मैने एसएमएस पढ़ा…
“तुझे क्यूँ छोड़ूँगा उसके घर रात को….” मैने ललिता से पूछा
“बस ऐसे ही…” कहके ललिता आगे चली गयी.. कुछ देर वहीं खड़े रहके मैं सोचता रहा, फिर दिमाग़ में बत्ती हुई
“ओके ओके.. गॉट इट.. अब तक तो अंशु बता चुकी होगी उसके बॉस को कि क्या मामला है.. तो अब तू वहाँ रहेगी तो तुझे न्यूज़ मिलेगी ना उनके बारे में.” मैने ललिता का क्लू पकड़ के कहा
“स्मार्ट बॉय… अब चलो नाश्ता करो, और शॉपिंग पे ले चलो” कहके ललिता डाइनिंग टेबल पे जाके नाश्ता करने बैठी
मम्मी के आते ही..
“ओये होये… क्या बात है, कुछ दिन में बहू रानी आ जाएगी आपकी तो आंटी हैं…. फिर तो आप उसपे हुकुम चलाओगे जी… क्या बात है, सोच के ही मज़ा आ रहा है…” ललिता मोम को चिढ़ाने लगी.. और उनकी बातें एक घंटे तक चलती रही
एक घंटे में हम शॉपिंग पे निकले.. पूरे दिन की शॉपिंग में ज्यूयलरी, मिठाई, कपड़े, कर्टन्स, कुशान्स, पेंटिंग्स, क्लॉक्स आंड व्हाट नोट.. टोटल बिल देख के दिमाग़ में सिर्फ़ एक ही शब्द आया… “वेस्ट”…. इसलिए नहीं क्यूँ कि ये सब गंदा था, पर इसीलिए क्यूँ कि जिस पर्पज से ये सब खरीदा जा रहा था, वो पर्पज शायद पूरा ही नहीं होगा.. करीब रात के 8 बजे हम फ्री हुए
“भाई.. अंशु मासी के घर ड्रॉप करो ना मुझे.. मैं वहीं रहूंगी कुछ दिन अब” ललिता ने मुझे वो कहा जो वो सुबह को बता चुकी थी
“बेटी, तुम भी यहाँ, तो मेरे साथ कोई नहीं होगा घर पे.. मैं अकेली हो जाउन्गि” मम्मी ने ललिता से ओप्पसे किया
“चिल्क्स माइ स्वीट हार्ट.. आप चलो, मैं मोम और डॅड को आपके साथ वापस भेज दूँगी.. वो दोनो आप की मदद करेंगे.. और मदद कैसी, सब तो अंकल ने आउटसोर्स किया है.. उनपे नज़र डॅड रख देंगे, आप फिकर मत कीजिए मेरी जानेमन” ललिता ने फिर मज़ाक में मोम को कहा
शन्नो वापस आएगी, ये सुनके मोम को जितनी खुशी हुई उससे कहीं ज़्यादा खुशी मुझे हुई क्यूँ कि ललिता वहाँ अकेली होगी तो अंशु और पूजा भी उसपे नज़र नहीं रख पाएँगे, क्यूँ कि वो तो प्रिपरेशन्स में बिज़ी होंगे.. ये प्लान ठीक जा रहा था हमारे लिए.. कुछ देर में हम अंशु के घर पहुँचे, हमे देख के अंशु ने तहे दिल से हमारा स्वागत किया, उसके साथ उसका पति भी था… दोनो ने बहुत खुशी दिखाई हमारे आने पे..
“आज तो आपको हमारे घर ही खाना है बहेन जी, कहे देता हूँ मैं” कहके अंशु मोम को अपने साथ घर दिखाने ले गयी…. मैने कुछ देर पूजा के बाप से बात की… उससे बात करके यकीन हो गया वो साला किसी काम का नहीं , बस पुराने पैसे पे ऐश कर रहा है… (कर ले बेटा कर ले ऐश… तुम्हारी तो ऐसी मारूँगा, सालों याद रखोगे राज वीरानी को..)
मुझे पूजा कहीं दिख नहीं रही थी.. मैं उसे इधर उधर ढूँढ रहा था, तभी मेरे मोबाइल पे एसएमएस आया..
‘कम आउट आंड सी मी बिहाइंड दा गार्डेन” पूजा का मेसेज था..
पूजा का मेसेज मिलते ही , मैं कुछ सेकेंड्स में वहाँ से उठके गार्डेन की तरफ जाने लगा.. ललिता ने भी ये नोटीस किया, और मुझे एक एसएमएस किया
“प्लीज़ मेनटेन दा डिस्टेन्स ओके”
“वाइ शुड आइ…?” मैने रिप्लाइ किया
“बिकॉज़ इट्स मी हू ईज़ ऑर्डरिंग यू…” ललिता ने वापस जवाब दिया
मैं बाहर निकलके गार्डेन की तरफ जाने लगा, गार्डेन के पीछे ऑलरेडी पूजा मेरा वेट कर रही थी.. मुझे देखते ही पूजा दौड़ के मुझसे लिपट गयी
“ओह….. उम्म्म्मम…. कितने दिन दूर रहे हैं हम…. दिल मान ही नहीं रहा था आपके बगैर…. बिल्कुल भी मिस नहीं किया आपने मुझे ?” पूजा ने मेरे सीने में अपने चेहरे को छुपाते हुए पूछा
“तुम खुद ही मेरे दिल से पूछो… वो ही तुम्हे जवाब देगा,” मैं पूजा को हग करते हुए बोला… कुछ ही दिन की बात है, फिर तो मुझे ये सीना, ये चुचे कहाँ मिलेंगे.. अभी मज़े लेते हैं थोड़े मैने सोचा…
“उम्म्म्म… दिल से ज़्यादा तो यहाँ से आवाज़ आ रही है…” कहके पूजा ने अपना हाथ मेरे लंड पे रख दिया और उसे रगड़ती हुई बोली
“दिस ईज़ नोट दा राइट टाइम बेब… टेल मी, आज पापा तुमसे सिगनेचर्स लेने आए थे कोई पेपर्स पे सुबह को? ” मैं क्यूरियस होके पूछने लगा
“हां आए थे… मैने उनसे पूछा नही कैसे पेपर्स हैं, मैने बस साइन कर दिए..” कहके पूजा मुझसे दूर होने का नाम ही नहीं ले रही थी..
“गिव मी युवर लिप्स बेबी…. उम्म्म्म…आहह…. उम्म्म्मँववाहाहहहहहहहा म्म मवाहाहहहाहौमम्म्म आआहहःसीईईईईईईई…” पूजा और मैं वाइल्ड किस्सिंग में इन्वॉल्व हो गये, मैं उसके चुचे दबाने लगा था…. जैसे ही पूजा फिर मेरे लंड के पास पहुँची,
“डोंट यू गेट इट…. दिस ईज़ नोट दा राइट टाइम ऑलराइट…. कंट्रोल इट डॅम इट…” मैं पूजा को दूर धक्का देके बोला और वहाँ से निकल आया
मुझे आते ललिता ने दूर से देखा… मुझे खुद नहीं समझ आ रहा था कि मैने पूजा को क्यूँ मना किया.. डेफनेट्ली ललिता के मेसेज की वजह से नहीं…. शायद मुझे अब उनसे घिंन आने लगी थी… गार्डेन से निकल के मैं जाके अपनी गाड़ी में बैठ गया और अपने लिए सिगर्रेट जला ली… करीब 15 मिनट के बाद मैं फिर अंदर गया , जहाँ मोम और अंशु खाना खाते खाते बातें कर रहे थे…
“, आइए आप भी खाना खाइए.” पूजा के डॅड ने न्योता देते हुए बोला
“नहीं, आइ आम नोट हंग्री, थॅंक्स एनीवेस… ललिता कहाँ है, आइ वान्ट टू सी हर…” मेरे जवाब में एक रूखापन था
“बेटे वो उपर है पूजा के रूम में… उपर जाके लेफ्ट, दूसरा कमरा” अंशु ने डाइरेक्षन्स दिए मुझे
पूजा के रूम में जाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती… सबसे पहले तो कुमार फिल्म सेट की स्टाइल की सीडीयों पे चढ़ो, उपर से फिर लेफ्ट जाके कमरा ढुंढ़ो… मैने दूसरा ऑप्षन सेलेक्ट किया और ललिता को कॉल किया..
