ललिता:- भाई, यहाँ कितनो को लाए हो चोदने के लिए
मैं:- तू छोड़ ना वो सब, तुझे मज़ा आया तू बता
ललिता:- बहुत मज़ा आया भाई… चूत की खुजली निकल गयी, आज पता चला मर्द क्या होता है
मैं:- बट तू तो चुदवा चुकी है ना कइयों से
ललिता:- नहीं भाई, सिर्फ़ एक से कहा तो, वो भी ढीला निकला..
मैं:- तो फिर डॉली… ये बोलके मैने आधे में छोड़ दिया
ललिता:- क्या डॉली
मैं:- नहीं कुछ नहीं…
ललिता:- क्या बताओ ना
मैं:- नहीं रे, छोड़ अब
अब गुस्सा उसका दिखने लगा था
ललिता:- जल्दी बताओ अब, ज़्यादा गुस्सा मत दिलाओ
मैं:- तू जानती है डॉली और पायल के बीच झगड़ा चल रहा है
ललिता:- हां, बट रीज़न नहीं पता, सिर्फ़ डॉली ने बताया के झगड़ा हुआ
मैं:- हां, वो इसी की वजह से हुआ..
ललिता:- मतलब ?
मैं:- डॉली ने पायल को कहा कि उसने तुझे किसी लड़के के साथ देखा था बाहर घूमते हुए और फिर तुम दोनो किसी होटेल में गये… पायल ने इस बात पे ऐतराज़ किया कि ललिता ऐसी हो ही नहीं सकती, और डॉली की बात को नकार दिया… बस इसी बात पे डॉली ने पायल को बुरा भला सुनाया.. कहने लगी कि मेरी बहेन मुझे पता कैसी है रांड़ कहीं की, तू मत साइड ले उसकी…. पायल ने उसे बहुत समझाया बट डॉली नहीं मानी और उनका झगड़ा हुआ
ललिता:- व्हाट!!!! भाई आप झूठ बोल रहे हो ना, प्लीज़ बोलो
मैं:- अरे मुझे झूठ बोलके क्या मिलेगा… मुझे लगा डॉली ने तुझसे अट्लिस्ट किसी तरह डिसकस तो किया होगा… आइएम सॉरी यार, बट प्लीज़ डॉली को ग़लत मत समझना, शी ईज़ युवर सिस्टर आफ्टर ऑल
ललिता:- नहीं भाई.. ज़रूर कुछ ग़लत फहमी है… घर चलते हैं, चलिए
इतना कहके ललिता बाथरूम गयी और मैं सोचने लगा कि जो मैं करने जा रहा हूँ कहीं उसका उल्टा असर ना पड़े मुझ पे और पायल पे… फिर मैने सोचा, क्या नुकसान है, चूत मिल रही है चुदवाने को, और क्या चाहिए… और पायल को मैं संभाल लूँगा, उसे कुछ नहीं होगा…
लेट्स गो भाई !!! ज़ोर से ललिता ने कहा… मैने कहा मैं कपड़े तो पहनु…. मैने फटाक से कपड़े पहने और गाड़ी में गये….
जाके देखा तो 10 मिस कॉल थे डॉली के और ललिता के सेल पे भी कई मिस कॉल्स थे
मैने कॉल बॅक नहीं किया, बट ललिता ने भी नहीं किया… इससे मुझे यकीन हो गया के मैने पहला कदम सही उठाया है,,,
ललिता और मैने, डॉली के मिस कॉल्स इग्नोर करके घर की तरफ बढ़ने लगे…
काफ़ी खामोशी थी… ऐसा लग रहा था जैसे मैं अकेला ही हूँ कार में… कई सवाल थे ललिता के मन में, मेरे दिमाग़ में इस बार सवालों के बदले षड्यंत्र चल रहा था.. मेरा अगला कदम क्या होगा.. मुझे पायल को इन सब में शामिल करना चाहिए ?
ये सब सोचते सोचते ललिता ने मेरा ध्यान तोड़ा
ललिता:- राज,डॉली को क्या बोलेंगे, उसने इतने सारे कॉल्स किए हैं
मैं:- तू सोच ना, उसके साथ तू ज़्यादा क्लोज़ है, तुझे पता है वो कौनसी बात को सच मानेगी
ललिता ने हां में सर हिलाया..
