मैं:- क्यूँ, तेरे पापा भी नहीं है, मोम भी नहीं है, ऐसे अकेले कैसे ?
पायल:- भाई आइ विल मॅनेज, अब अंदर भी चलो
हम अंदर आ गये.. और दरवाज़ा लॉक कर दिया
पायल:- तो भाई.. क्या लोगे, कॉफी, टी ओर मे ?
मैं:- ओफ़कौर्स यू माइ जान.. ये कहके मैने उसे अपने पास खींचा और हम पास में पड़े सोफा पे बैठ गये
पायल:- अरे भाई, पूरा दिन है हमे, सबर रखो, अच्छा पहले अपने दिल की धड़कन तो सूनाओ, जहाँ मैं रहती हूँ.. ये कहके वो मेरे दिल के पास आ गयी और कान लगा दिए..
अरे भाई.. कितना ज़ोरों से धड़क रहा है, ऐसा क्यूँ
मैं:- अंदर तू रहती है ना, तुझे देख के ही ये मचल उठता है , अब तू सामने है तो बेचारे की हालत बहुत खराब हो गयी है
पायल:- ओह भाई.. ऐसा, अच्छा तो अब ऐसे देखेगा तो इसका क्या होगा.. ये कहके उसने अपना टॉप निकाल दिया और कोने में फेंक दिया…
मैं देखता ही रह गया उसको… कम से कम 34 के गोल गोल चुचे.. उपर से एक दम गुलाबी निपल्स… पेट एक दम फ्लॅट, उपर से उसके गोल्डन खुले हुए बाल, उसकी नशीली आँखें, भगवान ने उसे एक दम फ़ुर्सत से बनाया था…. मैं बहुत खुश नसीब मान रहा था खुद को…
अब उसने केवल नीचे एक शॉर्ट्स पहने हुए थे, जो सिर्फ़ उसकी चूत को ही ढक रहा था.. उसकी गोरी गोरी जांघे एक दम चिकनी और सफेद..
मुझसे रहा नहीं गया और मैने उसे पकड़ लिया और अपनी गोद में बिठा लिया..
उम्म्म… पायल, आइ लव यू जान, तू पास नहीं होती तो कुछ भी अच्छा नहीं लगता मुझे डियर…. अब तू ही कुछ कर ना इसका, ये कहके मैने उसका हाथ अपने लंड पे रख दिया. जो उसको देखके खड़ा हो गया था
पायल:- ओह्ह्ह भाई… मेरे प्यारे भाई, आपकी ही हूँ मैं, अपना बना लो ना मुझे, मेरे पति बन जाओ ना, अब और रहा नहीं जाता.. ये कहके वो मेरे उपर चढ़ गयी.. मैने भी उसकी शॉर्ट्स निकाल दी.. नीचे पैंटी के बगैर ही थी,…. उसकी चूत एक दम सॉफ, एक दम गुलाबी.. उसकी चूत के होंठ एक दम गुलाब के पंखुड़ियों की तरह……
मैं उसकी चूत के पास गया और उसे सूंघने लगा… उम्म्म्म क्या महक थी.. सूंघते सूंघते मैं उसकी चूत पे जीभ फिराने लगा
“आहहहहा भाई… उम्म धीरे मेरे सैयाँ जी.. आहाहहः, यस माइ हब्बी, लव यू जान आहहहहा… आहाहहहहा”
मैं उसे गोदी में उठाके नीचे वाले रूम में ले गया और उसे बेड पे सुला दिया
बेड पे जाते ही उसने मेरी पॅंट उतारी और मेरे अंडरवेर को नीचे करके मेरे लंड को हिलाने लगी.
“आहहहहहाः पायल.. यस बेबी… उम्म्म्ममम,… अहहाहा, ज़ोर से हिला ना मेरी रानी… अहाआ आएस बेबी”
वो ज़ोर से मेरे लंड को हिलाने लगी और टट्टों को मसले जा रही थी.. आःअह्हहाह्हह जन्नत जैसा लग रहा था मुझे
” आहाहहा बेबी. यस कमिंग हनी.. आहाहहहहहहाहा” अआहहहह्हहह्हह श एस आहहहहहहहहहहहहाः उम्म्म्मम मैं गया अहहहहहहहहा”
इसके साथ मैने अपना पूरा स्पर्म पायल के चेहरे पे छोड़ दिया
जैसे ही मेरा निकला, मैं पायल की चूत पे लग गया
“मज़ा देना है अभी बहेन तुझे” ये कहके मैं उसकी चूत चाटने लगा
“उम्म्म… आहा भाई, और मज़ा दो ना, यस हनी, अहहहहाहा…” मैं पायल की चूत चाट रहा था और वो दोनो हाथों से अपने निपल्स भी सहला रही थी..