“वान्ट टू सी यू बेब.. बाहर गाड़ी में आ..” कहके मैं वहाँ से निकल गया… मेरा रिक्षन देख के अंशु और उसके पति से ज़्यादा मोम बहुत शॉक में थी…. खैर उन्होने अपना खाना फिर शुरू किया और बातों में लग गये..
“बोलिए भाई… ” ललिता गाड़ी में एंटर होती बोली
“तू जानती है ना तुझे क्या करना है… सबसे पहले इंश्योर करना है तू पूजा के मोबाइल से वो नंबर निकाले… आइ डोंट केर तू कैसे सर्च करेगी, पर करेगी ओके… दूसरी बात, जब इनका सो कॉल्ड फक्किंग बॉस यहाँ आएगा वो लोग कहाँ मिलेंगे, तुझे वो जानना है…. आइ आम 100% शुवर के वो लोग शादी के एक दिन पहले वाली रात को पक्का मिलेंगे…” इससे पहले मैं कुछ बोलता ललिता ने फिर मुझे कट किया
“आंड हाउ आर यू श्योर अबाउट दिस ब्रो…”
“उस दिन की बातें याद नहीं है, उनके बॉस ने कहा था तुम शादी फिक्स करो मैं उस दिन आ जाउन्गा.. अब जिस दिन शादी है तो वो उनसे मिल तो नहीं पाएगा…. बिसाइड्स वे आर अस्यूमिंग कि वो फॅमिली मेंबर है, रीज़न बीयिंग दट वाच आंड कॉलर ट्यून, तो वो अगर फॅमिली मेंबर है तो वो शादी में रहेगा ना… तो ये लोग वहाँ बात नहीं कर पाएँगे , इसके लिए आइ आम अस्यूमिंग लेटेस्ट मेन वो एक रात पहले मिलेंगे”
“वाउ माइ शरलॉक होम्ज़… आंड डोंट वरी, आज रात पूजा से बातें निकलवाने की ट्राइ करूँगी.. मैं क्लियर कहती हूँ मैं लेज़्बीयन नहीं बनूँगी उससे बातें निकलवाने के लिए.. हां उसको दारू पिलाउन्गि, थोड़ा बातें ऐसी करूँगी, कि ये टॉपिक खुद निकले, इससे ज़्यादा प्लीज़ डोंट एक्सपेक्ट हाँ” कहके ललिता ने क्लियर कर दिया
“ओके गुड… बट वन्स यू फाइंड आउट तू मुझे बताएगी वो जगह, आंड वी विल वर्क ऑन अवर प्लान ऑलराइट…” मैने ललिता को फाइनल हिदायत देते हुए कहा
“ओके.. वन मोर न्यूज़ फॉर यू.. जड्ज फॉर युवरसेल्फ, इट ईज़ गुड ऑर बॅड..” ललिता ने मुझे देखते हुए कहा
‘एप.. शूट…” मैने ललिता को आगे बढ़ने के लिए कहा
जैसे ही ललिता आगे कुछ बोलती, मेरी आँखों के सामने एक गाड़ी की तेज़ रोशनी आई, जिससे मुझे अपनी आँखें बंद करनी पड़ी… जैसे ही गाड़ी की हेडलाइट्स बंद हुई, मैने अपनी आँखें खोली, तो सिर्फ़ एक ही शब्द बोल पाया…
“गॉड ब्लेस्स अस…” मैने ललिता को देखते हुए कहा
ब्लॅक कलर की साड़ी में खुले बालों के साथ, मेरे सामने खड़ी थी माया बुआ… वाइट टॉप और लोंग स्कर्ट में अपनी नीली आँखों के साथ खड़ी थी मेरी डार्लिंग पायल…
“भाई… आपकी एक्स गर्लफ्रेंड है.. हाई हेलो तो करो..” कहके ललिता कार से उतरी और बुआ से बातें करने लगी… मुझे भी मजबूरी में उतरना पड़ा…
“हेलो… हाउ आर यू बुआ जी…” मैने उनके गले लगते हुए बोला
“बेटे, तुम इधर क्या कर रहे हो.. ललिता के साथ गाड़ी में, वॉट आर यू गाइस अपटू…” बुआ ने शक से पूछा
“कुछ नहीं बुआ… आप जानते हो, सिगर्रेट पीने आए थे… मम्मी को मत बोलना प्लीज़…” मेरे दिमाग़ में जो आया वो बोल दिया
“भाभी अंदर है… चलो मैं उनसे मिलूं, और प्लीज़ क्विट स्मोकिंग ओके…” कहके बुआ अंदर चली गयी… रह गये मैं, ललिता और पायल…
“सो पायल.. शादी के वक़्त यहाँ, अपने भाई के घर नहीं आना चाहिए तुमको, यहाँ किस रीज़न से…” मैने पायल से पूछा.. अब भी मेरी आवाज़ में एक नफ़रत थी, पर मैं उसे दिखाना नहीं चाहता था… इसलिए अपने एक्सप्रेशन्स पे कंट्रोल किया.
“भाई.. इसके सामने क्यूँ बातें करें, चलो हम ड्राइव पे चलते हैं..” कहके पायल मुझे पकड़ के अपनी गाड़ी में बिठाने लगी..
“नो नो… व्हाट डू योउ मीन इसके सामने… शी ईज़ आ फॅमिली.. आंड…. आंड शी ईज़ माइ सिस्टर ऑलराइट…. यू कॅंट बिहेव लाइक दिस टू हर… नेवेर” कहके मैने ललिता को हग कर लिया और उसके फोर्हेड पे किस कर ली… ललिता की आँखें थोड़ी नम हुई थी, पर उसने खुद को झट से कंपोज़ कर लिया और नॉर्मल खड़ी हो गयी…
“यॅ यॅ… शी ईज़ आ स्वीट हार्ट मेरी ऑल्सो ओके.. चल डार्लिंग, हम चलते हैं अंदर…” कहके पायल ललिता को अंदर ले जाने लगी
दोनो अंदर चले गये, और मुझे समझने में देर ना लगी कि पायल क्यूँ ऐसा बिहेव कर रही है उसके साथ.. कुछ सेकेंड्स में मैं भी अंदर गया, जल्द से जल्द मोम को वहाँ से लेके घर जाना चाहता था.. अंदर जाके देखा तो मोम अंशु, शन्नो और बुआ सब मिलकर बातें कर रहे थे
“अरे भाभी.. ऐसी बात नहीं है… अब आपके साथ शन्नो है, विजय भी है.. और अंशु के साथ कोई नहीं, शन्नो ने मुझे यहाँ बुलाया है, ताकि मैं कुछ दिन यहीं रहके इनकी तैयारियों में मदद करूँ..” बुआ मम्मी से बोल रही थी
“हां जेठानी जी…. मेरी बहेन अकेली पड़ गयी है तो कुछ तो करना पड़ेगा ना.. अब राज को पूजा इतनी भा गयी है कि वो ज़्यादा वेट नहीं कर रहा तो कुछ तो नुकसान होगा ना आपको भी… आपके साथ मैं हूँ फिर कैसी चिंता.. और वैसे भी लड़की वालों के घर ज़्यादा काम रहता है लड़के वालों की कंपॅरिज़न में…” शन्नो ने मोम से मज़ाक में कहा पर सीधी बात थी
“हां मामी… और मुझे ललिता के साथ रहना है, अब जब उसने कहा वो यहाँ है तो मैं भी यहीं आ गयी.. पर चिंता मत कीजिए, शादी में हिस्सा तो मैं लड़के वालों की तरफ से ही लूँगी..” कहके पायल मोम के गले लग गयी
“ठीक है भाई.. चलो अब चलते हैं.. और माया, तुम्हे घर आना है ओके पायल के साथ, हमारे साथ भी दो दिन बीताओ समझी..” मोम हॅड फाइनल से इन दिस डिस्कशन…
घर जाते वक़्त मेरे साथ शन्नो और विजय भी थे.. इसलिए मोम ने अपना गुस्सा मुझपे ज़ाहिर नही किया , पर घर पहुँचते ही मोम ने कहा
“… राज व्हाट काइंड ऑफ बिहेवियर वाज़ दिस.”
