मेरा बेटा मुझे कितने मज़े दे रहा है।
पता नहीं कल के लिए क्या सोचा होगा मेरे राजा ने
और अरुन के माथे पे किस करती है और सोने की कोशिश करती है क्यों की चुत और गाण्ड के फ़टने से उसे बहुत दर्द हो रहा था।
सरला को कब नीन्द आ जाती है पता नही और कोई उसे आवाज़ देता है उसे लगता है की सपना है पर
अरून आवाज़ दे रहा था ।
अरुण: जान उठो ६ बज गये ।
सरला: उठने की कोशिश करती है और चीख निकल जाती है।
अरुण: क्या हुआ जान उठो रूम खाली करना है।
सरला: मुझ से उठा नहीं जा रहा।
अरुण: क्यों जान।
सरला: मार कर पूछ रहे हो दर्द हो रहा है।
अरुण: मतलब
सरला: रात भर गाण्ड और चुत मार कर सुजा दी और पूछ रहे हो मतलब।
मेरे से चला नहीं जाएगा।
अरुण: कोई बात नहीं मैं हूँ ना
और सरला को कपडे पहनाता है ।
और उसे गोदी में ले कर बाहर खड़ी कैब में बिठाता है और खुद भी बैठ जाता है और कैब दोनों को ले कर होटल आ जाती है।
यहां भी अरुन सरला को गोदी में ले कर अपने रूम में आ जाता है ।
और बेड पर लीटा देता है ।
अरुण: आप आराम करो।
सरला: सोर्री।
अरुण: क्यों क्या हुआ जान।
सरला: वो आप को मेरी बजह से परेसान होना पडा।
अरुण: सरला के गाल पे हाथ फेरते हुए।
हुआ तो मेरी बजह से है और एंटीसेप्टिक क्रीम ले कर सरला की लोंग स्कर्ट उतारता है और सरला की चुत और गाण्ड पे लगा देता है।
सरला: आआआअह्ह उउउउउउउह
अरुण: बहुत दर्द है ।
सरला: हाँ
अरुण: पर।
सरला: क्या हुआ मन कर रहा है मारने का।
अरुण: हाँ सोच रहा हूँ की एक बार और तुम्हारी गाण्ड मार लु।
सरला: कोई बात नहीं मार लो और डोगी स्टाइल में होने लगती है।
अरुण: हाथ से पकड़ कर रोक लेता है।
सरला: क्या हुआ मारो ना
अरुण: पर दरद।
सरला: वो तो अभी भी हो रहा है मारने के बाद थोड़ा और बढ़ जायेगा।
ये चुत और गाण्ड मारने के लिए ही होता है मार लो जान।
अरुण: नहीं अभी नहीं मारूँगा थोड़ी देर मैं थोड़ा आराम दे दूँ ।

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