“अरे यार, ये औरतें अभी तक नहीं आई..” पापा ने हमे देखते हुए कहा
हम कुछ बोलते उससे पहले सामने से मोम आती दिखाई दी…
“अरे वाह, आज तो बहुत ही खूबसूरत लग रही हो.. क्या बात है मेरी जान” पापा ने मम्मी को छेड़ते हुए कहा..
“छोड़िए जी अब.. आप भी क्या बच्चो के सामने शुरू हो जाते हो”
“अरे बस, इतनी बात.. चलो बच्चो मूह फेर लो… तुम्हारे मा बाप तुम्हारे सामने ये सब नहीं कर सकते” पापा ने शरारती अंदाज़ में कहा
ज़य और मैं खड़े उन्हे देख ही रहे थे, तभी पीछे से पूजा आती दिखाई दी… उसको देख के जैसे मेरे तो होश उड़ गये…. आइ वाज़ लिटेरली ब्लोन अवे..
उसकी आँखें , उसके बाल, उसके होंठ.. मैं उसे देख के कहीं खो सा गया था…. पूजा हमारे बीच आ गयी
“सॉरी मम्मी पापा.. आपको मेरी वजह से वेट करना पड़ा” पूजा ने मोम डॅड से कहा… मैं अब तक उसे ही देखे जा रहा था
“अरे क्या पूजा जी… वेट तो हमने भी किया आपका, हमे तो सॉरी बोलिए, और भैया तो….. भैया…. कहाँ खो गये आप….” जय ने मेरी तरफ देख के कहा…
“हाँ… क्या, हां चलो चलते हैं…” मैने बात को सुना ही नहीं था उन लोगों की
मेरी ये बात सुनके सब लोग हँसने लगे… और पूजा भी शरमाने लगी…
“हहहहहा… क्या भाई…हेहहेहेही…. आप ना, चलो अब, चलते हैं..” जय ने आगे बढ़ते हुए कहा, जिसके साथ मोम डॅड भी चल दिए….
“क्या आप भी ना.. ध्यान नहीं देते कहीं आप..” पूजा ने मेरे सर पे मारते हुए कहा और आगे निकल गयी…
हम जैसे ही बाहर गाड़ी की तरफ पहुँचे..
“पूजा जी… भैया… आप लोग प्लीज़ अपनी गाड़ी में आइए ना… हमे क्यूँ डिस्टर्ब कर रही हैं आप….” ज़य ने पूजा से कहा
“पर भैया….” पूजा बस इतना ही बोल पाई तभी ज़य ने फिर कहा
“ना ना जी…. मुझे मोम डॅड से अपनी शादी की बात करनी है.. और आप के सामने तो मुझे शरम आएगी ना पूजा जी.. इसलिए यू प्लीज़ कम इन अनदर कार….” कहते कहते ज़य पूजा को मेरे पास लाया और हमे अलग आने के लिए कहा..
हम मेरी गाड़ी में बैठ के चलने लगे कुछ आगे, तभी मेरे उधार के मोबाइल पे ज़य का एसएमएस आया…
“भाई.. यू कॅन प्लीज़ कॅरी ऑन… हिट दा बोर्ड टुडे, देअर ईज़ नो टुमॉरो”
ज़य का एसएमएस पढ़ के मेरे चेहरे पे हँसी आई और मैने गाड़ी दूसरी जगह पे टर्न कर ली…
“कहाँ जा रहे हैं आप.. मम्मी पापा तो आगे गये…” पूजा ने सर्प्राइज़ होके कहा..
“वेट पूजा.. रिलॅक्स, ”
मैने गाड़ी मोडके दूसरे रास्ते पे ले ली… थोड़ी देर पूजा मुझसे सवाल पूछती रही पर मैने उसका एक जवाब ना दिया… कुछ दूर जाके मैने गाड़ी एक होटेल में अंदर ले ली…
“हम यहाँ क्यूँ आए हैं मिस्टर वीरानी.. यहाँ का खाना मुझे इतना अच्छा नहीं लगा” पूजा ने मुझे चिढ़ते हुए कहा..
“वेरी फन्नी पूजा… अब चलो अंदर, मुझे तुम्हे कुछ दिखाना है” मैने गाड़ी वलेट को देते हुए कहा
हम लोग एलिवेटर से उपर जाने लगे…. जैसे ही हम लोग 10थ फ्लोर पे पहुँचे, मैने एलिवेटर से बाहर आके पूजा की आँखें बंद कर दी और उसे एक रूम में ले गया…
“, आप कहाँ ले जा रहे हैं मुझे.. ये क्या है, प्लीज़ मेरी आँखें खोलिए ना, बताइए तो क्या है ये” पूजा रिक्वेस्ट करने लगी…
मैं उसकी बातें अनसुनी करके, मेरे रूम के पास पहुँचा… मैने धीरे से उसे अनलॉक किया.. हल्के से पूजा का हाथ पकड़ के अंदर ले गया…
अंदर ले जाके मैने धीरे से उसकी आँखों की पट्टी खोली, पहले तो उसे कुछ दिखाई नहीं दिया, फिर धीरे धीरे उसका विजन क्लियर हुआ… अंदर देख के उसका मूह खुला का खुला रह गया…
अंदर का सेटप देख के उसकी आँखें खुली की खुली रह गयी…. मैने ज़य से जो कहा था, उसने उससे ज़्यादा अच्छा काम किया था… ऐसा सेट अप देखके मैं भी थोड़ा चकित रह गया.. कोई एक शाम में इतना अच्छा सेट अप करवा सकता है.. WओW!!!