” अहहहाहा भाई.. धीरे धीरे.. आहाहहहा” उम्म मज़ा आ रहा है
“हां मेरी रानी.. स्लर्प स्लर्प अहहहहहहा.. उम्म रसीली है तेरी चूत अहहहाहा चप चप” उम्म्म्म हहाहहहा
ऐसा लग रहा था मानो बच्चे को लॉलीपोप मिल गया हो चूसने के लिए
“स्लर्प स्लर्प आहाहहहहहा चट चट अहहहहा’ गल्प गल्प अगलप्प” आहहहाहहा.. सिर्फ़ येई आवाज़ें मेरे कानो में जा रही थी
“उम्म्म,, अया धीरे मेरे भैया, आहहाहहहा मेरे सैयाँ अहहहाहा, उम्म्म्मम… कितने अच्छे हो आप आआहहहहहहहा, हाआँ अहहहहहा, और करो ना, आआहहहा चाटो मेरी चूत को अहहहाहा”
करीब 10 मिनट बाद पायल ने मेरे सर को दबोच लिया और अपनी चूत के अंदर ही दबाती गयी
“हाहहहहा गयी मैं भाई.. अहहाआह पानी पियो ना अहहहहहहहहा” और इसके साथ मैने उसका नमकीन पानी पी लिया
जैसे ही मैं वापस उठा उसके पास जाने को, पायल ने कूद के मुझे लेटा दिया और मेरे लंड को सहलाने लगी…
“उम्म्म्म…. आहहाहा इतना प्यार से आज तक किसीने नहीं जगाया इसको अहहहहा मेरी रानी उम्म्म्मम”
पायल ने मेरे टट्टों को दबा दिया और ज़ोर से बोला…” कोई और हिम्मत तो करके देखे, जान ले लूँगी उसकी”
मैने कुछ नहीं कहा और सिर्फ़ उसकी चुसाइ का आनंद ले रहा था
” उम्म्म्मम गन गन आआहहहहा उम्म,,,,,, भाई अहहहहहहः डीप थ्रोट मी अहहहहहहाः” फक माइ माउथ आहाहहहहहा”
मैने भी उसके गुलाम की तरह बात मानके उसके मूह को चोदने लगा
” ऊम्म्मूम्म्म्म ठप ठप गुणनूगूगूंग ओओुआ गूग गूगॉगोग ओगूगग़ूगोग” सिर्फ़ इतना ही कह पा रही थी पायल….. मैं उसका सर पीछे से पकड़ के उसे आगे पीछे करने लगा और उसकी मूह को चोदना जारी रखा तेज़ी से
2 मिनट बाद मैने लंड मूह से निकाला और उसे बेड पे लेटके, उसकी चूत पे लंड सेट किया
“आहाहाहा भाई, वेट” ये कहके पायल बेड के पास ड्रॉयर में हाथ डालने लगी, और बाहर एक कॉंडम निकाला
“ये चढ़ा लो भाई.. उम्म्म, अहहाहा जल्दी करो”
मैने जल्दी से कॉंडम चढ़ा दिया और उसकी चूत में लंड सेट करके धीरे धीरे डालने लगा
” आहहहा भाई.. एक ही झटके में लो ना अहहहहाहा.. आपका दर्द ही चाहिए मुझे”
मैने भी एक झटके में लंड घुसा दिया और धक्के मारने लगा
“अहहहहाहा भाई.. आहाहाहा एस फक मी भाई, आहहहहा… मज़ा आ गया भाई आहाहहहहहहा और चोदो ना अहहहहाहहा.. दिन रात चोदो आहहा यस… अंदर बाहर रोड पर अहहहहा कहीं भी चोदो आहाहहाः”
“अहहहाहा नही मेरी रानी उम्म्म… तू मेरे दिल की रानी है.. अहहहाहा रोड पर क्यूँ ह्म्म, तुझे तो महल में चोदुन्गा अहहहहहहा.. हाना माइ लव अहहहहहहा, उम्म्म
हम चुदाई में लगे हुए थे… ” चूत के अंदर लंड जाने की आवाज़ ठप ठप चप छाप.. अहहहहः उम्म्म्म उः हा यस अहहहहा यॅ, और ज़ोर से, हार्डर अहहहहहा”
गिनी चुनी तीन ही आवाज़ें घूंज रही थी रूम में
10 मिनट चुदाई के बाद में उसकी चूत से लंड निकाला.. एक दम लाल हो गया था सुपाडा मेरा, आज तक इतनी देर चुदाई शायद कभी नहीं की थी
पायल ने सवालिया नज़रों से मुझे देखा और मैने बाथरूम की तरफ इशारा किया
जल्दी से पायल खड़ी हुई और हम बाथरूम में पहुँच गये
अंदर जाते ही मैने उसे वॉशबेसिन पकड़ के घोड़ी बनने को कहा
जैसे ही पायल घोड़ी बनी, मैने पीछे से उसकी चूत मारना स्टार्ट किया
क्या नज़ारा था… पीछे से मैं पायल को चोद रहा था, और सामने वो मुझे आईने से देख रही थी
“उम्म्म मेरे हरामी भाई आहाहहहाहा… छोड़ते वक़्त अहहहा क्या लग रहे हो’ उम्म्म आहाहा ह हहेहहही, अहाहहाः और ठोको ना आहहहहा”
” आहाहहाहा मेरी रानी, चुदवाते वक़्त तो तू भी आहहाहहहहहा क्या लग रही है औुआहाहूआहौआ”
खड़े खड़े चोदने में मज़ा बहुत आ रहा था,,,,
अच्चानक पायल सीधी हुई और पक करके मेरा लंड उसकी चूत से बाहर निकला
जब तक मुझे कुछ समझ आता, पायल ने खुद को मेरी बाहों में सटा लिया, अपनी दोनो टाँगों को मेरे पीछे लेके लपेट लिया, जैसे बच्चा लपेट लेता है
ये देख के मैं समझ गया और मैने नीचे से उसकी चूत में लंड सेट किया और हम खड़े खड़े चुदाई करने लगे
मुझसे लिपट के उछल उछल कर पायल चुदवा रही थी..
