थोड़ी देर किस करने के बाद अरुन सरला की चुत और गाण्ड पे एंटीसेप्टिक क्रीम लगा देता है।
और उठ कर बाथरूम जाने लगता है।
सरला : पीछे से मुझे भी जाना है मुझे कौन ले के जाएगा।
अरून सरला को अपनी बाँहों में ले कर बाथरूम जाता है और दोनों साथ साथ सुसु करते है और बेड पर आ कर लेट जाते है।
और दोनों सो जाते है अरुन तो थक कर सो जाता है
पर सरला सोचते हुए ।उसने चुदाई में नीतू की बात करके अरुन को जल्दी झडा तो दिया ।
पर अरुन कही नीतू के लिए गलत न सोचने लगे ।
यही सोच सोच कर सरला परेशान होने लगती है और सोचते २ सो जाती है।
दोनो न जाने कब तक सोते रहे।
तभी रूम का लैंडलाइन बजता है।
अरून की आँख खुलती है।
रिसिवर उठा कर
हेलो।
अरुण: हाँ।
बॉय: सर डनर भेजना है।
अरुण: कितना टाइम हुआ।
बॉय: सर रात के ९ बजे है।
अरुण: है भेज दो आर्डर देता है और रिसीवर रख देता है।
बेड पर सरला बिलकुल नंगी सो रही थी पोजीशन
एकदम सीधी।
अरुण: उठ कर सरला की चुत देखता है।
जो बुरी तरह सूजी हुई थी उसके होठ ऐसे लग रहे थे जैसे मधुमक्खि ने काट लिया हो ।
अरून उसपे प्यार से हाथ फेरता है।
और थोड़ी सी एंटीसेप्टिक क्रीम सरला की चुत और गाण्ड पे लगा देता है।
सरला कुनमुनाते हुए क्या कर रहे हो जान।
अरुण: कुछ नहीं बस देख रहा था ।
सरल: क्या इसलिए की ठीक हुई या नहीं अगर हो गई हो तो चोद दू ।
अरुण: नहीं , पर अगर तुम्हारा मन हो तो बता दो ।
सरला: नहीं मेरी मन नहीं है ।
अरुण: फ्रेश होने जाना है तो जाओ डिनर माँगा लिया है
सरला: जाना तो है , डिनर रूम में क्यों माँगा लिए बाहर नहीं जाना।
अरुण: काफी लेट हो गया है।
सरला: कितने बज गये ।
अरुण: ९
सरला: क्या इतनी देर से सो रहे है।
अरुण: हाँ शायद थकावट ज्यादा हो गई।
सरला: उठने की कोशिश करती है और सिसक पड़ती है।
अरुण: क्या मैं कपड़े पहना दूँ।
सरला; नहीं रहने दो ,ज़ानते हो जब से आई हु आपने कपडे नहीं पहनने दिए और कितनी शॉपिंग की थी अभी तक तो मैंने सारी ड्रेस्सेस भी नहीं पहनी कच्छी और ब्रा तो बैग में से निकाली भी नहीं है।
सुजा के रख दी है मेरी गाण्ड और चूत।
अरुण: बाथरूम जा रही हो या दोबारा सुजाऊँ।
सरला: जा रही हूँ बाबा और बाथरूम में भागने की कोशिश करती है पर दर्द की बजह से भाग नहीं पाती
और चलते हुए चलि जाती है।
अरुण: मन ही मन मैंने क्या कर दिया माँ के साथ।
सोचता है और हँस देता है।
थोड़ी देर बाद सरला बाहर आती है।
सरला:आप की इज़ाज़त हो तो कुछ पहन लु।
अरुण: हाँ हाँ क्यों नहीं और एक ब्रा और कच्छी दे देता है।
पहन लो।
सरला: इन्हे भी क्यों दे रहे हो ऐसे ही ठीक हूँ
अरुण: ओके और ब्रा पेंटी वापिस रख देता है
डोर बेल बजती है।
सरला बाथरूम में भाग जाती है।
अरुण: डिनर रिसीव करता है और बर्तन के लिए सुबह आने के लिए बोल देता है।
अरुण: बहार आ जाओ जान।
और सरला बाहर आ जाती है और दोनों डिनर करते है
और एक दूसरे को अपने हाथों से खिलाते है।