“ये सब क्या है मिस्टर वीरानी…” पूजा ने मेरी आँखों में देखते कहा.. उसकी आँखों में अलग ही भाव थे, जिन्हे में पढ़ नहीं पा रहा था….
इससे पहले के मैं कुछ जवाब देता, मेरे मोबाइल पे ज़य का कॉल आया.. मैने वो फोन पूजा को पकड़ा दिया….
“हेलो….” पूजा ने कहा
“वेलकम टू फॅमिली भाभी.. प्लीज़ मेरे भैया का ध्यान रखिएगा आप… ” ज़य ने इतना कहके फोन कट कर दिया…
इससे पहले पूजा को कुछ समझ आता, मैने अपनी जेब से रिंग निकाली, और पूजा की आँखें फिर बंद कर दी… अपने हाथों से एक बार लाइट्स ऑफ कर दी, फिर तुरंत लाइट्स ऑन भी कर दी….
इस बार जब पूजा ने आँखें खोली, उसके सामने मैं खड़ा था, अपने हाथ में रिंग लिए..
“पूजा.. विल यू मॅरी मी..” मैने घुटनो पे बैठ के कहा…
ये सब देख के पूजा हक्की बक्की रह गयी.. शायद उसने कभी ये नहीं सोचा था कि ये घड़ी इतनी जल्दी आएगी, और वो भी मेरी तरफ से पहेल होगी…. कुछ देर के बाद पूजा वहाँ से आगे बढ़ती हुई बाल्कनी में चली गयी..
मैं भी उसके पीछे पीछे जाने लगा… उस वक़्त हम दोनो बाल्कनी में खड़े थे, कुछ बोल नहीं रहे थे एक दूसरे से… मेरे चेहरे पे हज़ार सवाल देख पूजा बोली
“…. आप इतना ट्रस्ट किसी पे ना करें प्लीज़…” कहते कहते पूजा की आँखें नम होने लगी…
“किसी पे कहाँ, मैं ट्रस्ट तुम पे कर रहा हूँ पूजा. मेरा दिल ग़लत नहीं हो सकता तुम्हारे बारे में..” मैं पूजा का हाथ अपने हाथ में लेके उसके पास आ गया…
पूजा:- दिल तो आपका उस वक़्त भी ग़लत था, जब आपने पायल के साथ मिलके… इतना कहके पूजा रुक गयी…
“पूजा, मैं पहले ही बोल चुका हूँ, मुझे हमारे बीच में पायल या उसके नाम से कुछ डिस्कशन नहीं चाहिए” मैने अपनी आवाज़ उँची करते हुए कहा..
“.. आप मुझे कुछ वक़्त अकेला छोड़ेंगे प्लीज़… मैं सोचने का वक़्त चाहती हूँ..” पूजा ने मूह फेरते हुए कहा…
“यू हॅव ऑल दा टाइम इन दा वर्ल्ड डार्लिंग.. ” ये कहके मैं वहाँ से बाहर चला गया… बाहर जाके सीधा रेस्टोरेंट में जाके बैठा, और अपने लिए सिंगल स्कॉच ऑर्डर कर दी.. पीते पीते मैं सोचने लगा, कहीं मैं जल्दी तो नहीं कर रहा ये सब करके…. पर इसके अलावा मेरे पास और कोई रास्ता नहीं था… ये सब सोचते सोचते 1 घंटा निकल गया, और ध्यान से देखा तो मैं 4 पेग मार चुका था… शूकर है सिंगल माल्ट का नशा चढ़ने में वक़्त लगता है…. मैं सोच रहा था पूजा कुछ ज़्यादा वक़्त ले रही है. इतने में उसका कॉल आया मोबाइल पे
पूजा:- आप प्लीज़ उपर आएँगे…
इतना कहके पूजा ने फोन कट कर दिया… मैं तुरंत बिल भरके उपर जाने लगा…. जैसे जैसे मैं रूम के करीब पहुँच रहा था, मेरे दिल की धड़कन बढ़ने लगी थी…. रूम के पास पहुँच के, एक लंबी साँस लेके जैसे ही मैने दरवाज़ा खोला, रूम में एक दम अंधेरा छाया हुआ था..
जैसे ही मैने कदम अंदर रखा, मेरे पीछे से पूजा ने आके मेरी आँखों पे अपना दुपट्टा बंद दिया…
“श्श्ष्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह…. मिस्टर वीरानी.. साइलेन्स नाउ…. आपको लगता है सिर्फ़ आपको ही सर्प्राइज़ देना आता है हाँ… मैं ज़रूर आपके घर ग़लत इरादे से आई थी, मेरे दिल में आपके लिए कोई प्यार नहीं था, पर आपने और आपके परिवार ने मुझे बदल दिया है… मिस्टर वीरानी…. आइ विल मॅरी यू…..
ये कहके पूजा ने मेरी आँखों से पट्टि हटा दी… रूम में सिर्फ़ कॅंडल्स ही जल रही थी, बेड पहले जैसा ही सज़ा हुआ था… मैने जैसे ही पूजा को देखा, मेरी आँखें फट के बाहर आने लगी. मैने आज तक पूजा को इस रूप में नहीं देखा था, और इस वक़्त तो मैने बिल्कुल कल्पना भी नहीं की थी कि वो इस रूप में मेरे सामने आएगी….
पूजा को ऐसे देख मुझे समझ नहीं आ रहा था मैं कैसे रिएक्ट करूँ… मुझे ऐसा देख पूजा बोली
“, मुझे पता है आपकी फॅंटसीस के बारे में.. और इसमे शॉक मत होइए, आज सुबह आपके रूम में कपड़े निकालते वक़्त मुझे आपकी डाइयरी हाथ लगी तो वो पढ़ ली मैने….” पूजा ने आगे आते हुए कहा….
