मेरी सेक्सी बहनें – Update 18 | Erotic Love Story

मेरी सेक्सी बहनें - Love Hatred Seduction
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मोम:- बेटी, तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया के तुमने राज को मना लिया शादी के लिए, बट इंडोनेषिया की पर्मिशन तो अंशु ही दे पाएगी ना..

पायल:- अंशु आंटी.. प्लीज़ मना मत कीजिए, मैं नहीं चाहती के पूजा के अलावा कोई और लड़की मेरी भाभी बने… प्लीज़ आंटी, प्लीज़ प्लीज़…

पायल का ये मास्टर स्ट्रोक था.. अंशु मना करती तो उसी वक़्त रिश्ते की ना हो जाती.. अगर हां बोलती तो हमने तो आगे का सोच ही रखा था..

काफ़ी देर के बाद अंशु ने फाइनली अपने मूह से एक शब्द निकाला

“ठीक है.. अगर आपको ये ठीक लगे तो आइ आम ओके”

ये सुनके जैसे घर में अभी से ही शादी का माहॉल बन गया.. मोम डॅड बहुत खुश हुए और अंशु को गले मिलके बधाइयाँ देने लगे….

पायल को भी उसकी क्रेडिट मिली…. मोम डॅड ने उसे बहुत शुक्रिया किया, और अनाउन्स किया

“इंडोनेषिया में तुम तीनो की शॉपिंग हमारी तरफ से.. एंजाय करो !!!”

ये सुनके मुझे काफ़ी खुशी हुई, क्यूँ कि ऑलरेडी बॅंक में बॅलेन्स बहुत कम था, और पायल से पैसे खर्च नहीं करवाने थे… उपर से डॉली को ठिकाने लगाने में जो खर्चा हुआ वो अलग… पूजा का आना वाज़ लाइक आ ब्लेस्सिंग इन डिस्गाइज़…

कुछ देर बाद, मोम डॅड भी अपने काम में लग गये, शन्नो और अंशु को समझ ही नहीं आया आज का ये सीन, इसलिए बिना कुछ बात किए उपर निकल लिए… बाकी रहे सिर्फ़ पायल और मैं.. मैं उठके पायल के पास गया और उसके कान में धीरे से कहा

“तू बड़ी हरामी है यार… तुझसे बच के रहना पड़ेगा मुझे भी ” मैने आँख मारते हुए कहा

पायल:- “ध्यान से भाई.. वैसे कल रात आपके घर एक और कांड हुआ है.. सुनोगे आप ?”

“विस्की पीने के बाद तो बिल्कुल होश नहीं रहा भाई मुझे.. पर सुबह 5 बजे मैने मन मारके आँखें खोली.. सुबह को स्ट्रॉंग कॉफी बनानी थी, नहीं तो सुबह को सब को पता चल जाता कि हम दारू पीके आउट थे.. उपर से मुझे वापस गेस्ट रूम में जाना था… इसलिए मैं जब नीचे जाने के लिए रूम से बाहर निकली, रास्ते में आपकी प्यारी चाची का रूम आता है… वहाँ से कुछ आवाज़ें सुनके ना ही मैं सिर्फ़ वहाँ रुकने पे मजबूर हुई, पर मेरा नशा भी धीरे धीरे उतरने लगा.. मैं जो अंदर से सुन रही थी , मुझे विश्वास नहीं हो रहा था अपने कानो पे..”

पायल ने धीरे से ये सब एक साँस में मुझे देखते हुए बोल दिया….

“और सुनो.. मैं खड़ी भी नहीं हो पा रही थी ठीक से, आपके सिंगल माल्ट की बदौलत.. मैं दरवाज़े से टकरा गयी, और दरवाज़ा बिल्कुल अनलॉक्ड था…अंदर का सीन देख के मेरी चूत भी गीली होने लगी…. अंदर का नज़ारा ही कुछ ऐसा था…” पायल अब धीरे धीरे सोफे पे लेट के बोलने लगी…

“उम्म्म…. मा, धीरे से करो ना आहहहहः सीईईईईईईईई…..”

“आहाआहहा हां मेरी बेटी… ले ना और अंदर आहहहहः सीईईईईईईई…..”

“आहहहहा….. मासी धीरे चोदो ना अहहहहहा…. उम्म्म्म, आज तो आप बहुत तेज़ हाथ चला रहे हो हाननननन्ना…उम्म्म्ममम…..अहहहहाा, हानन उधर ही करो अहहहहहहहहहाअ”

“आहाहः क्यूँ मेरी पूजा रानी आहहहहहहा.. धीरे क्यूँ अहहहहा सीसीससिईस…… तेरी मा भी तो मुझे ज़ोर से चोद रही है साली रांड़ कहीं की.. अज्जजजाजजाहहहा.. हां मेरी बहना अहहहहा… मेरी गान्ड में चोद ना मदर्चोद कहीं की अहहहहहहहहा”

“अहहहहा माआआ धीरे चोदो मासी को आहहहः उम्म्म्मम.. नहीं तो ये मेरी गान्ड फाड़ देगी अहहहहहा… उम्म्म्म, कितना मज़ा आ रहा है.. अहहहाहा…. गान्ड में मेरी मासी, चूत में मेरी मा अहहहहहा…. धन्य हो गई में अहहहहहाहा और चोदो ना अहहहहः” अंदर से पूजा चिल्ला चिल्ला के बोल रही थी…

“अहहहहहः…. हां मेरी रांड़ बेटी, ये ले ना और अहहहहहाहा… अभी तो हमसे चुदवा ले, बाद में तो के लंड पे सवारी करेगी मेरी रानी बिटिया…..उम्म्म्म… शन्नो धीरे चोद ना मेरी चूत को अहहहहहा…..” अंशु भी साथ दे रही थी अपनी बेटी का….

देखते देखते अंशु अपने पैर फेला के नीचे लेट गयी, उसके मूह पे पूजा गयी… मा बेटी की चूत चाट रही थी… उधर से शन्नो भी पूजा के होंठ चूसने लगी…

“उम्म्म्म अहहहः मा, धीरे चूसो ना अहहहहहा.. मेरी तो चूत पनिया गयी है अहहाहाहा, क्या चोद्ते हो आप उम्म्म्मम……. अहहहहा,शन्नो माअसी सीसिईसिसिस… आपके होंठ तो उम्म्म्ममम अहहहहा…. आप दोनो बहने तो उम्म्म्मम एक नंबर की रंडिया हो उम्म्म्मम….” पूजा बके जा रही थी….

“तपाक…. ठप्पाक्क्क…. ” अंशु ने पूजा की गान्ड पे दो स्लॅप मार दिए…..

“अहहहहहः क्यू हुआ मा आ आहहहा क्यूँ मार रही है अहहहहाहाहः” पूजा डगमगाने लगी…

“रंडी होगी तू साअली आहाहहहाहा… हम दोनो बहनो को क्या बोल रही है अहहहहहाः…. यहाँ अपने मौसा से चुदवाने आई है या शादी करने साली रांड़ कहीं की… उम्म्म स्लर्प स्लर्प अहहहहाहः… स्लर्प स्लर्प उम्म्म्मम…. तेरी चूत तो अमेरिका के लंड ले ले के रसीली हो गयी है मेरी रंडी बेटी…..”

अंशु पूजा की चूत चाट चाट के बोले जा रही थी….

“अहहहहा मा.. चूत तो लंड लेने के लिए ही बनी है ना अहहहहाहाहा….. मौसा का हो या अमेरिका के लंड….. उम्म्म्ममम……. मासी मेरे चुचे तो लो ना मूह में अहहहहाहा…… राज से शादी नहीं मा अहहहहहा…. उसकी मा को चोदने आई हूँ यहाँ अहहहहः… आज उस भडवे ने जो हमारी बेइज़्ज़ती की है… उम्म्म्म अहहहहाहः मा यहीं चोदो ना अहहहाहाहहहा…. उस बेइज़्ज़ती का बदला अब इनके परिवार का ख़ात्मा ही है….” पूजा मज़े लेके बोलने लगी…..

अंदर का नज़ारा देख के पायल की चूत भी पानी छोड़ने लगी थी… उसने भी धीरे से अपनी जीन्स नीचे करके अपनी चूत रगड़ना चालू कर दिया…. अंदर का नज़ारा ही कुछ ऐसा था, मैं होता तो मैं वहीं का वहीं तीनो रंडियों को चोदने में लग जाता…..
“बहुत बोलने लगी है तेरी बेटी मेरी बहना अहहहहाः… आज इसको मज़ा चखा देते हैं….”

ये कहके शन्नो वहाँ से उठके अपने कपबोर्ड की तरफ बड़ी… कपबोर्ड लॉक करके वो फिर से अपने बेड पे चली गयी… उसके हाथ में दो स्ट्रापान्ज़ थे… नकली लंड कहते हैं जिसे… उसने एक लंड अंशु को पकड़ा दिया और दूसरा खुद पहनने लगी… ये देख के पूजा को डर के बदले मज़ा आने लगा….

“अहहहहाहा मेरी रंडियों उम्म्म… जल्दी से चोदो ना मुझे आहाहहहाः….” पूजा अपनी चूत में उंगली डाल के बोलने लगी….

देखते देखते दोनो बहनो ने नकली लंड लगा लिए… अंशु ने अपना नकली लंड पूजा के मूह में घुसा दिया.. और शन्नो ने अपना लंड पूजा की गान्ड में घुसा दिया…

इससे पहले जितना मज़ा पूजा की आँखों में दिख रहा था.. अब उससे कहीं ज़्यादा दर्द झलक रहा था… शायद वो इस दोहरे प्रहार को झेल ना पाई..