“व्हाट… क्या किया मैने मोम” मैने सर्प्राइज़ होके पूछा
“बनो मत … पूजा के मोम डॅड के साथ ऐसा बर्ताव, ईज़ अनॅक्सेप्टबल ओके… आगे इस बात का ध्यान रखना..” मोम कहने लगी
इससे पहले मैं कुछ जवाब देता, पीछे से डॅड की आवाज़ आई
“अरे भाई.. अब क्या हुआ, मेरे बिज़्नेस मॅन को क्यूँ डाँट रही हो… और रहने दो, आज के लिए एनफ है… पहले मेरे लिए पानी लाओ, फिर तुम दोनो को एक बात बताता हूँ…”
जब तक मोम डॅड के लिए पानी लाती, तब तक मेरे दिमाग़ में फिर एक चिंता आई… अब क्या बताने वाले हैं डॅड, फिर कोई नयी बात है क्या… डॅड जब जब ऐसा बोलते हैं तब तब मेरा ब्लड प्रेशर हाइ हुआ है….मुझे ऐसे सोच में देख
“क्या हुआ बॉय…. एनी प्राब्लम…” डॅड ने पूछा
“नो डॅड.. आइ आम फाइन.. बस सोच रहा था शादी में क्या पहनु..” मैने बात को घूमाते हुए पूछा
“देखो बेटे, वैसे तो लड़का लड़की कुछ मॅचिंग सेलेक्ट करते हैं, पर आइ लीव दिस डिसिशन ऑन यू…. बट मेक श्योर, वॉटेवर यू वेअर मस्ट बी आ क्लास.. आंड सब तैयारियाँ चालू है.. घर तो तुम देख ही रहे हो… कल से सब मेहमान आने वाले हैं उनके लिए होटेल ह**त में रूम्स बुक्ड हैं… और वेड्डिंग होगी होटेल ब** र******न में…. रिसेप्षन मैं मुंबई में करने का सोच रहा हूँ… अगर मुंबई में करते हैं तो ओ****ई’स में, और अगर यहीं किया तो फिर ह**त में… सब डिसाइडेड है… तुम सिर्फ़ अपने कपड़े लाओ, कल तुम्हारी मोम और मैं रिश्तेदारों के लिए शॉपिंग करने जाएँगे, और उन्हे रिसीव भी करेंगे…” डॅड ने पूरा प्रोग्राम बता डाला
“डॅड, मैं जाता हूँ उन्हे रिसीव करने.” मैने सोचा शायद मदद हो जाएगी
“नहीं बेटे.. यू रिलॅक्स, तुम अपनी शॉपिंग करो, और रिसीव क्या करना है, होटेल की गाड़ियाँ चली जाएँगी उन्हे लेने… मुझे बस होटेल जाके देखना है कि वो लोग ठीक से पहुँचे.. तुम अपने फ्रेंड्स के साथ रहो.. और अपने भाई से बात करो, वो कब आएगा…”
इतने में मोम पानी लेके आ गये, तब तक मैं ज़य से बात करने चला गया
“हां भाई…” ज़य शायद सो रहा था
“छोटू, तू सो रहा था क्या..” मैने पूछा
“नहीं भाई… सोच रहा था, मैं आपकी कोई मदद नहीं कर पाया.. पर मुझे अब तक समझ नहीं आ रहा कि आपने 5 दिन लिए, इतना जल्दी क्यूँ… आर यू क्लोज़ टू क्लोसिंग दिस…” ज़य ने मुझसे पूछा
मैं उसे कुछ बताना नहीं चाहता था… ऐसा नहीं कि मुझे उसपे शक था, पर मैं उसे कुछ टेन्षन नहीं देना चाहता था
“नहीं भाई.. बस तू बता कब आएगा, डॅड ने ऑर्डर दिया है..” मैने बात घुमाना चाहा
“डॅड बोल रहे हैं तो आना पड़ेगा ना, बिज़्नेस कॅपिटल जो दिया है उन्होने… और आपके साथ भी रहना है.. चलो, आज हुई 14 जुलाइ… मैं 18 जुलाइ को आउन्गा, आपकी शादी के एक दिन पहले… और आपको यहाँ से कुछ चाहिए.. चलो छोड़ो, मैं खुद ले आउन्गा आपके लिए..” ज़य ने अपनी डेट बताई
“इतनी देर से क्यूँ.. कल ही आजा यार, ” मैने थकी हुई आवाज़ में कहा
“भाई, लीव अप्लीकेशन रखी है.. बट देश के नंबर 2 बी स्कूल में पढ़ने का नुकसान भी है.. मैने तीन दिन से ठीक से खाया भी नहीं है, इतनी प्रेज़ेंटेशन्स और फकुटली विज़िट्स… थिंग्स आर गेटिंग मेसी हियर..” ज़य कहने लगा
‘ओके छोटू… तू खा ले कुछ, मिलते है फिर..” कहके मैने फोन रखा और डॅड के पास चला गया
“डॅड… उसकी लीव सॅंक्षन नहीं हुई अब तक, ही विल बी हियर बाइ 18थ मॅक्स” मैं सोफे पे बैठते हुए बोला जहाँ मोम डॅड ऑलरेडी बातें कर रहे थे..
“उसे मैने कितना समझाया कि बिज़्नेस जाय्न करे, बट नहीं , उसे तो मासकॉम में दिलचस्पी है.. आख़िर क्या है ग्लॅमर में… खैर, चलो मैं खुद बात करूँगा उसके साथ… और अब मुद्दे की बात सुनो.. राज की शादी है 19 जुलाइ को.. तो , दिस एंटाइयर प्रॉपर्टी ऐज डिस्कस्ड, फॅक्टरी के पेपर्स और जैसे हमारी सब बातें हुई हैं… इन सब का कंट्रोल तुम्हे मिलेगा 20थ जुलाइ से.. तुम इसे अपनी शादी की गिफ्ट समझ लो… ये मैं तुम्हे और पूजा को वेड्डिंग में गिफ्ट के तोर पे दूँगा… हॅपी माइ सन….” कहके डॅड और मोम बहुत खुश हुए…
मैं कुछ देर तक वहीं बैठा था, फिर जाके अपने रूम में पहुँचा और नंबर डाइयल किया… तीन चार बार नंबर डाइयल किया, बट नो रेस्पॉन्स… हर एक मिस्ड आन्सर के साथ मेरी गान्ड फाटती जा रही थी… उपर से ललिता का भी बार बार एक ही एसएमएस आ रहा था..
“एनी अपडेट… एनी अपडेट…”
फाइनली जब मेरा फोन रिंग हुआ, मेरे मोबाइल में नंबर देख मैने फटाफट उठाया
“बहन के लोड्े…. कितनी देर बाद फोन उठाता है.. मेरी गान्ड फटी हुई है इधर पता है तुझे..”