“… आप मास्टरबेट भी नहीं करते, तो फिर आप खुद को हल्का कैसे करते हैं….” पूजा ने अपनी उंगली मेरे होंठों पे फेरते हुए कहा
“पूजा… वो…..”
“ष्ह्ह्ह्ह्ह…. मिस्टर राज वीरानी…. आप मर्द हैं, मुझे पत्नी होने का नाते आपका ख़याल रखना है… अब आप प्लीज़ मुझे मेरा काम करने दें” ये कहके पूजा मेरे होंठ से अपने होंठ मिला के धीरे धीरे चूसने लगी…
“उम्म्म…..अहह….म्म्माेममम्ममममम्मूऊम्म्म्म…..” हम एक दूसरे के होंठ चूसने में लगे हुए थे…
धीरे धीरे होंठ चूस्ते चूस्ते, हमारी जीभ मिलने लगी, और हम एक दूसरे की जीभ चाटने लगे
“उम्म्म….अहहहहहाहा ……सक मी ना पूजा अहहाहहहा…..” मैं जीभ चूस्ते चूस्ते बोल पड़ा
ये सुन के पूजा तुरंत मुझसे अलग हुई…
“ना ना…. मिस्टर वीरानी.. ऐसे नहीं… यहाँ आइए…” ये कहके पूजा मेरा हाथ पकड़ के मुझे बेड के पास ले गयी…
बेड के पास जाते ही, पूजा ने मुझे बेड पे लेटा दिया…
“अब बोलिए…. आपकी हर एक फॅंटेसी को पूरा करना चाहती हूँ मैं…” कहके पूजा घुटनो के बल बेड पे चढ़ गयी और अपना एक चुचा मेरे मूह में डाल दिया…
“उम्म्म…अहह सीईईई…. उम्म्म्म…. अहहहहा… चूसिए ना इन्हे अहहहहा…….. बहुत तडपाया है ना मैने आपको अहहह….”
पूजा धीरे धीरे अपना आवाज़ बढ़ने लगी… मैं भी किसी बच्चे की तरह उसका चुचा चूसने में लगा हुआ था…..
“उम्म्म्म.. बोलिए ना अहहहसिईई…. आपको चुदाई करते वक़्त आहाहः सीईईई….उम्म्म्मम……” पूजा सिर्फ़ येई बोल पाई के मैने झट से उसकी ब्रा उतार के उसके दोनो कबूतरो को आज़ाद कर दिया और उसका एक चुचा चूस्ते चूस्ते दूसरे चुचे के निपल को मसल्ने लगा….
“उम्म्म….अहहहहहा, ऐसे नहीं , इन्हे मसल डालिए ना.. अहहहहा इनकी सज़ा येई है सीईईई….. बहुत रोक के रखा है मैने आपको उम्म्म…..”
ये कहके पूजा अपना एक चुचा मेरे मूह में घुसाती चली गयी और मेरा दूसरा हाथ पकड़वा के अपने बॉब्बे को दबाने लगी…
पूजा के चूचे दबाते दबाते मैं बेड पर से उठा, अपनी टी-शर्ट निकाली और उसके पीछे जाके उसकी गर्दन को चूमने लगा और एक हाथ से पैंटी के उपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा..
“उम्म्म्म…अहहहहहः… और रागडो ना मेरी चूत को अहहहहाहा……उम्म्म्मम…..लव मी ना बेबी अहहहहा…… ज़ोर से करो ना अहहहहा”
कहते कहते पूजा आपे के बाहर हो गयी और पलट के मेरे होंठों को जन्गलियो की तरह चूसने लगी…
“उम्म्म्माहहहहः…. सिससीिससीसीसी…..उम्म्म्मममहहहामम्म अमम्मा अममममममा…. ज़ोर से चूसो ना इन्हे अहहह्ा….” कहते कहते पूजा ने मेरे लंड को सहलाना चालू किया…
“उम्म्म्म अहहहहा….येई लंड है ना जो कल रात मेरी मा को देख के अकड़ने लगा था..अहहहाहा… ज़रा मैं भी देखूं इसे आहाहाहा…….”
मेरे होंठ छोड़ के पूजा मेरा पॅंट उतारने लगी… जैसे ही उसने मेरा पॅंट उतारा, मेरा लंड उसकी आँखों के सामने आ गया…
“उम्म्म…अहहहः, ज़रा देखो इसे अहहाहा… मेरी मा का नाम सुनके कैसे खड़ा है हरामी कहीं का अहाहहा… ये कहके पूजा मेरे लंड को मूह में लेके चूसने लगी…. एक हाथ से पूजा मेरे लंड को चूसने लगी थी, और दूसरे हाथ से पूजा मेरे टट्टों को सहला रही थी…
“उम्म्म उम्म्म उम्म्म… गल्प गल्प गल्प…. स्लर्प स्लर्प स्लूर्प्प अहहहहः… सीसीसिससी स्लूरप्परप्परपहाहहहहहा….” उम्म्म्मम अहहहहहा…..” बोल ना साले
भडवे, कुछ बोल क्यूँ नहीं रहा साले ना मर्द कहीं के…अहहहहाहा, भडवे कहीं के..हहाहहा….
“अहहहहाहा…. हां मदरजात साली चूस ना मेरे लोड्े को.. आआहहहा, कुतिया कहीं की… तेरी मा और तुझे दोनो को एक साथ चोदना है साली रांड़ की औलाद अहाहाहा….” मैं जोश में आके बकने लगा…
“उम्म्म… अहहहहहाहा…. ह्म्म्म. और बोलो ना अहहहहा… आपकी फॅंटेसी और पूरी करो अहहहहसीसीईईई….” पूजा मेरे लंड के सुपाडे पे जीभ फेरने लगी…
इस हरकत से मेरा जोश और बढ़ गया…. मैं जैसे सातवें आसमान पे पहुँच गया था… मैं पूजा के बाल पकड़ के, अपने लंड को उसके मूह के अंदर बाहर करने लगा..
