मासी का घर (सेक्सी मासी और मासी की बेटी) – Update 12

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मासी का घर

अध्याय 12 – काम अग्नि

पिछले update में, छत पर मासी और मेरी बातचीत हुए, जिसमें मैने मासी के भीतर छुपे डर को देखकर अपनी बातों से उस डर को भगाने की कोशिश की। जब मैं उन्हें kiss करने गया तो वह दूर होकर चली गई, मुझे सिर्फ होंठों का स्पर्श मिला।

अब आगे; मासी के जाने के बाद मैं भी अपने कमरे जाकर सो गया। सुबह सुबह मुझे विशाखा ने उठाया, जब मेरी आंखें खुले तो विशाखा मेरी चेहरे के ऊपर ही थी। फिर मुझे जागता हुआ देख वह मेरे सामने आई और अपने हाथ बेड रख कर झुक गई।

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शायद वह अभी-अभी नहाई थी, उसके बालों से काफी अच्छी सुगंध आ रही थी, उसका चेहरा काफी चमक रहा था। विशाखा की खूबसूरती देखकर मैंने कहा,

मैं: “I love you…”

विशाखा (हंसते हुए): “love you too…”

मैं: “क्या दिख रही हो तुम आज! आज तुम योगा क्लास नहीं गई?”

विशाखा: “नहीं, कुछ reasons के वजह से आज क्लास नहीं है।”

मैं: “लगता है तुम पक्का कोई अप्सरा हो जिसे धरती पर भेजा गया है, मेरे लिए।”

विशाखा (मुस्कराते हुए): “क्या कुछ भी बोल रहे हो। शायद तुम्हें आज बहुत प्यार आ रहा।”

मैं: “कैसे ना आए, जब तुम सुबह सुबह उठती हो।”

ऐसा सुन कर विशाखा चली गई और मैं भी उठ के फ्रेश होने लगा। कुछ देर बाद मैं नीचे हॉल में चला गया।

नीचे पहुंचकर मैंने देखा तो मौसा जी और विशाखा सोफे पर बैठे है। मौसा जी शायद कुछ काम कर रहे थे जिसमें वह पूरी तरह मग्न थे। विशाखा मोबाइल चला रही थी।

मेरे वहां पहुंचने पर विशाखा अपनी नजरों को मोबाइल से हटाकर मेरी ओर करती है, वो भी एक बड़ी सी मुस्कान के साथ।

मैं विशाखा की उन काली काली, बड़ी बड़ी आंखों में खो गया था। एकदम स्थिर खड़ा होकर उसे एक नजर से देख रहा था।

विशाखा ने अपनी भौहें हिलाई, कहती हुए की क्या हुआ। मैने अपना सिर नहीं के उत्तर में हिलाया। विशाखा शर्मा कर मुस्कुराई और फिर से मोबाइल देखने लगी।

मैं वही खाद था। मुझे ऐसा खड़ा देख विशाखा ने फिर से मुझे देखा, इस बार इशारों में मैंने उससे पूछा कि मासी कहां है। उसने इशारों में उत्तर दिया कि वह किचन में है और नाश्ता बना रही है। उसका ऐसा कहते ही मैंने उसे आंख मार कर अलविदा ली और किचन में दाखिल हुआ।

किचन में मासी चाय बना रही थी, उन्होंने एक greyish blue साड़ी पहनी हुई थी। उनके बाल बंधे हुए थे, सूरज की रोशनी खिड़की से होते हुए मासी के चेहरे पर पड़ रही थी जिससे उनका चेहरा का नूर बढ़ चुका था। शायद मेरे वह आने का एहसास मासी को हो गया था।

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मैं धीरे से उनके नजदीक बढ़ा। कुछ कदम मैं आगे बढ़ा ही था तभी मासी पलट गई। उन्होंने मुझे देखा और मुझसे नजरें चुराने लागि। शायद यह कल जो हमारे बीच स्पर्श हुआ था इसकी वजह से है। उन्हे tease करने के लिए, या काहू कल की याद दिलाने के लिए मैंने उनसे कहा,

मैं: “कल का मौसम काफी गर्म था… नई?”

मासी नीचे ही देखते रहे, मुझसे नजरे मिलाने में उन्हे शर्म आ रही थी और मैं उन से अपनी नजरे हटा नहीं पा रहा था। वो काफी wholesome लम्हा था। उन्होंने चाय देने के लिए उनका हाथ आगे बढ़ाया, चाय का कप पकड़ ने की जगह जान बूझ कर मासी की हथिली पकड़ ली।

मेरा ऐसा करते ही मासी ने एक पल मुझे देखा और फिर से नजरे नीचे झुका ली। उनका शर्माना साफ साफ उसके मुख पर देखा जा सकता था। उनके मुलायम गाल लाल हो चुके थे। वह अपनी मुस्कुराहट दबाने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन कर नहीं पा रही थी।

अचानक से विशाखा चिल्लाई, ‘माँ, और कितनी देर है?” इस आवाज को सुन कर हम दोनों एक दूसरे से झट से दूर हो गए। मासी ने विशाखा को उत्तर देने के लिए चिल्लाया, ‘हा आई।’ और किचन से चली गई। मैं उधर ही खड़े होकर अपनी चाय की चुसकिया लेता रहा।