“अहहहहहाहा मैं मर गाइिईईईईईईईईईईईईईई माआआआआआआआआअ अहहहहहहा……. मेरी गान्ड फट गयी अहहहहाहाहहा मर गाइिईईईईईईईईई मैंनननाना”

पूजा तिलमिलाने लगी…. अपनी बेटी को इस दुर्दशा में देख के भी अंशु को कोई फरक नहीं पड़ा….. उसने पूजा के मूह चोदने की स्पीड तेज़ कर दी….पीछे से शन्नो ने भी उसकी गान्ड में लंड अंदर बाहर करना शुरू किया…

“आआहहहहाहः मेरी रंडी बेटी और ले ना अपनी मासी का लंड अहहहहहः….. अहहहहहाहः सत्त्त सततत्त सततत्त सतत्तत्त के आवाज़ों से धक्के तेज़ लगाने लगी शन्नो… उधर अंशु ने भी अपना नकली लंड पूजा के हलक तक उतार दिया था….

पूजा की आँखों से आँसू निकलने लगे… थोड़ी देर पहले का मज़ा अब दर्द में बदल चुका था… करीब 5 मीं की चुदाई के बाद शन्नो और अंशु ने अपने नकली लंड उतारे और पूजा के होंठों और बूब्स को चूसने लगे…..

धीरे धीरे ये तूफान थमने लगा… शन्नो और अंशु की आँखों से सॉफ झलक रहा था उन्होने बहुत मज़ा किया… पूजा की आँखों में भी एक संतुष्टि थी…. कुछ सेकेंड्स में तीनो एक साथ बेड पे लेट गयी और बातें करने लगी…

“उम्म्म्म…. क्या आप भी, सोने नहीं देते हो मुझे तो… मैं तो थक गयी बहुत उम्म्म्मममाहहहहहहाः” पूजा ने अंगड़ाई लेते हुए कहा.

शन्नो:- ये देख अंशु, तेरी बेटी यहाँ सोने आई है.. सुन पूजा, हमारी सब उम्मीदें तुझसे जुड़ी हुई हैं.. अगर तू ये काम नहीं कर पाई, तो याद राखियो, ज़िंदगी भर हाथ में भीक का कटोरा होगा हमारे हाथों में… और अगर हमारा हाल ये हुआ, तो तू और तेरी मा भी खुश नहीं रहोगे..

“हां बहना, ध्यान है हमे, चिंता ना करो… मेरी बेटी ने इतने लंड लिए हैं अमेरिका में, राज जैसे लड़के को बहकाने में इसे बिल्कुल वक़्त नहीं लगेगा.. क्यूँ मेरी बेटी” अंशु अपनी बेटी के बालों में हाथ फिराते बोलने लगी…

पूजा:- मा… इस पायल का कुछ करना पड़ेगा… आज अगर सिर्फ़ राज मिलता उसके रूम में तो मैं उसके लंड पे ही सवारी कर रही होती..

शन्नो:- क्यूँ, अब क्या किया पायल ने तुम दोनो को…..

फिर पूजा और अंशु ने उसे सब बता दिया, जो हमने उनके साथ रूम में बर्ताव किया था…..

वो सब सुनके, शन्नो की आँखें एक दम बड़ी होने लगी…. उसकी आँखों में खून सा दौड़ने लगा.. वो एक दम लाल हो चुकी थी…

“अब तेरी खैर नहीं पायल… अब तू देख तेरा हश्र क्या होता है…” शन्नो अपने आप से बोलने लगी

“पर मासी… राज ने डॉली ललिता को तो अब तक चोदा होगा ना, तो उनसे क्यूँ नही ब्लॅकमेल नहीं करते हम राज को” पूजा ने शन्नो की आँखों में देख कहा और बेड से उठके अपने लिए सिगरेट जलाने लगी….

“अरे उन दोनो की क्या बात करूँ…. ललिता तो बीमार पड़ी है कुछ दिन से, डॉली भी मेरे साथ ठीक तरीके से बात नहीं कर रही… जब से उस पायल के साथ घूमने गयी थी, तब से वो मुझे देख भी नहीं रही… बस अपने आप में ही खोई रहती है..”
शन्नो ने बेड से उठते हुए कहा..

“चलो अब तुम दोनो.. सुबह के 5.45 होने आए हैं… कपड़े पहनो और आगे की प्लॅनिंग बाद में करते हैं… दीदी, चिंता नही करो, सबसे पहले पायल को ठिकाने लगाते हैं.. राज का बाद में सोचेंगे..” अंशु ने पूजा के हाथ से सिगरेट लेके एक सुट्टा मारते हुए कहा…

ये सुनके मैं वहाँ से निकल गयी…. पायल ने अपनी बात ख़तम करते हुए कहा…

उसकी बातें सुनके मेरा पसीना निकलने लगा था… गर्मी की वजह से था, कि उनकी गरमा गरम चुदाई की वजह से या पायल को ठिकाने लगा देंगे ये सुनके… मैं समझ नहीं पा रहा था क्या बोलूं…

“अरे भाई… क्या हुआ , इतना पसीना… वेट, मैं अभी पानी लाती हूँ…” कहके पायल फ्रिड्ज से पानी लेने गयी और आके मुझे पिलाने लगी…

ठंडा पानी पीक मुझे थोड़ा अच्छा लगा..

“पायल मुझे मेरी चिंता नहीं है… डर है तो बस तेरा, कहीं ये लोग तुझे कुछ ना कर दें..” मैने पायल को चिंतित होते हुए कहा…

“अरे तुम लोग कहाँ बैठ गये सुबह सुबह बातें करने, पहले फ्रेश हो जाओ फिर बातें करना” पीछे से डॅड ने हमे देखते हुए कहा..

हमारा ध्यान इस आवाज़ से टूटा.. पीछे देखके मैने कहा

“हां डॅड… बस थोड़ी देर और”

डॅड:- अच्छा बेटा, तुम लोगों ने इंडोनेषिया का प्लान कब बनाया… अचानक कैसे…

पायल:- मामा, अचानक नहीं, हमने एक महीना पहले ही बनाया था, और हम वेट कर रहे थे कि जैसे डेट नज़दीक आएगी, हम आपको भी इंक्लूड कर लेंगे इस ट्रिप में… एक फॅमिली वाकेशन हो जाती… पर अब पूजा आएगी तो शायद भाई और भाभी कंफर्टबल फील ना करें, इसलिए हमने आपसे नहीं पूछा….

डॅड:- कोई बात नहीं बेटा.. तुम लोग हो आओ… हम फिर ऑस्ट्रेलिया जाने का प्लान कर रहे हैं.. और हां, तुम्हारे भाई और भाभी चाहे कितना भी बुरा मानें.. तुम अपना जाना कॅन्सल नहीं करना इनकी वजह से… मैने तुम्हारी मोम से बात की है, तुम बस अपनी पॅकिंग करो..

ये कहके डॅड अपने रूम में निकल गये… उनकी आँखें अभी भी न्यूज़ पेपर में थी… डॅड के जाते ही

पायल:- अभी क्या करें…..

“7 दिन हैं हमारे पास इंडोनेषिया से पहले… इन 7 दिनो में हमे कुछ ऐसा करना पड़ेगा के” इससे पहले कि मैं ये बात ख़तम करता, पायल चिल्लाई…

“हाई भाभी… आप इधर आइए जल्दी से….” पायल ने पीछे आती हुई पूजा से कहा…

“भाभी…” ये सुनके शायद पूजा को कुछ समझ नहीं आया.. कल रात जिस लड़की को पायल रांड़ बोल रही थी, आज उसे भाभी बोल रही थी… दिमाग़ तो किसी का भी खराब होगा… इन ख़यालों से लड़ते हुए पूजा धीरे धीरे हमारे पास आई..

“तुमने मुझसे कुछ कहा पायल” पूजा ने पायल से सर्प्राइज़ होके पूछा..

“ओफ़कौर्स पूजा भाभी… अभी तो आप मेरी भाभी बन जाओगे, इसलिए अभी से प्रॅक्टीस कर रही हूँ आपको भाभी बोलने की” पायल कूद कूद के बोले जा रही थी….. मेरे अलावा कोई सोच भी नहीं सकता था कि पायल झूठ बोल रही है…

पूजा:- ये क्या कह रही हो तुम, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा

पायल:- क्या समझ नहीं आ रहा…. मामी… ओह मयाआमी… इधर आओ तो ज़राअ…..

चिल्लाके क्यूँ बोल रही है, धीरे बोल ना, एक तो रात का हॅंगओवर नहीं उतरा, उपर से ये… मैं खुद से बोल रहा था….

“हां बेटी, बोलो क्या हुआ…” मेरी मोम पायल के पास आके पूछने लगी..

पायल:- क्या मामी… पूजा भाभी को किसी ने नहीं बताया अभी कुछ क्या.. क्यूँ ऐसा….

मोम:- अरे बेटे वो अभी उठी होगी शायद इसलिए,

पायल:- क्य्ाआआआआ…….. ये अभी उठी है…. ऐसे नहीं चलेगा….. भाभी, अभी आप सुबह जल्दी उठने की आदत डालो, मेरी मामी सुबह 6 बजे उठ जाती है.. कल से आप भी प्रॅक्टीस करनी स्टार्ट कर दो जल्दी उठने की..

पायल को इतने उत्साह में देख एक पल के लिए मुझे भी लगा था कि ये कहीं सच में मेरी शादी पूजा से ना करवा दे…

पायल की ये बात सुनके पूजा को समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या कहे…. वो वहीं बैठे बैठे शरमाने के नाटक करने लगी…. शरमाएगी क्या घंटा… बहनचोद सोच रही होगी कि पायल ने उसकी गान्ड मार दी है सुबह जल्दी उठने का बोल के… और लो इससे पंगा, मेरी पायल तुम लोगों का वो हश्र करेगी कि ज़िंदगी भर भैनचोद हाथ में लंड और चूत लेके फिरते रहोगे…. मैं सोच सोच के खुश हो रहा था….

“ऊह….. आंटी, चलिए मैं किचन में आपकी मदद कर देती हूँ” पूजा ने फाइनली अपना मूह खोला कुछ बोलने के लिए..