“उम्म्म्म गुणन्ं उज्णणणणन् गुणन्ञन् आहाहः गुणन्ञणन्… उम्म्म गुणन्ञन्…….” पूजा का दम घुटने लगा था इस हरकत से….
“और ले भेन की लौडि अहहहः…. साली रांड़ की औलाद… अहहहहा कुतिया जनि…. तेरा बाप नामार्द होगा रंडी अहहहहा…. तभी तो तेरी मा बाहर चुदवाति है साली रंडी अहाआहहाहा….” मैं पागल होने लगा था… चुदाई किए हुए काफ़ी वक़्त बीत चुका था शायद इसलिए…
पूजा के मूह को चोद्ते चोद्ते उसकी आँखों से आँसू आने लगे थे…. ये देख जैसे ही मैने लंड बाहर निकाला, पूजा बोलने लगी….
“क्या हुआ बेटा..अहहहः मेरे जमाई आ… उम्म्म्म अपनी सास को तो ठीक से पेला भी नहीं है तूने अभी.. अहहहहहा पूजा सही कहती है…उसका पति साला नामार्द ही है..अहहहहहा” कहते कहते पूजा मेरा लंड की मूठ मारने लगी…
मैं समझ गया वो ये सब क्यूँ बोल रही है.. मैने भी उसका साथ देना पसंद किया..
“उम्म्म…अहहहः सासू मा…. आपके आगे तो आपकी बेटी कुछ भी नहीं अहहाईयैयैयाया. उम्म्म्म, आपकी तो मूठ भी कमाल लग रही है अहहहहः”
“उम्म्म्म अहाहहा जमाई बाबू…. अब पेल भी दो ना अपनी सास को बेटा अहहहहा… तुम्हारे ससुर तो चोद्ते ही नहीं अहहहा.. दो धक्कों में ही हाहहहहहा निकल जाते हैं.. अहहहः, मेरी इस मुनिया का तो ख़याल रखो अब अहहहहहा….”
ये सुनके मैने पूजा को बालों से पकड़ के उठाया और जबरन उसके होंठ चूसने लगा…
“उम्म्म.. अहहहहा… कितनी गरम हो तुम अहहहा….” मैने पूजा के होंठ चूस्ते हुए कहा
“आहहहसीई…उम्म्म्म, मेरी चूत भी तो गरम है ना जमाई बाबू….अहहहहहा” पूजा बेड पे लेट गयी और अपनी चूत के होंठ खोल के दिखाने लगी…
दूध से सफेद उसका शरीर.. उसके सफेद चुचों पे लाल निपल्स, उसकी चिकनी चूत, उसकी चूत के लाल होंठ मुझे पागल कर रहे थे…उपर से पूजा ने अपनी आँखें बंद कर दी और अपनी उंगली चूसने लगी…
मुझसे रहा नहीं गया, और मैं तुरंत उसकी टाँगों के बीच जाके , अपने लंड को पूजा की चूत में सेट करने लगा… मैं जान बुझ के लंड को अंदर डालने की वजाय उसकी चूत के होंठ पे ही अपने लंड के सुपाडे को घुमाने लगा….
“उम्म्म अहहहहा…. कोई ऐसे भी करता है क्या अहहहा..अब चोद डालो ना जमाई बाबू अपनी सास को अहहहहा… अब घुसा दो ना इस डंडे को अंदर”
“अंदर कहाँ मेरी सासू मा.. अहहहहा, मैं अभी हल्के से सुपाडे को चूत के अंदर ले जाता और फिर बाहर निकाल लेता…
इससे पूजा मचल उठी
“उम्म्माहहाहा… अंदर ना, इस चूत में अहहहहा.. इस भोस्डे में मेरी बेटी के पति अहहहहहा.. जल्दी सास की चूत कूट दो आहाहा….”
पूजा के मूह से ये सुनते ही, मैने एक झटके में अपने लोहे जैसे तने हुए लंड को पूजा की चूत में उतार गया.. पूजा की चूत इतनी पनिया चुकी थी कि मेरा लंड एक झटके में अंदर फिसलता चला गया….
मेरे इस झटके से पूजा जो कुछ देर पहले मस्ती में थी वो अब दर्द में आ गयी..
“औहहाहाहा अहः…धीरे धीरे अहहहः….. उहह ऑश…. गो स्लो अहाहाहा….उहमम्म्मम अहहाहामम्म्मम…”
मैने धीरे धीरे झटके मारने लगा… इससे पूजा का भी दर्द कम होने लगा और अब मज़े में आके .. “उम्म्म्म उम्म्म्म हहहहहहः उम्म्म्ममम”ये करने लगी थी..
जैसे जैसे पूजा मदहोशी में आती गयी, मैं धक्कों की स्पीड बढ़ाने लगा, और पूजा भी उछल उछल के मेरा साथ देने लगी..
“उहह अहहहहहा….. थॅप थाप ठप थाप…. आहहहैईईसिईसीई… कैसा लग रहा है मेरी सासू मा अहहहहा.. अपने जमाई का लंड आपकी चूत में… आहाहहहा…. ये लो अंदर और अहहहहा… ठप ठप्प चप्प्प्पापा औआहहहह उम्म्म्मम ”
“अहहहहा क्या बताऊं बेटा अहहहहाहा.. बहुत मज़ा दे रहे हो मेरे जमाई आ अह्ह्ह्ह्ह… धन्य हो गई मेरी बेटी तो अहहहहहा….”
