माँ की अधूरी इच्छा – Update 89 | Incest Sex Story

माँ की अधूरी इच्छा - Seductive Incest Sex Story
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नास्ता करने के बाद
अरुण: कही बाहर चले या रूम में
सरला: आप बताओ क्या मन है वैसे मुझे अभी कम से कम २ घंटे का आराम चाहिए तभी आप मेरी बजा पाओगे।
अरुण: ओके तो कहीं चलते है।
बाहर आ कर
कैब ड्राइवर से बागा बिच चलो।
यस सर
और दोनों बैठ कर बिच पर चल देते है
बीच पहुच कर।
सरला को अब भी चलने में प्रॉब्लम ही रही थी
और हल्का सा लंगड़कर चल रही थी
अरून सरला का हाथ पकड़ लेता है और दोनों बीच की तरफ आराम २ से चलने लगते है
धूप होने की बजह से थोड़ी गर्मी थी और पसीना आ रहा था।
सरला: आप ने एंटीसेप्टिक लगाई थी न मेरे जांघो पे बह रही है गर्मी की बजह से।
अरुण: फिर क्या करे।
याहाँ कोई जगह भी नहीं है की साफ़ कर दु।
सरला: मैंने आप को बताया है न की साफ़ करने के लिए बोला।
मुझे पता है एक बार देख लोगे तो मारे बिना नहीं रहोगे
अरुण: मारने की चीज़ मारी जायेगी ना।
सरला :हाँ तो मैंने कब मना किया है २घन्टे का टाइम माँगा है फिर जो मन करे कर लेना।
अरुण: पहले गांड।
सरला: आप मेरी गाण्ड के पीछे क्यों पड़ गये है।
ज्यादा अच्छी है क्या।
अरुण: हाँ बहुत मस्त और टाइट है ।
सरला: क्यों चुत नहीं है
अरुण: वो भी मस्त है एक दम फाडू।
सरला: फाडू वो नहीं है आप ने दोनों फाड़ दी है कोई भी रहम नहीं किया।
अरुण: और करुँगा भी नहीं ।
स: मुझे रहम चाहिए भी नहीं जीतनी बेहरहमी से मारनी हो मारना कोई रहम मत करना तभी तो चुदने का मजा है।
बात करते २ वो बीच पे पहुच गये।
और वहाँ पर अरुन ने बोट राइड बुक की और दोनों बोट में बैठ कर समुंदर में डॉल्फिन देखने लगे जो ये बीच पे पॉपुलर था इस काम में।

 

और एक घण्टा की बोटिंग के बाद दोनों उतरते है।
और अरुन सरला का हाथ पकड़ कर बीच के किनारे २ चलने लगता है।
और दोनों एक दूसरे में खोये हुए काफी दुर आ जाते है
जहां कोई नहीं होता।
सरला: मैं जानती थी आप कुछ ऐसा ही करोगे।
अरुण: क्या
सरला: यही मेरे को छेड़ोगे।
अरुण: तो सुरु करो जानती हो तो।
सरला अरुन का हाथ पकड़ कर जहा थोड़े पेड़ थे वहाँ अरुन को खड़ा करके उसके सामने घुटनो पे बैठ जाती है और अरुन के पेंट उतार कर उसके लंड को हलके २ सहलाती है।ऎसा करने से अरुन का लंड खड़ा होने लगता है।
सरला: यही चाहते है न आप।
अरुण: तुम सब तो जानती हो।
सरला: और मैं ये भी जानती हूँ आप बोट मैं बैठी फोरेइग्नर्स को बिकनी में देख कर गरम हो गये थे।
है ना।
अरुण: तुम तो सब जानती हो तो चुसो न अपने बेटे का लंड़।
सरला: हाँ तो चूसूंगी और अरुन के लंड को मुह में ले लेती है
अरुण: आआआअह्ह मजा आ गया।
सरला लंड को अंदर बाहर करने लगती है।
अरून माँ मजा आआआअह्ह गया क्या चुस्ती हो एक दम प्रोफेशनल रंडी की तरह।
सरला: लंड मुह से निकालते हुए सिखाया तो तुमने ही है और चुस्ने लगती है।
अरुण: अअअअअअअ ुह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊऊऊह माआआआआ आआह्ह्ह्हह्ह और तेज़ चुसो माआआअआज़ाअ आआआ
गया और तेज मेरी जान मेरी रंडी और तेज
औरर सरला लंड चूसने की स्पीड बढ़ा देति है
और एक हाथ से टट्टों को सहलाने लगती है
अरुण: आ आ उह उह माँ आह सी धीरे सस्स साली रंडी माय बीच।
पर सरला कुछ नहीं सुनति बस पागलो की तरह चुस्ती रहती है।
और अरुन के मुह से सिसकारी निकलती रहती है।
हाः माँ आह आआआ
सरला अरुन के ऑंखों में देखते हुए अपनी एक ऊँगली अरुन की गाण्ड मैं डाल देति है।
अरुण: आ क्या कर रही है साली रंडी ।
सरला कुछ नहीं बोलति और ऊँगली अंदर बाहर करने लगती है।

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