अरुण: जान तुम्हे बाँहों में लेने के बाद कण्ट्रोल नहीं होता।
सरला: कौन आप से कण्ट्रोल करने के लिए बोल रहा है
बस अपनी सुहागरात तक कर लिजीये फिर आप को कभी भी नहीं रोकुंगि।
अरुण: ससुर जी रहेंगे तब भी
सरला: तब भी जान मेरे लिए अब आप की ख़ुशी से ज्यादा किसी की परवाह नही।
और अरुन के होंठो पे अपने होठ रख देति है
कुछ देर बाद जान खाना खा लो
आप को भूख लगी होगी।
अरुण: कैसे पता की मुझे भूख लग रही है।
सरला: आप की बीवी होने से पहले मैं आप की माँ हूँ और माँ को सब पता होता है।
अरून की गोद से उठती हुए
आप फ्रेश हो जाये मैं लंच लगाती हू।
और दोनों एक दूसरे को अपने हाथों से लंच कराते है
उसके बाद दोनों पैकिंग करते है।
सरला सारे कपडे अरुन के पसंद के रखती है
और जब पैकिंग ही जाती है
तब सरला अरुन से
सरला: जान मेरी एक हेल्प करोगे।
अरुण: बोलो
सरला: एक बार चेक कर लिजीये की गेट बंद है।
अरुण: बंद है जान।
सरला: प्लीस
अरुण: ओके और मेन गेट चेक करने चला जाता है
और उसके पीछे अरुन से जो सामान मगाया था उसे बैग में छुपा लेती है और एक सामान निकाल कर रख लेती है।
अरुण: कहा ना की बंद है
सरला: ओके और उसके हाथ में जो सामान निकला था पकडा देती है।
माँ की अधूरी इच्छा – Update 63 | Incest Sex Story

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