“”आआहहहाः मेरी बहेन, तू भी इतनी पॉर्न देखती है क्या अहहहहहहहा” मज़ा आ गया आज उम्म्म्म अहाहाहहा और ले अंदर, ये कहके मैं भी तेज़ी से लंड हिलाने लगा अंदर बाहर
” आःहहहह हां भाई. उम्म्म्म आप नहीं होते तो अहहहहहा इस मर्जानी चूत का कुछ तो आहाहाः करना पड़ेगा ना आहाहहाहहहा”
” आहहाहाहा.. भाई मैं जा रही हूँ, अहहहहहः यस भाई, म कमिंग अहाहाहहहहहह”
” हाआँ मेरी बहना, मैं भी गया आहाहहा आए ये ले अहहहहहहहहा”
ये कहके हम दोनो साथ में झाडे और पूरा स्पर्म नीचे बहने लगा हमारे पेरो में
पायल मुझसे ऐसे ही लिपटी रही, हम बाहर जाके बेड पे सो गये और हाँफने लगे
हाफते हाफते पायल ने मुझसे कहा
“आम सॉरी भाई, प्लीज़ फर्गिव मी”……
पायल और मैं एक दम पसीने में भीगे हुए थे..दोनो हाँफ रहे थे..बेड पे लेटे हुए हमे सॉफ हमारे दिल की धड़कने सुनाई दे रही थी, एक दम तेज़…
पायल ने अचानक कहा
“भाई.. आम सो सॉरी, प्लीज़ फर्गिव मी भाई”.. और ये कहके उसका चेहरा उदास होने लगा और उसने खुद को मेरी बाहों में छुपा लिया
“क्या हुआ मेरी प्रिन्सेस को..हाँ, क्या हुआ शोना” मैने पूछा
पायल:- भाई,आप इतने अच्छे हो, मेरे साथ कितना अच्छी तरह चलते हो, और एक मैं हूँ, देखिए ना, आपको मेरी और डॉली वाली बात बता के मानसिक तनाव में डाला है
और उपर से आप अब मेरे लिए बिना कुछ सोचे ढाई लाख रुपये खर्च कर रहे हैं.. म सो मीन भाई….
मैं:- अरे मेरी शोना, क्यूँ ऐसा सोच रही है तू, सबसे पहले, तू अपनी बातें मेरे साथ शेर नहीं करेगी तो किसके साथ करेगी हाँ, मैं किसी तनाव में नहीं हूँ, आंड पैसों की कोई चिंता नही कर तू.. तेरी खुशी से ज़्यादा पैसे हैं क्या पगली… ये कहके मैने उसके फॉर्हेड पे किस किया और उसे अपनी बाहों में लपेट के सो गया…
ऐसे ही हमारी आँख लग गयी.. अचानक किसी आवाज़ से मेरी नींद खुली.. सामने देखा तो पायल बाथरूम से निकली थी नहा के… एक दम फ्रेश लग रही थी..
टवल में खुद को लपेट रखा था, अपने सर के बाल खोल कर वो आईने के सामने आ गयी और बाल झटकने लगी
“झटक कर ज़ुलफ जब तुम, तोलिये से बारिशें आज़ाद करती हो. अच्छा लगता है” मैने पायल की तरफ देख के गाना गुनगुनाया..
पायल खिलखिला उठी और उसने मेरा जवाब दिया
“खुश्बू से बहलाओ ना, सीधे पॉइंट पे आओ ना..आँख में आँखें डाल के कह दो, ख्वाबों में टहलाओ ना”
मैं पीछे से जाके उससे लिपट गया… और उसका एहसास लेने लगा….
मैने पहली बार देखा था पायल को नहा के निकलते हुए… एक दम गुलाब की तरह ताज़ा लग रही थी. गीले बाल थोड़ा उसके कंधो के नीचे आते हुए.. उसकी प्यारी आँखें.. उसके होंठ, ऐसा लग रहा था गुलाब के फूल पे ठंडी की सुबह की पहली नामी बिखर गयी हो.. मैं कहीं खो सा गया था, ये पायल भी समझ गयी थी
और उसने अपनी आँखें बंद कर ली थी… एक अजीब सा सुकून मिल रहा था मुझे पायल की बाहों में.. कोई चिंता नहीं, कोई तकलीफ़ नहीं, ऐसा लग रहा था मानो ये पल यहीं रुक जाए और हम दोनो हमेशा ऐसे साथ रहे….
