मिस्टर & मिसेस पटेल (माँ-बेटा:-एक सच्ची घटना) | Update 21

मिस्टर & मिसेस पटेल (माँ-बेटा-एक सच्ची घटना) Maa aur Bete me Pyaar
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मैं मेरे मुह को अब उनके दूसरे कान के पास लेके जाके चूमा तो वह उनके सर को घुमाके मेरे दूसरे कंधे के ऊपर लेके गई. और गर्दन को थोड़ा हिलाकर मुझे और जगह बना दि. मैं मेरा हाथ उनके कमर को छोड़के उनके पीठ पे लाया और मेरी उँगलियाँ उनके ब्लाउज के नीचे से अंदर घुस गई. मुझे मेरी उँगलियाँ को उनके ब्रा का स्पर्श मिला. मैं पागल हो गया. और मेरा मुह खोलके उनके गोरे और मुलायम कंधे पे एक हल्का बाईट कर दिया. माँ तभी एक तेज सिसकी के साथ उनके जननांग को खुद मेरे लिंग के ऊपर प्रेस कर दिया.में समझ गया अब वह क्या चाहती है. मैं झट से मेरा मुह और नीचे करके फ़ाटक से उनके क्लीवेज में मेरा नाक डूबो दिया और जोर से एक सांस लिया. तभी उनके हाथों की उँगलियाँ मेरे पीठ के ऊपर ज़ोर से दबके बैठ गई. मेरे गले में उनके नरम नरम बूब्स का हल्का हल्का टच लग रहा है दोनों तरफसे. ऐसे होनेसे लग रहा है मेरे पाजामे के अंदर ही में झर जाऊंगा. लेकिन में यह नहीं चाहता था. में उनके अंदर झरना चाहता हु. मैं खुद को थोड़ा कण्ट्रोल करके सीधा होकर खड़ा हो गया और दोनों हाथ से उनकी पीठ पकड़ के उनके चेहरे को देखा अब मेरे आँखों में नशा उतर गया. मैं उसी नशीली नज़र से उनके चेहरा को देख रहा था. उनके नरम नरम पतले गुलाबी होठ काँप रहे थे. वह भी आंखे खोलकर मुझे देखि. उनको भी नशा हो गया. हम दोनों एक दूसरे की आँखों के अंदर देख रहे है. दोनों की सांस तेजी से बह रही है. मैं मेरे बॉल्स के अंदर की खलबली को कण्ट्रोल करने के लिये, मेरे होठो को धीरे धीरे नीचे ले जाकर उनके माथे के पास ले गया और उनके माथे को चुमा. फिर उनके नाक को धीरे से चुमा. फिर उनके ठोड़ी को. हर चुम्बन के टाइम वह कुछ पल के लिए अपनी आँख मूंद के मेरे प्यार को महसुस कर रही है. दोनों की गरम साँसें दोनों के चेहरे के ऊपर महसुस कर रहे थे. उनके गुलाबी होठ अब मुझे अपनी तरफ खीच रहे है. मैं मदहोश होकर मेरी आँखे बंद करके धीरे धीरे मेरे होठ उनके होंठो के ऊपर ले गया. मेरे होठ टच हो गये . वह एरिया बहुत नरम और गरम है.. मैं और अच्छी तरह से महसुस करने के लिए मेरे होंठो को हल्का खोलते ही अचानक मेरे दिमाग में कुछ संकेत गया. मैं तुरंत आंख खोला. और देखा की मेरे होठ और माँ के होंठो के बीच उनका हाथ रखा हुआ है और में उनकी नरम हथेली पर चूम रहा था उनसे नज़र मिलतेही उनके आँखों में एक शर्म और मुस्कराहट दिखाइ दिया. मैं रुक गया. समज नहीं आया अचानक उन्होंने ऐसा क्यों कर दिया. मैं अपनी सांस को कण्ट्रोल करते करते फुसफुसाकर कहा
“क्या हुआ!??
वो अपनी हथेली को वैसेही रखकर अपना चेहरा आधा छुपाके नज़र झुका ली और फुसफुसाकर बोलि
??और नही…बस??
मै थोड़ा निराश हो गया. अचानक ऐसे रुक ने के कारन मुझे थोड़ा गुस्सा भी आ रहा था मेरा लिंग उसकी पसन्दीदा जगह पे घूसने के लिए बेताब हुआ है. फिर भी धीरे से पुछा
??क्यों!!??
वो अब नज़र उठाके मेरी तरफ देखा और रुक रुक के बोली
??आप को….मैं..आपके पास चाहिए थी ना!! पास ही तो आगयी…??
मैन शाम को जो एसएमएस किया था ?? मुझे मेरी बीवी मेरे पास चाहिए??, उसी बात को लेकर यह कही है. पर मुझे और रुका नहीं जारहा है. मैं उनके अंदर घुसाकर मेरे लिंग के फुले हुये बडे कैप को डीप में ले जाकर मेरे बॉल्स का सारा बीर्य उनके अंदर छोड़ के शांत होना चाहता हु. मैं आवाज़ में और प्यार और पैशन लेकर फिसफिसाया
??नही….और पास चाहिए??
बोलके मेरे दोनों हाथों से उनको मेरी तरफ खिचता. हु अपनी हथेली वैसे ही हम दोनों के होंठो के बीच रख़कर, थोड़ा नट्खट सा बनके आँखों में और मुस्कराहट लेकर एक दम फुसफुसाकर बोली
??तो?? और टाइम आने दीजिये….??
मै समझ गया अब हु किसी भी हालत में कुछ करने के लिए तैयार नहीं है. शायद उनको खुद को और वक़्त चाहिए उनके बेटे के पास जो अब उनके पति बनने जारहा है, उसके पास खुद को पूरी तरह सोपनेके लिये. मैं उनकी इच्छा के खिलाफ कुछ भी कदम उठाके उनको दुःख नहीं पहुचाना चाह्ता था वह अपना तन मन पिछले १८ सालों से और किसी को दिया नही. नाहीं और किसी को अपने दिल में पति के रूप में बिठाना चाहा. लेकिन आज वह अपनी सब चीज़ें मुझे??..केवल मुझे देनेके लिए तैयार है. मेरी पत्नी बनने के लिए तैयार है. और मुझे इसका सम्मान देना चहिये. मुझे मालूम है वह तो अब बस मेरी है. ज़िन्दगी भर उन्हें प्यार करने को मिलेगा. और में भी केवल उनको ही प्यार करना चाहता हु. अपनी बीवी के रूप में पाना चाहता हु, केवल इस जनम में नही, अगले सात जनम तक.