फिर एक लंबी खामोशी… और FM पे चल रहे एक गाने से मेरा दिल फिर पायल के बारे में सोचने लगा
“तुम आ गये हो.. नूर आ गया है”
खैर.. लंबी ट्रॅफिक और एक घंटे की ड्राइव के बाद हम घर पहुँचे… पता चला डॉली भी घर पे पहुँच गयी है और इधर उधर चक्कर काट रही थी…
जैसे ही हमे देखा, डॉली ने अपने सवाल के बॉम्ब हम पर फेंके… किधर थे तुम लोग, इतने फोन किए फिर भी कोई जवाब नहीं दिया, और राज तू, कहाँ थे तुम दोनो इतनी देर
मैने कुछ कहना चाहा. पर मुझे बीच में कट करते हुए ललिता बोली..
“दीदी… आप ही बीच में हमे छोड़ के चली गयी थी, आप बताओ कहाँ गयी थी”
“और राज भाई पे मत चिल्लाओ… उन्होने बहुत कहा घर चलने को, बट मैने उन्हे रोका और आप की वजह से प्रोग्राम क्यूँ कॅन्सल करें, हम मूवी के बाद खाने गये फिर शॉपिंग पे भी जा रहे थे, बट भाई ने मना किया, कहा घर चलते हैं शायद डॉली घर पे हो… आंड आपने भी तो मेरे 3 कॉल्स आन्सर नहीं किए”.. आप बताओ कहाँ थी आप… ललिता ये सब एक साँस में बोल गयी
ये सीन देख के मुझे यकीन हो गया दोनो बहनों की तलवारें निकल चुकी हैं, मेरा काम आसान होगा…
इतना सब सुनके आंटी और मोम नीचे आ गये..
आंटी:- क्या है ये सब.. इतना शोर कैसा, क्या हुआ
ललिता और डॉली दोनो चुप थी… ” कुछ नहीं आंटी, ललिता की मूवी चाय्स डॉली को अच्छी नहीं लगी इसलिए डॉली बीच में घर आ गयी और ललिता को ये अच्छा नहीं लगा”
ललिता ने मेरी तरफ “शुक्रिया” वाली नज़रों से देखा और डॉली पेर पटक के चली गयी
” कितना गुस्सा है इस लड़की में आज कल”.. डॉली रुक बेटे, ये कहके आंटी भी चली गयी उसके पीछे
करीब 15 -20 मिनट में सब लोग अपने कमरे में थे, मैने पायल को स्मस किया
मैं:- हाई डार्लिंग, बियर का क्या करें ?
पायल:- आ जाओ घर पे.. कोई नहीं है, और चॉक्लेट भी लाना ,
बियर और चॉक्लेट का रीलेशन समझ नही आया.. मैं बियर लेके निकला और गाड़ी स्टार्ट की तभी घर के रोड के सामने बोरडिंग पे नज़र गयी ” मॅन्फार्स चॉक्लेट फ्लओरेड कॉनडम्स”
मैने गाड़ी स्टार्ट की और 2 कॉंडोंस खरीद के पायल के घर पहुँचा
पायल के घर पहुँच के देखा तो दरवाज़ा खुला था.. मुझे अजीब लगा बट मैं अंदर गया और पास पड़ी टेबल पे एक नोट पड़ा था
“राज.. दरवाज़ा बंद करो और उपर आओ”
मुझे समझते देर नहीं लगी आज पायल खेलने के मूड में है….
जैसे नोट पे लिखा था मैने वैसे किया और उपर के फ्लोर पे पहुँचा…
उपर दीवार पे एक नोट लगा हुआ था
“मेरे रूम में चुपचाप आ जाओ और दरवाज़ा नॉक मत करना, मैं डिस्टर्ब नहीं होना चाहती”
मैं जल्दी से उसके रूम में घुसा तो सामने का सीन देख के मेरा लंड अंदर से एक दम स्पीड में उछल पड़ा
सामने पायल सिर्फ़ एक छोटे से टॉप में थी और नीचे कुछ नहीं था… उसकी आँखें बंद थी और वो धीरे धीरे अपनी चूत पे उंगली किए जा रही थी
मैं आवाज़ किए बिना उसके पास गया.. और उसकी चूत से उसका हाथ हटा के अपनी जीभ रख दी…
वो एक दम सिहर उठी और सिर्फ़ एक लंबी सिसकारी भरी.. उम्म्म्म आहह….
