर जोर से चोद मुझे आह।