कुछ मिनट की देर के बाद
पायल:- भाई… भाई
मैं:- ह्म्म्म्मम
पायल:- भाई, सुनो ना
मैं:- ह्म्म्म बोल ना, मैं सुन भी रहा हूँ तुझे और महसूस भी कर रहा हूँ. ये कहते कहते मैं उसके शरीर पे अचानक गिरने ही लगा था
पायल:- भाई, उठो भी, आप बहुत भारी हो मेरे लिए.. हहीहेहहे
मैं उठा और उसे देखने लगा.. “क्या कहा तूने, मैं मोटा हूँ”
अरे नहीं भाई.. मैने कब कहा ऐसा, आंड आपको इतना क्यूट बनने की ज़रूरत नहीं है. पहले से ही बहुत क्यूट हो आप… चलो अब आप भी थोड़ा फ्रेश हो जाओ
मैं कुछ देर की आना कानी के बाद नहाने चला गया और फ्रेश होके अपने कपड़े पहने… बाहर आके देखा तो पायल थी नहीं, शायद नीचे गयी थी, ये सोचके मैं नीचे चला गया
जैसे ही मैं नीचे पहुँचा, पायल लिविंग रूम में बैठी मॅगज़ीन पढ़ रही थी
उस वक़्त वो एक लूस टी शर्ट और शॉर्ट्स में थी.. उसकी टाँगें देख के मुझे फिर से खुमार छाने लगा. मैने कंट्रोल करके उसके पास पहुँचा
“क्या पढ़ रही हो स्वीट हार्ट इतना ध्यान से” मैने पूछा
पायल:- कुछ नहीं भाई.. आवें ही खाली फोकट का टीपी… आप बैठो मैं जूस लाती हूँ…
मैं:- अरे नहीं, बैठ ना, दो बातें बोलनी है तुझे… कुछ, पूछना चाहता हूँ
पायल:- पूछो ना भाई, क्या हुआ
मैं:- सबसे पहले तू आज रात को हमारे घर चलेगी, यहाँ अकेले नहीं सोने दूँगा तुझे मैं… ठीक है ?
पायल:- ओके मेरे भाई… आप की केर ईज़ प्राइसलेस.. बट डोंट वरी, मम्मी ने आपके घर पे फोने करके ऑलरेडी बोल दिया था, सो चिल मारो. हीही
मैं हैरान हुआ, कि मुझे मम्मी ने क्यूँ नहीं बताया.. बट फिर आगे बढ़ा
अच्छा दूसरी बात. मैने कहा.. अब आगे क्या करना है, आइ मीन अभी घूमने चलना है कहीं
पायल:- हां भाई चलते हैं ना, थोड़ा दूर चलो ना कहीं रिज़ॉर्ट में, या कोई वॉटर रिज़ॉर्ट…. कहीं सुकून वाली जगह पे
मैं:- ओके, चल वॉटर रिज़ॉर्ट चलते हैं, अभी वैसे भी 11 बजे हैं, हम 1 घंटे में पहुँच जाएँगे.. चलो
पायल:- क्या चलो, मैं तैयार तो हो जाउ….
मैं:- क्या फ़ायदा, वहाँ सब उतार के नहाना ही है ना स्वीट हार्ट
पायल:- भाई, जितना ज़्यादा पहनुँगी उतना ज़्यादा उतारने का मज़ा आएगा आपको.. हहहे, ये कहके वो चली गयी
मैं बैठे बैठे टीवी देखने लगा, तभी अचानक रूम के दरवाज़े की आवाज़ आई… जैसे ही मैने सामने देखा, मैं देखता ही रह गया… मेरे पास अल्फ़ाज़ नहीं थे उस वक़्त पायल उस वक़्त ऐसी लग रही थी
एक छोटा सा ग्रीन कलर का स्लीवेलेस्स ड्रेस… उसमे उसके 34 के चुचे उभर कर बाहर आ रहे थे, मानो चिल्ला रहे हैं के हमे आज़ाद करो इस क़ैद से.. थोड़ा नीचे आते ही ड्रेस ख़तम और उसकी खूबसूरत नंगी टाँगें… एक दम चिकनी टाँगें, कहीं पे बाल या दाग नहीं, चाँद से भी ज़्यादा सफेद,खुले हुए उसके गोल्डन बाल, लाल होंठ.. मुझसे देखा नही गया और मैं उसके पास पहुँचके उसके फेस को हाथों में लिया और उसके होंठों को चूसने लगा…
“उम्म्म्मम… इतने उतावले मत बनो भैया… अभी तो बहुत टाइम है हमारे पास” पायल ने मुझसे दूर होके कहा
मैं फिर भी उसके पास गया और उसे हग करके बोला
“कुछ भी हो.. चाहे ये दुनिया क्यूँ ना सामने आ जाए, मैं तुझसे कभी अलग नहीं रहूँगा.. आइ प्रॉमिस… आइ लव यू वेरी मच पायल”
“वादा कर मुझसे, कभी जुदा नहीं होगी मुझसे तू” प्लीज़ प्रॉमिस मी
“बिल्कुल नहीं भाई… आत्मा के बगैर शरीर किस काम का” आपके बिना मेरी पहचान ही नहीं है, कैसे रहूंगी आपके बिन अकेला, सोच के ही मुझे डर लगता है