हम चुदाई में मदहोश होने लगे थे… हमे बिल्कुल भी होश नहीं था हम क्या बक रहे थे…
“उहह अहहहा.. सासू मा अहाआह मैं आने वाला हुन्न्ं आआहुन्न्ञनननणणन्”
ये सुनके पूजा ने तुरंत अपनी चूत को मेरे लंड से अलग किया.. और बेड से उठती हुई बोली..
“अभी कैसे मेरे जमाई आ अहहाहा.. अभी तो तुम्हारी सास को बाल्कनी में चुदवाना है मेरी चोदु जमाई अह्ह्ह्ह आहाहहा…”
ये कहके पूजा और मैं बाहर बाल्कनी में आ गये… बाल्कनी में आते ही पूजा ने रेलिंग को पकड़ के अपनी एक टाँग को हवा में उठा दिया, जिससे मुझे उसकी चूत का हिस्सा सॉफ दिखाई देने लगा…
“आहहहा… आ अब पेल भी दो ना..अपनी सासू को उम्म्म…”
मैं भी देरी ना करते हुए, पीछे से पूजा की चूत को चोदने लगा…. खुली बाल्कनी में चोदने का मज़ा बहुत आ रहा था..
“अहहहहा आ और ज़ोर से चोदो ना सासू को हहाहा….. हांाआना इधर दो ना आहाहहहा…. मेरे जमाई अहहहा… और चोदो ना”
बाल्कनी में हवा के साथ हमारे धक्के भी तेज़ होने लगे थे….
“ठपप्प्प थापप्प्प…… अहहहहा…. उम्म्म्म आहाहः गुर्रहाहः….. ुआहहहहा यआहहहहः….” इन आवाज़ों के साथ हमे कोई परवाह नहीं थी के कोई बाल्कनी में देख रहा है कि नहीं….
“उहहहहा अहहहहा…. अपनी सास को चोदो ना मेरे आ..आहहहहा.. कहते पूजा ने अपनी गान्ड पे “सपाक” करके एक थप्पड़ झाड़ दिया, जिससे उसकी सफेद गान्ड पे लाल निशान बन गया….
“उम्म्म्म अहहहाहा… बेटा आइ अम कमिंग अहहाहा… मैं आ रही हूँ बेटा अहाहा…… अहहाहाहा मैं गयी अहहहौमम्म्ममम अहहहाहा……ओहहह..यआहहहहाहाहहहहहहहा” कहके पूजा कमज़ोर पड़ी और ढीली हो गयी…
जैसे ही पूजा ढीली पड़ी, उसने अपनी चूत से मेरा लंड निकाला, और उसे मूठ मारने लगी.. चूसने लगी…
“उम्म्म.. अहहहहहहः अहहहहा… क्या लंड है तुम्हारा अहहाहा… उम्म गल्प गल्प स्लर्प स्लर्प अहहहहहा…..” पूजा लंड को मूह में लेके बोलने लगी…
जैसे ही मुझे लगा मैं झड़ने वाला हूँ, मैने लंड पूजा के मूह से बाहर निकाल के अपना माल पूरा उसके बूब्स पे छोड़ दिया
पूजा के बूब्स पे इतना स्पर्म छोड़ा जितना आज तक मैने कभी नहीं निकाला था….. जैसे ही मैने अपना स्पर्म छोड़ा, मैने एक राहत की साँस ली, और आँखें बंद कर दी…. जैसे ही मैने कुछ सेकेंड्स में आँखें खोली, पूजा वहाँ से अंदर जा चुकी थी….. मैं उसके पीछे पीछे जाने लगा..
“पूजा…. पूजा सुनो तो” मैं उसके पीछे चिल्लाने लगा…
पूजा जाके बेड पे लेट गयी, और बहुत ज़ोर ज़ोर से साँसे ले रही थी… मैं जाके उसके पास लेट गया, मुझे बाजू में देख पूजा ने ज़ोर से मुझे अपनी पास खींचा और मेरी बाहों में छुप गयी… उसकी साँसे अभी भी तेज़ चल रही थी…. कुछ देर तक हमने कोई बात नहीं की, जब पूजा की साँसे नॉर्मल हुई
“अब तो कोई फॅंटेसी बाकी नहीं रह जाती आपकी” पूजा ने अपने नाख़ून मेरी छाती पे घुमाते हुए पूछा..
“पूजा… ये करने की क्या ज़रूरत थी.. ये नहीं करती, तो क्या होता” मैं उसके बालों को उसके चेहरे से हटाने लगा
“ज़रूरत थी… पर , फ्रॅंक्ली मैने ये आपकी वजह से किया… ऐसे सेक्स में मुझे किसी और का रॉल्प्ले करना अच्छा नहीं लगता… इससे लगता है ,कि आपका जिस्म ही सिर्फ़ मेरे साथ है, आपका मन नहीं” पूजा ने मुझे अपनी बाहों में भींच लिया और मेरे बालों के साथ खेलने लगी…
“पूजा…. इसमे मेरी कोई ग़लती नहीं, कुछ दिनो से घर में ऐसी ऐसी चीज़े देखी है, तो मुझसे रहा नहीं जाता…”
“समझती हूँ मैं … आपकी कोई भी फॅंटेसी पूरी करूँगी मैं.. बिना किसी रोक टोक के.. आपकी खुशी में ही मेरी खुशी है”
“पर पूजा.. तुम्हे डाइयरी के बारे में कैसे पता चला” मैने पूजा से पूछा
“ज़य भैया ने बताया… मुझे आपको स्ट्रेस में देख के बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था, इसलिए आज सुबह ज़य भैया से पूछा आपकी पसंद के बारे में, तभी उन्होने बताया डाइयरी के बारे में”
पूजा की ये बात सुनके मैने कुछ नहीं कहा… हम यूही कुछ देर बेड पे लेटे रहे, देखते देखते शाम हो गयी और हम फ्रेश होके तैयार होने लगे…. जैसे ही हम तैयार होके वहाँ से निकले, गाड़ी में बैठते ही पूजा ने कहा
“… मैं आप से अब कुछ छुपा नहीं सकती… सब कुछ सॉफ करना चाहती हूँ मैं अब… क्या आप सुनने के लिए तैयार हैं….
