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मै भी बिलकुल ध्यान नहीं रखती हु कैसे मैंने अपने ही बेटे को अपनी मस्त गदराई चुत दिखा दी, पूरी खुल के फ़ैली हुई थी मेरे बेटे ने तो मेरा गुलाबी छेद भी देख लिया होगा।
पर मेरा मन ऐसा क्यों कर रहा है की मै उसे फिर से अपनी भोस दिखा दूँ, तभी मेरे पैरो में कुछ थोड़ा सा चुभा और न जाने क्यों मैंने जोर से कहा आह राम काँटा लग गया।
और मै वही अपनी मोटी जांघे फैला कर जमीन पर बैठ गई।

कल्लु : क्या हुआ माँ।
निर्माला : देख तो बेटा मेरे तलवो में काँटा घुस गया है और फिर मैंने अपनी टांगे उसके मुह की ओर उठा दी।हाय क्या टांगे थी माँ की बहुत चिकनी गोरी और गदराई लग रही थी मैंने उसकी गुदाज पिण्डलियों को
पकड़ कर काँटा देखते हुए कहा, कहा लगा है माँ मुझे तो दिखाई नहीं दे रहा, माँ ने अपनी जांघो को और फ़ैलाते हुए कहा जरा झुक कर अच्छे से देख बेटे, मैंने जैसे ही झुक कर माँ की टांगो को और ऊपर किया। उसकी मस्त फुल्ली चुत अपनी फाँके फ़ैलाये मुझे देख रही थी और उसकी चुत का गुलाबी छेद पूरा पानी से भरा नजर आ रहा था, क्या मस्त भोस थी माँ की।

निर्माला : कल्लु की ओर देखते हुए सोचने लगी कैसे किसी प्यासे सांड़ की तरह देख रहा है अपनी माँ की चुत को ऐसा लगता है मुह डाल कर मेरी चुत को खा जाएगा।
उसका लंड कितना बड़ा है, पूरा काला और खूब मोटा होग, मेरी चुत को तो पूरी फाड् कर रख देगा, हे भगवन मै यह सब क्या सोच रही हु और अपने बेटे को अपनी चुत खोल कर दीखाते हुये मेरी चुत इतना मस्ता क्यों रही है, कितना पानी रिस रहा है बुर से।

निर्माला : दिखा बेटे।
कालू : माँ की भोस को ताड़ते हुये, हाँ माँ नजर तो आ गया है पर तू पीछे हाथ टीका कर आराम से बैठ जा मै अभी निकालता ह, माँ मुझे देखति हुई पीछे अपने हाथ टीका कर बैठ गई और उसकी जाँघे अपने आप और
भी खुल कर चौड़ी हो गई अब माँ की भोस की फाँके पूरी खुली हुई थी और मै उसकी एक टाँग पकडे बस उसके तलवे सहला रहा था, कुछ देर तक माँ की मस्त चुत घुरने के बाद मैने देखा माँ भी कनखियों से मेरे लंड के उठाव को देख रही है, पर माँ की बुर कितनी मस्त और रसीली है, कल बिरजु भी चाची की यानि अपनी माँ की बुर को ऐसे ही देख देख कर मजे ले रहा था।

लागता है बिरजु अपनी माँ को खूब चोदना चाहता है, पर मेरी माँ की गुदाज चुत है कितनी चौड़ी और फटी हुई चुत है माँ की इसमें मेरा लोडा पूरा समां जाय तो कितना मजा आयेगा।
निर्माला : निकला बेटे, मेरे पैर ऊपर उठाये उठाये दर्द करने लगे है।
कालू : बस माँ निकलने वाला है तू अपने पैर को ऊपर ही उठाये रहना बस अभी तेरे अंदर घुसा काँटा निकल जाएगा।
कुछ देर तक मै माँ की चुत घूरता रहा फिर मैंने पैर निचे रखते हुए कहा माँ काँटा निकल गया है।

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