ट्रेन में सब लाइट ऑफ करके सोगये. मैं भी अपने सीट पर एक बेड शीट बिछाके और दुसरेवाला ओढ़कर आंख बंध करके सोया हु. गर्मी का टाइम है लेकिन अंदर का माहौल एकदम ठण्डा है. मैं आखरी बार इस तरह यानि की एक बैचलर आदमी की तरह एमपी में वापस जा रहा हु. अगली बार जब वापस जाउँगा तब में एक मैरिड मैन बनके जौंउगा, अपनी बीवी के साथ वापस लौटुंगा.
पर में तभी भी जानता नहीं था की यह सप्ताह मेरे लाइफ का सबसे बिजी हप्ता बन जाएगा. ऑफिस के काम का प्रेशर सँभालने के साथ साथ मेरा ज़िन्दगी का नया सफर सुरु करने के लिए सारे इन्तेज़ाम में लग पडा मैं घर की सारी जरुरी चीज़ें को एक एक करके अरेंज करके लाकर रख रहा हु. अभी तक में एक सिंगल बेड पे सोता था अब हम दोनों के लिए एक डबल बेड भी ख़रीदा. मुझे एक अच्छा पलंग जैसा बेड पसंद था उसके दोनों साइड में ऊँचा ऊँचा लकड़ी के पैनल में सुन्दर सुन्दर डिज़ाइन किया हुआ. और चारों कोनो में स्टैंड लगा हुआ है . उसमे मच्छर दानी लगाने के लिये. मुझे पसंद था मैंने माँ को फ़ोन करके बताया तो माँ ने बोला की उस टाइप पलंग स्पेसियस घर के लिए अच्छा है. छोटे साइज के घर पर तोवो इन कोने टाइप बेड ज़ादा काम का होता है. मुझे एक्चुअली यह सब मालूम नहीं था तो माँ ने बताया की जब हमारा बड़ा घर होगा तब वह ख़रीदेंगे. लेकिन अब के लिए बॉक्स खाट लेना ठीक रहेगा. सो मैंने उनके कहने पर एक बॉक्स खाट ख़रीदा.उसके नीचे कैबिनेट बना हुआ है. उसमे सामान रखने के लिए अच्छी तरह से बना हुआ है. साथ में नए गद्दे और पिल्लोस वगेरा सब डीप कलर में लिया. और वह छोटा बेड को बाहर हॉल में रख दिया.

मै एक दुविधा में था मुझे शादी के लिए कम से कम तीन चार दिन का छुट्टी चाहिए थी मैंने ऑफिस में नया नया ज्वाइन भी किया. काम का प्रेशर भी है . और मुझे दिखाने के लिए जो रीज़न है वह में कह नहीं सकता. ऑफिस में ज़ादा लम्बा छुट्टी का अप्लाई करूँगा तो मेरा टीम मेम्बर्स कलीग्स तोह पुछेंगे ही में किस लिए छुट्टी ले रहा हु. और में उनको कैसे बताऊँ की में शादी करने जार रहा हु. अगर यह बता दिया तो उनसब को इनवाइट करना पडेगा. और अगर उनमे से कोई मेरी शादी अटेंड करना चाहे तो फिर सब गड़बड़ है. मुझे यह सब छीजें क़ायदे से सम्भालना है. शादी के बाद जब आउँगा तब तो मालूम पड़ेगा की में शादी करके बीवी लेके आया. पर तब में कुछ भी बता के मैनेज कर सकता हु. यह बोल सकता हुन की मुझे जबरदस्ती लड़की दिखाने लेके गये और वहां लड़की पसंद आगयी तो तुरंत एक दिन के अरेंजमेंट में शादी करवा दिये मेरे घरवाले. यह सब बोलके उनलोगों को एक छोटा रिसेप्शन दे दूँगा. बस झमेला खतम. इस लिए में केवल ३ दिन अप्लाई किया . और अगर एक दिन एक्स्ट्रा लगे तो फ़ोन पे बताके लीव ले लुंगा.