पूजा और मैं काफ़ी थक चुके थे…. मैने कभी नहीं सोचा था कि मुझे पूजा का ये रूप देखने को मिलेगा…. हम लोग कुछ देर में होटेल से निकल रहे थे, तभी गाड़ी में बैठते ही पूजा ने कहा
“.. मैं आपसे कुछ छुपाना नहीं चाहती…. अब और मुझसे छुपाया नहीं जाएगा कुछ भी.. क्या आप सुनने के लिए तैयार हैं”
“ओफ़कौर्स पूजा…. मैं कब्से जानना चाहता हूँ, और बेफिकर रहो, हमारे बीच की ये बातें किसी को नहीं पता लगेगी” मैने पूजा को आश्वासन देते हुए कहा
“ठीक है …. दरअसल बात ये है कि…..”
इससे पहले पूजा कुछ बोलती, मेरा फोन बजने लगा…. फोन डॅड का था…
“हां डॅड.. बोलिए”
“, व्हेअर् आर यू… इतनी देर हो गयी है, हो कहाँ तुम लोग…” पापा ने सामने से पूछा
“डॅड… हम लोगो की गाड़ी खराब हो गयी है, इसलिए देरी हुई..” मैने झूठ बोला पापा को
“ओके .. कहाँ हो तुम, मैं अभी ज़य को भेजता हूँ, तुम्हे रिसीव करने के लिए…”
“नहीं डॅड.. अभी ठीक करवा दी है गाड़ी.. हम आ रहे हैं माल में..”
“माल में नहीं बॉय, तुम लोग अभी सीधे घर आओ, हमने तुम्हारी शॉपिंग कर ली है.. जल्दी आओ, कुछ और बातें भी डिसकस करनी हैं..” पापा ने फोन कट करने से पहले कहा…
पहली बार मुझे पापा पे गुस्सा आ रहा था, मैने फोन कट करके फिर पूजा से कहा.
“बोलो पूजा…. आइ आम ऑल युवर्ज़ नाउ”
पूजा:- , घर चलिए अब, बहुत देर हो चुकी है हमको, घर चल कर आराम से बात करते हैं.. और कल हम इंडोनेषिया तो जा रहे हैं, इतमीनान से बात करेंगे कल…
मैं:- नहीं पूजा.. अभी कहो, क्या हुआ है, मैं अभी जानना चाहता हूँ प्लीज़
पूजा:- ,.. प्लीज़, काफ़ी देर हो चुकी है, और चिंता नहीं कीजिए.. मैं आपको सामने से सब बताना चाहती हूँ,
मैने ज़्यादा बहस ना करते हुए गाड़ी चलाना शुरू किया… कुछ देर चलने के बाद , मौसम ने करवट बदली, और हल्की हल्की बारिश शुरू होने लगी…
“ये गर्मी में बारिश कहाँ से आ गयी” मैने चिढ़ते हुए पूजा से कहा…
पूजा:- आपको तो बारिश पसंद है , इतना चिढ़ क्यूँ रहे हैं…
मैने कोई जवाब नहीं दिया उसकी बात का.. बारिश तो पसंद थी मुझे, पर मेरा दिमाग़ मेरे दिल का साथ नहीं दे रहा था.. मुझे ऐसे देख पूजा ने जारी रखा
“मैं जानती हूँ कि पिछले कुछ दिनो से इन सब बातों की वजह से आप ठीक से ना खा रहे हैं, ना तो आराम कर रहे हैं… आपकी चिंता बिल्कुल सही है .. पर आप इन सब के बीच में कुछ भूल रहे हैं..”