“क्या हुआ भाई…” सामने से जवाब आया
“अबे साले… इतनी देर हुई तुझे ज़ूरिच पहुँचे हुए, तूने अभी तक फोन नहीं किया… 10 घंटे की फ्लाइट, कितनी देर की तूने.. उपर से फोन भी आन्सर नहीं करता, जानता है मेरी क्या हालत है इधर…” मैं एरिसटॉटल पे भड़कने लगा
“चिल … टाइम ज़ोन चेंज हो गया दोस्त, इसलिए ख्याल नहीं आया.. और मैं अभी लोकल पोलीस ऑफीस में ही हूँ.. उनके आसिटेन्स की हेल्प चाहिए मुझे, नहीं तो हमे ये वाच कंपनी असिस्ट नहीं करेगी दोस्त…” एरिसटॉटल ने एक दम ठंडे दिमाग़ से जवाब दिया
“सॉरी यार….. मेरी हालत बहुत खराब है इधर, सॉरी प्लीज़..” मैने सर झुका के उसको जवाब दिया
“इट्स ओके भाई.. बट तुझे इतना स्ट्रेस क्यूँ, एनितिंग दट यू वुड वान्ट टू शेअर विद मी” एरिसटॉटल ने इंक्वाइरी करके कहा
“तू यहाँ आना, आइ विल टेल यू… आंड जैसे ही तुझे वाच के ओनर का नाम मिले, मुझे फोन करना, मैं फर्स्ट फ्लाइट में तेरा डिपार्चर करवा दूँगा वहाँ से… आंड मुंबई आके तेरे लिए गाड़ी खड़ी होगी, उसमे सीधा मेरे घर आना… समझा… मेरे पास वक़्त बहुत कम है..” मैं एरिसटॉटल को हुकुम देने लगा
“वक़्त कम है.. किसलिए ? अभी बता मुझे, मैं यहीं से कुछ कर सकता हूँ तू बोले तो.. आंड टिकेट्स की नो नीड… ये केस की वजह से मुझे एक और यहाँ चीज़ मिली है.. एक कान्फरेन्स अटेंड करनी है, तो उसमे भी थोड़ा वक़्त लगेगा भाई.. मेरी यहाँ से डिपार्चर की टिकेट 18 जुलाइ मॉर्निंग की है… सबसे पहले पहुँच के मैं तेरे पास आउन्गा… वादा है दोस्त, और आके तुझे सब डीटेल्स वहाँ बताऊँगा….” एरिसटॉटल की आवाज़ मैं अब एक विश्वास जाग रहा था
“नहीं भाई.. थ्ट्स ओके, मुझे डिपार्चर की डीटेल्स एसएमएस कर देना, मैं गाड़ी भिजवा दूँगा.. मेरे घर पोलीस के कपड़े पहन के आना उस दिन प्लीज़… आंड जो भी डीटेल्स हैं, सब यहाँ आके बताना, विद एनफ एविडेन्स.. चल रखता हूँ अब…” कहके मैने एरिसटॉटल का फोन कट कर दिया
एरिसटॉटल से बात करके मैने ललिता को फोन लगाया.. वक़्त रात के 12 बजने आए थे…
“हां भाई… फोने लगा उसका, क्या बोला…” ललिता ने हेलो तक नहीं किया
“हां मेरी बात हुई, पर सिर्फ़ एक प्राब्लम है.. वो यहाँ 19थ जुलाइ को ही आएगा, उसकी एक कान्फरेन्स है उधर, वो अटेंड करके आएगा” मैने निराश होके कहा
“निराश क्यूँ होते हो भाई.. उसकी ज़रूरत उसी दिन तो मैं है.. आंड उसे बोला ना जो भी एविडेन्स मिले सीधे यहाँ ले आए पहले.. कुछ एसएमएस, कुछ फोन, कुछ फॅक्स नहीं… आंड आप उसका नंबर दो मुझे, मैं भी उससे बात करना चाहती हूँ..” ललिता ने मुझे जवाब दिया
” हां मैने उसे बोल दिया है, आंड इनफॅक्ट मुंबई भेज दूँगा ड्राइवर को उसे रिसीव करने 19थ को.. और तुझे क्यूँ चाहिए उसका नंबर” मैने सर्प्राइज़ होके पूछा
“भाई जस्ट टेक्स्ट मी.. आंड मीनवाइल मैं आपको गेस्ट लिस्ट भी टेक्स्ट करती हूँ मेरे कुछ फ्रेंड्स की” कहके ललिता ने फोन कट कर दिया
मैने ललिता को एरिसटॉटल का नंबर टेक्स्ट किया और उसने मुझे दो तीन नाम एसएमएस किए
“मिस्टर प्रसाद… मिस्टर तिवारी. आंड मिस्टर यादव…” ये उसके नाम थे… मैं समझ गया और सोच लिया कल जाके इनको पर्सनली इन्वाइट करने जाउन्गा..
मैं रात को सो गया क्यूँ कि कल कुछ काम भी फिनिश करने थे, पर नींद बहुत दूर थी आँखों से… इसलिए फिर थोड़ी देर में जाग गया और गेम खेलने बैठ गया… गेम खेलते खेलते मेरे मोबाइल पे एसएमएस आया.. वक़्त देखा तो रात के 3 बज रहे थे..
“होटेल ***** टुमॉरो… एनिटाइम” यू विल गेट दा रिक्वाइयर्ड डीटेल्स
मैने उस एसएमएस का जवाब नहीं दिया और फिर अपनी गेम में व्यस्त हो गया.. कुछ देर बाद जब नींद आने लगी, तब मैं नीचे गया और अपने लिए कॉफी बना के पीने लगा.. क्यूँ कि अभी सिर्फ़ सुबह के 4.15 ही हो रहे थे, मैं फिर अपने रूम में गया और कॉफी के साथ सिगर्रेट भी लेने लगा… नींद आ रही थी, पर मुझे जागना था… पता नहीं क्यूँ, बस मैं जागना चाहता था…. कॉफी के बाद 2 सिगर्रेट ख़तम करके टाइम देखा तो अभी सिर्फ़ 5 ही बज रहे थे… मैं झट से फ्रेश हुआ, और शॉर्ट्स पहन के पास नज़दीकी पार्क में वॉक के लिए गया.. एक घंटे की वॉक के बाद, मुझे मिस्टर तिवारी दिखाई दिए…
“तिवारी जी… नमस्ते….” मैने उनके पास जाके कहा
“अरे आप… यहाँ, राज जी बोलिए..” तिवारी जी ने मुझे देख के कहा
हमने कुछ देर तक बातें की…
“जी बिल्कुल, आप 19 को आइए मेरे घर, अड्रेस ये रहा..आप पक्का पहुँच जाइए, मैं अभी आपकी सुरक्षा का बंदोबस्त कर देता हूँ.. आपके साथ यादव जी का भी ख़याल रखना है मुझे” मैने तिवारी को अपना कार्ड पकड़ाया और एरिसटॉटल को फोन किया
“हेलो.. एरिसटॉटल नींद में बोला….
“… सॉरी टू डिस्टर्ब यू, पर मेरे कुछ दोस्त हैं, उन्हे अभी पोलीस प्रोटेक्षन की ज़रूरत है..” मैने हेलो करना भी ठीक नहीं समझा उस वक़्त
“अभी.. रात के 2 बजे हैं इधर.. ” एरिसटॉटल ने अंगड़ाई लेते कहा
“अबे साले… प्लीज़ समझ ना… मैं तुझे अड्रेस और आदमी की डीटेल्स टेक्स्ट करता हूँ, प्लीज़ 1 घंटे में उनके लिए बंदोबस्त कर” मैने रिक्वेस्ट करते हुए कहा
“ठीक है… मैं अभी मेरे नीचे सब इनस्पेक्टर है, उसको फोन करता हूँ, मिस्टर वीरानी के बेटे ने कहा है तो कुछ ज़रूरी होगा…. आंड वो केस की डीटेल्स हैं मेरे पास.. एविडेन्स लेके मैं आ जाउन्गा कल तक.. ऐज कमिटेड मैन 19थ को इंडियन टाइम के हिसाब से वहाँ दोपहर को तेरे घर आ जाउन्गा…” एरिसटॉटल ने फोन रखते हुए कहा
मैने तुरंत एरिसटॉटल को तिवारी का अड्रेस एसएमएस किया और उसका मोबाइल नंबर भी…. और साथ ही में ये भी लिख दिया कि एक और आदमी है उसकी डीटेल्स कुछ देर में भेजता हूँ… एरिसटॉटल को एसएमएस करके मैं तिवारी को बोला
“मिस्टर तिवारी.. डोंट वरी, आप घर जाइए, आपके पहुँचने से पहले वहाँ पोलीस होगी आपकी सुरक्षा के लिए, और हां काम से 19थ जुलाइ तक छुट्टी ले लीजिए..” कहके मैं तिवारी से अलविदा ली और अपने घर निकल गया… तिवारी से बात करते करते 7 बजने आए थे… मैं जल्दी से जल्दी घर पहुँचा, जैसे ही मैं घर पहुँचा तो मोम ने कहा
“इतने भीगे क्यूँ हो पसीने से…. और अचानक आज वॉक क्यूँ…” मोम ने टवल पकड़ाते हुए कहा
“थॅंक्स मोम.. आज बस ऐसे ही फ्रेश एर खाने का दिल हुआ.. आप प्लीज़ चाइ दीजिए, आइ नीड टू गो आउट” कहके मैं अपने रूम में गया और फ्रेश होने लगा.. जैसे ही बाहर आया मैने ललिता को एसएमएस किया
“तिवारी को बुला लिया है मेडम… प्रसाद का अड्रेस और यादव जी का मोबाइल नंबर एसएमएस करें प्लीज़..”
