मेरे गाँव की नदी – Update 38 | Incest Sex Story

मेरे गाँव की नदी – Incest Sex Story
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कल्लु : ठीक है मेरी परी बहना जैसा तू कहेगी वैसा ही करुँगा अब जरा अपनी जाँघे थोड़ा और फैला कर उठा ले ताकि तेरे भैया का मोटा लंड अपनी बहन की चूत की जम कर ठुकाई कर सके और फिर मैंने गुड़िया को खूब कस कस कर चोदना शुरू कर दिया और गुड़िया हाय भैया हाय मेरे राजा भैया चोदो मुझे।
खुब कस कर चोदो आज फाड दो अपनी बहन की रसीली चुत और चोदो आह आह यह ओह सीई सीई ओह भईया मै मर जाऊंगी बस फिर क्या था मैंने गुड़िया की गाण्ड को अपनी हथेली में उठा कर ताबड तोड़ धक्के उसकी चुत में मारना शुरू कर दिया और फिर मेरा सारा रस गुड़िया की रसीली बुर में निकल गया और हम दोनों हाफ्ते हुये चिपक गये।
उस दिन गुड़िया को मैंने रात भर खूब जम जम कर चोदा हर चुदाई के कुछ देर बाद गुड़िया मेरा लंड चूस चूसकर खड़ा करती और फिर हम मस्त सेक्स की बाते करके चुदाई करते। गुड़िया और मै सुबह ४ बजे सोये।

सूबह सुबह हम अपने खेतो की और चल दिए आगे आगे गुड़िया और बाबा चल रहे थे और पीछे पीछे मै चल रहा था, गुड़िया बार बार मुझे पीछे मुड कर देखती और मुस्कुरा देती, मै जब उसके चूतडो को देखने लगता तब वह चलते चलते अपने घाघरे के ऊपर से अपनी गाण्ड खुजलाने लगती और मुझे देख कर ऐसी मादक निगाहो से देखते हुए स्माइल देती की मेरा दिल करता की रंडी का घाघरा उठा कर यही खड़े खड़े खूब कस कस कर लंड अपनी बहन की गाण्ड में पेल दूँ।,
खेतो में पहुंचने के बाद बाबा अपने काम में लग गए और गीतिका मेरी ओर देख कर मुस्कुराते हुए कहने लगी भैया मै चाची के पास जा रही हु और
1 बजे तक हम नदी में नहाने चलेंगे और हाँ मै चाची को भी साथ लेकर आ रही हु तब तुम चाची के सामने शरमाना नही।
कालू : लेकिन तू चाची से कहेगी क्या।
गुडिया : वह सब मेरे ऊपर छोड़ दो और यह बताओ की चाची को चोदोगे ना।
कालू : मुस्कुराते हुए तू जैसा कहेगी मै वैसा करुँगा।
गडिया : मुस्कुराते हुए तो फिर ठीक है थोड़ी देर में मै चाची के साथ नदी की तरफ जाऊंगी तुम भी पीछे पीछे चले आना।

इसके बाद गुड़िया चाची के पास पहुच गई और उससे बाते करने लगी।
चाची : क्यों गुड़िया कैसी है आज तो बड़ी खिली खिली लग रही है कही रात को कल्लु के साथ तो नहीं सोइ थी।
गुडिया : मुस्कुराते हुए अरे नहीं चाची लेकिन हाँ भैया से मैंने तुम्हे भी तैरना सीखने की बात कर ली है तो आज चलो हम साथ में नदी में नहायेंगे और तैरेंगे भी।
चाची : न बाबा न मै नहीं जाती तेरे साथ तू तो बिलकुल रंडी बन गई है तुझे शर्म नहीं आती पूरी नंगी होकर अपने भाई के खड़े लंड पर चढ़ जाती है।
गुडिया : इसीलिए तो कह रही हु एक बार तुम भी पूरी नंगी होकर भैया के लंड पर चढ़ जाओगी तो फिर तुम्हारा मन उनके खड़े लंड से निचे उतरने का नहीं होगा।

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