मेरे गाँव की नदी – Update 18 | Incest Sex Story

मेरे गाँव की नदी – Incest Sex Story
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मोनिका : तो तूने अपनी चुत मरवाया क्यों नही, वही आम के बगीचे में खूब तबियत से चुद लेती किसी को पता भी नहीं चलता।
जीतिका : नहीं यार भैया भाई बहन की चुदाई की किताबे पढ़ते है इससे यह पक्का तो नहीं होता न की वह मुझे अपनी बहन को ही चोदना चाहते है।
मोनिका : गीतिका के मोटे मोटे दूध दबाते हुये, अच्छा तो अगर मैडम के भैया उनको पूरी नंगी करके चोदना चाहे तो क्या आप चुद्वाओगि।
गीतिका : मुस्कुराते हुये, मै कैसे चुदवाऊंगी, भला कोई अपने सगे भाई से अपनी चुत मारवाता है क्या।,
मोनिका : अरे रंडी परी आज कल तो लोग अपने बाप से चुदवा लेते है वह तो फिर भी भाई है, और देखना जब तेरे भैया का लंड तेरी बुर में घुसेगा तो तुझे सबसे ज्यादा मजा आएगा।,
गीतिका : आह थोड़ा दाने को सहला न, कितना कस कस कर चोद रहा है वह काला।
मोनिका : अच्छा तूने लंड देखा है तेरे भैया का।
गीतिका : कपडे के उपर से देखा है बहुत बड़ा और मोटा नजर आता है, बिलकुल काला होगा।
मोनिका : मुस्कुरा कर यह कैसे कह सकती है।
गीतिका : मुस्कुराकार, उनके नाम पर गया होगा।
मोनिका : यार तू भी न इतना अच्छा मोका था तुझे चुद ही लेना था, बोल कब चुदेगी अपने भैया से।
गीतिका : तू ही बता यार मुझे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा।
मोनिका : अरे इसमें समझना क्या है कॉलेज से छुटटी मार और पहुच जा अपने गांव, घर में तबियत ख़राब का बहाना कर लेना और आराम से एक महिने खूब कस कर चुत मरवा लेना अपने भैया से।

गीतिका : नहीं यार अभी जाऊंगी तो ठीक नहीं रहेगा। कुछ समय बाद जॉउगी, ले अब तो चूस कर मुझे थोड़ी राहत तो दे, उसके बाद दोनों एक दूसरे की मस्त रसीली बुर को चुस्ती हुई सो गई।
करीब 2 महिने बीत चुके थे, और फिर बारिश शुरू हो गई और इस बार गीतिका एक लम्बी छुटटी लेकर चली वह अब मस्ती के मूड में थी, और फिर गीतिका बस से उतरी और सामने कल्लु को खड़ा देखा।
मुस्कराते हुए उसके सिने से लग गई, कल्लु ने भी अपनी बहन की गुदाज जवानी को अपनी बांहो में भर लिया और फिर गीतिका को साईकल पर बेठा कर गांव की ओर चल दिया।

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