मैं धीरे धीरे उसकी चूत चाटने लगा और एक हाथ ले जाके उसके टॉप के उपर से उसके चुचे पे रखा…
अहहहहहहहहाः भाई, ज़ोर से दबाओ इन्हे, आहह मज़ा आ गया उम्म्म्म आहहहहहाहा.. इतना कहके वो अपने दोनो पेर मेरे सर के करीब लाके मेरे सर को लपेट दिया और मेरी जीब उसकी चूत की गहराइयों में जाने लगी…
उम्म्म आआ अभाई फास्टर भाई.. आहहहहहाहा और करो ना भाई, मेरे दूसरे चुचे को लो ना भाई, आहहाः ये कहके उसने मेरा हाथ अपने दूसरे चुचे पे रखवाया…. और मैं उसके दूसरे निपल को लेके सहलाने लगा…
आहहहहा भाई.. तेज़ करो ना आहह उम्म्म यस भाई आहहाहहहहहहा, पानी निकालो ना मेरा आहहहहा भाई, उम्म्म यस यस आआहाहहहाः और दो ना अपनी जीभ आहहहहहहा आअहह
मैं तेज़ी से उसकी चूत चाटने लगा और पूरे रूम में चप चप्प आहहहहहाहा स्लर्प गलपा आहहहहहहहहहा की आवाज़ें गूँज रही थी
आहहहहहहहाहा भाई और तेज़ हाआनाँना ,, मैं आ रही हूँ भाई आहहाहाः मैं आई भाई येस आआहहहहहहहहहाअ,, ये कहके उसने अपना पूरा नमकीन पानी मुझ पे छोड़ दिया और लंबी साँसें लेने लगी
औआहहा उह हॅम अहहहहहा.. थॅंक्स भाई अहहहहहहहह ह्म्म्म्म
मैं उसकी चूत को छोड़ के उसकी बाहों में आ गया
मैं:- अगर पानी जीभ से ही निकलवाना था तो चॉक्लेट किसलिए मँगवाया
पायल:- वो मेरे लिए है मेरे भाई, कहाँ है वो
मैने उसके हाथ में कॉंडम पकड़ाया और उसने झट से मेरे हाथ से छीन के रॅपर खोला
बेड से उठ के उसने मेरी जीन्स उतारी और मेरे लंड को उपर से सहलाने लगी….
अहहहंम भाई… जी करता है इसको हमेशा चुस्ती रहूं.. आहहहाहम्म
” चूस ले ना, आहहहहहा बट अभी तो इसे ठंडा कर ना आहहहः”
ये सुनके पायल ने मेरा अंडरवेर नीचे किया और लंड को हाथ में लेके सहलाने लगी..
वाह भाई आहहहहहाहा, मज़ा आएगा आज और ये कहके मेरे लंड पे कॉंडम चढ़ाने लगी… कॉंडम चढ़ा के मेरे लंड को मूह में लेने लगी और अपना टॉप भी फेंक दिया… अब वो एक दम नंगी थी और मैं टीशर्ट में था
उम्म्म्म आहाहहा मेरे भाई,, क्या चॉक्लेट लॉलीपोप है आपका, आहहहहाहम् उम्म्म मज़ा आ गया… अहहहहहा,,
ये कहके वो साइड में आके लंड मूह में लेने लगी और मैने देर ना करते हुए उसकी चूत में उंगली घुसा दी
आहहहहहाः भाई, अओमम्म ऐसे ही करो आहा,,,,ये कहके उसने चूसने की स्पीड बढ़ा दी और मेरे टट्टों को ज़ोर से मसल्ने लगी.. आहहहहाहा मेरे भाई, आहहहहा, प्लीज़ कम फॉर मी, आहहाहाहा ह्म्म्म्म उम्म्म गल्प गल्प, हाहहहहहा क्या लंड है, अहहहहहहा मज़ा आ गया अहहहहहहहहा..