पायल:- हेल्लूऊओ हेल्लूऊओ…. क्या आंटी… अभी मम्मी बोलना स्टार्ट कर दो… क्या मामी आप ही सिख़ाओ अब सब इसे,

मोम:- धीरे धीरे सीख जाएगी बेटे, नहीं तो तुम तो हो ना, मेरी प्यारी बेटी, तुम्हारे साथ रहके ये सब सीख जाएगी….

ये कहके मोम फिर किचन में चली गयी और कुछ सेकेंड्स में पूजा भी उनके पीछे गयी….

“तू अभी से इसको सेट कर रही है यार… थोड़ी साँस लेने दे इसे, नहीं तो पता चला ये साली बहू मेटीरियल बन गयी और सुधर के हमेशा के लिए इधर ही जम गयी….” मैने पायल से मज़ाक में कहा..

“डोंट वरी भाई… ये बहू मेटीरियल बनी तो भी इसके लिए मेरे पास बॅकप है.. इधर तो ये कभी सेट नहीं होगी…” पायल ने सोफे से उठ के टीवी की तरफ बढ़ते हुए कहा….

टीवी ऑन करके हम लोग वहीं बैठ के टीवी देखने लगे… सनडे था तो कहीं जाने की चिंता नहीं थी… देखते देखते 11 बज गये, हम लोग एक एक कर फ्रेश होने चले गये और फिर तैयार होके टीवी के सामने बैठ गये….

मम्मी और उनकी सो कॉल्ड होने वाली बहू किचन में थी.. पापा और अंकल तैयार होके हमारे लीगल आड्वाइज़र से मिलने जा रहे थे.. शन्नो और अंशु अपने रूम से आज बाहर ही नहीं निकले थे….

डॉली और ललिता जब नीचे आई तो ये देख पायल ने मुझे कहा

“भाई… आपकी हेरोयिन आ गयी है, आज ग्रांड रिलीस है इसकी तो ”

“हाई पायल.. गुड मॉर्निंग” डॉली ने पायल से कहा

“हाई मेरी स्वीट हार्ट बहेन.. क्या हाल है. और ललिता, तेरी तबीयत कैसी है” पायल ने दोनो बहनो से पूछा..

“मैं ठीक हूँ पायल… ” ललिता ने पायल से कहा और बाथरूम में घुस गयी…

“और पायल.. आज का क्या प्लान है…” डॉली ने पायल से पूछा और अपनी आँखे टीवी में गाढ दी…

“कुछ नहीं… आज भाई और मैं मेरी भाभी के लिए कुछ शॉपिंग करने जाएँगे…” पायल ने एक दम धीरे स्वर में डॉली से कहा..

“भाभी कौन.” डॉली ने पूछा

“अरे इस घर में सब कहाँ रहते हैं… ये कहके पायल ने डॉली को सब बातें बताई और इंडोनेषिया के प्लान का भी कहा..

ये सब सुनके डॉली को खुशी हुई और वो उठके अपनी मा और मासी के पास चली गयी.. जैसे ही डॉली गयी, पायल ने अपना मोबाइल चेक करते हुए कहा…

“भाई… मूवी कब रिलीस करनी है”

“पायल… सिंगल स्क्रीन ही है ना, मुझे ग्रांड रिलीस नहीं चाहिए इस मूवी का….” मैने पायल से आश्वासन लेते हुए पूछा

पायल:- हां भाईईईईईईई… मुझे ध्यान है , अब कर दूं रिलीस.. सब तैयार है

“ओके….” मैने कहा और अपने रूम में चला गया गेम खेलने…

दोपहर के 2 बजे

“नॉक नॉक…. डॉली… डॉली….” पायल दबी दबी आवाज़ में उसे बुला रही थी

“डॉली… जल्दी बाहर आ. जल्दी कर…..” पायल अब थोड़ा ज़ोर से बुलाने लगी…

“हान्णन्न् वेट कर… अभी आई…..” डॉली अंदर से जवाब देने लगी….

“हां अब बोल, क्या हुआ, क्यूँ इतना धीरे बुला रही है” डॉली ने नॉर्मल आवाज़ में दरवाज़ा खोल के कहा..

“ष्ह्ह्ह्ह धीरे बोल… लॅपटॉप ले अपना और मेरे रूम में आ…. जल्दीीईईईई” पायल फिर दबी हुई आवाज़ में बोलके निकल गयी

“अचानक इसने मुझे क्यूँ बुलाया, इतना धीरे क्यूँ बोल रही है.. अपने रूम में लॅपटॉप के साथ क्यूँ… ये सब सवाल पायल वहाँ से निकलते निकलते डॉली के दिमाग़ में बिठा के निकल गयी”

डॉली ने भी देरी ना करते लॅपटॉप लिया और गेस्ट रूम में चली गयी, जहाँ पायल चिंता में चक्कर लगा रही थी… उसके चेहरे पे आज चिंता देख के डॉली को यकीन हो गया कि कुछ बड़ी बात है, नहीं तो पायल कभी चिंता करने वाली लड़कियों में से नहीं थी… पायल के चेहरे पे एक अजीब सी शिकन थी.. शायद उसने आज कुछ ऐसा देखा या सुना होगा जो किसी को भी हिला दे…

“पायल.. क्या हुआ, क्यूँ इतनी टेन्षन में है तू.. और इतना पसीना क्यूँ आ रहा है तुझे.. एसी ऑन कर दे ना यार” डॉली ने पायल का हाथ पकड़ते हुए कहा, और एसी ऑन कर दी…

पायल:- डॉली, तू लॅपटॉप ओपन कर जल्दी.. मैं कुछ दिखाना चाहती हूँ तुझे..

डॉली ने ज़्यादा आर्ग्यू ना करते हुए लॅपटॉप ऑन किया.. जैसे ही लॅपटॉप ओपन किया, पायल ने अपने आइफ़ोन से इंटरनेट शेरिंग ऑन करके, वाईफ़ाई के थ्रू लॅपटॉप को इंटरनेट से कनेक्ट किया… इंटरनेट कनेक्ट होते ही, पायल ने एक लिंक ओपन की और उस लिंक में जाके एक एमएमएस प्ले करने लगी…

जैसे हो वो म्म स प्ले हुआ, कुछ सेकेंड्स में डॉली की आँखे बड़ी हो गयी. उसकी हालत ऐसी हो गयी, काटो तो उसका खून भी ना निकले…. स्क्रीन पे उसका अपना म्मंस देख वो इस कदर हैरान हो गई कि उसे होश ही नहीं था खुद का… 16 मीं के उस म्मकस को उसने अपनी पलकें झपकाए बिना देख लिया.

जैसे ही म्म स ख़तम हुआ, पायल ने वो विंडो बंद कर दी…. डॉली अभी भी उसी हालत में थी, उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वो क्या कहे, क्या प्रतिक्रिया दे… उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उसके साथ ऐसा भी हो सकता है… वो फ्रीज़ हो चुकी थी… ऐसा लग रहा था कि नॉर्थ पोल की बरफ में खड़ी है वो… उसे ऐसा देख पायल ने चुपके से मुझे मसेज किया

“कम डाउन.. डोंट कम इन ओके”

उसका स्मस पढ़ के मैं झट से नीचे गया, लेकिन रूम के अंदर नहीं गया… खिड़की से ही मैं उन दोनो को देखने लगा और सुनने लगा…

“डॉली…. डॉली…. क्या हुआ, डॉली, तू ठीक है, डॉली….” ये कहके पायल डॉली को कंधे से हिलाने लगी….

डॉली को कुछ होश नहीं था.. जिस चेहरे पे 20 मिनट पहले शिकन और चिंता थी, अब उस चेहरे पे आँसुओं की धारा बहने लगी थी… कुछ बोले बिना डॉली रोए जा रही थी.. ये देख पायल ने उसे गले लगा लिया…

“नाअ मेरी बहेन,,, प्लीज़ मत रो अब… प्लीज़ चुप कर ना डॉली… प्लीज़ मैं तेरे हाथ झोड़ती हूँ… प्लीज़ चुप कर..” पायल उसे झूठा दिलासा देने लगी

ये कहते कहते पायल ने मुझे अंदर आने का इशारा किया… उसका इशारा देख मैं अंदर गया

“अरे क्या हुआ डॉली.. क्यूँ रो रही है इतना… पायल, क्या हुआ” मैने अंदर जाते जाते पूछा…

“कुछ नहीं भाई… आप जाओ यहाँ से…. … ” डॉली रोते रोते बोलने लगी..

“अरे पर हुआ क्या क्यूँ रो रही है इतना…” मैने ज़ोर देते हुए पूछा और वहीं बेड पे बैठ गया…

डॉली कुछ बोलती, उससे पहले पायल बोली…

“डॉली.. डॉली.. चुप कर.. भाई शायद हमारी मदद कर सकें इसमे, इन्हे बताना सही रहेगा”

मैं:- क्या बताना सही रहेगा, और कैसी मदद.. क्या हुआ है बताओ तो कम से कम…

डॉली:- नहीं आप जाओ यहाँ से प्लीज़… प्लीज़ जाओ ना … कहते कहते उसका रोना बढ़ गया… आँसू उसके रुक ही नहीं रहे थे..

पायल:- डॉली.. चुप कर अब तुउुुुुुुुउउ… भाई ही मदद कर पाएँगे हमारी… रुक, पहले मैं पानी लाती हूँ…

ये कहके पायल बाहर चली गयी और पानी की बॉटल लाई… आते ही उसने डॉली के हाथ में पानी की बॉटल पकड़ाई..