बीच में ही कट करके पायल बोली.. “ओह फो भाई.. अब एमोशनल मत करो, चलें वॉटर रिज़ॉर्ट, चलो”
ये सुनके मेरी हँसी छूट गयी और मैने फिर उसके होंठों को चूमा, और हम गाड़ी में बैठके वॉटर रिज़ॉर्ट के लिए निकल गये
जैसे ही मैं गाड़ी में बैठा, मेरे फोने रिंग हुआ.. देखा तो डॉली का कॉल था.. मैं पायल के सामने उसे अवाय्ड करना चाहता था.. इसलिए कॉल कट कर दिया
हम गाड़ी में निकल गये और रास्ते में अपने लिए कुछ कपड़े ले लिए जो वॉटर रिज़ॉर्ट में पहन सकें…. पायल के अनुसार वॉटर रिज़ॉर्ट में किराए के कपड़े अनहाइजेयिनिक होते हैं इसलिए खरीदे…
हम बातें कर रहे थे, म्यूज़िक सुन रहे थे, बीच बीच में पायल अपने शरीर को खिड़की से बाहर निकालके तेज़ी कोई महसूस कर रही थी…
इतनी देर में डॉली के 6 कॉल्स मैने कट किए और थोड़ा डिस्टर्ब सा होने लगा
पायल:- क्या हुआ भाई.. टेन्स्ड क्यूँ लग रहे हो
मैं:- नहीं तो, कहाँ हूँ मैं टेन्स्ड.. ये कह के झूठी मुस्कान दे दी
पायल:- ऊह हुह. अब तो कुछ सही में बात है, बताओ जल्दी
इससे पहले मैं कुछ बोलता, फोन फिर से बजा और मैं कट ही कर रहा था के पायल ने मेरे हाथ से फोन छीनते हुए कहा
“लाओ… मैं देखूं कौन है ये, और….”
इतना कहके वो चुप हो गयी.. और सिर्फ़ एक लफ्ज़ कहा
“क्यूँ भाई.. क्यूँ”
जैसे ही फिर से डॉली का फोन आया… मैं कट करने जा रहा था और पायल ने मुझसे फोन छीन लिया
डॉली का नंबर देखते ही पायल की आँखें बड़ी हो गयी…
पायल:- क्यूँ भाई… क्यूँ फोन कर रही है वो आपको
मैं कुछ जवाब देता उससे पहले वो कॉल लोग में गयी और देखा तो मैने इससे पहले उसके 7 कॉल्स इग्नोर किए थे
“7 कॉल्स…. व्हाट दा हेल !! क्या हुआ है ऐसा , इतनी छटपटा क्यूँ रही है, इतनी मार क्यूँ रही है आपसे बात करने के लिए”
मैने सोचा, ये टाइम नहीं है इसे बताने का उन दोनो बहनो के बारे में, बट फिर क्या जवाब देता
मैं:- पायल, वो हुआ यूँ के… कल..
मेरी ज़बान लड़खड़ा रही थी… शब्द नहीं मिल रहे थे, के अचानक मुझे कुछ याद आया
“अरे बेब्स, क्यूँ गुस्सा हो रही है, भूल रही है तू कुछ, याद कर्वाऊ या खुद याद करेगी”
पायल:- भाई , शब्दों के साथ मत खेलो, सीधे बताओ, क्या पक रहा है
मैं:- अच्छा सुन, तूने ही उस दिन कहा था कि मैं उनके करीब रहूं, तो मैने सोचा तू सही बोल रही है… बस, उस दिन से मैं ललिता और डॉली के साथ नॉर्मल बर्ताव कर रहा हूँ… आंड कल मैने उन्हे झूठा दिलासा दिया था कि ऑफीस स्किप करके मैं उन दोनो बहनो के साथ मूवी पे जाउन्गा…. अगर मैं आज के दिन के बदले सनडे रखता
तो वो नॉर्मल होता… बट ज़्यादा प्यार दिखाने के लिए मैने उनसे कहा के मैं ऑफीस छोड़के तुम लोगों के साथ चलूँगा
इतना सुनने के बाद, एक लंबी खामोशी थी हमारे बीच में.. फिर पायल बोली
“अववव…. सॉरी भाई… मैं तो भूल ही गयी थी ये”… ” प्लीज़ सॉरी मैं आप पे चिल्लाई”
मैने अंदर सोचा ” फ्यू !!! थॅंक गॉड डॉली का स्मस नहीं था कोई लव शव वाला.. नहीं तो आज तो लग जाती”
मैने पायल को कोई जवाब नहीं दिया और जान बुझ के उसे ऐसे दिखाया के मैं गुस्सा हूँ
“ओह मेरे भाई. तो अब नाराज़ हो गये आप मुझसे…”
“नाराज़ तुझसे नहीं खुद से हूँ. मुझे पहले ही बता देना था तुझे, ताकि तू गुस्सा ना होती.. सब ग़लती मेरी है”
पायल:- भाई, अब बस ना, मैं जानती हूँ आपने मुझे नहीं बताया ताकि मैं टेन्स्ड ना रहूं
“चलो अब प्लीज़ मूड अच्छा करो… प्लीज़ माइ लव माइ स्वीट्स मी शोना”