चाय खत्म करने के बाद, मैंने मेरे रोज के काम किये। जैसे नहाना, नसता करता और इत्यादि। कुछ समय और बीता और मासी अपनी पुरानी hobbies को करते हुए अपना समय बिताने लगी। इस व्यक्त मुझे भी बोर हो रहा था, मेरा मन थोड़ा हॉर्नी और रोमांटिक था। यह सही वक्त था विशाखा को मिलने का।

मैं जल्दी से विशाखा के कमरे को ओर दौड़ा और झट से दरवाजा खोला। जैसे ही दरवाजा खोला, मैंने देखा की विशाखा अपनी योग का अभ्यास कर रही है। मुझे देख कर उसने योगा रोक दिया।

मैं कमरे में घुस और सीधा विशाखा से लिपट गया। मैं हवस में इतना डूब गया की सोच ही नहीं ये चीज विशाखा इतनी random लगेगी। लिपटते ही मैंने उसके साथ चुंबन चालू किया, प्रति-उत्तर में उसने भी सहयोग दिखाया, मुझे लगा यह एक green signal है। मैंने अपनी उँगलिया उसकी गर्म फुद्दी की तरफ बढ़ाई, लेकिन मुझे रोकते हुए उसने कहा,

विशाखा: “क्या कर रहे हो? एकदम से ये सब?”

मुझे तभी realise हुआ की लड़कियों को ये सारी चीजे build up के साथ पसंद आती है। उन्हे एकदम से sex करना पसंद नहीं आता। मैंने ये सब चालू करने से पहले कुछ moment ही नहीं बनाए। विशाखा का जवाब जायज था।

मैं: “सॉरी, मैं जरा भावनाओं में खो गया।”

अब करने को बचा की क्या था, इसलिए मैंने वहाँ से जाने का सोचा। जब मैं पलट कर जा ही रहा था, तभी विशाखा ने कहा,

विशाखा: “अगली बार सीख कर आना… ये हरकत अचानक नहीं होती।”

ये तो पक्का एक green signal था। मैं मुस्कुराकर वह से चला गया।

मैं फिर से नीचे पहुंचा। इस बात में कोई गलती नहीं थी की विशाखा के साथ physical होना उसे गलत लगेगा, उसने तो बल्कि signal देखा दिया है। मैं वही बैठ गया और विचारों में खो गया।

जब वहां बैठा हुआ था, मैं मासी के गुनगुने की आवाज साफ हॉल में बैठकर सुन सकता था। मौसा जी तो दुकान चले गए थे, मासी अपने कमरे में अकेली थी। मेरी जिज्ञासा के चलते, मुझे लगा कि क्यों न मासी को झांक के देखा जाए।

मासी ने साड़ी निकाल कर फेंक रखी थी। वे सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी। उन्हें ऐसी हालत में देखकर मेरा बम्बू खड़ा हो गया। वे अपने हाथों को अपने पूरे शरीर पर घुमा रही थी। खुद की काया (बॉडी) को निहारते हुए उसे गर्म किए जा रही थी।

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उन के मन भी काम उत्तेजना थी, जो मैंने आज पहली बार देखी है। मेरे हाथ अपने आप मेरी निक्कर के अंदर पहुंच गए और मैं भी अपने औजार को गर्म करने लगा।

देखते ही देखते, मासी ने अपने ब्लाउज को खोल दिया। उनके परिपूर्ण उन्नत उरोज (बूब्स) और उनके निप्पल के आजू बाजू का गोरा, गुलाबी रंग का गोलकर क्षेत्र, मक्खन जैसी smooth त्वचा, curvy, जो काफी था मेरे दिल को घायल करने के लिए।

उन्होंने वहां अपने बूब्स को दबाना चालू किया तो मैंने यहां मेरे लंड को हिलाना शुरू किया। उनके बूब्स से दूध की धाराएं बह रही थी तू उनके पेट से होते हुए नीचे टपक रही थी। मेरा तो मन हो रहा था कि उनके पेट से चाट चाट कर नीचे गिर रहा अमृत पी जाऊ।

पल भर बाद मासी सिसकारियां भरने लगी। उनकी पेटीकोट का नाड़ा ढीला हुआ और पेटीकोट नीचे गिरा। उन्होंने न ब्रा पहनी थी न ही पैंटी। उनकी रसीली फुद्दी काफी tight और आनंदाई नजर आ रही थी। मैं उन्हें चुत में उंगली करते हुए देखता तभी मेरे लंड का सर पानी निकल गया।

मैंने मासी के कमरे के चौखट पर ही मेरी वीर्य का तलब बना दिया था। इतना पीला और गाढ़ा वीर्य कभी नहीं निकला था। उसकी मात्रा भी काफी ज्यादा थी।


Writter’s Note: 

Mujhe pata hai ki is update ko kuch jyada hi time lag gya aur kuch log naraj ho gye the. Main maafi chahta hoon, Festival ke karan kaafi jyada kaam the.

Ho skta hai ki ye update apko pasand na aaya ho kyuki isme Romantic tone ko Lust tone ke taraf badhte hue dikhaya hai. Ye updata ek transition hai Romantic se Lust ka aur yaha se pacing bhi thodi fast hogi, taki story kr complete kr pau.

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