“अब अगर रोएगी ना तो मैं और ज़्यादा रुलाउन्गी तुझे,समझी” पायल ने चिल्ला के उससे कहा…

शूकर है दरवाज़ा और खिड़की बंद थे और हमारी आवाज़ बाहर नहीं जा रही थी

डॉली ने पानी की बॉटल पकड़ी, पर उसका रोना कम नहीं हुआ था…

“भाई… नेट कनेक्टेड है, जाके हिस्टरी में एक क्लिप देखो” पायल ने अतॉरिटी में कहा मुझे…

मैं बिना कुछ बोले जैसा पायल ने कहा वैसा करने लगा…. जैसे ही क्लिप ओपन हुई , मैं अपने चेहरे पे चिंता के भाव लाने लगा… मैने क्लिप आधे में ही स्टॉप कर दी…

“ये क्या है डॉली.. ये सब कब हुआ, और कौन है ये जिसके साथ” मैने इतना ही कहा के पायल ने बीच में टोका

“येई तो मैं पूछ रही हूँ.. पर ये बोल ही नहीं रही, डॉली.. प्लीज़ चुप कर, रोना बंद करेगी तभी तो हम तेरी मदद कर पाएँगे ना..”

मैं:- डॉली, रोना इस बात का हल नहीं है.. अब प्लीज़ पानी पी और मुझे सब बता.. मैने सॉफ्ट्ली डॉली से कहा…

इतनी देर रोने के बाद डॉली चुप करने लगी और पानी पीने लगी…. पानी पीके बोलने लगी

” भाई.. मैं बर्बाद हो जाउन्गि… आप प्लीज़ कुछ कीजिए ना.. नहीं तो घर की बदनामी होगी… मैं मर ही जाउन्गि भाई.. प्लीज़ मेरी मदद करें..” कहते कहते डॉली ज़मीन पे अपने पेर के बल बैठ गयी और हाथ जोड़के मूह नीचे करके रोने लगी…

मुझे ये दृश्य अच्छा नहीं लग रहा था, पर दिल में खुशी थी कि हमने पहली चाल ठीक चली है… पीछे देखा तो पायल अपने फोन को लॅपटॉप से केबल के थ्रू कनेक्ट करके कुछ करने लगी.. समझ नहीं आया क्या, पर मैने कुछ नहीं पूछा..

मैने डॉली को उपर उठाया और बेड पे बिठा के बोला…

“देख डॉली, तेरी इज़्ज़त घर की इज़्ज़त है… तू चिंता मत कर, पर सब से पहले बता ये कौन है…” मैने डॉली से लड़के के बारे में पूछते हुए कहा.

डॉली का रोना अब बंद तो हुआ था, पर सूबक तो अभी भी रही थी.. सुबक्ते सुबक्ते डॉली ने कहा..

“भाई… ये मेरा एक्स बॉय फ्रेंड है… हम जब फिज़िकल हुए थे, शायद तभी उसने ये सब किया”

मैने डॉली को इग्नोर करके पायल से पूछा..

“पायल.. तुझे ये किसने बताया.. आइ मीन, ये म्म स डॉली ने दिखाया तुझे, या.. ?”

“नहीं भाई… आपसे झूठ नहीं बोलूँगी, मैं एक वेबसाइट पे रिजिस्टर्ड हूँ, वहाँ से हमे अलर्ट आता है कि कौनसी कौनसी वेबसाइट पे कोई न्यू इंडियन म्मूस अपलोड हुआ है, और कोई इंडियन XXX सीन हो तो… उसके साथ हमे एक वन टाइम यूज़र नेम और पासवर्ड आता है जिससे हम लॉगिन करके म्म,स देखते हैं..म्म स देखने के बाद जैसे ही हम लोग आउट करते हैं, वो यूज़र नेम और पासवर्ड इन्वलिड हो जाता है”

पायल ने अच्छी तरह से अपना वाक्य कहा… कहते वक़्त उसकी आँखों में शरारत थी जिसे डॉली नहीं देख पाई, वो अभी भी शॉक में थी..

“ओके….” मैं सिर्फ़ इतना कह पाया..

“अब ये सब छोड़ो भाई.. डॉली की मदद तो हमे करनी चाहिए ना, आप कुछ कर सकते हो इसमे” पायल ने अपना फोन लॅपटॉप से डिसकनेक्ट करके कहा

“ह्म्म…. मैं एक बंदे को जानता हूँ, जो इस वेबसाइट को हॅक करके इसे हमेशा के लिए इस डोमेन में पब्लिक होस्टिंग को ऑफ कर देगा.. फिर जब भी कोई वेबसाइट ओपन करेगा तो उसे “अननोन होस्ट” का एरर आएगा..” मैने पायल से कहा..

ये सुनके डॉली को कुछ उम्मीद दिखी..

“भाई, प्लीज़ आप कर लो ना ऐसा, मैं बहुत शूकर मानूँगी आपका.. प्लीज़ आपकी बहेन आपसे पहली बार भीख माँग रही है” डॉली फिर बोलते बोलते रोने लगी और मेरे सामने हाथ जोड़ने लगी…

“पायल… तू एक सेकेंड बाहर जाएगी, मुझे डॉली से कुछ बात करनी है” मैने डॉली की आँखों में देखते कहा..

पायल बिना कुछ बोले कमरे से बाहर निकल गयी… अब कमरे में सिर्फ़ मैं और डॉली ही थे..

“डॉली… तुम लोग क्या करने का सोच रहे हो मेरे और मेरे मोम डॅड के साथ…” मैने सीधा सवाल पूछा डॉली से

” भाई… क्या बोल रहे हैं आप, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा…” डॉली ने मुझसे आँख चुराते हुए कहा…

मैं:- डॉली, ड्रामा मत कर… तू जानती है कि मैं क्या बोल रहा हूँ.. अब तू सीधे सीधे मुझे बताएगी या नहीं… मैं तो वैसे भी मरने वाला हूँ तुम्हारी वजह से… लेकिन इस म्मतस की वजह से तू भी कहीं मूह दिखाने लायक नहीं रहेगी… बेहतर है तू मुझे सब सच बता और मैं तेरी मदद कर दूँगा…

ये सुन के डॉली ने मेरे सामने सब सच उगल दिया और उसके मा बाप की प्लॅनिंग के बारे में…

“लेकिन भाई.. आपको कैसे पता चला इन सब के बारे में.. और गॉड प्रॉमिस, मैं इस चीज़ से बाहर निकलने लगी हूँ अभी… मेरी वजह से आपको कोई नुकसान नहीं पहुँचेगा. सच्ची ” डॉली ने फिर मुझे देखते हुए कहा..

“डॉली, मैं कैसे जानता हूँ ये सब छोड़… मुझे यकीन है कि तू मुझे नुकसान नहीं पहुँचा सकती, इतना विश्वास है मुझे तुझ पे… लेकिन तेरे मा बाप भी नुकसान ना करे मुझे या मेरे मोम डॅड को या पायल को… ये तुझे आश्वासन देना पड़ेगा मुझे..” मैने अपना पासा फेंका…

“भाई.. मैं उन लोगों को तो रोक नहीं पाउन्गि, पर ये ज़रूर देखूँगी के आप को कोई नुकसान ना हो.. और कोई भी इसकी वजह से दुखी ना हो”

“ठीक है.. अभी तू अपने कमरे में जा… शाम तक मैं ये वेबसाइट का बंदोबस्त करवाता हूँ. अपना वादा भूलना मत,” मैने डॉली को चेतावनी देके कहा..

“भाई.. आप प्लीज़ मेरा ये काम करो, आप को मैं आश्वासन देती हूँ..” ये कहके डॉली रूम से निकलने लगी… जाते जाते वो रुक गयी और पलट के कहा

“भाई.. शुक्रिया आपने पायल के सामने ये बात नहीं निकाली… बहुत उपकार आपका भाई….” ये बोलके डॉली वहाँ से निकल गयी..

डॉली के रूम से जाते ही पायल अंदर आई… दरवाज़ा बंद करके

“फ्यू!!!!! चलो, अब हमारा काम धीरे धीरे बढ़ेगा” पायल ने मेरे हाथ में ताली देते हुए कहा…

थोड़ा सा पीछे जायें… …………………………………………………………..

जब हमने डॉली का म्म स बनवाया था उसके बाय्फ्रेंड के साथ विकी के होटेल में, उसके दूसरे दिन हमने विकी के थ्रू वो फिल्म ले ली.. फिल्म लेके हमने एक लोकल स्टूडियो को कनेक्ट किया जिसकी मदद से हमने उस फिल्म को अंपेग फॉर्मॅट में कॉनवर्ट करवाया.. मूवी के फॉर्मॅट के बाद, हमने मेरे एक फ्रेंड से बात की वेबसाइट बनाने के लिए और उसे जनरल होस्टिंग के लिए भी बोल दिया.. इससे वो वेबसाइट आम जनता भी देख सकती थी..जैसे ही वो वेबसाइट बनी, मैने अपना मन बदला और पायल को कहा कि वो मेरे फ्रेंड से बात करके वो वेबसाइट सिर्फ़ प्राइवेट होस्टिंग के लिए ही अल्लोव करे… जब वो वेबसाइट प्राइवेट होस्टिंग के लिए रेडी हो गयी, हमने उसे टेस्ट किया.. यूज़र नेम और पासवर्ड के बिना वो वेबसाइट खुल ही नहीं सकती थी, जो सिर्फ़ हमारे पास था..

बॅक टू प्रेज़ेंट. इन गेस्ट रूम …………………………….

मैं:- वो सब तो ठीक है.पर तू क्या कर रही थी उसके लॅपटॉप से फोन को कनेक्ट करके..

पायल:- भाई, मैने लोगआउट करने से पहले उसका म्म स डाउनलोड कर लिया.. अगर वो पलट जाए तो हमारे पास बॅक अप तो हो…

“तेरे इस तेज़ दिमाग़ की तारीफ जितनी करूँ उतनी कम है स्वीट हार्ट” मैने पायल के गालों पे किस करते हुए कहा..

पायल:- भाई.. ये तो सेट है, पर एक बात समझ नही आ रही मुझे.. उसके चेहरे पे एक कन्फ्यूज़्ड लुक था..