ललिता को एसएमएस करके मैं नीचे गया जहाँ मम्मी कुछ तैयारियों में लगी हुई थी… बार बार अपने घर पे नज़र घुमा रहा था तो चक्कर सा आ रहा था.. इतनी सजावट, इतनी बतियां, ये सब वेस्ट जाएगा, कितने पैसे वेस्ट होंगे…. उससे कहीं ज़्यादा दुख मोम दाद को होगा, वो तो पूजा को कितना अच्छा समझ रहे हैं.. अरे पूजा क्या, इधर पापा जिन्हे अपना भाई मानते हैं, वो बंदा उसकी बीवी ऐसे निकलेंगे, जब उन्हे ये पता चलेगा तो उन्हे कितना बड़ा धक्का लगेगा… खुदा ना ख़स्ता अगर मेरी शादी हुई और मैने जैसा सोचा है वो नहीं हुआ तो भी उनको आगे जाके दुख ही मिलने वाला है… पर उस दुख की तुलना में ये छोटा दुख सही है, पर इसका असर मम्मी पापा पे ज़्यादा ना हो इसके लिए कुछ करना पड़ेगा मुझे… तभी मेरे दिमाग़ में उनकी ऑस्ट्रेलिया ट्रिप की बात याद आई.. मैने तुरंत ज़य को फोन किया
” हां छोटू, एक बात बता, तुम लोग पेसिफिक कब जाने वाले थे..” मैने ज़य से पूछा
“भाई, ना ही ना हेलो.. ऑल वेल ना, ऑस्ट्रेलिया ट्रिप तो अभी पोस्टपोन की पापा ने, अगर वो शेड्यूल पे होती तो हम अभी वहाँ होते…” ज़य ने नींद में से उठके जवाब दिया
“ओके छोटू… चल ये अच्छा है, तो एक काम कर, तूने लीव अप्लीकेशन कितने दिन की रखी है..”
“भाई, 4 दिन की”
“उसे प्लीज़ एक्सटेंड कर, समझा, अभी कोई नाटक मत करियो इसमे प्लीज़”
“हां भाई, मैं समझ गया, अगर आपने अपनी शादी रुकवा दी, तो हम अगले दिन निकल जाएँगे , डोंट वरी… मेरा और मोम डॅड का पासपोर्ट मेरे रूम के लॉकर में है…” छोटू ने फोन रख दिया ये कहके..
मैं तुरंत उसके रूम में दौड़ा, उसके लॉकर से उसका बॅग निकाला जिसमे पासपोर्ट्स थे.. मैं जल्दी से नीचे आया और मोम अभी तक व्यस्त थी अपने काम में… डोमेस्टिक हेल्प को वो बहुत सारे निर्देश दे रही थी..
“मोम मैं बाहर जा रहा हूँ, डॅड कहाँ है” मैने घड़ी पहनते पूछा
“बेटा वो तो गेस्ट्स आने वाले थे वहाँ गये हैं, और तू कहाँ जा रहा है, इधर घर कौन बैठेगा”
“मोम, इतने लोग हैं, कोई कुछ चुरा नहीं ले जाएगा.. मैं अपने कपड़े लेने जा रहा हूँ… और डॅड ने कहा है फ्रेंड्स के साथ रहो, आप जाओ तो मुझे कॉल कर देना, मेरा कोई ना कोई फ्रेंड आ जाएगा घर बैठने.. ओके बाइ मोम” कहके मैं तूफान की तरह घर से चला गया. रास्ते में सीसीडी पे रोक के मैने सॅंडविच और कॉफी ऑर्डर कर दी…. जब तक मैं नाश्ता ख़ाता, तब तक मुझे ललिता ने मेरे एसएमएस का जवाब भी दे दिया था… यादव का नंबर मैने एरिसटॉटल को एसएमएस कर दिया, 10 मिनट में उसने जवाब दिया
“डन… प्लीज़ चेक वित फर्स्ट वन, आंड आफ्टर 10 मिनट, चेक वित सेकेंड वन… विल बी बिज़ी इन कान्फरेन्स एंटाइयर डे, बबी”
मैने तुरंत तिवारी को फोन किया और चेक किया उसके पास दो कॉन्स्टेबल और एक सब इनस्पेक्टर आया के नहीं… कन्फर्मेशन के बाद मैं सीसीडी से निकला और गाड़ी में जाके अपने मॅनेजर को कॉल किया
“गुड मॉर्निंग बॉस !!!”
“मॉर्निंग .. बोलो, रेसिग्नेशन के बाद मॅनेजर को कैसे याद किया”
“बॉस.. अभी 5 दिन में हमारी ऑल इंडिया कान्फरेन्स है राइट.. और वो पुणे में ही है ना”
“एप, बडी… तुम ही तो प्रेज़ेंटेशन देने वाले थे मेरी टीम की, वी आर स्ट्रग्लिंग आ लॉट नाउ…”
“बॉस, मैं वो प्रेज़ेंटेशन अभी भी दे सकता हूँ, आइ आम स्टिल ऑन सिक लीव ना”
“ग्रेट… सो तुम रिज़ाइन नहीं कर रहे..”
“नहीं सर… प्रेज़ेंटेशन कब है, 21स्ट को ना?”
“हां यार.. तो क्या तुम सिर्फ़ प्रेज़ेंटेशन के लिए आओगे?”
“हां सर, बिकॉज़ ऑफ यू… “
“… लेट्स मेक इट स्ट्रेट.. वेट्स कुकिंग नाउ”
“सर, जो भी लोग आएँगे वो लोग कौन्से होटेल में रुकेंगे”
“होटेल र****न में. क्यूँ”
“सर, इनका होटेल शिफ्ट करवाना है प्लीज़… “
“थ्ट्स नोट पासिबल … अराउंड 150 पीपल फ्रॉम इंडिया, आंड तट टू फॉर 2 डेज़… सो आइ काउंट इट टू 300 पीपल फॉर आ डे.. एग्ज़िस्टिंग होटेल मुझे 8000 वाला रूम मुझे 6000 में दे रहा है.. बॉस , दा कॉस्ट ईज़ 18 लॅक्स… अगर मैं अभी शिफ्ट करूँगा , तो कौनसा होटेल मुझे डील देगा… और बिसाइड्स, वी आर ऑन दा वर्ज ऑफ क्लोसिंग दिस डील.. आंड आडमिन से अप्रूवल लेना पड़ेगा.. मे ऐज आ फाइनान्स हेड , आइ विल नोट अप्रूव दिस कॉस्ट बॉस..”
“सर, मेरी बात सुनिए,.. टोटल कॉस्ट ऑफ दिस डील वुड बी अप्रॉक्स 18 लॅक्स, टॅक्सस एक्सक्लूडेड.. राइट ?”
“यस… ट्रू”
“बॉस. इफ़ आइ गेट यू आ डील इन लेट्स सेज़ सेम अमाउंट इंक्लूडिंग टॅक्सस, ओर लेस दॅन दिस अमाउंट… हाउ मच टाइम विल यू टेक टू कन्विन्स आडमिन”
” यू नो दा प्रोटोकॉल, फाइनान्स से मैने अप्रूव किया तो आडमिन को मानना ही पड़ेगा.. बट हमारे लोंग टर्म रिलेशन्स हैं उस होटेल के साथ यार..”
“सर, रीलेशन न्यू बनाइए, और पुरानो को धीरे धीरे करके ख़तम कीजिए.. कॉस्ट बेनेफिट अनॅलिसिस कीजिए… आंड हेलो, आइ विल गेट यू दिस डील टुडे इटसेल्फ..”