“पूजा… क्या भूल रहा हूँ, अब ज़्यादा पहेलियाँ मत भुजाओ प्लीज़” मैने झल्लाते हुए कहा…
“रिलॅक्स कीजिए प्लीज़… आप को ऐसे देखके मुझे कैसा लगेगा, आपने कभी सोचा है, आपकी चिंता आपके परिवार के लिए सही है, पर साथ ही आपको अपने और मेरे बारे में भी सोचना चाहिए… मैं आपकी पत्नी होने वाली हूँ, तो आपको मेरे बारे में भी उतना ही सोचना पड़ेगा जितना आप अपने परिवार के बारे में सोच रहे हैं”
मैं:- पूजा… सीधे बोलो, तुम क्या चाहती हो
पूजा:- मैं ये चाहती हूँ कि अब आप इस बात की वजह से चिंता ना करें प्लीज़… हम कल इंडोनेषिया जाएँगे, मैं वहाँ चल कर आपको सब बता दूँगी, पर उससे पहले आपको मुझसे एक वादा करना पड़ेगा
“कैसा वादा…. मैं वादे निभाने में बहुत कमज़ोर हूँ पूजा…” मैने हताश भरे स्वर में कहा
पूजा:- … मैं सिर्फ़ ये चाहती हूँ, के आने वाले 7 दिन हम एक दूसरे के साथ बिना किसी चिंता के बितायें.. आपकी चिंता अब मेरी चिंता है, मैं आपको अपना पूरा सहयोग दे रही हूँ… वादा करती हूँ आपसे के आपको या आपके परिवार को कोई नुकसान नहीं होगा… क्या आप एक छोटा सा वादा नहीं कर सकते…
मैने पूजा को कुछ जवाब नहीं दिया… मुझे ऐसे देख पूजा ने फिर कहा
“.. आपकी खामोशी से ये दिखता है आपको मुझपे बिल्कुल विश्वास नहीं है…” पूजा ने अपनी नज़रें बाहर की तरफ करते हुए कहा
“नहीं पूजा , ऐसा बिल्कुल नहीं है…. तुम ही तो हो अभी मेरे साथ, तुमपे विश्वास नहीं करूँगा तो मैं खुद को माफ़ नहीं कर पाउन्गा अब…. अच्छा, वादा रहा, ये 7 दिन तुम्हारी ज़िंदगी के सबसे अच्छे दिन रहेंगे” मैने पूजा को हँस के जवाब दिया
ये सुनके पूजा ने भी हल्की सी स्माइल दी… बाहर बारिश हो रही थी धीमी सी, अंदर पूजा और मैं एक दूसरे से इधर उधर की बातें कर रहे थे, तभी मैने पूजा को देखते हुए गाना शुरू किया…
” हे काश, काश यूँ होता…
.हर शाम साथ तू होता……
चुप-चाप दिल ना यूँ रोता
हर शाम साथ तू होता….
गुज़ारा हो तेरे बिन गुज़ारा अब मुश्क़िल है लगता..
.नज़ारा हो तेरा ही नज़ारा अब हर दिन है लगता”
ये सुनके पूजे ने मेरी ओर अपनी आँखें बड़ी करते हुए, सर्प्राइज़ होके देखा, और कहा
“अरे वाह… मुझे नहीं पता था, आप इतने रोमॅंटिक भी हो सकते हैं.. क्या बात है जी” पूजा ने स्माइल करते कहा..
“अब इसके आगे तुम गाओ, तो मैं जानूँ तुम मेरी टक्कर की हो या नहीं” मैने पूजा को छोटा से चॅलेंज देते हुए कहा…
“जो काम किसी के कहने पे करो, उसमे मज़ा नहीं आता … आपको मैं गाना भी सुनाउन्गि, पर सही वक़्त पे, अभी तो फिलहाल आप ही जारी रखिए”
यूही बातें करते करते , हम घर पहुँचने लगे… जैसे ही मैने गाड़ी पार्क की, पूजा मेरे कान में कुछ बोलके, अंदर की तरफ दौड़ गयी… उसकी बात सुनके, मेरे चेहरे पे हल्की सी हँसी छा गयी…
“हां डॅड… बोलिए, कुछ ज़रूरी काम था आपको ?” मैने घर के अंदर जाते कहा
डॅड:- हां … सबसे पहले ये लो, डॉक्युमेंट्स.. इनके हिसाब से तुम अफीशियली अब हमारे मॅन्यूफॅक्चरिंग यूनिट्स के मालिक हो.. और पूजा जॉइंट सिग्नेटरी है अब… आज से, इनफॅक्ट अभी से, तुम्हारी सिगनेचर्स ही वालिद है, कोई भी पर्चेस ऑर्डर या सेल्स ऑर्डर, औथेंटिक नहीं होगा तुम्हारे सिगनेचर्स के बिना….
और तुम्हारे आब्सेन्स में, पूजा सिग्नेटरी रहेगी… 80-20 के रेशियो में प्रॉफिट डिसट्रिब्यूट होगा… आंड इंपॉर्टेंट थिंग, बॅंक में पूजा के सिगनेचर्स अपडेट करवाने हैं, जब तक वो हो, तब तक यू आर दा सोल प्रोप्राइटर… 5 दिन में पूजा के सिगनेचर्स अपडेट हो जाएँगे, ये लो फॉर्म, इस्पे पूजा के साइन ले लो, ये काम भी निपट जाएगा…
मैने ध्यान से हर एक पेपर देखा, चेक किया, एक जगह जाके मेरी नज़र अटक गयी…
“डॅड… ये विजय अंकल का नेम भी है इसमे ?” मैने शॉक्ड होते हुए पूछा
“हां बेटे.. इसके मुताबिक, गॉड फ़ोर्बिड, तुम्हे कभी कुछ हो जाए और पूजा भी ना रहे, तो विजय का भी हिस्सा रहेगा इस प्रॉपर्टी में…” पापा ने मुझे देखते हुए कहा..
‘बट डॅड.. वो क्यूँ.. आइ मीन..”
इससे पहले मैं कुछ बोलता, पापा ने मुझसे कहा
” बॉय… रिलॅक्स, विजय भले ही सौतेला है तो क्या हुआ, है तो मेरा भाई ही… और मैं खुद को इन सब से अलग कर सकता हूँ, पर विजय को नहीं कर सकता.. रीज़न्स तुम जानते हो, उसकी दो बेटियाँ है जिनकी शादी अभी बाकी है…. और मैं नहीं चाहता कभी उन्हे महसूस हो कि उनके पास पैसों का कोई सुख नहीं है”
“ओके डॅड… पर आप ने ये सब आज क्यूँ दिया मुझे.. आइ मीन मेरे 29थ बर्तडे पे देने वाले थे ना आप तो”
“.. ज़रा आप नज़र डालेंगे अपने कॅलंडर पे, आपको इसका जवाब मिल जाएगा” पीछे से पूजा ने आवाज़ दी
मैने सामने लगे हुए क्लॉक में देखा, 1स्ट जून थी डेट…..
