माँ की अधूरी इच्छा – Update 95 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
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थोड़ी देर आराम करने के बाद।
अरुण: चलो घोड़ी बनो
सरला: क्यु
अरुण: क्यों गाण्ड नहीं देनी क्या।
सरला: देनी है पर।
अरुण: पर क्या
सरला: पहले थोड़ी देर चूस दो।
अरुण: क्या चूस दूँ।
सरला: अरुन के कान में धीरे से मेरी चूत।
अरुण: सरला के बाल पकड़ते हुए किसका।
सरला: आप की चुत मेरी नही।
अरुण: गुड गर्ल और सरला को बेड पर सीधा लीटा देता है।
और उसकी गाण्ड के निचे दो पिलो लगा कर उसकी गाण्ड ऊँची कर देता है ऐसा करने से सरला की चुत उभर आती है जो अभी भी थोड़ी सूजी लग रही थी
अरुण: ये तो अभी भी सूजी हुई है।
सरला: हाँ है पर आप के चुसने से ठीक जो जायेगी।
अरुण: हाँ चुसने से ठीक हो जायेगी पर फिर चोदना है तो फिर इससे ज्यादा सुज जायेगी।
सरला: कोई बात नहीं जान ये इसी के लिए है मैं मना नहीं कर सकती अब इसी को आदत डालनी होगी आप के मुसल लंड को झेलने की मैं आप को कब तक मना करुँगी ।
और अरुन के मुह को अपनी चुत पे रख देति है
चुसो मेरी जाआआआं आआआ माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह्
और अरुन सरला की चुत चाटने लगता है
और चूत के दाने को दाँतो से काटने लगता है।
सरला: अअअअअअअ ुह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह सीईईई धीरे इसस्स
अरुन कहा मानने वाला था और सरला की चुत चूसने लगता है।
आह आ क्या चुसते हो।
आप नहीं होते तो मुझे कभी पता नहीं चलता की चुत चुसी भी जाती है।
और अरुन के सर को अपनी चुत पे रगडने लगती है
और सिसीयाती जाती है चुसो मेरी जान चुसो अपनी
रान्ड की चुत चुसो और वो मजा दो जिस के लिए मैं पिछले २० सालो से तरसी हुँ।
आह और जोर से मेरी जान आह माँ मर गई मजा आ रहा है नीतू के पापा और जोर से ।
अरुन सरला की बात सुन कर सरला के दोनों फाँको को खोल कर चुत चाटने लगता है।
तभी एकदम से उठता है।
सरला : क्या हुआ जान उठ क्यों गये मजा आ रहा था क्या हुवा।
अरुण: कुछ नहीं बोलता और साइड टेबल पे रखी रसमालाई का कन्टेनर उठाता है और एक रसमलाई उठा कर सरला की चुत पे रख देता है।
सरला: ये क्या कर रहे हो।
और बिना कुछ बोले सरला की चुत पे रखी रसमलाई खाने लगता है ।
सरला: आआआआ ये क्या कर रहे हो रसमलाई ऐसे भी खाइ जाती है क्या मुझे आज पता लगा और चिखने लगती है।
खा जाओ मेरी जान और देती हूँ और पीेछे उठ कर अपनी चुत पे एक और रसमलाई रख देति है जिसे भी अरुन खा जाता है और चुत पे लगे दूध को चाटने लगता है।
सरला के चुत में जीभ घुसा कर उसकी चुत मारने लगता है।
आह जान आ माँ आह से आ आ उठ ओह माँ मर गई हह मजा आ रहा है।
और सरला अरुन के मुह पे झडने लगती है।
और अरुन सरला का सारा पानी चाट चाट कर साफ़ कर देता है।
थोड़ी देर बाद सरला अरुन के सर को पकड़ कर अपनी तरफ खिचती है और उसके सर को अपने सिने पे रख कर लेती रहती है ।
सरला अभी भी लम्बी लम्बी साँसे ले रही थी
अरुण: कैसे लगा नीतू की मा
सरला: आप भी ना।
अरुण: क्या हुया।
सरला: नीतू की माँ क्यों बोल रहे है।
अरुण: क्यों जान मैं पापा हुआ तो तुम माँ हुई न ।
सरला: हाँ वो तो है पर ।
अरुण: कोई नहीं जब तक दुसरा नहीं होता मैं तुम्हे नीतू की माँ कहके ही बुलाउंगा। जब दुसरा होगा फिर उसके नाम से।
सरला: शरमा जाती है मैं अभी माँ नहीं बनना चाहती अभी तो मेरे खेलने के दिन है इस बेचारे के साथ अरुन के लंड को सहलाते हुए बोलति है।
आ: हाँ हाँ अभी जी भर के खेलो ।
अब बताओ कहा डालु ।
सरला: आप का कहा मन है।
अरुण: मैं तो दोनों में डालुंगा।
सरला: तो रोका किसने है डालिये।
ये सुन कर अरुन सरला को अपनी गोदी में उठाता है और ड्राइंग रूम में ले आता है।
सरला: कहा जा रहे है।

अरुन कुछ नहीं बोलता और सरला को डायनिंग टेबल पे लीटा देता है कुछ इस तरह की सरला की टांगे टेबल से लटकी होती है और सरला की चुत ठीक टेबल के किनारे अरुन के लंड के सामने थी
सरला अरुन को देखते हुए।
कितने तरीके से चोदोगे मुझे
और अरुन के ऑंखों में देखती है।
अरून कुछ नहीं बोलता बस सरला की टाँगो को अपनी कमर पे लपेट्टा है और अपना लंड सरला की चुत में घुसाने लगता है।
सरला। आह
अरुण: क्या हुआ।
सरला: कुछ नहीं मेरा छोटू मेरे अंदर दोबारा आ गया ।
आह माँ आह।
और अरुन धीरे धीरे धक्के चालु रखता है।
अरुण: कैसा लगा रहा है माँ।
सरला: बहुत अच्छा
अरुण: अपने मम्मे अपने हाथों से मसलो।
सरला: आप मसलो ना।
अरुण: सरला के मम्मे पकड़ कर दबाने लगता है।
सरला: उई माँ आह धीरे से धीरे धीरे मसलो न आह दर्द होता है।
अरुण: अच्छा सरला।
सरला: हाँ जान।
अरुण: तुम्हारे मम्मे इतने टाइट क्यों है।
धक्के चालू रखता है और मम्मे दबाता रहता है।
सरला: इस्तेमाल नहीं हुए है ना।
अरुण: मतलब।

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