सरला मन में कैसे अपने बेटे को बेस्ट ऑफ़ लक बोल रहे है।पता भी नहीं बेटा क्यों गोवा ले जा रहा है अपनी माँ को।
रमेश के जाने के बाद सरला गेट बंद करते हुए
अरून पीछे से सरला को पकड़ लेता है।
सरला छोडो न क्या कर रहे हो।
अरुण: अपनी बीवी को पकड़ रहा हू।
सरला: छोडो न प्लीस काफी काम है।
अरुण: ऐसा नहीं तुम्हारे ससुर ने क्या कहा।जो अरुन बोले वो करना।
सरला: उनको नहीं पता था की उनका बेटा क्या करेंगा।
अरुण: वो सब छोडो अब जरा एक मस्त किस दो।
सरला: मुझे लगा आप कुछ और माँगेंगे।
अरुण: क्या
सरला: कुछ नही।
और अरुन को बाँहों में ले कर किस करती है
और दोनों किस में खो जाते है।
और अरुन सरला के मम्मे दबाने की कोशिश करता है।
सरला: प्लीज अरुन अभी नहीं ।
अरुण: क्यों
सरला: प्लीज।
अरुण: ओके
सरला: अरुन की एक स्लीप देति हुए ये सामान ला दो आप।
पर आप को मेरी कसम इसमें क्या लिखा है आप नहीं पुछेंगे और जब सामान ख़रीदेंगे तो बूना देखे पैक करवा कर मुझे ला कर देंगे।
अरुण: और मैं अगर कसम ना मानु तो।
सरला: ये आप की मर्ज़ी है
अरुण: नहीं मेरी जान तुम सब से ज्यादा इम्पोर्टेन्ट न की समान।
पर कहाँ मिलेंगा
सरला: मेडिकल स्टोर पे।
और अरुन लिस्ट ले बाजार चला जाता है।
सरला की दी हुए स्लीप ले कर अरुन बाजार चला जाता है
घर पर सरला
उसे यकीन नहीं हो रहा था की कुछ दिनों में इतना कुछ हो गया और आज वो अपने बेटे के साथ अपने हनीमून पे जा रही है जिस तरह की वो चाहती थी
घर के सारे काम ख़तम करती जा रही थी
क्यूं की उसे अरुन के आने के बाद पैकिंग भी करनी थीं और तयार भी होना था ।
अपने दूसरे पर बेटे के साथ पहले हनीमून के लिये।
सरला को इंतज़ार करना भी मुस्किल हो रहा था
अरून को कॉल करती है।
अरुण: क्या हुआ सरला
सरला: जी वो मैं पूछ रही थी आप कितनी देर में आ रहे है।
अरुण: क्या हुआ जान अभी तो बाजार आया हू।
सरला:हाँ पर चलिये ठीक है आप आ जाए।
अरुण: क्या है जान
सरला: कुछ नहीं बस यु ही पैकिंग करनी थी ना।
अरुण: तुम मत करना मैं आ के करुन्गा।
सरला: जैसे आप की मर्ज़ी और मेर सामन ले आना
अरुण: ठीक है जान।
सरला काल डिसकनेक्ट कर देति है।
ये कॉल इस बात का प्रमाण थी सरला से अब इंतज़ार नहीं हो रहा था।
करीब १घन्टे में अरुन आ जाता है।
सरला: कितनी देर लगा दी आप ने
अरुण: वो कुछ सामान लाना था और सरला का मगाया हुआ सामान सरला को दे देता है।
अरुण: अब तो बता दो जान इस में क्या है।
सरला: कुछ नहीं आप के काम का नहीं है
अरुण: ओके
सरला: और इस पैकेट में क्या है
अरून के हाथ में बैग देखते हुए।
अरुण: जब तुम अपना सामान नहीं दिखा रही तो मैं क्यों दिखाऊँ।
सरला: प्लीस बताओ न
अरुण: नहीं
सरला: आप अपनी अर्धांग्नी से छुपाओगे।
अरुण: और मेरी अर्धांग्नी ने जो मुझ से छुपाया
सरला: ये आप के काम का सामान नहीं है लेडीज यूज का है।
अरुण: ओके कोई बात नहीं मैं तो नहीं पूछ रह।
सरला: अब आप दिखा रहे हो या नही।
अरुण: ओके खुद देख लो
सरला पैकेट खोलती है।
उसमे सरला के लिए पेंटी और ब्रा थी।
सरला: ये क्या है जान
अरुण: क्या हुआ पसंद नहीं है
सरल: कुछ दिन पहले तो ली थी आप ने मेरे लिये
अरुण: वो डेली यूज के लिए है और ये हमारे हनीमून के लिये।
सरला: इतनी सारी का क्या करुँगि
अरुण: मेरा मान किया ले आया।
सरला: ओके जान पर ऐसे लेके क्यों आते हो जिसमें ढकता कम और दिखता ज्यादा है।
अरुण: जब वो लाया था तुम ने कहा था क्या फायदा आप देख नहीं सकते याद है।
सरल: हा
अरुण: और ये अब तुम्हे मुझे पहनके दिखानी है।
सरला: ओके जैसे आप की मर्ज़ि।
आज क्या पहनू जान रास्ते के लिये
अरून सरला को पास बुलाते हुए
सरला बोलिये ना
अरुण: जीन्स टी शर्ट
और इसमें से ये पेंटी और ब्रा।
सरला: पर जान जीन्स यहाँ नहीं पहन सकती पडोसी क्या बोलेंगे।
अरुण: तुम्हे मुझ से मतलब या पडोसी से।
सरला: समझो न जान कोई देख लेगा तो सुसुर जी से बोल देगा तो आप क्या बोलोगे।प्लीज।
अरुण: तुम पहनो मैं देख लुन्गा।
सरला: आप न बहुत ज़िद करने लगे है
अरुण: अभी की कहा है।
सरला: आप ज़िद करोगे।
अरुण; मुझे करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी तुम खुद मेरी सारी बात मानोगी ।
येस या नो
सरला: यस एंड ऑलवेज यस आप के लिए कुछ भी
अरुण: कुछ भी
सरला: हाँ कुछ भी और अरुन की गोदी मैं बैठ जाती है
अरुण: सरला के कान में।
तो जल्दी से नंगी हो जाओ
सरला: आप एक बार हनीमून पे तो चलो जो आप बोलोगे वो करुँगि।
और अरुन के होंठो को चुसने लगती है
अरून भी सरला का साथ देता है
और दोनों बेहरमी से एक दूसरे के होंठो को चुसने लगते है।
कोई भी कम पड़ना नहीं चाहता था।
अरून सरला के मम्मे दबाने लगता हे
सरला उसके हाथ पकड़ते हुए
यही हनीमून मनाना है क्या।

Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.