“, आइ होप यू आर नोट किडिंग वित मी बडी… इफ़ यू गेट मी दिस बॉस, प्रेज़ेंटेशन के बाद तुझे जितनी बोलेगा उतनी दारू पिलाउन्गा… इसमे वी विल हॅव बिग सेविंग्स”
“एप दट मीन्स, यू विल बिकम सीनियर मॅनेजर फ्रॉम युवर एग्ज़िस्टिंग पोज़िशन….”
“हाहहहा.. दट व्हाट.. चल कॉल मी जब तुझे डील मिले.. आइ विल बी देअर”
मेरे मॅनेजर से बात करके मैं यादव जी के पास गया… वहाँ पहुँच के देखा तो दरवाज़े पे दो कॉन्स्टेबल्स खड़े थे…
“आपके सब इनस्पेक्टर कहाँ है…” मैने उनसे पूछा
“सर पट्रोलिंग पे गये हैं, आप कौन..” उन्होने पूछा
” राजवीरानी… ” मैने अपना नाम बताया , और पर्पज बताया… काफ़ी चेकिंग के बाद उन्होने मुझे यादव के घर के अंदर जाने दिया.. मैं खुश था, कि चलो ये अपना काम ठीक से कर रहे हैं
“अरे राज जी… आइए, क्या लेंगे चाइ कॉफी…” यादव ने पूछा
“नहीं यादव जी… बस आपको बोलने आया था 19 जुलाइ दोपहर 12 बजे आ जाइएगा , जगह आपको मिल चुकी होगी
“जी बिल्कुल, और सुबह से आपने ये पोलीस वाले भेजे, हमे यकीन हो गया आप पे.. आप बेफिकर रहिए, हम अपनी ज़बान से पलटेंगे नहीं”
यादव से बात करके मैं सीधा होटेल ******* चला गया…. गाड़ी पार्क करके सीधा रिसेप्षन पे जा पहुँचा..
“हाई, कॅन आइ सी मिस्टर विक्की प्लीज़” मैने रिसेप्षनिस्ट से पूछा
“ऊह.. सॉरी, बट हू आर यू”
“राज वीरानी..” मैने जवाब दिया
“मिस्टर वीरानी.. प्लीज़ वेट सम टाइम.. ही इस बिज़ी वित सम क्लाइंट्स.. वन्स फ्री आइ विल अस्क हिम टू मीट यू”
“ओके.. आइम वेटिंग इन दा बार.. प्लीज़ रिमाइंड हिम..” कहके मैं वहाँ से बार में चला गया
बार में जाके टाइम देखा तो सुबह के 11 बज रहे थे.. इतनी सुबह दारू पियूं कि नहीं, ये सोचते सोचते 15 मिनट हो गये.. बार टेंडर भी आँखें फाड़ फाड़ के देख रहा था…
“सिंगल माल्ट ऑन दा रॉक्स प्लीज़” फाइनली मैने उसे कहा
सुबह के टाइम पे मैं अकेला पीने वाला था, देख के मुझे थोड़ा सा अजीब तो लगा, बट एक पेग जाते ही ये फीलिंग गायब हो गयी, और एक के बाद एक तीन पेग नीचे गटका दिए.. वक़्त देखा तो 12 बजने आए थे… तीन पेग के बाद मैं अपने मोबाइल से खेलने लगा.. और 15 मिनट के बाद एक और पेग ऑर्डर किया….
“रिपीट प्लीज़…” मैने ऑर्डर दिया ही, कि पीछे से आवाज़ आई..
“ड्रिंक्स आर ऑन दा हाउस फॉर यू माइ फ्रेंड…”
मैने पीछे देखा तो देअर ही वाज़. ओनर मिस्टर विक्की…
“मिस्टर वीरानी.. , हाउ आर यू….” उसने अपने एक्सरे बॅन ग्लासस उतार के पूछा
“वेरी वेल विक्की… आइम कूल, व्हाट अबाउट यू…” मैने हाथ मिलाके पूछा
” यू से.. व्हाट ब्रिंग्स यू हियर.. आंड होव्स पायल,” विक्की ने सीट लेते हुए पूछा
“वाइ.. यू गाइस वर सपोज़ टू .. यू नो, आइ मीन पॅच अप आइ गेस” मैने सर्प्राइज़ होके पूछा
“हाहाहा… पायल, यू नो व्हाट, शी ईज़ आ बिच.. प्लीज़ डोंट माइंड, शी ईज़ युवर सिस… बट इफ़ शी वेस्न्ट, आइ वुड हॅव साइड शी ईज़ आ पीस ऑफ ट्राश” विक्की ने अपनी आँखों में गुस्सा दिखाते हुए बोला
मैने कुछ जवाब नहीं दिया, और बार टेंडर ने मेरे ग्लास के साथ विक्की के लिए भी एक ड्रिंक बना दी
“ह्म्म्मा. सो टेल मी ब्रदर, व्हाट कॅन आइ डू फॉर यू” विक्की ने अपना सीप लेके पूछा
“विक्की.. तुम्हारे होटेल्स में कितने रूम है” मैने पूछा
“अराउंड 175… वित कान्फरेन्स रूम आंड मेनी अदर फेसिलिटीस टू यूज़ फ्रॉम” उसने जवाब दिया
“होटेल ***** हमे, ऐज इन व******ए को 6000 में पर रूम देता है, व्हाट विल यू चार्ज देम”
“हाहहहा…. व******ए वेल की तो लग गयी.. उस होटेल का जो रूम 6000 में है वो मेरे वहाँ 3000 में है फॉर कॉर्पोरेट्स”
“तो तेरे होटेल में 6000 में कौनसा रूम है”
“मेरे वहाँ 3000, 5000 आंड 7000 के रेट्स हैं फॉर कॉर्पोरेट.. हां तू डील दिलवाएगा तो 5000 वाला 4000 में दूँगा तुझे.. बोल कितने रूम्स चाहिए”
“4000 टॅक्सस इंक्लूडेड ?”
“फॉर कॉर्पोरेट्स.. यस”
“ओके.. आंड मैं तुझसे 150 रूम्स लूँ तो, व्हाट विल यू चार्ज मी”
“150 रूम्स… ब्रदर, होप तू मज़ाक नहीं कर रहा…”
“आइम सीरीयस भाई… बोल, कितने में देगा”
“अगर तूने सही में ये डील दिलवा दी ना,… 3500 फॉर यू, आंड तुझे अलग से पार्टी बॉस.. बिकॉज़ व******ए जैसी एमएनसी में एंट्री लेना इटसेल्फ ईज़ ए बिग थिंग…”
“रुक.. अभी मैं ये डील क्लोज़ करवा देता हूँ… पहले मुझे रूम्स दिखा दे ब्रो, कॉज़ सीनियर मॅनेजर से लेके बिज़्नेस हेड्स तक आने वाले हैं”
विक्की मुझे अपने रूम्स दिखाने ले चला.. रूम्स देख के मुझे सॅटिस्फॅक्षन हुआ, और मैने फोन करके मेरे मॅनेजर वो वहाँ बुला लिया.. जब तक मेरा मॅनेजर आता, तब तक मैने उसे हर चीज़ पे ध्यान रखने को बोला, राइट फ्रॉम फुड टू सर्विस.. 30 मिनट में मेरा मॅनेजर आ गया… मेरे मॅनेजर को मैने विक्की से मिलवाया, उससे रूम्स दिखाए… रेट सुनके तो जैसे उसका दिमाग़ खराब हो गया. उपर से पहले वाले होटेल से रूम्स एक स्टॅंडर्ड उपर थे..
“विक्की, आइम वेरी हॅपी… तूने बहुत सेविंग करवा दी बॉस.. रिज़ाइन रखने के बाद भी यू आर वेरी लायल टू मी बॉस… ” मेरा मॅनेजर मुझे बोलने लगा
“सर, डोंट वरी, आप आडमिन को बात कीजिए, विक्की विल बी देअर् इन ऑफीस टुमॉरो, टू क्लोज़ दा डील… आंड सी यू अट दा प्रेज़ेंटेशन”
विक्की ने मेरे मॅनेजर से उसका कार्ड लिया, और उसके जाते ही
“ब्रो.. थॅंक्स आ लॉट… ये कार्ड नहीं, सोने के अंडे देने वाली मुर्गी है… बट बट बट…. लेट मी रीकॉल… अगर तूने रिज़ाइन दिया है तो फिर तूने उसको ये डील दिलवाई उसका फ़ायदा.. मुझे दिलवाई मेरा फ़ायदा… इसमे तेरा क्या फ़ायदा….. , कम टू पॉइंट नाउ..”