मेरी हँसी छूट गयी… मैने ध्यान से देखा गाड़ी रोक के.. उसकी आँखों की चमक, उसके चेहरे की मासूमियत… सॉरी बोलते हुए उसके वो होंठ. मैने जवाब नहीं दिया और उसे गले लगा लिया
“ये हुई ना मेरे प्यार शोना जैसी बात”… अब चलो, पहुँचने ही वाले हैं हम
मैने गाड़ी फिर से भगा दी और इस बार वापस हम मूड में आ गये… मैने भी पायल का साथ देके ज़ोर ज़ोर से गाने बजाने लगा
करीब सवा घंटे की ड्राइव के बाद हम वॉटर रिज़ॉर्ट पहुँचे, और जल्दी से गाड़ी पार्क करके हम टिकेट लेने लगे… वीकडे होने से इतनी भीड़ नहीं थी, इसलिए टिकेट जल्दी ले ली.. और हम अंदर चले गये
हम अंदर पहुँचे, कम भीड़ होने के बावजूद, क्या माल लड़कियाँ थी आस पास… ऐसा लग रहा था मानो मैं किसी मियामी बीच पे खड़ा हूँ.. टू पीस में लड़कियाँ कड़े कड़े चुचे किसी के.. किसी की गान्ड की गोलाई… ये सब देखके मैं तो कहीं खो ही गया था
मैं तान्क झाँक कर ही रहा था, तभी मेरी नज़र पानी के अंदर एक लड़की पर पड़ी
ग्रीन बिकिनी में, सन ग्लासस पहने हुए पानी में लेटी हुई थी.. एक दम मीडियम साइज़ के चुचे, स्ट्रिंग पैंटी थी… जी कर रहा था के वहीं जाके उसके चुचे मूह में ले लूँ…
इतनी देर के बाद मेरे ध्यान टूटा, तो देखा पायल खड़ी मुझे ही देख रही थी
“देख लिया उस ग्रीन वाली को… या अभी किसी और को भी देखना बाकी है” उसने चिड़ते हुए कहा
“अरे मैं पानी देख रहा था, सॉफ नहीं लग रहा” ऐसा झूठ तो कोई भी पकड़ लेगा
“चलो.. अब हम चेंज करके आते हैं, फिर देखना सबको” इतना कहके वो गुस्से में चेंजिंग रूम में चली गयी
मैने सोचा खड़े लंड को शायद कुछ मिल जाए पायल के साथ चेंजिंग रूम में, बट ये ग्रीन वाली की वजह से अब मुझे दूसरे चेंजिंग रूम में जाना पड़ेगा
मैने अपने कपड़े लिए और चेंज करने चला गया..
एक चड्डी ही तो थी जो पहननि थी… मैं चेंज करने गया, जीन्स उतारी, लंड को समझाया बेटा सो जा, अभी रुक थोड़ा… फिर शॉर्ट्स पहन के मैं बाहर आ गया
पायल कहीं दिख नहीं रही थी, सोचा इतनी देर क्या करती है लड़कियाँ… जब तक मैं उसका वेट करता मैने ट्राइ किया दूसरी लड़कियों को ना देखूं… इधर उधर देखने लगा.. करीब 10 मिनट के बाद मेरी नज़र लॅडीस चेंजिंग रूम पे पड़ी… देखता ही रह गया मैं…
सामने एक लड़की.. टू पिसे बिकिनी में.. ब्लॅक और गोलडेन कलर की ब्रा, जिसमे झल्लर जैसा कुछ लटक रहा था.. सुनहेरे बाल पीछे बँधे हुए.. सूरज की रोशनीसे बचने के लिए उसने अपनी आँखों पे हाथ रखा था…. उसके चुचे देखे तो एक दम तने हुए… केसर के आम जैसे लग रहे थे…
चुचों के नीचे गया तो कमर पे नज़र गयी.. एक दम कातिलाना, कोक बॉटल टाइप फिगर लग रहा था… भगवान ने बहुत फ़ुर्सत से बनाया हुआ है इसको
कमर से नीचे चूत पे नज़र मारी… ज़िंदगी में पहली बार मैने ऐसी पैंटी देखी थी., ब्लू और गोल्डन ब्लॅक कलर… उसकी जांघें देखी तो मेरा लंड अपनी औकात पे आ गया.. शॉर्ट्स में तंबू बनाया हुआ था, उस लड़की में इतना खोया हुआ था मैं पता ही नहीं चला कब वो मेरे पास आ गयी
“ऐसे क्या देख रहे हो स्वीट्स, आपकी ग्रीन वाली कहाँ गयी” इतना कहके पायल आगे निकल गयी और मैं हक्का बक्का रह गया
मेरी बहेन… मेरी पायल… ये सब सोच रहा था कि पीछे से फिर आवाज़ आई
“हेलो मिस्टर… इधर आओ ज़रा”
मैं जैसे उसके जादू में फस गया था.. बिना कुछ बोले उसके पास गया
“ज़रा काबू में रहो उसने मेरे कान के पास आके कहा… मेरे लंड पे हाथ रख के बोली, इसको बोलो अपनी औकात ना भूले, यहाँ सिर्फ़ मैं ही इसका ख़याल रखूँगी, समझे ?”