नानाजी से जब फ़ोन पे बात हो रही थी तब वह यह सुनके बोल रहे थे अगर कुछ दिन ज़ादा छुट्टी मिलति तो अच्छा होता. पर अब क्या करे. फिर उन्होंने मुझे रिसोर्ट बुकिंग के बारे में सब बताया. ऐसे कम लोगों का शादी सुनके रिसोर्ट वाले चोंक गये. बाद में नानाजी अपने हिसाब से एक स्टोरी बनाके तो बोल दिया था , लेकिन वह लोग पैसे ज़ादा मांगे. रजिस्टर्ड साहब, पण्डितजी, दुल्हन सजाने के लिए ब्यूटीशियन, शादी का समान वग़ैरा, स्टेइंग एंड लॉजिंग..सब मिलाकर ज़ादा लिया. नानाजी मुझे कुछ बोलने के लिए झिझक रहे थे. मैं समझ गया वह कुछ बोलना चाहते है. लेकिन बोल नहीं पा रहे है. मैंने पूछा की क्या हुआ नानाजी , क्या वह लोग और कुछ मांगते है. तो नानाजी बोले नहीं पर, वह लोग तो ऐसा सुन्सान शादी देखके संमझा शायद हम लड़की भगाकर लाक़े शादी करवा रहे है. कोई गेस्ट या रिलेटिव्स अटेंड नहीं कर रहा शादी. इस लिए वह लोग जान बुझके सब ज़ादा रेट लगाया. और भी बहुत कुछ अवेलेबिलिटी है रिसोर्ट मे. वह लोग बोलना चाह रहे थे . पर मैंने तो यह सब सुनके ही और आगे बात नहीं बढाया. फिर वह लोगों ने कहा की अगर दूल्हा या दुल्हन से एकबार बात होता तो वह लोग कुछ एमेनिटीज के बारे में बात कर सकते है. हो सके तो तुम पता करलो. क्या कहना चाहते है या क्या कुछ है. मैं नंबर. एसएमएस कर देता हु.
थोड़ि देर बाद नानाजी का एसएमएस आया तो मैंने रिसोर्ट के नम्बर में कॉल किया. मेरा परिचय दिया की अगले ट्यूसडे को एक शादी बुकिंग हुआ. हम बस ४ लोग आयेंगे. मैं ही दूल्हा हु. आप लोग कुछ एमेनिटीज के बारे में बोलना चाहते है. वह लोग मुझे विश किया पहले. फिर मेरे लाइफ का ऐसा एक महतपूर्ण अध्याय उन लोगों के रिसोर्ट से सुरु हो रहा है, इस लिए भी अभिनन्दन जताया. फिर बताया वह लोग शादी के सब बंदोबस्त के साथ शादी के बाद का कुछ फैसिलिटीज भी प्रोवाइड करते है. उन लोगों का रिसोर्ट मुंबई में एक खाड़ी के पास है. जो खाड़ी आगे जाकर अरब सागर में मिला. यह लोग शादी के बाद दूल्हा दुल्हन के सुहागरात के लिए सुन्दर सुन्दर स्टीमरप्रोवाइड करता है. यह स्टीमर रिसोर्ट के पास खाड़ी में एक जेति बनाया प्रायवेट, वहां है. पार्टी चाहे तो रात भर वहां खड़ा रख सकते है, या तो खाड़ी में उनलोगों का आदमी चला सकता है. छोटा छोटा प्राइवेट स्टीमर. ऊपर के डेक में छोटा सिटींग अरेंजमेंट. और एक कमरा. चारों तरफ से हवा आने के लिए बडी बड़ी ओपन खिड़कियाँ है. और डेक से सीधा एक सीडी नीचे गया. वहाँ नीचे एक रूम है. अच्छा बेड, टॉइलेट, टीवी, फ्रीज, कपबोर्ड़, का बंदोबस्त है. इसी रूम को वह लोग सुहागरात के रूम जैसा फूलोसे सजाके देते है. नीचे जाकर ऊपर का डोर लॉक करदेने में से, और कोई डिस्टर्ब नहीं कर सकता. रात भर अपने हिसाब से सुहागरात मनाव. मैंने फ़ोन पर ऐसे सब खबर लिया और रेट भी पूछ लिया था

 

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