और दोनों अरुन के रूम में आ जाते है।
और बाकि सभी फ्रेंड्स जोर से तालीया बजाते है और रमेश भी उनका साथ देता है।
बहुत अच्छा बच्चो एकदम रियल एक्टिंग ये पंडित जी ने बहुत बढिया एक्टिंग की एकदम नेचुरल
और सब हॅसने लगते है।अंदर जाकर अरुण छाया को बाहर भेज देता है।
अंदर शादी के जोड़े वाली लडकी घुंघट उठाती है और उस दुल्हन के जोडे में कोई और नहीं सरला थी।
जीसके अभी भी हाथ पैर काँप रहे थे ।
सरला अरुन के सिने पे मुक्का मारते हुए।
अरुण : क्या हुआ मेरी जान तुम्हारा तो सपना पूरा हो गया।
सरला: पहले नहीं बता सकते थे।
अरुण: पहले बताता तो तुम मना कर देती।।
सरला: पर देखो अभी भी मेरा शरीर कांप रहा है।
अरुण: तुम चेंज करो मैं आता हुँ।
सरला: पर आपने ये किया कैसे।
अरुण: बाद में बताता हूँ तुम चेंज कर लो।
सरला: सुनिये ।
अरुण: क्या कहा ।
सरला: अब आप की मेरे से शादी हो गई है और मैं आप की पत्नी हूँ तो आप कर के बात करना मेरा फ़र्ज़ है।
और अरुन के पैर छुने के लिए झुकती है।
अरून अरे क्या कर रही हो ।
सरला :अपने पति का आशिर्बाद ले रही हूं।
अरून सरला को सिने से लगाते हुए ।
और बाहर से आवाज आती है।
अरून बाद में कह कर बाहर आ जाता है।
रमेश: तो रिहर्सल कैसे रही ।
अरुण: थैंक्स पापा आप के बिना नहीं होती ।
रमेश :इटस ओके बेटा ।
ओ तो अच्छा था की तेरी मम्मी नही थी नहीं तो प्रॉब्लम करती।
फ्रेंड्स : ओके अरुन हम चलते है।
अरुण: ओके कल कॉलेज में मिलते है।
फ्रेंड्स : अभी ये रिकॉर्डिंग गोवा भेजनी है वहाँ के कल्चरल प्रोग्राम में।
अरुण: ओके जैसे भी हो बताना।
और सभी चले जाते है ।
रमेश: बेटा मैं भी थोड़ी देर में आता हूँ नहीं तो जब तेरी मम्मी आएगी तो पूछेगी मैं जल्दी क्यों आया घर।
अरुण: ओके पापा और गेट बंद कर देता है।
और सरला बाहर आ जाती है और दोनों एक दूसरे को देखते है।
अरुण: क्या हुआ।
सरला की ऑंखों में ऑंसू आ जाते है।
अरुण: क्या हुआ मेरी जान आज तो ख़ुशी का दिन है
सरला: हाँ बहुत ख़ुशी का आप क्या क्या करोगे मेरी इच्छा पूरी करने के लिए ।
अरुण: सब कुछ जो करना पडेगा।
और सरला को अपनी बाँहों में ले लेता है
सरला: ये किया क्या ाप
अरुण: छाया ने नहीं बताया
सरला: पर मैं आप से सुनना चाहती हू।
अरुण: कुछ नहीं बस सजावट की अरेंजमेंट की और साइड आर्टिस्ट को कॉल किया और उन्हें प्रोग्राम बताया और बुक किया ।
और पापा को बताया की हमारा प्ले (ड्रामा का रिह सल)था उसकी रेहलसल और शूटिंग उस फ्रेंड के यहाँ हो रही थी जिस का एक्सीडेंट हुआ था इसलिया वहां हो नहीं सकती तो मैं अपने घर में कर लुँ तो उन्होंने मना नहीं किया
और सब आपके सामने है।
सरला: मतलब बेटे ने बाप को पागल बनाया और उसकी बीवी से उसके सामने शादी की और आशिर्बाद भी ले लिया।अब क्या बात है और ये गोवा का क्या है
अरुण: बता दूँ।
स: हाँ प्लीस सब तो आप अपनी मर्ज़ी से कर रहे है और बता भी नहीं रहे हो और अब तो मैं आप की बीवी भी हूँ बताओ न यार गोवा का क्या चक्कर है।
अरुण: हमारे हनीमून की जगह।
सरला: क्या हम अपने हनीमून पे गोवा जा रहे है वो भी कल।
आ: हाँ कल।
पैकिंग कर लो
सरला: कसकर अरुन को बाँहों में लेती है।
आप को कैसे पता की मैं हनीमून पे गोवा जाना चाहती हू।
अरुण: बस ऐसे ही।
और सरला को किस करने की कोशिश करता है।
सरला अरुन को रोकते हुए।
अब सब कुछ हनीमून पे उससे पहले कुछ नहीं ।
अरुण: पर
सरला: पर वर कुछ नहीं ।
आप को पता होना चाहिए की शादी के बाद कुछ रस्म होती है उसके बाद लड़का और लड़की की सुहागरात होती है तो समझ लीजिए की ये वो रस्म है।
खाने में क्या बनाऊ ।
अरुण: जो मन करे।
सरला: बताइये न शादी के बाद पहली बार खाना बना रही हू।
अरुण: जो मेरी जान का फेवरेट हो वही मेरा भी है।
तभी गेट की डॉरबेल बजति है।
अरुण: लगता है पापा आ गये।
सरला: ससुर जी और हँस देती है।
और अरुन दरवाजा खोलने चला जाता है।