मैं:- क्या हुआ अब यार…

पायल:- भाई, आज सुबह तीनो के लेज़्बीयन सीन में शन्नो ने ऐसा क्यूँ कहा अंशु से कि अगर राज को हमने नहीं फसाया तो हम तो बर्बाद होंगे ही, बट तुम लोग भी खुश नहीं होगे…

मैं:- इसमे क्या शक है तुझे

पायल:- भाई.. शन्नो का समझ सकती हूँ कि प्रॉपर्टी आपके नाम है, पर अगर ऐसा कुछ नहीं हुआ जो उन्होने सोचा है, तो भी अंशु को क्या नुकसान हो सकता है.. उसको तो वैसे भी इस प्रॉपर्टी से कुछ लेना देना नहीं है ना…

ये सोच के मेरा दिमाग़ भी सटका.. आख़िर अंशु का नुकसान क्या था, मेरा मतलब पूजा तो वैसे भी चुदि हुई थी, उसके अलावा क्या नुकसान होगा इनका

कुछ सेकेंड्स के बाद पायल और मैने एक दूसरे को देख के सिर्फ़ एक शब्द कहा..

“कहीं……”…………………..

बार बार पायल और मेरा दिमाग़ एक ही बात पे अटक रहा था… ऐसा क्या था जो शन्नो अंशु को ब्लॅकमेल कर रही थी… और अगर ऐसा कुछ है भी तो क्या वो इतना बड़ा राज़ है जिसकी वजह से अंशु इस प्लान में शामिल हुई, या कहीं उसी बात की वजह से तो अंशु और पूजा मेरे चाचा का बिस्तर गरम कर रही थी…. हम काफ़ी देर तक सोचते रहे, पर दिमाग़ में कुछ सूझ ही नहीं रहा था….

कुछ देर बाद पायल बोली

“एक बहेन को रोको तो भैनचोद दूसरी बहेन की बातें आने लगी दिमाग़ में…”

“पायल, कहीं ऐसा तो नहीं कि ऐसा कुछ भी ना हो, शन्नो ने खाली धमकी दी हुई हो अंशु को” मैने पायल से कन्फ्यूषन में कहा

पायल:- नहीं भाई, खाली धमकी देने वालों में से शन्नो नहीं, वो भी अपनी बहेन को, मुझे ज़रूर कुछ दाल में काला लग रहहै… खैर, अगर इस बात का जवाब जानना है तो हमारे पास ज़्यादा वक़्त नहीं है.. चलिए तैयार होते हैं , आपकी होने वाली बीवी के लिए कुछ ले आते हैं..

“बीवी नहीं है वो मेरी समझी” मैने पायल को ऑलमोस्ट धमकाते हुए कहा.

“हां हां मेरे प्यारे भाई… समझी, अब चलो आप जाओ फ्रेश होके अपने फ्रेंड को फोन करो वेबसाइट होस्टिंग पब्लिक तो ना करे, पर कॉंटेंट रिमूव कर दे अंदर से… नहीं तो खमखा आपकी प्यारी बहेन बदनाम हो जाएगी…” पायल ने जवाब दिया

इतना सुनके मैं पायल के रूम से सीधा अपने रूम में गया और नहा के फ्रेश होने लगा… हर पल मेरे दिमाग़ में ये बात चल ही रही थी, के आख़िर चक्कर क्या है शन्नो और अंशु के बीच में.. सोचते सोचते मैने टाइम देखा तो पायल के रूम से मेरे रूम में आए मुझे 1 घंटा हो चुका था, पर पायल अब तक नहीं आई थी…

मैं जल्दी से रूम में से निकला और नीचे जाने की तरफ बढ़ा तो सामने पायल आती दिखाई दी..

“चलें क्या…”

मैं:- चलें क्या ? ये सवाल क्यूँ… तुझे तो बोलना चाहिए के चलो, जल्दी देखें क्या बात है…

पायल:- पता नहीं भाई , हम अकेले ये सब कैसे कर रहे हैं, अभी तक हमे कुछ ख़ास कामयाबी नहीं मिली, और राज़ गहरे होते जा रहे हैं..

आज पहली बार पायल मुझे हताश लग रही थी, आज पहली बार उसकी आवाज़ में मुझे हार सुनाई दे रही थी.. उसकी आँखो में वो बात नहीं थी जो हमेशा उसकी आँखों में दिखती है… मुझे समझ नहीं आ रहा था अचानक पायल को क्या हुआ, क्यूँ वो ऐसी बातें कर रही है…

मैं:- मैं समझ सकता हूँ मेरी जान.. हम दोनो जब साथ हैं, तो अकेले कैसे हुए… मेरे लिए तो तू ही है सब कुछ, किसी और के साथ की ज़रूरत ही नहीं है मुझे..

ये सुनके भी पायल में कोई बदलाव नहीं आया.. वो अभी भी कहीं खोई हुई सी लग रही थी, मानो कुछ सोच रही है, जिसका हल उसे नहीं मिल रहा…

मैने फिर उसे देखते हुए कहा…

“अच्छा मुझे एक बात बता, जब तू अपनी जॉब पे लगी थी 4 साल पहले, तब तूने सोचा था की 4 साल में 3 प्रमोशन लेके तू मार्केटिंग हेड बन जाएगी…… नहीं सोचा था ना, पर तू आज अपनी पोज़िशन देख, तो ये सब तूने अपनी हिम्मत से ही किया है, अपनी अकल से आगे बढ़ी है… तो अभी मुझे तेरी हिम्मत की ज़रूरत है..” मैने ये सब उसे एक साँस में बोल दिया, उसके रिक्षन का कहीं वेट ही नहीं किया

मेरी इन बातों का पायल पे कोई असर होता नहीं दिख रहा था… उसने मुझे सिर्फ़ एक बात कही जिससे सुनके मुझे कुछ जवाब नहीं मिला

“भाई.. वो सब मेरा काम है, उसमे मेरी जान को कोई ख़तरा नहीं है… और ना ही…… इतना कहके वो फिर रुक गयी… कुछ सेकेंड बाद वो बोली

“खैर… छोड़िए इन सब को, चलिए चलते हैं” ये कहके पायल आगे बढ़ने लगी और नीचे की तरफ चल दी…

मैं वहीं खड़ा खड़ा सोचने लगा इन सब बातों के बारे में, एक तरफ पायल सही बोल रही थी कि उसकी जान को ख़तरा है इन सब में, लेकिन वो शुरू से ही ये सब जानती थी और फिर भी उसने मेरा साथ दिया, तो अभी क्यूँ अचानक ये सब बातें कर रही है.. ये सब सोचते सोचते मैं भी नीचे जाने लगा

नीचे जाके देखा तो पापा और विजय डिस्कशन कर रहे थे कुछ..

“हाई पापा….” मैने उन्हे पीछे से आवाज़ दी

“आओ बेटे.. सुनो, अभी हम हमारे लीगल काउनसेलर से ही मिलके आए हैं… हम पायल का नाम इंक्लूड कर सकते हैं डॉक्युमेंट्स में, पर उसका रेशियो 25% से ज़्यादा नहीं हो सकता..” पापा ने मुझे पेपर्स दिखाते हुए कहा.. पर मेरा ध्यान पेपर्स में नहीं, पायल की बातों पे था, मेरी आँखें उसे ढूँढ रही थी.. वो कहीं दिख नहीं रही थी.. ये देख पापा ने कहा

“क्या हुआ बेटे, एनी प्राब्लम, कुछ टेन्षन में दिख रहे हो तुम”

“हाँ…. क्या….. नाअ.. नहीं पापा, ऐसा कुछ नहीं है.. आप बोलिए, सिर्फ़ 25 % ही क्यूँ, आइ मीन एनी लीगल रीज़न ? ” मैने पापा से हड़बड़ा कर कहा..

इससे पहले पापा मुझे जवाब देते, पायल ने मुझे टोक दिया और पापा से बोलने लगी…

“मामा.. फिलहाल आप कुछ मत कीजिए मेरे नाम से.. मैं कुछ चीज़ों के बारे में सोचना चाहती हूँ, मेरी प्रोफेशनल लाइफ , मेरी पर्सनल लाइफ…ऐसी कुछ चीज़ें हैं , तो आप प्लीज़ मुझे वक़्त देंगे.. ये कहके पायल वहाँ से निकल गयी बाहर की तरफ…

पायल की ये बात सुनके जहाँ मेरे पापा कुछ चीज़ें सोचने पे मजबूर हो गये थे, वहीं मेरे पैरो के नीचे से ज़मीन खिसकने लगी थी…

पापा से ज़्यादा शॉक में मैं था.. मैं कुछ बोलता उससे पहले मेरे चाचा विजय ने बीच में कहा

“भाई साब, बच्ची ठीक ही बोल रही है, आप ज़्यादा फिकर ना करें…” ये कहके विजय ने मेरे पापा को दिलासा दिया और वहाँ से जाने लगा…

उसके चेहरे पे एक विजयी मुस्कुराहट थी, उसके रास्ते से एक रुकावट खुद निकलने लगी थी

मैं और पापा वहीं खड़े खड़े एक दूसरे को देख रहे थे.. उनके चेहरे पे सवाल था कि पायल को अचानक क्या हुआ, येई है वो शक्स जिसके भरोसे मैं बिज़्नेस चलाना चाहता था….

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि अचानक पायल को क्या हुआ… मैं वहाँ से अपना चेहरा छुपा के बाहर गाड़ी की तरफ बढ़ गया जहाँ पायल मेरा इंतेज़ार कर रही थी.. मैं जैसे ही गाड़ी में बैठ के कुछ बोलता, मुझसे पहले पायल ने कहा.