हम दोनो अपने काम में लगे हुए थे.. कभी मैं उसकी चूत में अंगूठा घुस्सा देता तो कभी वो मेरे लंड पे अपने नाख़ून मारती
अहहहहहः भाई.. आहह झड़ो ना मेरे भाई आहहहहा…
यस, हाआँ मेरा निकल रहा है आहहहहहहहा इतना सुन के पायल ने झट से मेरा कॉंडम उतारा और लंड हिलाने लगी और मूह में ले लिया पूरा पानी
आहाहहाहाहा म्भाई, ज़ोर से रागडो ना, आहहहा दूसरी बार आहहाहा निकल रही हूँ मैं आहहाहाहा एस आहहहहहहा… उई माआ मैं गयी आहाहहहहहहः अमा आहहहहहहहाआ……
इस चीख के साथ वो निढाल हो गयी और बाजू में आके लेट गयी
पायल के साँसें उखड़ रही थी..
आहहहा भाई. हननननाना उम्म्म,,, बियर ?
मैं:- दो मिनट साँस ले ले बहना, आहहहा उम्म्म्म
5 मिनट लेटे रहे , उसके बाद हम बियर पीने लगे…
टीशर्ट उतार दो ना , अब मुझसे क्या छुपाना, हंस के पायल ने कहा…
तू ही उतार दे ना मेरी रानी…
नंगी चलके पायल मेरे पास आई, और मेरी गोदी में बैठ के मेरी टीशर्ट उतारने लगी.. इस में उसका चुचा मेरे मूह के पास था, जिसको देख के मैं उसे मूह में लेने लगा…
आहाआहा भाई. बियर पियो ना, ये दूध तो बाद में आपका ही है.. शरारती आवाज़ से कहक फिर भाग के अपनी चेर पे बैठ गयी
बियर पीते पीते हम दोनो सिर्फ़ आँखों में ही बातें कर रहे थे
पायल के इशारे मैं समझ गया और जाके उसे गोदी में उठा के बेड पे लिटाया
बेड पे लेटा के बियर का कॅन उसकी पूरी बॉडी पे उडेल दिया.. ठंडी बियर के एहसास से वो सिहर गयी और उसके निपल्स कड़क होने लगे
अहहहाहा भाई…. बियर पियो ना, वेस्ट नही करो आहहहहहहः..
मैं उसकी पूरी बॉडी चाटने लगा और वो भी मेरे लंड को पकड़ के उसे सहलाने लगी… उसके नाज़ुक हाथों के एहसास से मेरे लंड में जान आने लगी
आहमम्म भाई. आआहा यहाँ से पियो ना, ये कहके वो मुझे अपनी चूत की तरफ ले गयी.. और मैं उसकी चूत चाटने लगा
अहहहाहा भाई… और करो ना अहहहहहाहा…. वो मेरा सर पकड़ के अपनी चूत की तरफ दबाने लगी…
मैने उसकी चूत छोड़के उसके पास गया और वो मेरी तरफ सवालिया नज़र से देखने लगी…
मैने उसे गोदी में उठाया और उसे नीचे ले गया और डाइनिंग टेबल पे लेटा दिया
आहहहहाः भाई… यहाँ चोदोगे क्या आहहहहाहा… बहुत पॉर्न मत देखो अब आप,,, आहहाहह
मैने झट से अपने लंड पे कॉंडम चढ़ाया और उसे टेबल पे घोड़ी बनाके उसकी चूत में लंड पीछे से डालने लगा.. मेरा साथ देते हुए पायल ने भी अपना एक पेर चौड़ा कर लिया जिससे मुझे आसानी से उसकी चूत मिल रही थी
अहहहाहा भाई.. उम्म्म और ज़ोर से चोदो ना अहहहहहा… ऐसी पोज़ीशन देख के मेरे लंड की अकड़ बढ़ गयी और मैं तेज़ी से चोदने लगा
अहहहाहाहा.. उम्म पच पच फॅक फॅक अहहहहाहा और घुसाओ,, और ले ना मेरी रानी, अहहहहहा और चोदो ना भैया अहहहहहा हाननना मेरे बेहेन्चोद भाई आहहहहा मेरी प्यारी बहेंन अहहाहाहा
ऐसा आवाज़ों से माहॉल गूँज उठा और हम भूरी तरह से पसीने में भीग चुके थे
अहहहहहहा पायल आइ अम कमिंग अहहाहाहा… हाआँ भाई मे तू अहहहहहः ाओह यस आह अहह आफूक्क मे हार्ड भाई अहहहहहा
ये कहके हम दोनो एक साथ झाड़ गये और वहीं ज़मीन पे लेट गये
अहाआहहा भाई… आहा मज़ा दे दिया आज आहहाहहाः
” तू भी तो पॉर्न बहुत देखती है मेरी बहना आहाहहहा” क्या पोज़िशन में चुदवायि है आहहहहः, लंड खिल उठा मेरा आजा अहहहहा
” हां भाई, आपके लिए एनितिंग” और ये कहके वो मुझसे लिपट गयी
इतने पसीने में भी मुझे पायल का चिपकना बहुत सुकून जैसा लगा
मैं:- “पायल, कुछ कहना चाहता हूँ मैं तुमसे”………..