“हाहहहा… आइ लव डीलिंग वित बिज़्नेस मॅन.. चल बताता हूँ तुझे” मैं उसको वापस बार में ले गया… करीब आधे घंटे तक उसने मेरी बात सुनी और कहा
“आइ डोंट वान्ट टू बी इन ट्रबल यार… इसमे रिस्क है काफ़ी बड़ा यार.. अगर कुछ गड़बड़ हुई तो..” विक्की ने दारू पीते हुए कहा
“कुछ नहीं होगा भाई.. बिसाइड्स, होटेल तेरा है, आंड अगर कुछ हो तो आइ आम हियर ना.. और अगर ऐसा है तो लेट मी कॅन्सल दट डील फिर..” मैने अपना फोन निकाल के कहा
“हे हे.. वेट रे, क्या यार.. चल ठीक है, बट तुझे इंश्योर करना है कि कुछ गड़बड़ ना हो..”
“डन..” कहके मैं वहाँ से निकल गया… और जाते जाते विक्की को बोला
“थॅंक्स ब्रो.. तेरी ये पार्टी काफ़ी थी, हॅव आ गुड डील अहेड..”
विक्की के साथ मिलके मैने जो भी बातें की वो सब ललिता को बताई मैने…
“भाई.. उसी वक़्त या बाद में.. व्हाट्स दा डिफरेन्स, आइ मीन, यू नो…”
“नहीं, उसी वक़्त ईज़ पर्फेक्ट.. हवेवर उसका रिज़ल्ट तो उसके दूसरे दिन ही लाउन्गा मैं… यू जस्ट चिल ओके… आंड व्हेन यू कमिंग बॅक..”
“आज ही लेने आओ ना भाई, कल रात को भी इन लोगों ने बहुत पिलाई मुझे.. बहुत ज़्यादा पी तभी मुझे पूजा बोली “वेलकम टू अवर टीम.. आंड फिर वोई सब रिपीट हुआ, इस बार पायल और पूजा लेज़्बियन्स थी रूम में.. भगवान जानता है मैने कैसे कंट्रोल किया… बट अट दा एंड जो भी मुझे पता चला मैने आपको कहा…” ललिता एक ही साँस में बोल गयी
“वो तो ठीक है स्वीट हार्ट.. बट अभी तू उनकी टीम में है, आज वापस आएगी तो उनकी टीम से वो तुझे निकाल ना दें..”
“नहीं भाई… मैने अंशु से बात की, उसको कहा मैने के कल वापस आउन्गि, सब समान लेके आउ और फिर उसको कन्विन्स किया मैने..”
“कैसे..” मैने पूछा
“भाई… उसको किस करना पड़ा, और 10 मिनट तक उसके साथ…” ललिता इतना ही कह पाई
“व्हाट !! तू लेज़्बीयन बन गयी उसके साथ..” मैने शॉक में पूछा
“नहीं भाई… उसके साथ एक पॉर्न मूवी देखी, वो आगे बढ़ रही थी, और उसका पति भी मुझे टीज़ कर रहा था.. जैसे तैसे करके मैं अब बाल्कनी में आई हूँ… आप रात को आना लेने ओके.. आंड अंदर मत आना ओके.. खाना बाहर ही खाएँगे हम..” चलो बाइ
ललिता से बात करके मैं नज़दीकी मॉल में गया.. शादी के कपड़े लेना तो नहीं चाहता था बट फिर भी मैने पूजा को एसएमएस किया
“व्हाट कलर आर यू वेअरिन्ग इन वेड्डिंग…”
“व्हाट डिफरेन्स इट मेक्स.. यू डोंट टॉक टू मी नाउ, यू डोंट लाइक मे.. लेट इट बी, पर्चेस वॉटेवर यू वान्ट टू” उसका जवाब आया
जवाब पढ़के तो पहला ख़याल मन में आया (भैनचोद ड्रामेबाज़… मगज की मा चोदना बंद कर अब, और सीधे जवाब दे ) बट कंट्रोल किया और उसे कॉल किया… पहली बार उसके साथ कॉल 1 घंटे से ज़्यादा चला तभी जाके वो मानी..
“फ्यू !!!! प्लीज़ शो मी सम्तिंग टू वेअर इन वेड्डिंग .. कलर वुड बी ब्लॅक, ब्लू” मैने अटेंडेंट से कहा
करीब 3 घंटे के ट्राइयल्स के बाद एक सूट, एक इंडो वेस्टर्न लिया… जूते ढूँढने में करीब एक घंटा और…. चार घंटे और 40,000 रुपीज़ वेस्ट… फॉर नतिंग… सोच के ही ऐसा हो रहा था अभी जाउ और भैनचोद पूरे खानदान को बॉम्ब से उड़ा दूं.. खैर शाम के 7 बज रहे थे, मैं माल में बने जूस सेंटर में जूस पीने गया और 7.30 बजे वहाँ से ललिता को लेने निकला… बीच बीच में मैने मोम डॅड दोनो से बातें भी की, और ध्यान रखा कि घर पे सब ठीक है… मेरे एक दोस्त जो मेरे करीब ही रहता है उसको भेज दिया था घर पे, ही हेल्प्ड आउट मोम.. सो दट वाज़ नो प्राब्लम.. 1 घंटे के बाद मैं अंशु के घर के बाहर पहुँचा… जैसे ही मैं पहुँचा
“थॅंक गॉड डार्लिंग यू आर हियर…. लेट्स गो आउट प्लीज़”
“थॅंक गॉड डार्लिंग. यू अरे हियर, टेक मी आउट हियर.. आइम चोकिंग हियर..” पायल गेट के पास से आती हुई बोली
“व्हाट कॅन आइ डू इन दिस.. तू ही यहाँ आई थी, मैं थोड़ी लाया.. और वैसे भी आइ हॅव सम कमिटमेनट ओके.. सी यू लेटर प्लीज़..” कहके मैने ललिता को कॉल लगाया और उसे बाहर आने को बोला.. ललिता को आने में 10 सेकेंड भी नहीं लगे, और वो गाड़ी में बैठ गयी… पायल गेट के पास खड़ी ये सब देख रही थी… जैसे ही मैने गाड़ी स्टार्ट की,
“पायल.. वुड यू प्लीज़ माइंड जाय्निंग अस फॉर आ डिन्नर” ललिता ने पायल को इन्वाइट किया
“नो.. यू गाइस कॅरी ऑन, सीम्स सम वन ईज़ ऑलरेडी ऑक्युपाइड आ लॉट” पायल ने ललिता को मेरे लिए कहा
“ओह कम ऑन.. देअर ईज़ लॉट ऑफ रूम इन हियर, आइ इन्सिस्ट प्लीज़ डियर…” ललिता गाड़ी से बाहर उतरी और पायल को गाड़ी में ले आई
पायल, मैं और ललिता चल दिए व****न नगर में बने स**प ग्रिल आंड बार में… वो मेरी फेव प्लेस थी खाने और पीने के लिए…. जब तक हम पहुँचते मैने कोशिश की पायल पे ज़्यादा गुस्सा ना होऊ और नॉर्मल बातें की… हम पहुँचे और हमने एक कॉर्नर टेबल ले ली..