“भाई… माफ़ कर दीजिए मुझे, मैं अब इस काम में आपका साथ ज़्यादा नहीं दे सकती”

ये कहते वक़्त पायल मुझसे नज़रें चुरा रही थी.. उसकी ये बात सुनके मैं कुछ बोल नहीं पा रहा था.. मैं उसका साथ गवाना नहीं चाहता था ,पर मैं उससे ज़बरदस्ती भी नहीं करना चाहता था.. जानता था कि इसमे उसकी जान को भी ख़तरा है… दिल पे पत्थर रख के मैने उसे कहा

“क्यूँ अचानक डियर.. कुछ हुआ क्या… किसी ने…” आगे मैं कुछ बोलता उससे पहले पायल मुझ पे चिल्लाती हुई बोली

“किसी ने कुछ नहीं कहा मुझे समझे… क्या मैं इतनी पागल हूँ कि ये बात का फ़ैसला खुद नहीं कर सकती.. बस नहीं दे सकती मैं आपका साथ… मुझे अपनी जान प्यारी है, वैसे भी मेरा कोई फ़ायदा या नुकसान नहीं है इस चीज़ में… आप को जो करना है करो, “यू आर आउट ऑफ माइ लाइफ”….

पायल को इस तरह देख के काफ़ी गहरा सदमा पहुँचा मुझे… जो लड़की कल तक मुझसे दूर नहीं रह सकती थी एक मिनट भी, आज वो ऐसा बोल रही है..

मैने कुछ कहे बिना, गाड़ी स्टार्ट करके आगे बढ़ने लगे.. पूरे रास्ते में पायल ने मुझसे एक शब्द नही कहा, ना ही मैं उससे कुछ पूछना चाहता था…. दिमाग़ में सवालों का सैलाब सा चल रहा था.. दिल पे गहरी चोट पहुँची थी… मेरी आँखें तो नहीं, पर मेरा दिल ज़रूर रो रहा था उस वक़्त

काफ़ी देर तक कंट्रोल करके मैं आगे बढ़ता रहा… 45 मिनट्स के बाद मैने गाड़ी रोक दी… जैसे ही मैने गाड़ी रोकी, पायल ने मुझे देख के कहा

“यहाँ क्यूँ लाए आप मुझे”

मैने गाड़ी पायल के घर के पास ही रोकी थी… मैं उसकी बातें सुनके कमज़ोर पड़ चुका था, पर मेरी मुसीबत में मुझे ही रास्ता निकलना पड़ेगा, ये भी तय था..

“तेरा घर है ये पायल… अभी से तू फ्री है, अभी से तू मेरी इन सब बातों से आउट है… मैं नही चाहता तेरी जान को मेरी वजह से कोई ख़तरा हो.. और मुझे यकीन है तू ये सब बातें खुद तक ही रखेगी..तेरे बिना ही काम करना है मुझे अब, तो आज से ही शुरू कर देता हूँ, तेरी आदत अब मिटानी पड़ेगी ना मुझे…” ये सब कहते वक़्त मैने पायल की आँखों से नज़रें नहीं हटाई, लेकिन वो मुझे नहीं देख रही थी, मुझे छोड़ के वो हर जगह पे अपनी आँखें घुमा रही थी… इसी बात का दुख था, कल तक पायल मुझसे आँखें मिलाके बात करती थी, आज अचानक मेरी बातें सुन भी नहीं रही..

“ठीक है भाई.. आपका यकीन नहीं तोड़ूँगी, पर दुनिया में हर कोई अकेला ही आता है, कोई किसी के भरोसे नहीं रहता… आप समझ लीजिए पायल कभी थी ही नहीं कोई… और मैं भी समझ लूँगी कोई राज नहीं था मेरे लिए…”

ये सब बोलके पायल गाड़ी से उतर के अपने घर अंदर चली गयी, और मेरी नज़रों से ओझल हो गयी…. जाते वक़्त मैं उसे आखरी बार ठीक से भी नहीं देख पाया… इससे बड़ी बदक़िस्मती क्या हो सकती है… दुख इस बात का नहीं था कि मैं अकेला हो चुका हूँ, पर दुख इस बात का था कि कोई अपना इतना बेरूख़् हो सकता है… उस वक़्त मेरे दिल के जज़्बात कुछ यूँ थे कि….

“दर्द ए जुदाई सहने की आदत सी हो गयी,
गम ना किसी से कहने की आदत सी हो गयी,

होकर जुदा भी यार ने ले लिया जीने का वादा,
रोते हुए भी जिंदा रहने की आदत सी हो गयी…”

करीब 10 मीं तक मैं वहीं अकेला खड़ा रहा.. मन को समझा के वहाँ से निकल पड़ा अपने काम को आगे बढ़ाने के लिए.

पायल अब मुझसे दूर हो चुकी थी… वो ना इस प्लान में शामिल थी, ना ही मेरे साथ कोई संबंध रखना चाहती थी.. मैं उसे ड्रॉप करके अपने काम के लिए बढ़ चुका था… चाहे कोई साथ हो या ना हो, मुझे मेरा काम तो करना ही था.. और वैसे भी मेरे पापा ने मुझे हमेशा एक बात सिखाई थी….

वो हमेशा कहते हैं… “बेटे, ज़िंदगी में जब भी लगे कि तुम अकेले हो, याद रखना, दुनिया में कोई ना कोई कहीं ना कहीं तुम्हारे लिए प्रार्थना कर रहा है…और वो चाहता है तुम उठो, और वापस अपनी ज़िंदगी की दौड़ में लग जाओ, और जीत हासिल करो….”

पापा के ये शब्द ही मुझे उस वक़्त हिम्मत दे रहे थे.. मैने उस दिन कुछ ऐसी बातें पता की जो मुझे काफ़ी मदद करने वाली थी आगे जाके..घर जाते वक़्त मुझे याद आया कि पूजा के लिए कुछ कपड़े लेने हैं.. पहले मैने सोचा कि नहीं लूँ कुछ भी, फिर ध्यान आया अब मुझे उनके बीच में रहके ही अपनी चाल चलनी पड़ेगी… मैने रास्ते में माल से कुछ कपड़े ले लिए पूजा के लिए जो वो घर पे पहन सके और विस्की की बॉटल भी ले ली…

घर पहुँचते पहुँचते रास्ते पे एक गाना सुनके मुझे फिर पायल की याद आने लगी… गाना था..

“ज़िंदगी में कोई कभी आए ना रब्बा… आए जो कोई तो फिर जाए ना रब्बा…..”

ये सुनते सुनते मैं घर पहुँचा और घर जाके देखा तो वक़्त रात के 9 बज चुके थे… करीब 5 घंटे से मैने मेरा मोबाइल नहीं देखा था…मैने झट से अपना मोबाइल निकाला इस उम्मीद में के शायद पायल का कोई मेसेज या कॉल हो… जैसे ही मैने मोबाइल देखा, तो वहाँ भी निराशा ही हाथ लगी… निराश होकर मैं घर की तरफ अंदर बढ़ा जहाँ सब लोग साथ बैठे हुए थे… पहली बार इतने दिनो में मैने अपने घर पे सब को एक साथ देखा था.. शन्नो, विजय, ललिता, डॉली, मोम, डॅड, और पूजा अंशु.. सब बैठे बैठे बातें कर रहे थे, और टीवी देख रहे थे.. मुझे देख मोम बोली..

“आओ बेटे… कहाँ थे इतनी देर, और पायल कहाँ है, तुम साथ में ही थे ना”

मैं:- हां मोम.. वो चली गयी वापस अपने घर… और उसके कपड़े प्लीज़ डॉली के हाथ उसके घर भिजवा दीजिए…

मेरी आवाज़ में इतना धीमापन था के किसी को भी पता चल जाए के कुछ ग़लत हुआ है…

मों:- व्हाट हॅपंड बेटा.. इतने लो साउंड क्यूँ कर रहे हो तुम.. और पायल अचानक क्यूँ चली गयी…

मैं:- पता नहीं मोम, आप फोन करके पूछिए ना प्लीज़…

ये कहके मैं उपर जाने लगा.. उपर जाते जाते मैने अपना दिमाग़ चलाया और वापस नीचे जाके कहा

“अंशु आंटी, शन्नो आंटी.. डॅड मोम… अगर आप लोगों की पर्मिशन हो तो क्या मैं पूजा के साथ बाहर जा सकता हूँ थोड़ी देर… आइ मीन डिन्नर पे, और ड्रिंक्स के लिए…. अब हम जब ज़िंदगी साथ बिताने वाले हैं, तो हमे एक दूसरे से जान पहचान भी बढ़ानी होगी ना…” मैने पूजा की आँखों में देखते हुए कहा….

मेरी इस बात से मोम डॅड के साथ अंशु शन्नो भी बहुत खुश हुए… पायल साथ नहीं थी और अब ये बात.. उनके लिए तो सोने पे सुहागा था… मों दाद के साथ अंशु और शन्नो ने भी तुरंत हमे बाहर जाने की पर्मिशन दे दी…

अंशु:- क्यूँ नहीं बेटे… प्लीज़ जाओ.. चलो पूजा, तैयार हो जाओ अब..

“नहीं आंटी वेट… आइ मीन, पूजा के लिए मैं कुछ कपड़े लाया हूँ, अगर वो पहन के पूजा मेरे साथ आएगी तो मुझे ज़्यादा खुशी होगी…” मैने अंशु की तरफ बढ़ाते हुए कहा….

“वाउ भाई… यू आर सो रोमॅंटिक हाँ…” पीछे से ललिता ने कहा , उसके चेहरे पे इतनी खुशी मैने आज तक नहीं देखी थी..

“हां हां बेटे, क्यूँ नहीं,” अंशु ने मेरे हाथ से कपड़ों का बॅग लेते हुए कहा

मेरे हाथ से बॅग लेके अंशु और पूजा , शन्नो के रूम में चले गये तैयार होने, उनके जाते ही

” बेटे… तुमने सही डिसिशन लिया है आज, ” मोम ने मेरे सर पे हाथ फेरते हुए कहा…

“बिल्कुल नेहा, आज मेरे बेटे ने साबित कर ही दिया के…” पापा इतना ही बोल पाए के मोम ने उन्हे टोक दिया

“हटिए अब.. आपका बेटा, हमारा बेटा है ये समझे” ये कहके मोम डॅड के साथ चिपक गयी और दोनो मुझे देख के काफ़ी खुश हो रहे थे….