“शिट….. आज ही तो मेरा बर्तडे है….” मैने खुद को हैरान होते हुए कहा…
इससे पहले मैं कुछ और बोल पाता, मोम, डॅड, ज़य और पूजा सब लोग मुझपे कूद पड़े और मेरे मूह पे केक लगाने लगे… सब लोग बहुत खुश थे,
मुझे भी काफ़ी खुशी थी कि मुझे ऐसे चाहने वाले मिले हैं… काफ़ी देर तक मेरे मूह पे केक लगाने के बाद ज़य बोला
“क्या भाई… आप तो कैसे हो, आप को खुद का बर्तडे याद नहीं है, और मैं मेरे कॉलेज से दो दिन की लीव लेके आपका बर्तडे सेलेब्रेट करने आया हूँ”
” बेटे, कोई चिंता है तो हमे बताओ, इससे पहले आज तक तुम अपना बर्तडे कभी नहीं भूले, इनफॅक्ट तुम सामने से अपना गिफ्ट माँगते थे, पर इस बार ऐसा क्यूँ” मोम ने मेरे सर पे हाथ रखते हुए कहा…
“नहीं मोम.. ऐसा कुछ नहीं है, …” मैने इतना ही कहा , कि बीच में डॅड बोले
“अरे ये भूल गया तो क्या हुआ, हमे याद है ना, और इसकी गिफ्ट्स सब रेडी है, डोंट वरी अबौट दट”
डॅड की ये बात सुनके मैने उन्हे सवालिया नज़रों से देखा, वो मेरी बात समझ गये और आगे आके मुझे उन्होने एक केय्चैन पकड़ते हुए कहा
” बॉय…. तुम्हारी पहली गिफ्ट, इंडोनेषिया की ट्रिप हम सब की तरफ से… तुम्हारे सब पैसे मैने तुम्हारे बॅंक में ट्रान्स्फर करवा दिए हैं…
“डॅड… वो ठीक है, पर दिस ईज़ टू मच… मैं ये नहीं ले सकता प्लीज़” मैने डॅड को केय्चैन पकड़ाते हुए कहा
“व्हाट रब्बिश !!! नहीं ले सकता मीन्स.. यू आर दा बेस्ट सन इन दिस वर्ल्ड… सो फॉर माइ बेस्ट सन, इतना तो कर सकता हूँ…
“मिटस्यूबीशी पजेरो”…. बेस्ट कार फॉर बेस्ट सन… एंजाय ऑलराइट…”
इससे पहले मैं कुछ बोलता, ज़य बोल पड़ा…
“भाई रख लो, मुझे तो कुछ देते ही नहीं डॅड.. आपको तो दे रहे हैं कम से कम…” ज़य ने डॅड की तरफ देखते हुए कहा..
“उफ्फ!!! ये लड़का…. ज़य, क्या बोल रहे हो… तुम्हारी गिफ्ट भी रेडी है.. देखना चाहोगे ?” मोम ने ज़य से पूछा
ये सुनते ही ज़य मोम के पास गया
“हां हां मोम.. दिखाओ ना प्लीज़ प्लीज़…. जल्दी” जे उतावला होने लगा था…
“ज़य, तुम्हारे भाई के बाद, तुम वाकेशन पे जाना चाहोगे” डॅड ने सवाल पूछा ज़य से
“हां डॅड… पर इंडोनेषिया नहीं हाँ, मैं कहीं एशिया के बाहर जाना चाहूँगा..” ज़य ने डॅड से कहा
“ओके बॉय… यू आर विश ईज़ माइ कमॅंड… 3 महीने बाद, तुम, तुम्हारी मोम और मैं… ऑस्ट्रेलिया चलेंगे.. ईज़ दट फाइन माइ सन” डॅड ने ज़य को गले लगाते हुए पूछा…
“ओह डॅड…. यूआर दा बेस्ट डॅड…” ज़य की सारी कंप्लेंट्स दूर हो गयी…
डॅड को ऐसे देख मुझे बहुत खुशी हो रही थी.. ऐसा लग रहा था काफ़ी दिनो बाद इस घर में खुशियाँ आई हैं… इन सब के बीच मोम ने मुझे और पूजा को अपने पास बुलाया
“बेटे.. तुम दोनो अब पूरी ज़िंदगी साथ रहने वाले हो… तुमने हम लोगों को बहुत बड़ी खुशी दी है… ये दोनो तुम लोगों के लिए लाए हैं हम..”
मोम ने हमे दो बॉक्स पकड़ाते हुए कहा…
“नहीं मम्मी जी… मैं ये नहीं ले सकती आपसे, प्लीज़ ” पूजा ने कहा
इससे पहले मोम कुछ बोलती, ज़य ने बीच में टोका
“पूजा जी…. बॉक्सस ओपन कीजिए, शायद आपका इरादा बदल जाए”
हमने ज़य से कुछ नहीं कहा, और बॉक्सस ओपन करने लगे…
हमारे बॉक्स में अलग अलग डाइमंड रिंग्स थी… पूजा के हाथ में मेरी, और मेरे हाथ में पूजा की.. डाइमंड्स से हमारे नेम के इनिशियल्स “स” और “प” लिखा हुआ था…
“अब तुम मना मत करना… तुम लोगों से मैं ज़्यादा नहीं कहूँगी कुछ ओके.. मैं उम्मीद करती हूँ के तुम जान गये होगे ये गिफ्ट्स हमने तुम्हे क्यूँ दी”
मोम ने हमे देखते हुए कहा…
ये सुनके पूजा ने बिना कुछ कहे मोम डॅड का आशीर्वाद लिया, और वहाँ से चली गयी….

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