मैं कुछ बोले बिना उसकी कमर में हाथ डालने लगा, तभी उसने हाथ झटक लिया, और धीरे से बोली
“पानी में आग नहीं लगानी क्या, या यहीं सब कुछ करोगे”
“आग तो तू लगा चुकी है मेरी जान.. अब बस इस आग को भुजाना है”
ये कहके मैने उसका हाथ पकड़ा और हम पानी में डुंबकी मारने चले गये
हम दोनो एक दूसरे के हाथ पकड़े खड़े थे.. आँखों में आँखें डाल के एक दूसरे को देख रहे थे.. हमने बिना कुछ सोचे ही एक साथ पानी में कूद गये और जैसे ही पानी के अंदर पहुँचे, मैं उसके चुचों के साथ खेलने लगा… वो भी मेरे हाथ अपनी चूत पे जाके उसे ज़ोर से घिसने लगी… अंडर वॉटर स्विम्मिंग में हम एक्सपर्ट नहीं थे.. इसलिए जैसे ही लगा हम उपर आने वाले हैं पानी में, हम नॉर्मल हुए और बाहर आके लंबी लंबी साँसें लेने लगे
मैं पायल को देखे जा रहा था… वो मुझे घूर रही थी…
मैं पानी से बाहर निकलके चेंजिंग रूम में जाने लगा… लंड एक दम तना हुआ… पूरा बदन गीला था… पायल का चेहरा, उसका बदन, मेरे दिल और दिमाग़ पे छाया हुआ था… मैं चेंजिंग रूम में पहुँचा और अंदर जाके टवल ले लिया..
तभी पीछे दरवाज़ा लॉक होने की आवाज़ आई.. मूड के देखा तो पायल मेरे पीछे आई थी, और दरवाज़ा लॉक करते ही वो कूद के मेरे बदन से लिपट गयी..
जैसे चंदन के पेड़ पे साँप लिपटा रहता है.. करीब 5 मिनट तक हम ऐसे ही रहे.. हमारी साँसें बहुत तेज़ चल रही थी, चेंजिंग रूम में गर्मी की वजह से, हमारे बदन सूख गये थे, अब हम पसीने से भीग चुके थे
मैने पायल को खुद से अलग किया.. नीचे झुक के उसकी चूत के पास गया, और कुत्ते की तरह उसकी चूत को उसकी पैंटी से ही सूंघने लगा
“उम्म्म्म भाई.. आहहहाहा ये कहके पायल ने मेरा मूह उसकी चूत मे दबा दिया और ज़ोर देने लगी…
मैं भी अपने हाथ पीछे ले जाके उसकी गान्ड दबाने लगा और गान्ड दबाते दबाते उसकी पैंटी के पीछे से उसकी नंगी गान्ड को रगड़ने लगा
क्या मज़ा आ रहा था… इतनी नरम गान्ड थी, जी कर रहा था उसकी गान्ड छोड़ूं ही नहीं…. धीरे धीरे करके मैने उसकी पैंटी खोल दी और वो अब मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा में थी…
मैं अपने हाथ आगे लाया और उसके पेरो को खोल दिया ताकि मुझे उसकी चूत सॉफ दिखाई दे…. उसकी चूत एक दम सॉफ, पूरी भीगी हुई, एक बाल नहीं था उसकी चूत पे..एक दम लाल हो चुकी थी, उसकी चूत का दाना देख के मुझसे रहा नहीं गया और मैने उसकी चूत चाटने लगा
जैसे ही मैने अपनी जीभ उसकी चूत पे रखी..
” सीसिससीसिस…. आहाहाहा भाई… उम्म्म्मम अहहहहहहहा” …. मैं नीचे बैठ के उसकी चूत चाट रहा था और वो खड़ी खड़ी मेरे बालों में हाथ फिराने लगी
मैं उसकी चूत चाटने लगा.. धीरे धीरे मैने अपनी गति बढ़ाई… उसने मेरे हाथ से बाल निकाल के अपनी ब्रा भी उतार दी.