इतनी खुशी देख के मैं सोच रहा था कि ये सब जल्दी ख़तम हो और सब के सामने इन मा बेटी की सच्चाई खोल दूं मैं… मैं भी अपने रूम में निकल गया और तैयार होने लगा… आगे के प्लान में मुझे पूजा को बहुत इंप्रेस करना था, मैं चाहता था कि वो मेरे लिए इतनी पागल हो जाए के मैं उसे जो कहूँ वो करने के लिए तैयार हो जाए…

मैने जल्दी से अपने बेस्ट कपड़े पहने, और अपना फॅवुरेट पर्फ्यूम छिड़क के खुद को एक नज़र मिरर में देखा.. खुद को देख के मुझे यकीन था कि पूजा अगर आज फ्लॅट ना हुई तो मेरा नाम भी नहीं… सोकते सोचते मेरे चेहरे पे एक मुस्कान सी आ गयी, और मैं नीचे चला गया… नीचे पहुँच के करीब 5 मिनट बाद जब पूजा बाहर आई मैं उसे देखता ही रह गया.. क्या लग रही थी वो

आधे कपड़ों से खूबसूरत तो वो इन कपड़ों में लग रही थी.. घुटनो तक आती हुई उसकी ड्रेस, खुले बाल.. अगर वो इस साज़िश में शामिल ना होती, तो सच में मैं उससे शादी कर लेता.. येई सब सोच रहा था मैं, इतने में पूजा मेरे पास आई और कहा..

“चलें…”

उसने इतना कहा कि मेरा ध्यान टूटा, चूतिया लग रहा था अपने घर वालों के सामने उस वक़्त, लड़की को ऐसे देख रहा था जैसे कभी देखी ना हो…

“आफ्टर यू…” मैने कहा , और पूजा के पीछे चलने लगा… पीछे चलते चलते मेरी नज़र उसकी गान्ड पे गयी जो काफ़ी बड़ी थी.. उसी वक़्त मेरे दिमाग़ ने मुझे आवाज़ दी “भाई, इससे प्यार नहीं करना है, चोद के अपने लंड की दीवानी बना दे, तेरा काम आसान होगा, समझा”

हम गाड़ी में जाके बैठे ही, तब पूजा ने कहा

“उम्म्म… कॅलविन क्लाइन, यू स्मेल गुड”

“ह्म्म, आइ आम इंप्रेस्ड” मैने भी प्लेफुल आवाज़ में कहा.

पूजा ने मुझे देखते हुए उसके लाल होंठ अपने दाँतों तले दबाए, और मुझे कहा “ना.. आज तो मैं इंप्रेस हूँ तुमसे, काफ़ी अलग और काफ़ी अच्छे दिख रहे हो आज… ”

“थॅंक यू… आज तो तुम भी कयामत दिख रही हो… हम जहाँ जा रहे हैं कहीं लोग तुम्हे देख के मर ही ना जाए” मैने फ्लर्ट करते हुए कहा..

मैं जानता था इसकी ज़रूरत नहीं थी, पर मैं नहीं चाहता था कि पूजा को कुछ भी शक़ हो कि ये सब सच ही है…

“स्टॉप फ्लर्टिंग … अच्छा, एक बात कहोगे प्लीज़” पूजा ने थोड़ा सीरीयस होते हुए कहा….

मैं गाड़ी स्टार्ट करके आगे चलने लगा…. जानता था पूजा क्या पूछेगी, उसके लिए जवाब सोचने लगा, इसके लिए सिर्फ़ एक ही शब्द कहा मैने उसे

“ह्म्‍म्म्मम…..”

पूजा:- , मैं नहीं चाहती कि हम ये रिश्ता किसी शक़ को लेकर चलते रहें, इसलिए मुझे तुम्हारे और पायल के बीच की सब सच्चाई जाननी है….

“कैसी सच्चाई..” मैने अंजान बनते हुए कहा…

“.. स्टॉप प्लेयिंग अराउंड, तुम जानते हो मैं क्या कह रही हूँ..” पूजा ने कड़क आवाज़ में हुकुम देते हुए कहा…

“पूजा… जो भी हुआ वो ग़लत हुआ, जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था…. जो भी हुआ उसके लिए पायल और मैं बराबर के ज़िम्मेदारी लेते हैं… हमे इस बात का एहसास अब हुआ और अब हम अलग हो गये हैं… आज से पायल इस आउट ऑफ माइ लाइफ…. शी ईज़…. शी ईज़…… शी ईज़ पास्ट नाउ”

कहते कहते मैं बहुत दर्द महसूस कर रहा था दिल मैं, पर आज दिमाग़ ने दिल को हावी नहीं होने दिया…

मेरी बातों सुनके पूजा ने कुछ रिएक्सन नहीं दिया, शायद उसे यकीन था मुझ पे.. शायद नहीं… कुछ देर की खामोशी के बाद…….

“तो तुम क्या सोच रही हो इतनी देर से” मैने आगे देखते हुए कहा… मैं उसकी आँखों को नहीं देखना चाहता था उस वक़्त… शायद उसकी आँखों में देखता तो मुझे उससे प्यार हो जाता….

“वाह भगवान… शैतान भेजा भी तो इतना खूबसूरत. इतना हसीन” मैं खुद से बोलने लगा….

पूजा:- कुछ नहीं… क्यूँ ?

मैं:- शायद तुम ये सोच रही हो कि मैं झूठ बोल रहा हूँ… देखो पूजा, फ़ैसला तुम्हारा है, मैने तुम्हे सब सच बता दिया है, कुछ छुपाया नहीं है, अब फ़ैसला तुम्हे करना है के हम साथ अपनी ज़िंदगी बिताएँगे कि नहीं…

पूजा:- नहीं … मैं ये नहीं सोच रही, बल्कि मैं खुश हूँ के आज हम साथ हैं.. खुश हूँ के तुम उस पायल के चंगुल से छूट गये हो… मुझे वो बिल्कुल पसंद नहीं है, तुमने उसे अभी पहचान लिया और उसे छोड़ के तुमने अपनी ज़िंदगी का सबसे बड़ा और सही फ़ैसला लिया है….. आइ एम वेरी हॅपी टुडे….

ये कहते कहते पूजा तो खुश थी, पर पायल के बारे में सुनके मुझे बहुत गुस्सा आया…..

“तेरी मा को चोदु, तू कौन होती है उसे हेट करने वाली…वो तेरे जैसियों को अपने आस पास भी भटकने नहीं देती, भगवान से 10 जनम भी लेगी ना तू, तो भी मेरी पायल जैसी नहीं बन पाएगी तू समझी रांड़ कहीं की..”

ये सब मैने पूजा से कहा नहीं, पर दिल में ही सोचने लगा था…. इतना खामोश देख के पूजा बोली…

“क्या हुआ … लगता है पायल को भुला नहीं पाए हो अब तक, उसके बारे में सुन भी नहीं सकते..” पूजा ने ताना मारते हुए कहा…

ये सुनके मैने गाड़ी साइड में रोक दी.. सड़क के बीच में हम रुके हुए थे, मैने उसे आँखों में देखते हुए कहा…

“देखो पूजा.. आज से… नहीं, अभी से, हमारी बातों में पायल का डिस्कशन नहीं चाहिए मुझे… ” समझी

मेरी आँखों में गुस्सा देख कर शायद पूजा भी चौंक गयी और उसे लगा कि मैं शायद ये सब सच बोल रहा हूँ…

“ओके डियर… नहीं कहूँगी, सॉरी प्लीज़…” पूजा ने मासूम सा चहरा बना के कहा…

मा की लौडी , चेहरा सिर्फ़ मासूम है, काश नियत भी सॉफ होती तेरी.. मैं बार बार उसकी आँखों को देखके उसके प्यार में गिर रहा था…

“अब चलें प्लीज़… 10 बजने आए हैं” पूजा ने फिर मेरा ध्यान तोड़ते हुए कहा…

उसकी ये बात सुनके मुझे होश आया कि पिछले 10 मिनट से हम सड़क पे खड़े हैं…. मैं गाड़ी वापस स्टार्ट करके आगे बढ़ा दी… करीब 10 मिनट बाद हम होटेल ****** पहुँचे…. जैसे ही मैने गाड़ी वलेट पार्किंग के लिए दी, सामने एक जाना पहचाना सा चेहरा दिखाई दिया…

पूजा और मैं अंदर रेस्टोरेंट की तरफ बढ़ ही रहे थे, तभी पीछे से आवाज़ आई..

“सर… हेलो सर… ”

मैने पीछे मूड के देखा तो वही जाना पहचाना चेहरा मेरी तरफ बढ़ रहा था… थोड़ा दिमाग़ पे ज़ोर डाला तब ख़याल आया ये वोई होटेल है जहाँ पायल और मैने डॉली का म्‍मस बनवाया था, और वो शक्स नारायण है….

“सर.. आपने मुझे पहचाना नहीं शायद” नारायण ने मेरे पास आके कहा…

“जी बिल्कुल पहचाना आपको…” मैने नारायण से हॅंड शेक करके मुस्कुराते हुए कहा…

नारायण ने पूजा को देखा तो उसे देखता ही रह गया… शायद वो भी उसके चुचों में खोया हुआ था… मैने उसका ध्यान तोड़ते हुए कहा

“आप प्लीज़ टेबल के लिए अरेंज कीजिए, टेबल फॉर 2”

इससे नारायण ने अपनी नज़रें पूजा से हटाई और कहा.. आइए सर,

हम उसके पीछे जाने लगे और बैठ गये सीट पे…. हमे बिठा के नारायण ने वेटर से कहा

“साहब का ध्यान रखना… ही ईज़ वेरी स्पेशल गेस्ट फॉर अस”

ये कहके नारायण निकल गया और पूजा मुझे आँखें फाड़ फाड़ के देखने लगी…. उसका मूह खुला का खुला रह गया..

मैने उसका ये रिएक्सन देख के कहा

“क्या हुआ अचानक तुम्हे”

पूजा को एहसास हुआ, वो ठीक होके बैठी और कहने लगी

“वाउ!!! तुम तो बहुत फेमस हो, इतने बड़े रेस्तरॉ में भी जान पहचान है..नोट बॅड मिस्टर वीरानी….”