“एक्सक्यूस मी… मैं वॉशरूम होके आती हूँ..” ललिता कहके वहाँ से उठ गयी
ललिता के जाते ही,
“व्हाट्स दा फूसस ऑल अबाउट हाँ भाई… वाइ सो मच आटिट्यूड” पायल ने मुझे घूरते हुए पूछा
“यू आस्किंग…. मेरी शादी होने वाली है जिस बंदी से तू जानती है सब कुछ उसके बारे में, आंड बिसाइड्स व्हाट आर यू डूयिंग… तू आके उसके घर में रहती है, उसकी मदद करती है तैयारियों में… और इधर तेरा भाई अकेला है… आंड यू ब्लडी आस्किंग व्हाट्स दा फूसस अबाउट हाँ…” मैं इरिटेट होके बोलने लगा…. जब पायल जवाब देना चाह रही थी, तब मैने फिर बीच में उसे कट किया
“आंड व्हाट वाज़ दट शिट हाँ… मैं तो लड़के वालों से हूँ.. आइ मीन, यू ईवन डुन्नो दोज़ पीपल, आंड देअर युवर, तुम मा बेटी उसके घर में बैठे हो फॉर नो फक्किंग रीज़न.. तुम्हे हमारे घर होना चाहिए, व्हाई दा हेल यू गाइस स्टेयिंग देअर… जस्ट बिकॉज़ उनके पास कोई नहीं है तो तुम चले गये.. धर्मशाला है उनका घर भैनचोद, और तुम लोग सेवक हो वहाँ के… बिना किसी रीज़न के मूह उठाके चले गये वहाँ हाँ… क्लीन युवर शिट ऑलराइट, आंड देन आस्क मी व्हाट दा फक्किंग फूसस ईज़ ऑल अबाउट…”
मैने पायल से ऐसी बात आज तक नहीं की थी… भगवान का शुक्र है कि हमारे आस पास कोई नहीं था, नहीं तो गान्ड लग जाती.. उपर से लड़की के सामने गालियाँ बोल रहा था, उसके अलग नाटक होते… पायल ने मुझे चुपचाप सुना , फिर जब उसने मूह खोला, तब मुझे फोन आया… मैने बिना स्क्रीन पे देखे आन्सर किया
” आइ विल प्लीज़ कॉल यू लेटर..” कहके मैं जैसे ही फोन कट कर रहा था सामने से “हेलो हेलो” चिल्लाने की आवाज़ आई
“हेलो… हेलो”
“भाई, इट्स मी ओके.. क्या बाद में कॉल करता हूँ, आंड प्लीज़ पायल पे मत चिल्लाओ, उसको शक़ ना हो हम पर… थोड़ा गुस्से पे कंट्रोल करो प्लीज़… और उसकी फेव ब्रांड दारू मँगवाओ…” ललिता ने सामने से कहा
“ओके डॅड.. आइ विल डू दट, एनितिंग एल्स… ना ना, मैं पायल के साथ हूँ, .. हां वो है ही मेरी फॅवुरेट सिस…” मैने जान बुझ के पायल को सामने देखते हुए कहा… “ओके डॅड.. बाइ, सी यू सून” कहके मैने फोन रखा, और सबसे पहले पायल की फेव सिंगल माल्ट ऑर्डर कर दी…. जब तक टेबल पे दारू आती, तब तक एक दम साइलेन्स था….
“आह दा स्कॉच ईज़ हियर..” मैने वेटर को देखते हुए कहा
“सर… सिंगल माल्ट ऑन दा रॉक्स…” कहके वेटर वहाँ से चला गया
जैसे ही वो गया, मैने पायल को देख के कहा
“प्लीज़ स्पीक नाउ…” एक दम धीरे से
“यू नो व्हाट भाई… युवर दा बिग्गेस्ट डंब आइ हॅव एवर सीन.. मैं उनके घर गयी थी, क्यूँ कि मैं जानना चाहती थी उनकी प्लॅनिंग के बारे में… वैसे भी आपकी मदद कौन कर रहा है मेरे अलावा हाँ.. कॅंट यू सी, मैं उसके घर हूँ तो कोई रीज़न तो होगा ना…” पायल ने अपनी बात बनाते कहा.. शायद इतनी देर उसने सोचने में लगाई, उसको यही रीज़न मिला
“तो क्या मिला तुझे… कैसे रोकें हम शादी को…” मैने अपना ग्लास उठाते हुए पूछा
“शादी रोकूंगी मैं.. पर अब तक कुछ ख़ास नहीं मिला, टाइम वेस्ट है इधर.. मा बेटी बहुत चालाक हैं” कहके पायल ने अपना ग्लास उठाया और एक ही झटके में नीचे उतार दिया… तब तक ललिता भी टेबल पे वापस आ गयी…
“लुक्स लाइक यू गाइस आर हॅविंग वन नाइट हियर हाँ…. एक्सक्यूस मी, थ्री सिंगल माल्ट ऑन दा रॉक्स प्लीज़..” ललिता ने चिल्ला के वेटर से कहा
“तू इतनी देर वॉशरूम में क्या कर रही थी,,, तबीयत तो ठीक है ना..” पायल ने ललिता से पूछा
“हां, आइम फाइन, जस्ट कुछ फालतू खा लिया उसका ही एफेक्ट” कहके ललिता ने बात टाल दी
इस बात के बाद, हमने 2-2 पेग और मारे, और खाना ऑर्डर कर दिया… खाना ऑर्डर करके हम फिर बातों में लग गये, शादी की , पूजा की, और बाकी सब की…. बीच में मैने चेक किया मोम डॅड से फोन पे.. घर पे सब कुछ ठीक था… खाना ख़ाके हम वहाँ से निकले , और वहाँ से निकलते ही पायल ने गाड़ी में डाटिंग चालू कर दी…. लाउड म्यूज़िक, टॉप ऑफ दा वाय्स शाउटिंग.. खिड़की से बाहर निकल के हवा को महसूस करना…
“इसको लग गयी है शायद… जल्दी चलाओ” ललिता ने बॅक्सीट से झुक के मुझे कान में कहा
मैने गाड़ी की स्पीड थोड़ी तेज़ कर दी और जल्दी से जल्दी अंशु के घर पहुँच गया… अंशु के घर पहुँच के ललिता उसे अंदर छोड़ आई और खुद वापस मेरे साथ घर की ओर चल दी…
“जब ये कंट्रोल नहीं कर सकती, तो इतना पीती क्यूँ है…” ललिता ने इरिटेट होके कहा
“ड्रामा क्वीन डार्लिंग.. इसको बिल्कुल नहीं चढ़ि थी, इसकी केपॅसिटी तो मिनिमम 7 पेग्स हैं.. 8थ से इसको लगती है..” मैने गाड़ी आगे बढ़ाते हुए कहा
“ओह… बिच.. एनीवेस, कल प्रसाद के पास चलना है राइट.. और इतनी शॉपिंग क्यूँ की, पैसा वेस्ट है सब वैसे भी..” ललिता ने पीछे रखे कपड़ों और जूतों को देख के कहा…
“कल प्रसाद के घर कब चलें.. और कपड़े लेने पड़े यार, मोम डॅड को क्या बोलूं.. और तेरे लिए भी कुछ लाया हूँ.. सर्प्राइज़ मस्त” मैने ललिता को आँख मारते हुए कहा
“आइ लव सरप्राइज़स डियर….” ललिता ने हंस के कहा
बातें करते करते हम घर पहुँचे.. घर को देख के ललिता ने कहा
“ब्यूटिफुल… बट आ वेस्ट”
“ओके भाई, आगे का क्या सोचा है, हमे तो सब पता है पर अंकल आंटी को जब पता चलेगा, दे विल बी ब्रोकन..” ललिता ने क्न्सर्न दिखाया
“थॅंक्स स्वीट हार्ट फॉर दिस थॉट.. मैने सब सोचा है, 18 को ज़य आएगा, 19 को ये सब ओवर.. 20 को मोम डॅड ऑस्ट्रेलिया के लिए निकलेंगे ज़य के साथ… इनफॅक्ट मैने आज पासपोर्ट्स भी ले लिए उनके…. ओह नो यार…” मैने बीच में इरिटेट होके कहा
“अरे, व्हाट हॅपंड, गुड प्लान है ये तो” ललिता ने कहा
“अरे नोट दट… आज उनके पासपोर्ट्स तो ले लिए, बट ट्रॅवेल एजेंट के पास नहीं गया यार.. भूल गया ” मैने गाड़ी में से पासपोर्ट्स निकाल के दिखाए ललिता को
“चिल भाई.. कल पहले प्रसाद के पास चलेंगे, फिर ट्रॅवेल एजेंट के पास ओके…” ललिता ने घर के अंदर जाते हुए कहा

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