सेक्स का नशा इस कदर छाया हुआ था हम पे.. के मुझे होश नहीं था के हम पब्लिक प्लेस में है, और वो भी नशे में आके अपने बालों से खेलने लगी और चिल्लाने लगी
“सस्सिईईईई आहहहहः भाई…. उम्म्म्म ज़र ज़ोर से करो ना… अहहहहहहहा” और ज़ोर से भाई यस आहाहहहहा कम ओन हां अहाहाा आयेया यआःहाहा”
कुछ ही सेकेंड्स बाद हमारे कानो में आवाज़ पड़ी.. कोई बाहर ज़ोर ज़ोर से दरवाज़ा नॉक कर रहा था
“अब किसकी धोती में आग लगी बहन्चोद’ ये कहके पायल आधे में ही अपने कपड़े पहनने लगी और मैं अपने शॉर्ट्स पहनने लगा
फिर से पायल उसकी ब्रा पैंटी में आ गयी और दरवाज़ा खोलके देखा तो बाहर कुछ लोग खड़े हुए थे और उनके साथ एक बंदा जो कि शायद मॅनेजर लग रहा था
पायल और मैं बाहर आ गये और देखा तो लोग हमे ही घुरे जा रहे थे… इतनी भीड़ में से किसी की आवाज़ सुनी
“क्या ज़माना आ गया है, देखो तो लोगों को, शरम ही नहीं है”
ये आवाज़ पायल और मैने दोनो ने सुनी बट इग्नोर करके निकल गये
हम आगे बढ़े तब मेनेज़र ने पीछे से आवाज़ लगाई..
“सर, एक्सक्यूस मी”
हमने मूड के देखा तो वो दौड़ के हमारे पीछे आ रहा था
“सर… प्लीज़ मेरे साथ आइए आप”
ये कहके वो आगे जाने लगा.. मुझे चिंता में देख पायल बोली
“क्या हुआ अब आपको, क्यूँ डर रहे हो”
मैं:- कुछ नहीं, ये सीन, कितनी बदनामी होगी
पायल:- क्या भाई, इनमे से कौन जानता है हमे.. और छोड़ो ना, लोगों को काम ही क्या है बातें बनाने के अलावा.. आइए देखते हैं मॅनेजर को क्या हुआ
हम निकल गये मॅनेजर के पीछे.. जब तक हम उसके डेस्क पे पहुँचते, मैं चलते चलते यही सोच रहा था कि क्या हुआ, इतने लोगों ने देखा, ओह माइ गॉड!!! किसी जान पहचान वाले का कुछ कॉंटॅक्ट निकला तो…
हम जैसे ही मॅनेजर के पास पहुँचे
मॅनेजर:- “सर, ये शरीफ लोगों की जगह है, आप यहाँ ऐसा नहीं कर सकते
मैने झल्लाते हुए पूछा, “व्हाट दा हेल, हम कहीं से शरीफ नहीं लग रहे आपको…
मॅनेजर:- सर प्लीज़ रिलॅक्स…. मॅम, आप ज़रा दो मिनट प्लीज़ दूर जाएँगी
पायल कुछ जवाब दिए बिना सामने जाके बैठ गयी
“हां तो सर… प्लीज़ कूल डाउन, और ये लीजिए, रूम नंबर 302, डेलक्स एसी है, आप प्लीज़ मॅम को ले जाइए, आंड कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा आपको’ मॅनेजर ने हंस के कहा
मैने सिर्फ़ चाबी ली, और 3000 रुपीज़ उसके मूह पे मारे
“पायल, प्लीज़ सुनो, ये चाबी लो, और तुम रूम में चलो, मैं अभी आता हूँ” मैने कहा
पायल सवालिया नज़रों से देखने लगी और चाबी लेके रूम के लिए निकल गयी
“अच्छा, 3000 ठीक हैं ना, या ज़्यादा चाहिए” मैने कहा
“नहीं सर, रूम का रेंट 1000, मेरे मूह के ताले की चाबी 1000.. और बाकी के पैसे से मैं आपके लिए कुछ बंदोबस्त कर देता हूँ… ये कहके मॅनेजर ने फिर से एक हँसी का ठहाका मारा और निकल गया
मैं कुछ सोचे बिना, रूम में जाने लगा.. और रूम में पहुँचते ही देखा तो पायल खिड़की से बाहर कुछ देख रही थी
मैने रूम का दरवाज़ा बंद किया और पीछे से जाके उसकी बाहों में सिमटने लगा
“ह्म्म्म्म.. क्या सोच रही है मेरी शोना”
“कुछ नहीं भाई… ये कहके वो आगे पलटी और अब मेरा सीना उसके चुचों से टकरा रहा था”
हम एक बार फिर से एक दूसरे में खो गये और लिप लॉक करने लगे…
“उम्म्म… आहहाहा स्लर्प गल्प अहहहमममा,, मेर एभाई अहाहाहः, अहहाहम्म्म्मम … चूसो ना और मेरे होंठों को आआहहहहा”
मेरा लंड एक बार फिर से खड़ा होने लगा और मैने इस बार ज़्यादा वेट ना करके उसकी ब्रा और पैंटी दोनो उतार दी… जैसे ही वो नंगी हुई… मैने उसे मेरे साइड पलट लिया और खड़े खड़े ही उसकी चूत पे लंड सेट किया
“जैसे ही मैने लंड उसकी चूत पे सेट किया
“आहहाः भाई. पायल चिल्लाई. आहाहा क्या लंड है आपका अहहहहहा” ह्म्म्म फक मी हार्डर भाई आहहाहा यस एआहहा
मैने धनधन धक्के मारना चालू रखा… और उसके चुचे भी मूह में लेके चूसने लगा..

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