कैब में
दोनो हलकी फुलकी बात करते हुए स्टेशन पहुच जाते है।स्टेशन पहुच कर अपने प्लेटफार्म पे पहुच जाते है
ट्रेन आने में टाइम था।
अरुण: सरला को देखते हुए
सरला: क्या देख रहे है आप।
अरुण: तुम ने पहली बार जीन्स पहनी है।
सरला: दूसरी बार ।पहली बार आप वाली।
कैसी लग रही हू।
अरुण: बहुत अच्छी।
सरला कुछ कुछ हमारी बॉलीवुड की हेरोइन
विद्या बालन की तरह दिखती है।
भरे हुए शरीर की मालक़िन
बडे बड़े बूब्स हैवी थाइस और हैवी बैक ।
अरुण: बहुत सेक्सी लग रही हो। साड़ी में तो आप का पिछवाडा पता नहीं पड़ता पर जीन्स में उभर कर बाहर आ रहा है।
सरला: चुप बदमाश।
अरुण: सही तो बोल रहा हू।
और मम्मे तो ऐसे लग रहे है की टी शर्ट फाड़ के बाहर आ जाएंगे।
सरला: मैं कह रही हूँ चुप हो जाओ ।
अरुण: क्या जमाना आ गया है सच बोलो तो भी लोगो को बुरा लग रहा है।
सरला: अरुन को घुरते हुए कुछ और बाकि है बोलने के लिए या बोल लिया।
अरुण: एकदम ज़बर्दस्त माल लग रही हो।
सरला: ये माल है तो आप का कैसे है।
अरुण: ज़बर्दस्त।
और इतने देर में ट्रैन की अनाउंसमेंट हो जाती है।सरला और अरुन रेडी हो जाते है।
चुकि बुकिंग एरकंडीशन चेयर कार में थी
अपनी सीट पर सेटल होने के बाद
सरला: आप ने टिकट्स चेयर कार में क्यों बुक की
लास्ट टाइम तो हम कूपे में गये थे।
अरुण: जान उस बार हम हनीमून पे जा रहे है।
मै लोगों के बीच में रह कर ये एहसास करना चाहता हूँ की ये हक़ीकत है न की कोई सपना।
कूपे में अकेले होते है और कोई नहीं होता।
सरला: जान ये कोई अपना नहीं है
अब आप की अपनी माँ जनम देने वाली माँ आप की बीवी है अर्धांग्नी है और आप की हर खाव्हिश पूरी करने वाली आप की दासी है।
अरुण: सरला का हाथ पकड़ कर चुमने की कोशिश करता है।
सरला: सब यही देख रहे है ।
अरुण: क्या हुआ जान देखने दो हम तो शादीशुदा है
और सरला के हाथ पे किस करता है।
माँ की अधूरी इच्छा – Update 66 | Incest Sex Story

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