“अभी तुमने हमे जाना ही कहाँ है मिस जोशी… अच्छी तरह जान तो लो, मेरी दीवानी ना हो जाओ तो तुम जो कहोगी मैं वो हार जाउन्गा”

“मैं तो कब्से तुम्हारी दीवानी हूँ .. आज जाके इस दिल के अरमान पूरे हुए हैं… अब मुझे तुमसे कोई अलग नहीं कर सकता… इसी पल का इंतेज़ार था… ” पूजा अब पूरी तरह दीवानी बनके बोल रही थी.. या शायद दिखावा कर रही थी..

हम बातें करने लगे और अपने मोबाइल नंबर्स भी एक्सचेंज किए.. खाने के साथ साथ ड्रिंक्स भी लेने लगे… ड्रिंक्स लेते लेते मुझे लगा अगर आग जलानी है तो पेट्रोल मुझे ही डालना पड़ेगा… ये सोचते सोचते मैं पूजा के पैरो के साथ अपने पैरो को सटा लिया और उसकी जांघों पे अपने पैर का अंगूठा फेरने लगा… शायद पूजा इसके लिए तैयार नहीं थी.. उसने मेरा साथ तो नहीं दिया, पर उसे इसके बुरा भी नहीं लगा…

हम लोग खाना खाते खाते बातें कर रहे थे.. ड्रिंक्स भी ले रहे थे.. इतनी देर में मुझे कहीं नहीं लगा कि पूजा चुदवायेगि आज रात को… मैं बात को बढ़ने के लिए टेबल के नीचे से पूजा की टाँगों के साथ खेलने लगा.. उसकी जांघों पे हाथ फेरने लगा… पूजा इसके लिए तैयार नहीं थी, पर इसे एंजाय बहुत कर रही थी…. उसकी आँखों में मुझे मदहोशी नज़र आ रही थी… वोड्का का असर था या मेरे अचानक हुए हमले का, जो भी था, मेरा काम हो रहा था….

इतने में अचानक पूजा ने अपनी टाँग दूर की और कहा…

“, एक्सक्यूस मी, मैं वॉशरूम होके आती हूँ”

इतना कहके पूजा वॉशरूम की तरफ बढ़ गयी और मैं अपने आप को कोसने लगा.. इतनी देर क्यूँ कर दी मैने, इससे पहले ही मैं ये शुरू कर देता तो आज शायद बात बन जाती.. इस तरह अचानक भाग गयी पूजा, मुझे यकीन नहीं था कि वो आज रात चुदवायेगि या नहीं… मैं ये सब सोच ही रहा था ,तभी मेरे मोबाइल पे स्मस आया…

“कॅंट वेट अनीमोर नाउ”

स्मस मेरी मोम का था.. मैने वक़्त देखा तो रात के 12 बजने आए थे, शायद अंशु की वजह से वो स्मस किया था… अब उन्हे क्या पता, अंशु अपनी बेटी को मेरे साथ एक रात क्या , 10 रातें भी अकेली छोड़ सकती है शादी से पहले… मैने तुरंत पूजा को कॉल किया… पूजा ने मेरा कॉल तो आन्सर नहीं किया, पर पीछे से मुझे आवाज़ दी.

“हां जी बोलिए, क्या हुआ मिस्टर वीरानी….”

मैने पीछे देखा तो पूजा ही खड़ी थी…

“कुछ नहीं मिस जोशी… घर वाले याद कर रहे हैं, पूछ रहे हैं हमारा इरादा है कि नहीं घर आने का.. ” मैने पूजा को आँख मारते हुए कहा..

“और आपने क्या कहा वीरानी जी…” पूजा मेरा साथ दे रही थी फ्लर्टिंग में…

“मैने कहा जी बस 10 मिनट….” ये कहके मैं दबी दबी हँसी हँसने लगा….

“चलो अब.. तुम और तुम्हारा सेन्स ऑफ ह्यूमर..” पूजा ने मुझे अपना हॅंड क्लच मारते हुए कहा….

हम वापस टेबल पे बैठ गये और बिल पे करके घर की तरफ निकल गये…. पूरे रास्ते में हमने खूब बातें की… पूजा के साथ बातें करके मुझे लग ही नहीं रहा था कि ये लड़की ऐसे इरादे भी रख सकती है… मैं जितनी देर भी उसके साथ बातें कर रहा था मुझे उसके साथ मज़ा आने लगा था… प्यार नहीं था वो, पर उसका साथ धीरे धीरे अच्छा लगने लगा था…. मैं उसकी बातें सुन ही रहा था, तभी एफएम पे आए एक गाने से मेरा दिमाग़ अपनी जगह आया…

“दिल…. संभाल जा ज़रा… फिर मोहब्बत करने चला है तू.. दिल … यहीं रुक जा ज़रा… फिर मोहब्बत करने चला है तू…”

ये गाना सुनके मेरा दिमाग़ ठिकाने आया, दिमाग़ ने दिल को एक बार फिर हावी नहीं होने दिया…

बातें करते करते हम घर पहुँच गये जहाँ पापा हमारा वेट कर रहे थे, और काफ़ी गुस्से में थे…. जैसे ही हम अंदर पहुँचे

“ये क्या टाइम है घर आने का…तुम्हे वक़्त का ख़याल भी है… अंशु इतनी देर से चिंता में है, और तुमने एक फोन भी नहीं किया..”

(अंशु तेरी मा को चोदु.. अपनी बेटी को फोन नहीं कर सकती थी रांड़ साली, गान्ड मरवाने मेरे बाप को बोली… मादरचोद साली….)

मैं ये सोच रहा था, तब फिर से पापा चिल्लाए…

“अब कुछ बोलॉगे तुम के यूही खड़े रहोगे….”

“हुह !!! अहहहहा डॅड वो…” मेरी ज़बान लड़खड़ाने लगी… मुझे इस हालत में देख पूजा ने बात को संभालने की कोशिश की और कहा…

“ऊह.. सॉरी अंकल…. वो मैं ही ज़िद्द कर रही थी राज से कि मुझे मूवी देखनी है.. इसलिए मूवी देखने गये, बट टिकेट नहीं मिली और वो उल्टे रास्ते में थियेटर आता है.. इसलिए फिर खाना खाने गये तो थोड़ी देर हो गयी.. प्लीज़ आप इन्पे गुस्सा ना हो”

ये सुनके मेरी साँस में साँस आई… पर फिर वापस मैने पूजा की लाइन दिमाग़ में रिपीट की..

“इन पर गुस्सा ना हो…. इन्पर …. इनपर…. भैन्चोद इतनी इज़्ज़त देती है तो चली जा ना वापस यहाँ से.. तेरे जाने से सब नॉर्मल होगा,” मैं वहीं खड़े खड़े फिर सोच में पड़ गया…

“कोई बात नहीं बेटी… और तुम रूम में जाओ अपने अब.. यहीं खड़े रहोगे क्या”

डॅड के इन शब्दों से मेरा ध्यान टूटा तो देखा वो मुझे ही कह रहे थे…

मैं जल्दी से अपने रूम की तरफ भागा और रूम में जाते जाते नीचे बाल्कनी से देखा तो पूजा और डॅड भी जा चुके थे… पायल के जाते ही अंशु और पूजा गेस्ट रूम में शिफ्ट कर चुके थे… मैं अपने रूम में पहुँचा और नहाने के लिए बाथरूम में घुस गया….

नहाते नहाते मैं आज के दिन की घटनाओ के बारे में सोचने लगा.. पायल का चेहरा बार बार आँखों के आगे फ्लॅश हो रहा था.. उसके बारे में सोचते सोचते दिल फिर दुखी होने लगा था… काफ़ी मेहनत के बाद दिल को दिमाग़ ने समझाया कि जो हुआ उसे भूल के आगे ध्यान देना है…

रात के करीब 1.30 बज रहे थे, ध्यान बार बार मोबाइल में जा रहा था इस उम्मीद से के शायद पायल का कोई स्मस आए… पायल का कोई मसेज ना देख के मैने ही उसे एक स्मस किया…

“हाई…. मिस्सिंग यू आ लॉट…. ”

स्मस करके मैं उसके जवाब का ही इंतेज़ार कर रहा था पर 5 मिनट तक कोई जवाब नहीं आया… मैं तुरंत अपने बेड से उठा और साइड ड्रॉयर में से अपने काम की चीज़ निकाल के नीचे चला गया….

“नॉक… नॉक….” मैं गेस्ट रूम का दरवाज़ा ठोक रहा था धीरे से…

कुछ देर तक नॉक करने के बाद खुला तो पूजा ने दरवाज़ा खोला

“…राज अभी , यहाँ, क्या हुआ , कुछ चाहिए क्या..” पूजा ने अपनी आँख मलते हुए कहा…

रूम में सिर्फ़ एक लॅंप जल रहा था जो पूजा ने कोई नॉवेल पढ़ने के लिए जलाया हुआ था.. अंशु साइड में लेटी हुई थी..

“हां पूजा.. कुछ चाहिए मुझे” मैने दरवाज़े से चिपक के पूजा के कानो में कहा….

“क्या चाहिए .. अभी कुछ नहीं है इधर…. समझे, एहेहेहेहीः” पूजा ने धीरे से हँस के कहा

“तुम… आइ वान्ट यू पूजा… राइट नाउ….”

ये कहके मैं वापस अपने रूम की तरफ चला गया… जैसे ही मैं अपने रूम में पहुँचा, मुझे पीछे दरवाज़ा लॉक होने की आवाज़ आई….

सोचते मुझे वक़्त नहीं लगा पीछे कौन है….

“उम्म्म्म…… ईवन आइ वान्ट यू … कितनी देर लगाते हो तुम इन सब में…” पूजा ने पीछे से कहा और मेरी तरफ बढ़ के मेरा चेहरा अपनी तरफ घुमा लिया…

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