पायल:- हान्फ्ते हुए…ह्म्म…बोलो ना , पूछना क्या
मैं:- मुझे इंडोनेषिया चलने में डर लग रहा है… ( सच में मैं उसे डॉली ललिता की बातें शेर करना चाहता था, बट नही कर पाया,शायद कन्फ्यूज़्ड था , मैं और मेरा दिल दोनो)
पायल:- व्हाट भाई, क्यूँ ऐसा, बाली ईज़ सच आ नाइस प्लेस, व्हाट्स रॉंग?
मैं:- कुछ नही यार, सुना है वहाँ कुदरती आफ़तें बहुत आती हैं…कुछ हो गया तो हमको
पायल:- कुछ नही होगा, और अगर कुछ हुआ तो मुझे डर नहीं, मैं अपनी आखरी साँसें भी आपके साथ ही लूँगी, इससे खुशी की बात मेरे लिए कोई नहीं
“मुझसे मत प्यार कर पायल इतना, हमारा रिश्ता कोई क़ुबूल नहीं करेगा, और मैं तुझे दुखी नहीं देख सकता” मैने धीरे से कहा
पायल:- भाई, आप क्यूँ ऐसा बोलते हो, हर रिश्ते का नाम हो ऐसा ज़रूरी नहीं, दिल के रिश्ते से ज़्यादा अहम कुछ नहीं मेरे लिए
काफ़ी देर खामोशी रही..शायद हमसे ज़्यादा हमारी आँखें बोल रही थी
“उफफफ्फ़…अब इस पल को वापस हल्का करना ही पड़ेगा”ये कहके पायल अपने कमरे की ओर जाने लगी..
पीछे से मैने उसकी गान्ड देखी..एक दम मस्त, दिल शेप, करीना की गान्ड याद आ गयी..
“ये लो भाई..ये शांत करेगी आपको” पायल ने मेरा ध्यान तोड़ते हुए मुझे सिगरेट दी
सिगरेट स्मोकिंग के बाद हम उठे और कपड़े पहनने लगे…कपड़े पहनते पहनते मैने कहा
“मेरे साथ भागने को कहूँ, तो कितनी देर करेगी तू”
“अभी चलो भाई”… हमारा सिर्फ़ जिस्मानी रिश्ता नहीं है”
उसका जवाब सुनके मैं मुस्कुराया और उसके फोर्हेड को किस करके निकल गया..
गाड़ी में पहुँचा तो मिस कॉल था शन्नो आंटी का.. मैने कॉलबॅक नही किया, मूड ही नहीं हो रहा था…
मैने गाड़ी स्टार्ट की और घर निकला… पहुँचते देखा तो 8 बज चुके थे..
मोम:- राज कहाँ है पूरा दिन, चल मुझे और तेरी आंटी को ले चल, हमे संगीत में जाना है
ओके मोम चलो, बट आंटी कहाँ है..और पापा और अंकल?
“आंटी उपर है, जा बुला के ला उन्हे, तेरे पापा और अंकल ऑफीस से लेट आएँगे..”, मोम ने कहा
मैं, उपर गया आंटी को बुलाने और बिना नॉक किए उनका दरवाज़ा खोला
मैं सामने का नज़ारा देखता ही रह गया..

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